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ट्रांसफार्मर क्या है | Transformer in Hindi

आज इस article में हम आपको एक ऐसे उपकरण के बारे में बताने वाले हैं जिसके कारण हमारे जीवन में रौशनी है।

आज इस article के माध्यम से हम आपको Transformer के बारे में बताने वाले हैं। यहाँ हम आपको Transformer से सम्बंधित सभी जानकारी देने वाले हैं जैसे – Transformer क्या होता है, Transformer के प्रकार, Transformer के Parts, Transformer काम कैसे करता है आदि।

अगर आप transformer के बारे में संपूर्ण जानकारी हासिल करना चाहते हैं तो इस article को अंत तक जरूर पढ़ें।

और हम आपको इस बात का यकीन दिलाते हैं की इस article को पढ़ने के बाद आपको Transformer के बारे में सब कुछ पता चल जाएगा और आपको इस उपकरण के बारे में सब कुछ समझ में आ जाएगा।

Transformer क्या है (What is Transformer in Hindi)

Transformer एक ऐसा device होता है जो की AC current की voltage को घटा या बढ़ा सकता है और उसे एक circuit से दूसरे circuit में transfer कर सकता है।

ये electrical energy को frequency में बिना किसी बदलाव के magnetic field के जरिये एक circuit से दूसरे circuit में transfer कर देता है।

इसमें जो electrical circuit electrical source की power को receive करता है उसे primary winding कहते हैं और जो दूसरा circuit electrical energy को load में deliver करता है उसे secondary winding कहते हैं।

Transformer के प्रकार

Transformer कई अलग-अलग प्रकार के होते हैं। और इनके प्रकार कई अलग-अलग आधारों पर होते हैं। यहाँ हम आपको transformer के हर एक प्रकार के बारे में विस्तार से बताएंगे।

1. Voltage Level के आधार पर

इस transformer का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है। ये transformer का सबसे common type होता है। Voltage ration के आधार पर transformers 2 प्रकार के होते हैं।

  1. Step Up Transformer – Step up transformer वो होता है जो की voltage को primary से secondary में बढ़ाता है। इसमें secondary winding turns ज्यादा होते हैं और primary winding turns कम होते हैं।
  1. Step Down Transformer – Step down transformer वो होता है जो की high voltage, low current power को low voltage, high current power में बदल देता है। Distribution network में step down transformer का आमतौर पर इस्तेमाल किया जाता है।

2. Core Medium के आधार पर

Primary और secondary winding के बीच में रखे गए medium के आधार पर transformer के 2 प्रकार होते हैं।

  1. Air Core Transformer – Primary और secondary दोनों windings एक non-magnetic strip पर लिपटी होती हैं जहाँ पर primary और secondary windings के बीच का flux linkage हवा के माध्यम से होता है।

Iron core की तुलना में air core में mutual inductance कम होता है यानी generated flux में जो reluctance offer किया जाता है वो air medium में अधिक होता है। लेकिन hysteresis और eddy current losses air core type transformer में पूरी तरह से समाप्त हो जाते हैं।

  1. Iron Core Transformer – इसमें दोनों primary और secondary windings multiple iron plate bunch पर लिपटा होता है जो की generated flux को एक perfect linkage path देता है।

ये लोहे के conductive और magnetic property के कारण linkage flux को कम reluctance प्रदान करता है। ये widely use किया जाने वाले transformer होते हैं जिनकी efficiency air core type transformer से ज्यादा होती है।

3. Winding Arrangement के आधार पर

Winding arrangement के आधार पर transformers 2 प्रकार के होते हैं।

  1. Two Winding Transformer – Windings के आधार पर based transformers जैसे 2 winding based transformers हर एक phase के लिए 2 अलग-अलग windings primary और secondary include करता है। यहाँ पर primary winding input of AC के through supply करी जा सकती है जबकि secondary को load के माध्यम से जोड़ा जा सकता है। ये 2 windings electrically isolated होती हैं लेकिन magnetically coupled होती हैं।

Secondary winding के अंदर induced EMF अलग-अलग magnetic flux के कारण होता है जो की primary winding के अंदर बदले current के कारण हो सकता है जिसे mutual induction भी कहा जाता है।

तो o/p voltage केवल induction के कारण होती है। ये voltage winding ratio पर depend करती है और ये voltage को घटा या बढ़ा सकता है।

  1. Auto Transformer – Standard transformers में primary और secondary windings 2 अलग-अलग directions में placed होती हैं लेकिन autotransformer windings में primary और secondary windings एक दूसरे से physically और magnetically series में connected होती हैं।

4. Usage के आधार पर

Usage के आधार पर transformers 7 प्रकार के होते हैं जो की हैं – power transformer, distribution transformer, measurement transformer, potential transformer, current transformer, protection transformer और instrument transformer.

निचे हमने हर एक transformer के बारे में विस्तार से बताया है।

  1. Power Transformer – Power transformers size में काफी बड़े होते हैं। ये transformers high voltage (33KV से ज्यादा) power transfer applications के लिए suitable होते हैं। इसका इस्तेमाल power generation stations और transmission substations में किया जाता है। इसका insulation level high होता है।
  1. Distribution Transformer – Power generation plant से generate हुई power को distribute करने के लिए distribution transformers का इस्तेमाल किया जाता है। इसका इस्तेमाल electrical energy को distribute करने के लिए किया जाता है जो की industrial purpose के लिए 33KV से कम होती है और domestic purpose के लिए 440v-220v होती है।

ये 50-70% की low efficiency पर काम करते हैं। इनका size छोटा होता है। इन्हे install करना आसान होता है।

  1. Measurement Transformer – Measurement transformer का इस्तेमाल electrical quantity को measure करने के लिए किया जाता है जैसे – voltage, current, power आदि। इन्हे potential transformers, current transformers आदि की तरह classify किया गया है।
  1. Potential Transformer – Potential transformer को voltage transformer के नाम से भी जाना जाता है। इस transformer में primary winding को high voltage से जोड़ा जा सकता है जिसकी voltage को calculate करना है और मापने और meter के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले सभी instruments transformer की secondary winding से जुड़े होते हैं।

इस transformer का मुख्य काम voltage level को एक secure limit तक decrease करने का होता है या एक value तक। इस transformer में primary winding एक security point की तरह grounded या earthed होती है।

  1. Current Transformer – Current transformer का इस्तेमाल gauge के लिए और safety purpose के लिए किया जाता है। एक बार जब measuring instrument में directly apply करने के लिए circuit के अंदर current high हो जाता है तो इस transformer का इस्तेमाल मुख्य रूप से circuit के अंदर high current को current की सही value में convert करने के लिए किया जाता है।

इस transformer में main winding series में connect होती है main supply की तरफ और साथ-साथ विभिन्न measuring instruments जैसे – voltmeter, ammeter, protective relay coil और wattmeter से जुड़ी होती है। इन transformers में current ratio, phase relation और accuracy होती है meter को ठीक काम करने की अनुमति दी जा सके। इस transformer में term ratio CT में एक huge significance  include करता है।

  1. Protection Transformer – इस तरह के transformers का इस्तेमाल component की सुरक्षा हेतु किया जाता है। Measuring transformers और protection transformers के बीच मुख्य अंतर accuracy का होता है यानी protection transformers measuring transformers से ज्यादा accurate होने चाहिए।
  1. Instrument Transformer – Instrument transformer को isolation transformer या measurement transformer भी कहा जाता है। ये एक electrical device होता है जिसका इस्तेमाल voltage और current की level को बदलने के लिए किया जाता है।

इस transformer का मुख्य काम primary winding में high voltage और current supply होने के बाद secondary winding को securely isolate करने का होता है ताकि energy meters, relays या measuring instruments जो secondary winding की तरफ allied होते हैं वो injured न हों।

5. Place of Use के आधार पर

Place of use के आधार पर transformers 2 प्रकार के होते हैं जो की हैं:

  1. Indoor Transformers – Indoor transformers line voltage input को low voltage output में बदल देता है और ये transformers indoor में use करने के लिए बने होते हैं।
  1. Outdoor Transformers – ये transformers distribution transformers जैसे होते हैं।

6. Phase के आधार पर

Phase के आधार पर transformers 2 प्रकार के होते हैं – Single phase transformer और Three phase transformer.

  1. Single Phase Transformer – ये एक stationary device होता है और single phase transformer का working principle मुख्य रूप से Faraday’s law के mutual induction पर निर्भर होता है। Frequency की stable level पर और voltage की difference level पर ये transformer AC power को transmit करता है एक circuit से दूसरे circuit में।

ये transformer 2 तरह की windings को include करता है एक primary winding और दूसरी secondary winding. Primary winding AC supply को provide करी जाती है जबकि load secondary winding से connect होता है।

  1. Three Phase Transformer – Three phase transformer primary और secondary windings के 3 sets से बने होते हैं और हर एक winding iron core assembly की टांग में लिपटी होती है।

अगर 3 one phase transformers का इस्तेमाल किया जाए और उन्हें 3 primary winding की मदद से एक साथ जोड़ा जाए और सभी 3 secondary windings को एक साथ एक की तरह जोड़ा जाए तो ऐसे transformer 3-phase transformer कहा जाएगा।

3-phase supply का इस्तेमाल generation, transmission और industries में electric power की distribution के लिए किया जाता है। इस transformer की assembly महंगी नहीं होती है और इस transformer का connection star और delta type की मदद से किया जा सकता है।

Transformer के Parts

Transformer के कई अलग-अलग parts होते हैं जिनके बारे में निचे सब कुछ बताया गया है।

  1. Transformer का Core – Transformer में core का इस्तेमाल transformer में generate हुए magnetic flux को एक controlled path देने के लिए होता है।

ये core steel का single solid बार नहीं होता है बल्कि ये बहुत सारी thin laminated sheets या layers का एक group होता है। इसको heat को reduce करने के लिए या उसे पूरी तरह से खत्म करने के लिए बनाया जाता है।

  1. Winding – Transformer की 2 windings होती हैं एक primary winding और दूसरी secondary winding. Primary winding winding होती है जो source से power को निकालती है।

Secondary winding वो coil होती है जो की transformed या changed voltage में load को energy deliver करती है। अक्सर इन coils को subdivide किया जाता है ताकि flux creation को कम किया जा सके।

  1. Transformer का Conservator Tank – Conservator tank का काम transformer को ठंडा रखने का होता है। इस tank के अंदर तेल डाला जाता है जो की transformer को ठंडा रखने का काम करता है। इसका इस्तेमाल कई तरह के transformers में किया जाता है जिनमे से एक है three phase transformer.
  1. Transformer का Breather – Transformer breather का काम transformer के अंदर हवा को exchange करने का होता है। Transformer breather atmospheric moisture को रोकने और maintenance cost को कम करने में मदद करता है। Transformer की breathing cycle के दौरान transformer के अंदर moisture जाने से रोकना जरूरी है जो की तेल को दूषित कर सकता है।
  1. Transformer के Valves – Transformer में valves की मदद से तेल डाला जाता और उसी की मदद से तेल को बहार भी निकाला जाता है। Transformer valve बिना तेल के स्तर को कम किये बिना device को circuit से disconnect करने की अनुमति भी देता है।
  1. Transformer का Steel Tank – Steel tank transformer का एक एहम हिस्सा होता है। जैसा की नाम से ही पता चलता है की ये tank steel से बना होता है। Transformer का core इस tank के अंदर रखा जाता है। Windings और अन्य जरूरी सामान को इस tank के अंदर रखा जाता है।

ये tank insulating oil (mineral oil) से भरा होता है। ये cylindrical या cubical shape का होता है जो की transformer की construction पर निर्भर रहता है। इसे अंदर से और बहार से सुरक्षा के लिए color से paint किया होता है। Color coating accidental winding connection से सम्बंधित सुरक्षा भी देती है।

  1. Transformer की Cooling Tube – Cooling tubes में तेल बहता है जो की radiator की तरह काम करता है और तेल यानी oil को ठंडा रखता है।
  1. Thermometer – Thermometer जिसे हिंदी में तापमापी कहा जाता है का इस्तेमाल करके transformer के अंदर मौजूद oil और winding का तापमान मापा जाता है। और जब तापमान ज्यादा बढ़ जाता है तब एक alarm बज जाता है।

Transformer का Structure कैसा होता है?

ऊपर हमने आपको Transformer के विभिन्न parts के बारे में तो बता दिया है। और अब हम आपको transformer के structure के बारे में बताएंगे।

वैसे तो transformer के कई parts होते हैं लेकिन मुख्य रूप से transformer के सिर्फ 3 parts ही होते हैं जिनके बारे में निचे बताया गया है।

  1. Primary Winding – Primary winding एक coil होती है जो की कुछ ऐसे तरीके से लिपटी होती है की जब current का amount change होता है तो वो अपने पड़ोसी circuit के अंदर current में बदलाव ले आता है। इनका इस्तेमाल transformers में source से power निकालने के लिए किया जाता है।

Primary winding का मुख्य काम current को circulate करने का होता है और core को magnetize करने का होता है।

  1. Magnetic Core – Magnetic core में transformers का काम बताया जाता है magnetic flux को बढ़ाने और increase करने के लिए जो की primary और secondary core को जोड़ता है।
  1. Secondary Winding – Primary winding में जो flux generate हुआ होता है उसे core से pass किया जाता है जो की secondary winding से जुड़ा होता है। Secondary winding भी उसी core से लिपटी होती है जिससे की primary winding लिपटी होती है और ये transformer से जरूरत अनुसार output generate करती है।

Transformer काम कैसे करता है?

Transformer के काम करने का तरीका बहुत आसान है जो की हम आपको बताने वाले हैं और इसे पढ़कर आपको समझ में आ जायेगा की transformer कैसे काम करता है।

जब electric current किसी wire के through flow करता है तो वो उस wire के चारों तरफ magnetic field को produce करता है जो की अदृश्य होती है और जिसे magnetic flux भी कहा जाता है।

Magnetism की strength electric current के size पर निर्भर होती है। जितना ज्यादा current होगा उतनी ही ज्यादा और मजबूत magnetic field बनेगी।

यहाँ पर electricity के बारे में एक बहुत ही रोचक तथ्य है जो की है की जब किसी तार के पास magnetic field fluctuate करती है तो वो wire में electric current को produce करती है।

तो अगर हम एक दूसरी coil of wire को first coil of wire के पास रखेंगे और first coil of wire में एक fluctuating current भेजेंगे तो second coil of wire first coil of wire के कारण अपने आप electric current produce हो जाएगा।

First coil of wire में जो current होता है उसे primary current कहते हैं और second coil of wire में जो current होता है उसे secondary current कहते हैं।

यहाँ पर क्या होता है की बिना किसी physical connection के current को एक wire से दूसरी wire में transfer किया जाता है। इसे electromagnetic induction कहते हैं क्योंकि first coil second coil में current ले आती है।

Electrical energy को एक coil से दूसरी coil में एक soft iron bar की मदद से और भी तेजी से transfer किया जा सकता है। इसके लिए बस उन्हें soft iron bar के चारों ओर लपेटना होगा (इसे कई बार core भी कहा जाता है)

Wire की coil बनाने के लिए उसे केवल गोल-गोल लपेटना होता है। अगर दूसरी coil में उतने ही turns होते हैं जितने की first coil में हैं तो second coil में भी उतना ही current होगा जितना की first coil में है। लेकिन अगर second coil में turns कम या ज्यादा होते हैं तो हम secondary current या voltage को primary current या voltage से छोटा या बड़ा कर सकते हैं।

ये पूरी प्रक्रिया सिर्फ fluctuating current के साथ ही काम करती है तो आपको इस बात का ध्यान देना होगा की आप लगातार बदलने वाले current का इस्तेमाल करें जिसे Alternating current (AC) कहते हैं।

Transformers Direct current (DC) के साथ काम नहीं करते हैं क्योंकि direct current लगातार केवल एक ही direction में flow करता रहता है।

Transformer का क्या काम होता है?

Transformer एक electrical device होता है जो की circuit में current के लिए voltage का व्यापार करता है बिना total electrical power को affect किये।

इसका ये मतलब है की transformer high-voltage electricity को small current के साथ लेता है और उसे low-voltage electricity के साथ high current में बदल देता है या फिर इसका उल्टा कर देता है।

Transformer के उपयोग

Transformers का इस्तेमाल अलग-अलग जगह किया जाता है जिनके बारे में निचे बताया गया है।

  1. Used in Steel Manufacturing
  2. Used for Electrochemical
  3. Electricity के Flow को चलाने और रोकने के लिए
  4. Used in Battery Switching
  5. Coolant की तरह इस्तेमाल किया जाता है
  6. Used in Air Conditioners (AC)
  7. Used in Ammeters
  8. Used in Stabilizers
  9. Used in Rectifiers
  10.  Used for Electricity delivery to homes

Transformer से सम्बंधित कुछ सवाल

Transformer का आविष्कार कब हुआ था?

Transformer का अविष्कार सन 1885 में हुआ था।

Transformer का आविष्कार किसने किया था?

Transformer का आविष्कार 3 Hungarian scientists द्वारा किया गया था जिनके नाम हैं – Ottó Bláthy, Miksa Déri and Károly Zipernowsky.

Transformer किस सिद्धांत पर काम करता है?

Transformer Faraday’s law पर काम करता है जो की कहता है की – जब भी किसी conductor को बार-बार बदलने वाली magnetic field के अंदर रखा जाएगा तो electromotive force induce होती है। अगर conductor circuit closed है तो current induce होगा जिसे की induced current कहते हैं।

क्या Transformer DC Supply पर भी काम करता है?

नहीं Transformer सिर्फ AC यानी Alternating current पर ही काम करता है। Transformer लेता भी AC supply है और देता भी AC supply है।

निष्कर्ष

दोस्तों इस article में हमने आपको Transformer से सम्बंधित हर जरूरी जानकारी दे दी है और अगर आपने ये article अंत तक ध्यान से पढ़ा होगा तो आपको transformer के बारे में सब कुछ पता चल गया होगा जैसे – Transformer क्या है, Transformer के प्रकार और उपयोग आदि

अगर आपको Transformer पर ये article पसंद आया हो और इससे आपको अच्छी जानकारी मिली हो तो इस article को अपने दोस्तों के साथ share जरूर करें ताकि वो भी transformer के बारे में जान सकें और उन्हें भी पता चल सके की उनके घर जिस उपकरण के कारण बिजली पहुँचती है वो काम कैसे करता है।

अगर आप हमसे transformer से सम्बंधित कोई सवाल पूछना चाहते हैं तो निचे comment कर सकते हैं।

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