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क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है ? Cloud Computing in hindi

क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है ? 21 वीं सदी का या एक बहुत ही सामान्य सवाल है जो हर किसी के मन में होगा !

जैसे जैसे ज़माने में विकास होता जा रहा है उसी के साथ साथ नयी नयी technology भी जन्म ले रही है , cloud computing भी उसी का एक उदहारण है .

आपने आज तक कहीं ना कहीं सभी मोबाइल और इंटरनेट यूजर्स  ने क्लाउड कंप्यूटिंग का नाम जरूर सुना होगा

अगर आपके के भी मन में यह सवाल है – cloud computing kya hai ? तो आप बिलकुल सही जगह पर आए है .

इस पोस्ट में हम cloud computing के बारे में विस्तार से सभी सवालों के बारे में जानेंगे !

जैसे , क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है (cloud computing in hindi) और यह टेक्नोलॉजी कैसे काम करती है ? क्या है इसके उपयोग ?

क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है (what is cloud computing in hindi)

Cloud computing यह एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जिसमे यूजर को क्लाउड सर्विस प्रदान की जाती है जहा पर यूजर अपना डाटा सेव कर सकता है और पूरी दुनिया से उसे कही से भी एक्सेस कर सकता है.

यह वास्तव में एक क्लाउड स्पेस होता है जिसे आप इंटरनेट की सहायता से यूज़ कर सकते है .

आसान भाषा में क्लाउड कंप्यूटिंग सेवाओं की डिलीवरी करना है जिसमें सर्वर ,स्टोरेज , डेटाबेस  नेटवर्किंग, एनालिटिक्स , सॉफ्टवेयर और इंटेलिजेंस , जितनी भी इंटरनेट से जुडी चीजे है वह शामिल है! 

what is cloud computing

क्लाउड कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजी को हम एक उदाहरण से समझते है !

क्लाउड कंप्यूटिंग के वैसे तो बहुत सारे उदहारण है लेकिन यहाँ पर हम दुनिया के सबसे प्रसिद्ध सोशल मीडिया नेटवर्क फेसबुक का उदाहरण लेंगे .

फेसबुक एक ऐसा सोशल मीडिया नेटवर्क है जिसपर अरबों लोगो का डेटा संग्रहीत है , फेसबुक के सर्वर में इन अरबों लोगों के डेटाबेस की साइज 300 petabytes (PB) के करीब है !

डाटा की यह साइज बहुत बड़ी है जबकि हमारे मोबाइल की डाटा स्टोरेज क्षमता सिर्फ GB (GigaByte) में है , 300 PB Data हमारे फ़ोन में स्टोर करना असंभव है !

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लेकिन , 300 PB इतनी बड़ी साइज होने के बावजूद भी हम अपने फ़ोन से फेसबुक यह सभी डाटा एक्सेस कर सकते है !

Facebook का 300 PB इतना बड़ा डेटाबेस हम cloud computing की मदत से ही एक्सेस कर पाते है !

data server

इतना बड़ा डाटा फेसबुक के सर्वर रूम में संग्रहित किया जाता है जिसे हम इंटरनेट की सहायता से एक्सेस कर पाते है .

सर्वर रूम को ही क्लाउड स्टोरेज कहा जाता है , जिसके अंदर संग्रहित डाटा को किसी भी मोबाइल / कंप्यूटर / मोबाइल और अन्य इंटरनेट उपकरणों की मदत से पूरी दुनिया में कही से भी एक्सेस किया जा सकता है .

क्लाउड कंप्यूटिंग के प्रकार – Types of cloud computing in hindi

क्लाउड कंप्यूटिंग को २ अलग अलग हिस्सों में विभाजित किया गया है –

A. क्लाउड कंप्यूटिंग डिप्लॉयमेंट के आधार पर

B. क्लाउड कंप्यूटिंग सेर्विसेस के आधार पर


types of cloud computing in hindi

A. क्लाउड कंप्यूटिंग डिप्लॉयमेंट के आधार पर

क्लाउड कंप्यूटिंग के मुख्य ३ प्रकार होते है जिन्हे क्लाउड डिप्लॉयमेंट मॉडल के नाम पर भी जाना जाता है .

1. पब्लिक क्लाउड कंप्यूटिंग

पब्लिक क्लाउड हर व्यक्ति के लिए सार्वजानिक रूप से उपलब्ध रहता है , जैसा की इसके नाम (public cloud) से ही पता चलता है . यह क्लाउड्स किसी बड़ी सर्विस प्रोवाइडर कम्पनीज द्वारा प्रोवाइड और मैनेज किये जाते है , Amazon Web Services (AWS) public cloud का उदाहरण है . पब्लिक क्लाउड अक्सर फ्री में प्रोवाइड किये जाते है या इसकी कीमत काफी कम होती है .

2. प्राइवेट क्लाउड कंप्यूटिंग

यह एक प्राइवेट स्टोरेज होता है जिसमे आपको अपना स्टोरेज username , email , password से login करके यूज़ करना होता है और अपना स्टोरेज किसी और व्यक्ति के साथ शेयर नहीं करना होता है. ‘ गूगल ड्राइव ‘ private cloud computing का एक उदाहरण है . यह क्लाउड कंप्यूटिंग का सबसे सुरक्षित प्रकार है जिसमे आपका डाटा आपके सिवा कोई एक्सेस नहीं कर सकता है .

3. कम्युनिटी क्लाउड कंप्यूटिंग

क्लाउड कंप्यूटिंग का यह प्रकार प्राइवेट और पब्लिक क्लाउड कंप्यूटिंग से बिलकुल अलग है इसमें एक विशिष्ट समूह किसी क्लाउड सर्वर का डाटा एक्सेस कर सकता है , उस समूह के अलावा कोई भी बाहरी व्यक्ति वह डाटा एक्सेस नहीं कर सकता है . किसी यूनिवर्सिटी की वेबसाइट इसका एक उदाहरण हो सकती है , यूनिवर्सिटी की वेबसाइट सिर्फ उस यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स ही एक्सेस कर सकते है जो की एक समूह है उनके अलावा बाहर का कोई भी व्यक्ति उस वेबसाइट का डाटा एक्सेस नहीं कर सकता है .

4. हाइब्रिड क्लाउड कंप्यूटिंग

hybrid cloud computing प्राइवेट और पब्लिक क्लाउड कंप्यूटिंग का मिश्रण होती है , Hybrid में public और private दोनों क्लाउड कंप्यूटिंग का इस्तेमाल एक साथ किया जाता है . कुछ वेबसाइट ऐसी होती है जिनका कुछ डाटा पब्लिक होता है जो हर यूजर यूज़ कर सकता है लेकिन कुछ डाटा प्राइवेट होता जिसे यूज़ करने के लिए username और password की जरूरत पड़ती है ऐसी websites हाइब्रिड क्लाउड कंप्यूटिंग का उदाहरण है.

B. क्लाउड कंप्यूटिंग सेर्विसेस के आधार पर

1. IAAS (Infrastructure as a service)

क्लाउड कंप्यूटिंग का यह सबसे सामान्य सर्विस मॉडल है , इसमें क्लाउड स्टोरेज के सभी कंट्रोल्स यूजर के पास होते है जैसे नेटवर्क पावर , सॉफ्टवेयर , कंप्यूटिंग पावर . VPS यानि वर्चुअल प्राइवेट सर्विस इसका एक उदहारण है , IAAS मॉडल बिज़नेस के लिए यूज़ किया जाता है .

2. PAAS (Platform as a service)

इस मॉडल में आपको क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स की तरफ से सिर्फ एक प्लेटफार्म दिया जाता है लेकिन इसमें चीजों का पूरी तरह से एक्सेस नहीं मिलता है . Yahoo और Gmail इस मॉडल के उदाहरण है जिसमे चीजों का पूरा एक्सेस उनके पास होता है आपको सिर्फ एक प्लेटफार्म दिया जाता है .

3. SAAS (Software as a service)

Saas मॉडल में यूजर को क्लॉउड सर्वर पर होस्ट किया हुआ एक सॉफ्टवेयर दिया होता है जो सिर्फ एक विशिष्ट काम के लिए बनाया होता है , अक्सर छोटे बिज़नेस में इस मॉडल मॉडल का यूज़ किया जाता है . Google Docs जैसे सॉफ्टवेयर Saas के उदाहरण है .

क्लाउड कंप्यूटिंग कैसे काम करता है (How cloud computing works in hindi)

क्लाउड कंप्यूटिंग में एक या अधिक सर्वर होते है जो यूजर से दूर कहीं पर स्थित होते है , उन सर्वर का डाटा यूजर इंटरनेट की मदत से किसी सॉफ्टवेयर से एक्सेस करता है .

आसान शब्दों में क्लाउड कंप्यूटिंग मॉडल में यूजर क्लाउड स्टोरेज पर अपना डाटा स्टोर कर सकता है और क्लाउड स्टोरेज से उसे एक्सेस भी कर सकता है .

क्लाउड कंप्यूटिंग मॉडल मुख्य रूप से 2 layer से कम्पलीट होता है – Back-End और Front-End , क्योंकि क्लाउड कंप्यूटिंग Dual Layer Technology पर काम करता है .

जहा पर डाटा स्टोर होता है और डाटा मैनेज किया जाता है उसे backend कहा जाता है और और इंटरनेट और सॉफ्टवेयर की मदत से जिस डिवाइस में यूजर वह डाटा एक्सेस करता है उसे frontend कहते है .

क्लाउड कंप्यूटिंग के फायदे – Advantages of cloud computing in hindi

Cloud computing डाटा स्टोर करने की और उसे यूज़ करने की 21 वीं सदी की एक नई तकनीक है इसीलिए इसके अनगिनत फायदे है .

  • डाटा एक्सेस करने में आसान : अगर कोई यूजर उसका डाटा स्टोर करने के लिए cloud computing तकनीक का इस्तेमाल करता है तब उसे डाटा एक्सेस करने में बहुत ज्यादा आसानी होती है वह यूजर दुनिया के किसी भी कोने से और किसी भी डिवाइस से उसका डाटा एक्सेस कर सकता है .
  • कम कीमत : मार्किट में क्लाउड स्टोरेज काफी काम कीमत में मिल जाते है और कई बार तो यह मुफ्त में भी मिलते है जो की क्लाउड कंप्यूटिंग का एक बहुत बड़ा advantage है .
  • बड़ा स्टोरेज : यहाँ पर आपको बहुत ज्यादा स्टोरेज स्पेस मिलता है आप जितना चाहो उतना डाटा यहा पर स्टोर कर सकते है और आपका डाटा कितना भी बड़ा हो आपको सर्वर मैनेज करने की जरुरत नहीं होती है .
  • हाई प्रोसेसिंग पावर : क्लाउड स्टोरेज में आपको जो प्रोसेसिंग पावर मिलती है वह काफी कमाल की मिलती है आप अपने हिसाब से यहाँ पर प्रोसेसिंग पावर वाला क्लाउड स्टोरेज खरीद सकते है .

दोस्तों यह थी Cloud computing के बारे में कुछ बेसिक जानकारी , उम्मीद है आपको क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है ? इस सवाल का जवाब मिल गया होगा .

cloud computing के बारे में आपके जो भी सवाल होंगे वह आप कमेंट करके जरूर पूछें आपके हर सवाल का जवाब जरूर मिलेगा , धन्यवाद !

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Rahul Rajputhttps://techyatri.com
Rahul Rajput is the Author & Founder of TechYatri.com . He loves to share his technical knowledge with people , He is also passionate about Blogging & Digital Marketing .

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