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फेसबुक से पैसे कमाने के तरीके – पूरी जानकारी हिंदी में

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facebook se paise kamane ke tarike in hindi

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम देखने वाले है फेसबुक से पैसे कमाने के तरीके. दोस्तों वैसे तो फेसबुक से पैसे कमाने के कई सारे तरीके है लेकिन हम आज आपको कुछ चुनिंदा तरीके बातएंगे. जिससे आप अच्छे खासे पैसे कमा सकते हो. दोस्तों जैसा की आप सब जानते है दुनियाभर में २ अरब से अधिक एक्टिव यूजर के साथ फेसबुक दुनिया का सबसे बड़ा सोशल मिडिया प्लेटफार्म बन चूका है !

और आज के समय में फेसबुक दुनियाभर के सभी फ्रीलांसर्स को बेस्ट अर्निंग ऑप्शन प्रोवाइड कर रहा है. भारत में भी कई सारे फेसबुक यूजर है. कुछ लोग फेसबुक का इस्तेमाल मनोरंज के लिए , दोस्तों से बाते करने के लिए , फोटोज या वीडिओज़ शेयर करने के लिए करते है. लेकिन कुछ लोग इन सभी चीजों के साथ ही फेसबुक का इस्तेमाल पैसे कमाने के लिए करते है !

कुछ लोग ऐसे भी है जो फेसबुक से पैसे कमाना तो चाहते है लेकिन उन्हें पता नहीं होता की फेसबुक से पैसे किस तरह से कमाए जाते है. यह आर्टिकल उन्ही लोगो के लिए है जो सच में फेसबुक से पैसे कमाना चाहते हो. आज हम आपको ऐसे ही कुछ आसान और फायदेमंद तरीके बताने वाले है. जिसकी मदत से आप काफी अच्छे खासे पैसे कमा सकते है !

दोस्तों फेसबुक से पैसे कमाने के लिए आपको फेसबुक के बारे में बेसिक जानकरी होना आवश्यक है. जिससे आपको इन आडियाज का इस्तेमाल करते समय कोई भी परेशानी न हो. तो चलिए शुरू करते है !

1. Facebook page & Video Creation

फेसबुक अपने २ बिलियन एक्टिव यूजर्स को किसी भी हाल में अपने प्लेटफार्म से बहर जाने का मौका नहीं देना चाहता है. इसी लिए फेसबुक ने अब यूट्यूब की तरह विडिओ मॉनिटाइजेशन की सर्विस लॉन्च कर दी है. अब आप यूट्यूब की तरह फेसबुक पर विडिओ अपलोड करके उसे मॉनिटाइज करके पैसे कमा सकते हो !

फेसबुक की मॉनिटाइजेशन पॉलिसी के अनुसार आपको एक फेसबुक पेज बनाना है. और विडिओ को फेसबुक पेज पर अपलोड करना है. न की अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर. और दोस्तों आज के समय में डिजिटल मार्केटिंग एक बहुत ही बड़ी इंडस्ट्री बन चुकी है. दुनिया में जितनी भी कंपनीया है वह अपना मार्केटिंग के बजट का ८५ % पैसा विडिओ मार्केटिंग पर खर्च करते है. क्योकि विडिओ मार्केटिंग काफी इफेक्टिव है !

इस समय लोग टेक्स्ट , आर्टिकल पढ़ने से ज्यादा विडिओ को देखकर सीखना ज्यादा पसंद कर रहे है. आजकल फेसबुक पर भी इमेज बहुत कम वाइरल होते है. ज्यादातर विडिओ ही वाइरल होते है. फेसबुक ने अपना नया अल्गोरिदम ही ऐसा बनाया है. जो विडिओ को जल्दी प्रमोट करता है. अगर आप अपने लाइफ में कभी भी बिजनेस करने का सोचोगे तो आपको भी विडिओ बनाना ही पड़ेगा !

क्योकि जब तक आप अपना टैलेंट , अपना प्रोडक्ट दुनिया के सामने नहीं लाओगे तब तक आप ज्यादा पैसे नहीं कमा सकते. आप अपनी सर्विसेस को ज्यादा लोगो तक नहीं पहुंचा पाओगे. और ऐसे में विडिओ मार्केटिंग सबसे बेस्ट टूल है. अगर आप अभी से विडिओ बनाना स्टार्ट कर दोगे तो आने वाले समय में आप आगे रहोगे और एक दो साल बाद एक्सपर्ट बन जाओगे !

अगर आप सुन्दर और इन्फोर्मटिव विडिओ अच्छे ऑडियो के साथ बनाना सिख गए तो आपके सामने बहुत सी अपॉर्चुनिटी होती है पैसे कमाने की. आप उस विडिओ को अपने फेसबुक पेज पर अपलोड कर सकते हो. उसी के साथ आप उस विडिओ को अपने यूट्यूब चैनल पर भी अपलोड कर सकते हो और दोनों जगह पर आप मॉनिटाइजेशन ऑन करके पैसे कमा सकते हो !

फेसबुक पेज बनाते समय किन बातो का ध्यान रखे

दोस्तों फेसबुक पेज बनाने के लिए आपको सबसे पहले एक नीच ढूंढ़ना है. एक ऐसा टॉपिक ढूंढ़ना है जिससे रिलेटेड सभी विडिओ आपके फेसबुक पेज पर होंगे. वह नीच , वह टॉपिक आज-कल के फेसबुक अटेंशन को कैच कर सके. जैसे की कॉमेडी , फैक्ट , ट्रैवलिंग व्लॉग क्योकि आज के समय में यह सब चीजे लोगो द्वारा सबसे ज्यादा देखि जाती है !

कोई भी एक ऐसा टॉपिक सिलेक्ट करे जिससे रिलेटेड फेसबुक , इंस्टग्राम , गूगल और यूट्यूब पर सर्च किया जाता हो. उस नीच उस टॉपिक पर आपको एक अच्छा फेसबुक पेज बनाना है. और अगर आपको फेसबुक पेज बनाना मैनेज करना नहीं आता तो आप यह सब यूट्यूब से सिख सकते हो. यूट्यूब पर आपको कई सारे ऐसे फ्री कोर्स मिल जायेंगे. जिसकी मदत से आप सम्पूर्ण फेसबुक मार्केटिंग सिख सकते हो !

उसके बाद रोजाना फेसबुक पेज पर विडिओ अपलोड करना शुरू कर दो. उसके बाद धीरे-धीरे आपके फॉलोवर बढ़ेंगे और आगे चलके आप अपने फेसबुक पेज को मोनेटाइज कर सकते हो. दोस्तों विडिओ मॉनिटाइजेशन का सीधा मतलब यह है की अपने वीडिओज़ ऐड लगाने की परमिशन देना. अगर आपका फेसबुक पेज मॉनिटाइज हो गया है. तो आपके फेसबुक पर डाले गए वीडिओज़ में डिफरेंट कंपनी के ऐड आने लगते है. जिसके आपको फेसबुक द्वारा पैसे दिए जाते है !

फेसबुक पेज मॉनिटाइजेशन क्राइटेरिया

  • आपके फेसबुक पेज पर १०,००० फॉलोवर होना आवश्यक है .
  • लास्ट ६० दिनों के अंदर आपके सभी विडिओ को मिलाकर ३०,००० व्हिव होना आवश्यक है एक व्हिव तब माना जायेगा जब किसी ने आपके विडिओ को एक मिनट से ज्यादा देखा हो .
  • आपकी उम्र कम से कम १८ साल होना आवश्यक है.

तो दोस्तों आप इस तरह से फेसबुक पेज का क्राइटेरिया पूरा करके फेसबुक से पैसे कमा सकते. हो जिसकी लिए आपको शुरवाती दिनों में मेहनत करनी पड़ेगी तभी आप फेसबुक मॉनिटाइजेशन ऑन कर सकते हो !

2. Sell products on Facebook

आप फेसबुक का उपयोग करके उत्पादों को बेचकर पैसे कमा सकते हो. आप किसी भी इ-कॉमर्स साइट से एक सहबद्ध लिंक का उपयोग कर सकते है. आपको उस लिंक के साथ ही लोगो को उस प्रोडक्ट के ऑफर भी बताने है. जिससे की ज्यादा से ज्यादा लोग आपके दिए गए लिंक पर क्लिक करेंगे और प्रोडक्ट खरीदेंगे !

अगर लोग आपके दिए गए लिंक पर क्लिक करके उस प्रोडक्ट को खरीदते है तो उसके बदले आपको एफिलिएट के माध्यम से कमीशन मिलता है. आप फेसबुक पर किसी भी वेबसाइट की एफिलिएट लिंक शेयर कर सकते है. जैसे की अमेज़ॉन , फ्लिपकार्ट या फिर स्नैपडील जैसे ही लोग आपके दिए गए लिंक से प्रोडक्ट खरीदेंगे तो उस प्रोडक्ट पर आपको कमीशन मिलेगा !

फेसबुक पर अधिक कमाने के लिए यह चीजे करे

  • फेसबुक ऐड की मदत से अपनी एफिलिएट लिंक को प्रमोट करे जिससे आपको ज्यादा फायदा होगा .
  • अपने ग्राहकों को १५ से २० % छूट वाले आकर्षित ऑफर दे. आपके ऑफर आपके प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर होने चाहिए .
  • अपने पेज को बढ़ावा देने के लिए प्रभावशाली लोगो के अकाउंट पर या पेज पर अपनी लिंक शेयर करे .

3. Freelance facebook marketer

आप फ्रीलांस फेसबुक मार्केटर बनकर $ 50 प्रति दिन कमा सकते हैं ।

एक फेसबुक Freelance facebook marketer का काम होता है सही तरह की रणनीति लागु करना. जो की कंपनी के प्रोडक्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुँचाने के लिए एक सही रणनीति अपना सके. अगर आप भी एक Freelance facebook marketer बनना चाहते है. तो आपके अंदर यह स्किल होने जरुरी है !

फ्रीलांस फेसबुक मार्केटर बनने के लिए आपको क्या आना चाहिए .

  • आपको डेटा विश्लेषण के साथ ही यह जानना भी जरुरी है की हप्ते के कौनसे दिन किस प्रकार की पोस्ट ज्यादा काम आती है डिजिटल मार्केटिंग तभी सफल होती है जब आप किसी भी प्रोडक्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुँचाने में सक्षम हो .
  • आपको फेसबुक फ्रेंडली कंटेंट बनना आना चहिये उदाहरण के लिए फेसबुक पर 40 अक्षरों वाले पोस्ट को 86% अधिक व्यस्तता मिलती है आपको पता होना चाहिए कि किस स्थिति में किस प्रकार की सामग्री बेहतर काम करती है .

4. Create Facebook group

दोस्तों फेसबुक ग्रुप से पैसे कमाने के लिए आपको सबसे पहले अपना एक फेसबुक ग्रुप बनाना है. ग्रुप बनाने के लिए आपको सबसे पहले एक अच्छा नीच ढूंढ़ना है. और उसी नीच से रिलेटेड आपको अपने ग्रुप का नाम रखना है. आपको ग्रुप पब्लिक रखना है. जिसमे की लोग आपस में बाटे कर सके ग्रुप बनाने के बाद आपको उस ग्रुप में मेंबर को जोड़ना है !

आपको मेंबर भी वही जोड़ने है जो आपके नीच को लेकर इंट्रेस्टेड हो. जब ग्रुप में अच्छे खासे मेंबर जुड़ जायेंगे जैसे ५० हजार से ले कर १ लाख तक तब आपका ग्रुप पैसा देने लायक बन जायेगा. आपको यहाँ पर इस्तेमाल करना है एफिलिएट मार्केटिंग का. अगर आपके ग्रुप में अच्छे खासे मेंबर हो जाये तो आपको उस ग्रुप पर अपने एफिलिएट प्रोडक्ट लिंक को शेयर करना है. जिससे आप पैसे कमा सकते हो !

इसके आलावा आप स्पॉन्सरशिप की मदत से भी कमा सकते हो. बड़ी-बड़ी कंपनिया आपके ग्रुप को देखेगी और उनके प्रोडक्ट को प्रमोट करने के लिए उस ग्रुप के एडमिन को यानि आपको पैसे देगी. इसके आलावा अगर कोई ग्रुप मेंबर अपनी एफिलिएट प्रोडक्ट लिंक आपके ग्रुप में शेयर करना चाहता है तो भी आप उससे पैसे चार्ज कर सकते हो !

5. Paid Promotion

दोस्तों पेड प्रमोशन से पैसे कमाने के लिए आपको जरूरत है काफी सारे फॉलोवर की. क्योकि जब आपके फॉलोवर ज्यादा होंगे तभी लोग आपसे पेड प्रमोशन करेंगे. इसलिए सबसे पहले आपको अपने फेसबुक अकाउंट के फॉलोवर्स बढ़ाने होंगे. जिसके लिए आपको हर रोज फेसबुक पर एक्टिव रहना है. साथ ही आपको डेली पोस्ट भी करनी है. और लोगो को नए कॉन्टेंट शेयर करने है. इससे आपके फॉलोवर जल्दी बढ़ेंगे !

अगर आपके फॉलोवर बढ़ जाते है तो आप किसी भी कंपनी के प्रोडक्ट को प्रोमोट कर सकते हो. साथ ही आप उस कंपनी की सर्विस को भी प्रमोट कर सकते हो. जिसके बदले में आप उस कंपनी से पैसे ले सकते हो. आपके फॉलोवर जितने ज्यादा रहेंगे उतने बड़े-बड़े कंपनी के प्रोडक्ट आपको प्रोमोट करने का मौका मिलेगा. और आप उतने ज्यादा पैसे कमा पाओगे !

इसी के साथ आप किसी भी व्यक्ति का अकाउंट भी प्रमोट कर सकते हो , कोई भी पेज प्रमोट कर सकते है. और उसके बदले में उन्हें पैसे चार्ज कर सकते हो. यह भी एक बहुत ही अच्छा और फायदेमंद तरीका है फेसबुक से पैसे कमाने का !

अंतिम शब्द

तो दोस्तों यह थे फेसबुक से पैसे कमाने के तरीके. आप इन तरीको में से किसी एक तरीके के साथ काम करके पैसे कमा सकते है. उम्मीद है आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा. अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे. और साथ ही वेबसाइट के नोटिफिकेशन बेल को भी ऑन कर दे. ताकि आने वाले समय में आप कोई भी आर्टिकल मिस ना करे. क्योकि हम ऐसे ही हेल्पफुल आर्टिकल आपके लिए रोजाना लाते रहते है. अगर आपको इस आर्टिकल से जुडी कोई भी समस्या हो तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते है धन्यवाद !

फेसबुक प्राइवेसी सेटिंग्स क्या है – फेसबुक प्राइवेसी की जानकारी हिंदी में

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Facebook Privacy Settings Hindi

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम देखने वाले है फेसबुक प्राइवेसी सेटिंग्स क्या है और साथ ही हम फेसबुक की कुछ बेसिक सेटिंग के बारे में भी जानकारी देंगे. दोस्तों फेसबुक में एक बहुत इम्पोर्टेन्ट फीचर है जिसका नाम है प्राइवेसी. जिसके बारे में बहुत ही कम लोगो को पता है. और फेसबुक ने यह ऑप्शन खास कर हम सभी यूजर्स के लिए ही बनाया है !

तो ऐसे में आपको पता होना चाहिए की यह ऑप्शन क्या है. और इस ऑप्शन के अंदर जितनी भी सेटिंग दी गयी वे सेटिंग हमारे किस काम आती है. तो आज के इस आर्टिकल में हम आपको फेसबुक प्राइवेसी सेटिंग के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे. जिसके बाद आपकी फेसबुक प्राइवसी से जुडी सारी समस्याएं दूर हो जाएगी. अगर आप भी एक फेसबुक यूजर है तो प्राइवसी सेटिंग के बारे में जानकारी रखना आपके लिए भी बहुत जरुरी है !

फेसबुक किसने बनाया – Founder of facebook

दोस्तों जैसा की आप सब जानते है की फेसबुक आज के समय में एक बहुत ही लोकप्रिय वेबसाइट है. जिसे की Mark Zuckerberg द्वारा बनाया गया है. फेसबुक को ४ फरवरी २००४ में एक वेबसाइट के तौर पर लॉन्च किया गया था. एक ही दिन में एक हजार से भी ज्यादा लोगो ने इस वेबसाइट को देखा था. यानि अपना अकाउंट बनाया था. यह साइट इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण सोशल मीडिया कंपनियों में से एक है !

आज के समय में फेसबुक एप्लिकेशन को ५ बिलियन से भी अधिक लोगो ने डाऊनलोड किया है. जो की एक बहुत बड़ी बात है. फेसबुक ऍप के साथ ही फेसबुक का लाइट वर्जन भी गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद है. और उसे भी एक बिलियन से भी अधिक डाऊनलोड है. इसी चीज से आप फेसबुक की लोकप्रियता का अंदाजा लगा सकते है !

फेसबुक प्राइवेसी सेटिंग्स इन हिंदी

दोस्तों अगर आप भी एक फेसबुक यूजर है तो इन सेटिंग को जरूर समझिये. ताकि आपको फेसबुक इस्तेमाल करते समय किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े. प्राइवेसी वाले ऑप्शन में दी गयी सेटिंग को निचे विस्तार से समझाया गया है !

1. Who can see youre future post

दोस्तों यह ऑप्शन काफी ज्यादा इम्पोर्टेन्ट है. और आपको इसके बारे में अच्छे से पता होना चाहिए. इस ऑप्शन की मदत से आप बहुत कुछ कंट्रोल कर सकते है. उदाहरण के लिए अगर आप कोई फोटो , विडिओ , या स्टेटस पोस्ट करते है और आप चाहते है वह सिर्फ आपके फ्रेंड्स को दिखे या फिर आपके आलावा कोई और इसे न देख पाए !

तो यह सब आप आसानी से Who can see youre future post ऑप्शन की मदत से कर सकते है. इसके अंदर आप कंट्रोल सेट कर सकते है की जितने भी आने वाले समय में जो भी आप फोटोज या वीडिओज़ डालोगे उसे कौन-कौन देख सकता है. इस ऑप्शन को इस्तेमाल करने के लिए आपको Who can see youre future post पर क्लिक करना है !

जैसे ही आप उस ऑप्शन पर क्लिक करोगे तो आपके सामने ३ ऑप्शन आएंगे पब्लिक , फ्रेंड्स और ओन्ली मि. अगर आप पब्लिक ऑप्शन सिलेक्ट करते है तो आपका पोस्ट सभी लोग देख सकते है. अगर आप फ्रेंड्स ऑप्शन सिलेक्ट करते है तो आपको जितने लोग ऐड है उतने ही लोग आपकी पोस्ट को देख सकेंगे. अगर आप ओन्ली मि सिलेक्ट करते है तो आपकी पोस्ट आपके आलावा कोई और नहीं देख सकता. जो की एक ड्राफ्ट के समान सेव होगी !

2. Limit who can see past post

दोस्तों इस ऑप्शन का मतलब यह है की अगर मान लीजिये आपने अभी तक अपने फेसबुक प्रोफाइल में जितने पुराने फोटोज या वीडिओज़ पब्लिकली पोस्ट किये है. यानि उसे हर कोई देख सकता है. और अगर आप चाहते है वह सारे पुराने पोस्ट है आपके फ्रेंड्स के आलावा कोई और न देख पाए. तो यह आप आसानी से Limit who can see past post वाले ऑप्शन से कर सकते है !

इसके लिए आपको Limit who can see past post वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है. क्लिक करने के बाद आपको उस ऑप्शन की इन्फॉर्मेशन दिखेगी आपको उसे पढ़ लेना है. और उसके निचे आपको Limit past post का ऑप्शन दिखेगा आपको उसपर क्लिक करना है. क्लिक करने के बाद आपके जो पुराने पोस्ट है वह सिर्फ आपके फ्रेंड्स को ही दिखाई देंगे !

3. Who can see the people

इस ऑप्शन की मदत से आप अपने फेसबुक में जिसे भी फॉलो करते है, या फिर किसी भी पेज को लाइक करते है. अगर आप उसे छुपाना चाहते है यानि हाईड करना चाहते है और उसे आपके आलावा या आपके फ्रेंड्स के आलावा कोई दूसरा न देख सके. तो ऐसे में आप यह सब आसानी से इस ऑप्शन की मदत से कर सकते है !

इस ऑप्शन को इस्तेमाल करने के लिए आपको Who can see the people , pages and list you follow ऑप्शन पर क्लिक करना है. क्लिक करने के बाद आपके सामने ३ प्रकार के ऑप्शन आ जायेंगे पब्लिक , फ्रेंड , ओन्ली मि. अगर आप ओन्ली मि सिलेक्ट करते है तो सिर्फ आप देख पाएंगे !

अगर आप फ्रेंड्स सिलेक्ट करते है तो आपके फ्रेंड भी देख पाएंगे की आपने कोना पेज लाइक किया है या फिर फॉलो किया है. अगर आप पब्लिक को भी दिखाना चाहते है तो आप पब्लिक ऑप्शन भी सिलेक्ट कर सकते है !

4. Who can send you friend requests ?

दोस्तों यह एक बहुत ही बढ़िया ऑप्शन है. इस ऑप्शन के बारे में पता होना आपको बहुत ही जरुरी है. और आपके अकाउंट पर आपको इस ऑप्शन को जरूर यूज करना चाहिए. इस ऑप्शन की मदत से आप फ्रेंड रिक्वेस्ट को कंट्रोल कर सकते है. उदाहरण के लिए अगर आपको फेसबुक पर काफी ज्यादा फ्रेंड रिक्वेस्ट आते है तो आप इस ऑप्शन की मदत से रिक्वेस्ट को कंट्रोल कर सकते है !

इस ऑप्शन को इस्तेमाल करने के लिए आपको Who can send you friend requests वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है. क्लिक करने के बाद आपके सामने दो ऑप्शन आ जायेंगे पहला पब्लिक का और दूसरा फ्रेंड ऑफ़ फ्रेंड्स का. अगर आप पब्लिक ऑप्शन सिलेक्ट करते है तो आपको कोई भी अनजान व्यक्ति रिक्वेस्ट भेज सकता है. अगर आप फ्रेंड्स ऑफ़ फ्रेंड्स का ऑप्शन सिलेक्ट करते है तो सिर्फ आपके फ्रेंड्स के फ्रेंड्स ही आपको फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज पाएंगे !

5. Who can see your friend list ?

दोस्तों यह ऑप्शन भी आपके लिए बहुत ही जरुरी है. इस ऑप्शन की मदत से आप अपने फ्रेंड लिस्ट को छुपा सकते है. बहुत से ऐसे कारन होते है जिनके चलते आप अपनी फ्रेंड लिस्ट दुसरो को नहीं दिखाना चाहते. तो ऐसा आप इस ऑप्शन की मदत से कर सकते है. जिससे आपकी फ्रेंड लिस्ट सिर्फ आपको दिखेगी और किसी दूसरे व्यक्ति को यह पता नहीं चलेगा की आपको कौन-कौनसे लोग फेसबुक पर ऐड है !

इस ऑप्शन को इस्तेमाल करने के लिए आपको सबसे पहले प्राइवेसी ऑप्शन में जाकर Who can see your friend list पर क्लिक करना है. क्लिक करने के बाद आपके सामने तीन ऑप्शन आएंगे पब्लिक , फ्रेंड्स और ओन्ली मि. अगर आप पब्लिक पर क्लिक करते है तो हर कोई व्यक्ति आपकी फ्रेंड लिस्ट देख सकता है !

अगर आप फ्रेंड पर क्लिक करते है तो आपको जितने भी लोग ऐड है वही लोग आपकी फ्रेंड लिस्ट देख सकते है. अगर आप ओन्ली मि पर क्लिक करते है तो आपके आलावा आपकी फ्रेंड लिस्ट कोई और नहीं देख सकता. सिर्फ आप देख सकते है !

6. Who can look you up using email & phone number

इस ऑप्शन का मतलब यह है की आपका जो फेसबुक प्रोफाइल है वह ईमेल ऐड्रेस और फोन नंबर के जरिये कौन-कौन सर्च कर सकता है. उदाहरण के लिए मान लीजिये अगर आपका कोई फ्रेंड है और आपने उसे अपना फोन नंबर या ईमेल आयडी दिया हुवा है. तो वह आपको उस फोन नंबर या ईमेल आयडी के जरिये भी फेसबुक पर सर्च कर सकता है !

अगर आप चाहते है की कोई भी व्यक्ति पब्लिकली आपके फोन नंबर का या आपके ईमेल का इस्तेमाल करके आपको फेसबुक में सर्च कर ले. तो आप आसानी से इस ऑप्शन की मदत से कर सकते है. इस ऑप्शन को इस्तेमाल करने के लिए आपको प्राइवेसी के अंदर Who can look you up using email & phone number you provided ऑप्शन पर क्लिक करना है !

क्लिक करने के बाद आपके सामने ३ ऑप्शन आएंगे एवरिवन , फ्रेंड ऑफ़ फ्रेंड , फ्रेंड्स. अगर आप एवरिवन सिलेक्ट करते है तो तो हर कोई व्यक्ति आपके ईमेल का या फोन नंबर का इस्तेमाल करके आपको सर्च कर सकता है. अगर आप फ्रेंड्स ऑफ़ फ्रेंड्स सिलेक्ट करते है तो आपके जितने भी फ्रेंड है और उनके जितने फ्रेंड्स है वह सब आपको ईमेल ऐड्रेस और और फोन नंबर की मदत से सर्च कर सकते है !

अगर आप फ्रेंड सिलेक्ट करते है तो आपके जितने भी फ्रेंड है. यानि जितने फ्रेंड आपको फेसबुक पर ऐड है और अगर उनके पास आपका ईमेल ऐड्रेस और फोन नंबर है. तो वह उसकी मदत से आपको फेसबुक पर सर्च कर सकते है !

तो दोस्तों यह थी फेसबुक की प्राइवेसी सेटिंग. अब जानते है फेसबुक की बेसिक सेटिंग !

फेसबुक अकाउंट का पासवर्ड कैसे चेंज करे

दोस्तों ऐसे बहुत से कारण होते है जिनकी वजह से हमें अपना पासवर्ड चेंज करना पड़ता है. फेसबुक का पासवर्ड चेंज करने के लिए आपको सबसे पहले अपने फेसबुक एप्लिकेशन को ओपन कर लेना है. ओपन करने के बाद आपके सामने फेसबुक का होम पेज खुल जायेगा. उसके बाद आपको ऊपर सबसे लास्ट में ३ लाइन दिखाई देगी आपको उसपर क्लिक करना है !

थ्री लाइन पर क्लिक करने के बाद आपको थोड़ा निचे स्क्रोल करना है. निचे स्क्रोल करने के बाद बाद आपके सामने सेटिंग का ऑप्शन आएगा. आपको उसपर क्लिक करना है. सेटिंग वाले ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आपको निचे security and login का ऑप्शन दिखाई देगा आपको उसपर क्लिक कर देना है !

उस ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आपको change password का ऑप्शन मिलेगा. आपको उसपर क्लिक करना है. क्लिक करने के बाद आपको सबसे पहले अपना current password डालना है. यानि जो आपका अभी का पासवर्ड है. उसके निचे आपको अपना नया पासवर्ड डालना यानि जिसे आप रखना चाहते है. उसके निचे आपको फिरसे एक बार नया पासवर्ड कन्फर्म करना है. यह सब करने के बाद आपको सेव पासवर्ड वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है. आपका पासवर्ड चेंज हो जायेगा !

अंतिम शब्द

तो दोस्तों यह थी फेसबुक प्राइवेसी सेटिंग्स क्या है उम्मीद है आपको फेसबुक प्राइवेसी सेटिंग के बारे में सम्पूर्ण जानकारी मिल गयी होगी. और आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा. अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे. और साथ ही वेबसाइट के नोटिफिकेशन बेल को भी ऑन कर दे. ताकि आने वाले समय में आप कोई भी आर्टिकल मिस ना करे. क्योकि हम रोजाना ऐसे ही हेल्पफुल आर्टिकल आपके लिए रोजाना लाते रहते है. अगर आपको इस आर्टिकल से जुडी कोई भी समस्या हो तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते है धन्यवाद !

सोशल मीडिया मार्केटिंग क्या है – पूरी जानकारी हिंदी में

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social media marketing kya hai

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम देखने वाले है सोशल मीडिया मार्केटिंग क्या है. जैसा की आप सब जानते है की सोशल मिडिया क्या होता है. सोशल मिडिया मार्केटिंग एक डिजिटल मार्केटिंग का प्रकार है. जिसे सोशल मिडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर किया जाता है. फ़िलहाल सोशल मिडिया मार्केटिंग के लिए मुख्य रूप से फेसबुक , इंस्टाग्राम , ट्विटर , लिंकडिन , यूट्यूब और स्नैपचैट का इस्तेमाल किया जाता है !

दोस्तों सोशल मिडिया मार्केटिंग का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपने प्रोडक्ट या ब्रांड को प्रोमोट करने के लिए किया जाता है. बड़ी-बड़ी कंपनिया विभिन्न सोशल मिडिया प्लेटफार्म पर अपना अकाउंट बनाती है. और उस सोशल मिडिया प्लेटफार्म के माध्यम से अपने प्रोडक्ट की या ब्रांड की जानकारी लोगो तक पहुंचाती है. और साथ अन्य पेजेस द्वारा भी अपने प्रोडक्ट्स को प्रोमोट करती है जिसे सोशल मिडिया मार्केटिंग कहा जाता है !

आज के समय में लगभग सारे लोग अपना समय सोशल मिडिया पर बिताते है. जहा पर लोग सोशल मिडिया पर अपना पूरा समय बिता रहे है कुछ लोग टाइम वेस्ट कर रहे है तो कुछ लोग सोशल मिडिया मार्केटिंग करके पैसे कमा रहे है. अगर आपके किसी भी सोशल मिडिया प्लेटफार्म पर ज्यादा फॉलोवर्स है तो आप भी एक सोशल मीडया मार्केटर बन सकते है. और किसी भी कंपनी के प्रोडक्ट को या ब्रांड को प्रोमोट कर पैसे कमा सकते है. तो चलिए अब जानते है सोशल मिडिया मार्केटिंग के प्रकार !

सोशल मिडिया मार्केटिंग के प्रकार

दोस्तों जैसा की आप सब जानते है सोशल मिडिया मार्केटिंग आपके लिए एक उत्कृष्ट अवसर प्रधान करता है लोगो से जुड़ने के लिए और अपने बिजनेस को आगे बढ़ने के लिए. वैसे तो कई सारे सोशल मिडिया नेटवर्क उपलब्ध है सोशल मिडिया मार्केटिंग करने के लिए. लेकिन सर्वश्रेष्ठ विकल्प चुनने के लिए आपको सभी सोशल मिडिया प्लेटफार्म को ध्यान से समझना होगा. इस पोस्ट में हम आपको ऐसे ही कुछ सोशल मिडिया प्लेटफार्म से परिचित कराएँगे !

इस लेख में हमारे द्वारा कव्हर किये जाने वाले सोशल मिडिया के प्रकार –

  • Social networks
  • Media sharing networks

Social networks –

दोस्तों सोशल मिडिया के सबसे प्रसिद्ध प्रकारो में से एक है Social networks यह नेटवर्क उपयोग कर्ताओ को ऑनलाइन लोगो और ब्रांड से जुड़ने की अनुमति देता है. आप इन साइटों की मदत से जानकरी , फोटो , विडिओ आदि शेयर कर सकते है. Social networks में मुख्य रूप से तीन सोसाइल मिडिया प्लेटफार्म का समावेष होता है. १) फेसबुक २) ट्विटर ३) लिंकडिन आइये इन तीन सबसे लोकप्रिय प्रकारो पर नजर डालते है !

1) FACEBOOK –

दोस्तों जैसा की आप सब जानते है फेसबुक सबसे लोकप्रिय सोशल मिडिया के प्लेटफार्म में से एक है. 2.3 बिलियन से भी ज्यादा लोग इस सोशल मिडिया प्लेटफार्म पर हर महीने एक्टिव रहते है. बहुत सी कंपनिया अपने प्रोडक्ट या ब्रांड को प्रोमोट करने के लिए फेसबुक का इस्तेमाल करती है. आपकी कंपनी को करोडो लोगो से जुड़ने के लिए फेसबुक एक शानदार अवसर प्रदान करता है !

आप फेसबुक पर यह चीजे सहारे करे सकते है –

  • Status updates
  • Photos
  • Videos
  • Links to content
  • Polls

दोस्तों आप डिरेक्ट्ली फेसबुक को पैसे दे कर अपने प्रोडक्ट को या अपनी कंपनी को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुंचा सकते हो. जिससे की आपको अपने व्यवसाय को बढ़ाने में मदत होगी. और ज्यादा से ज्यादा लोग आपके साथ जुड़ सकेंगे. यह सोशल मीडया मार्केटिंग का बहुत ही लोकप्रिय तरीका है !

2) TWITTER –

ट्विटर पर 326 मिलियन से भी अधिक लोग हर महीने एक्टिव रहते है. अगर हम ट्विटर को सोशल मिडिया मार्केटिंग के साथ जोड़कर कर देखे तो इसका इस्तेमाल भी फेसबुक के सामान ही किया जाता है. जिसमे उपयोगकर्ता फोटो , विडिओ , स्थिति अपडेट , लिंक , पोल और बहुत सी चीजे पोस्ट कर सकता है. फेसबुक और ट्विटर के बिच एक सबसे महत्वपूर्ण अंतर है सन्देश का आकर !

ट्विटर की विशेषता यह है की आपके हर सन्देश के लिए केवल २८० वर्ण ही उपलब्ध कराये जाते है. यानि उससे अधीक वर्ण का सन्देश आप ट्विटर पर पोस्ट नहीं कर सकते. इस सिमा का अर्थ यह है की आपको सीधा उस बात को लिखना होता है जो आप ट्विटर के माध्यम से लोगो तक पहुँचाना चाहते हो. सरल भाषा में कहा जाये तो आपको सीधा मुद्दे की बात लिखनी होती है !

ट्विटर आपको आपके व्यसाय को बढ़ाने के लिए पैसे लेकर विज्ञापन प्रदान करता है. यानि अगर आप कोई व्यवसाय करते है और उस व्यवसाय को बढ़ाने के लिए अगर आप सोशल मीडया मार्केटिंग करना चाहते है तो ट्विटर आपको यह सुविधा भी प्रदान करता है. जिसमे आप ट्विटर को पैसा दे कर अपने व्यवसाय का या अपने प्रोडक्ट का विज्ञापन ट्विटर पर चला सकते है !

3) LINKEDIN –

लिंकडिन का इस्तेमाल 610 मिलियन से भी अधिक लोग करते है. यह सामाजिक नेटवर्क पेशेवरों को जोड़ने के लिए शानदार जगह है. यह सोशल मिडिया प्लेटफार्म लोगो से जानकारी साझा करने , नयी नौकरिया खोजने और नए उम्मीदवारों की भर्ती करने के लिए एक उत्कृष्ट मंच है. आप लिंकडिन पर उन लोगो को अपना विज्ञापन दे सकते है जिनके लिंकडिन पर ज्यादा फॉलोवर हो. यह आपके व्यवसाय में रूचि रखने वाले लोगो को टारगेट करने के लिए एक शानदार जगह है !

Media sharing networks

अगर आप कई दिनों से सोशल मिडिया प्लेटफार्म के सबसे अच्छे सोशल मिडिया प्लेटफार्म के प्रकार की तलाश कर रहे है तो Media sharing networks आपके लिए है. जिसमे तीन तरह के विभिन्न सोशल मिडिया प्लेटफार्म मौजूद है. १) इंस्टाग्राम २) पिंटरेस्ट ३) यूट्यूब आप इन सोशल मिडिया आधारित साइडो के माध्यम से विभिन्न प्रकार के ऐड चलाकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकते है !

अगर देखा जाये तो मिडिया शेयरिंग नेटवर्क फोटो और विडिओ शेयर करे करने में अपना ज्यादा ध्यान केंद्रित करता है. दोस्तों अभी के समय में लोग विडिओ से सीखना ज्यादा पसंद करते है. Media sharing networks आपके व्यवसाय के लिए विडिओ ऐड चलाने और उसे उपयोगकर्ताओं तक पहुंचने का काम करता है. इनका मुख्य लक्ष है लोगो तक विडिओ के माध्यम से जानकरी पहुँचाना !

1) INSTAGRAM –

अगर हम बात करे इंस्टग्राम की तो इंस्टाग्राम पर हर महीने 1 बिलियन से भी ज्यादा लोग एक्टिव रहते है. इंस्टग्राम फोटो के साथ साथ विडिओ साझा करने के लिए एक उत्कृष्ट जगह है. यह सोशल मिडिया प्लेटफार्म आपको अपने व्यवसाय में एक ऊंचाई प्रधान करता है. अगर आप कोई बिजनेस करते है तो आप अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए इंस्टाग्राम पर फोटो या विडिओ के माध्यम से अपनी अव्यावसाय ऐड रन कर सकते है !

जब आप अलग-अलग प्रकार के सोशल मिडिया अभियान चला रहे होते है तो इंस्टग्राम उनमे से एक बहुत अच्छा पर्याय है. आप अपने उत्पादों या सेवाओं को बढ़ाने के लिए इंस्टग्राम का उपयोग कर सकते है. आप अपने ब्रांड के शानदार दृश्य लोगो तक विडिओ के माध्यम से पहुंचा सकते हो. आपको अगर किसी ज्यादा फॉलोवर वाले व्यक्ति से या पेज से अपने ब्रांड का प्रमोशन करना चाहते है तो वह भी आप कर सकते हो !

अगर आप किसी व्यक्ति से या पेज से अपने ब्रांड को प्रोमोट नहीं करना चाहते तो इंस्टाग्राम आपके ब्रांड के लिए खुद का विज्ञापन विकल्प भी प्रदान करता है. आप टारगेट ऑडियंस को विज्ञापन देने के लिए फोटो और विडिओ का उपयोग कर सकते है. इंस्टाग्राम ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुँचने के लिए और अपने व्यापर को बढ़ाने के लिए एक बहुत ही शानदार सोशल मार्केटिंग का तरीका है !

2) PINTEREST –

दोस्तों अगर हम बात करे Pinterest की तो इसके हर महीने २५० मिलियन से भी अधिक एक्टिव उपयोगकर्ता है. यह मीडिया शेयरिंग नेटवर्क ज्यादातर तस्वीरें साझा करने और पिन करने पर अपना लक्ष केंद्रित करते है. उपयोगकर्ता इन तस्वीरों को अपने बोर्डो पर पिन करते है. जिससे वह ज्यादा लोगो तक पहुँच पाता है यह मिडिया प्लेटफार्म रचनात्मक विचारो के साथ ही आपके व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए एक उत्कृष्ट प्लेटफार्म है !

आप ब्लॉग पोस्ट, व्यंजनों, DIY विचारों और अन्य से लिंक करने वाले फ़ोटो शेयर कर सकते हैं. उदाहरण के लिए अगर आप एक फूल के दुकान के मालिक है तो आप अपनी व्यवस्था की तस्वीरें पोस्ट कर सकते है या पिन बना सकते है. जहा से लोग आपकी द्वारा दिए गए तस्वीर को देख आपके फूल खरीद सकते है. कुल मिलाकर Pinterest आपको लोगो से जुड़ने में मदत करने के लिए एक बहुत ही बेहतरीन सोशल मिडिया प्लेटफार्म है !

3) YOUTUBE –

दोस्तों जैसा की आप सब जानते यूट्यूब गूगल के बाद दूसरे नंबर का सबसे बड़ा सर्च इंजिन है. और हर महीने यूट्यूब पर बिलियन से भी ज्यादा उपयोगकर्ता एक्टिव रहते है. काफी सारे लोग यूट्यूब से सक्रीय विडिओ खोज उन्हें देखते है. आप भी रोजाना यूट्यूब का इस्तेमाल करते होंगे आपने देखा होगा जब भी आप विडिओ देख रहे होते है बिच में ऐड आ जाते है. यह ऐड किसी भी कंपनी के या ब्रांड के होते है !

यूट्यूब एक बहुत ही बढ़िया प्लेटफार्म है सोशल मिडिया मार्केटिंग करने के लिए. अगर आप भी छोटे या बड़े व्यापारी है और आप व्यापर करते है तो आप अपने व्यापर को बढ़ाने के लिए यूट्यूब के माध्यम से अपने व्यापर का ऐड चला सकते है. इसमें सबसे बेहतरीन बात यह की आप टारगेट ऑडियंस तक अपनी ऐड को पहुंचा सकते है !

उदाहरण के लिए अगर आप MSCIT कोर्स पढ़ाते और आप चाहते है की आपकी दी गयी ऐड उन लोगो तक पहुंचे जो सच मे MSCIT का कोर्स करना चाहते है. तो आप ऐसा कर सकते है. आपका ऐड उन्ही लोगो तक पहुंचेगा जिन्होंने इस कोर्स के बारे में सर्च किया हो और जो आपके लोकेशन के करीब हो. यह एक बहुत ही बड़ा फायदा है सोशल मिडिया मार्केटिंग का !

सोशल मिडिया मार्केटिँग से पैसे कैसे कमाए?

दोस्तों सोशल मिडिया मार्केटींग में मुख्य रूप से फेसबुक , इंस्टग्राम , ट्विटर , लिंकडिन , यूट्यूब आदि का समावेश होता है. धीरे धीरे सोशल मिडिया हमारे जीवन का हिस्सा बनते जा रहा है. कुछ लोग सोशल मिडिया का इस्तेमाल मनोरंजन के लिए करते है. तो कुछ लोग सोशल मिडिया का इस्तेमाल पैसे कमाने के लिए करते है. अगर आप भी सोशल मिडिया मार्केटींग के माध्यम से पैसे कमाना चाहते है तो आपको इसके लिए जरूरत होगी बड़े फॉलोविंग बेस की. यानि आपके किसी भी सोशल मिडिया प्लेटफार्म पर ज्यादा फॉलोवर होने चाहिए. तभी आप सोशल मीडिया मार्केटींग करके पैसे कमा सकते है !

अगर आपके किसी भी सोशल मिडिया प्लेटफार्म पर ज्यादा फॉलोवर है तो आप बाकि लोगो के अकाउंट को प्रोमोट कर सकते हो. साथ ही किसी भी बड़े कंपनी के प्रोडक्ट को प्रोमोट कर सकते हो. और उसके बदले में उनसे पैसे पैसे ले सकते हो. लेकिन यह सब करने के लिए आपके सोशल मिडिया अकाउंट पर ज्यादा फॉलोवर होने चाहिए !

किसी भी सोशल मिडिया प्लेटफार्म पर फॉलोवर बढ़ाने के लिए सबसे जरुरी चीज है कॉन्टेंट. अगर आप एक अच्छे कॉन्टेंट क्रियेटर और आपके द्वारा बनाये गए कंटेंट लोगो को पसंद आते है तो जाहिर सी बात है लोग आपको फॉलो करेंगे. इसके आलावा आपको सोशल मिडिया प्लेटफार्म पर रोज एक्टिव रहना है. ऐसा करने से आपके फॉलोवर बढ़ेंगे और जितने ज्यादा आपके फॉलोवर बढ़ेंगे उतने ज्यादा आपको स्पॉन्सर मिलेंगे. और उतने ही ज्यादा आप सोशल मिडिया मार्केटींग के माध्यम से पैसे कमा पाएंगे !

सोशल मिडिया मार्केटिंग के फायदे

  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करके दुनिया की लगभग आधी आबादी के साथ जुड़ने के लिए सोशल मिडिया मार्केटिंग एक अच्छा विकल्प है .
  • आपके ऑनलाइन व्यवसाय के लिए एक सार्वजनिक सोशल मीडिया पेज बनाना कई दर्शकों को आकर्षित कर सकता है और ब्रांड जागरूकता पैदा कर सकता है .
  • आप सीधे अन्य सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को संदेश और लिंक भेज सकते हैं और इस तरह से अपनी साइट पर ट्रैफ़िक बढ़ा सकते हैं .
  • सोशल मिडिया मार्केटिंग ऑफलाइन मार्केटिंग से काफी सस्ती और लाभदायक है .
  • आप सोशल मिडिया मार्केटिंग के माध्यम से अपने टारगेट ऑडियंस तक अपना प्रोडक्ट या ब्रांड पहुंचा सकते है .
  • अगर आप एक डिजिटल मार्केटर बनते है तो आप भी इसकी मदत से काफी अच्छे पैसे कमा सकते है .

अंतिम शब्द

दोस्तों यह था सोशल मीडिया मार्केटिंग क्या है. उम्मीद है आपको सोशल मिडिया मार्केटिंग के बारे में सम्पूर्ण जानकारी मिल गयी होगी. और आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा. अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे. और साथ ही वेबसाइट के नोटिफिकेशन बेल को भी ऑन कर दे. ताकि आने वाले समय में आप कोई भी आर्टिकल मिस ना करे. क्योकि हम रोजाना ऐसे ही हेल्पफुल आर्टिकल आपके लिए लाते रहते है. अगर आपको इस आर्टिकल से जुडी कोई भी समस्या हो तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते है धन्यवाद !

सॉफ्टवेयर कैसे बनाये – जानिए पूरी जानकारी हिंदी में

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software kaise banaye hindi

आप अगर सॉफ्टवेयर इंजीनियर नहीं है फिर भी आपके मन में यह सवाल आता है की सॉफ्टवेयर कैसे बनाये तो यह आर्टिकल आपके लिए जिसे आपको ध्यान से पढ़ना होगा जिससे आपका यह सवाल जवाब में बदल जायेगा. हम अपनी आप पास की दुनिया देखते है. जहा पर आज के समय में हमे सॉफ्टवेयर के बारे में सबसे ज्यादा सुनने को मिलता है. और अगर पुरे विश्व के आमिर/धनि लोगो की पंक्ति में सॉफ्टवेयर बनाने वाले ही लोग शामिल है.

सॉफ्टवेयर ही एक ऐसा माध्यम है जिसकी मदत इ आप सरे विश्व पर राज़ कर सकते हो. पुराने ज़माने में सॉफ्टवेयर इतना प्रसिद्ध नहीं था जितना आज है. आज के युग में हमारा पूरा जीवन ही सॉफ्टवेयर पर निर्भर है. सरे औद्योगिक ,एजुकेशनल , बैंकिंग यही तक की हम खुप भी बिना सॉफ्टवेयर के कुछ नहीं कर सकते.

आपको जानकर हैरानी होगी की हम सब लोग सॉफ्टवेयर का उपयोग रोज ही करते है. आप जो यह आर्टिकल अब पढ़ रहे हो यह भी एक सॉफ्टवेयर ही है. और जिस मोबाइल फ़ोन ,लैपटॉप या अन्य माध्यम से पढ़ रहे हो यह भी पूरा सॉफ्टवेयर पर चल रहा है.

तो आपकी सॉफ्टवेयर के प्रति रूचि को ध्यान में रखते हुए हम आज यहाँ पर सॉफ्टवेयर के बारे में जो भी चीजे है उनपर बात करेंगे. और खास कर के सॉफ्टवेयर कैसे बनाते है ? और सॉफ्टवेयर बनाने के लिए क्या आवश्यक है इनपर भी प्रकाश डालेंगे. तो अब हम देखते है विस्तार से.

सॉफ्टवेयर क्या है (What is software in hindi)

सॉफ्टवेयर एक प्रोग्राम्स(programs) का समूह होता है जो कंप्यूटर का कोई एक निश्चित कार्य(Task) को पूरा करने हेतु बनाया जाता है. (Software is a group of programs that are created to complete a specific task of a computer).

इससे आपको पता चल गया होगा की सॉफ्टवेयर में प्रोग्राम्स यूज़ किये जाते है. जो किसी एक कार्य हो संपन्न करने हेतु आपस में जुड़े होते है. लेकिन सबसे बड़ी बात है की इसमें प्रोग्राम यूज़ किये जाते है, यह तो आपने समजा. लेकिन कंप्यूटर प्रोग्राम क्या होते है? यह भी आपको जानना जरूरी है.

इसके बारे में भी हम आगे जानेंगे लेकिन उससे पहले जान लेते है की ,प्रोग्राम को आपस में जोड़कर काम किया जाता है. जिसे कंप्यूटर की भाषा में टास्क कहते है. सॉफ्टवेयर से जुड़ा हुआ हर एक प्रोग्राम अपनी खुद की टास्क(Task) पूरी करता है. ऐसे ही करके सारे प्रोग्राम अलग-अलग सब टास्क(Sub Task) पुरे करते है. जो आपस में जुड़कर एक मेन टास्क(Main Task) बन जाती है. जैसे की काफी सरे कर्मचारी कंपनी के किसी एक उद्देश्य ले किये कार्य कर रहे हो.

सॉफ्टवेयर डेफिनेशन (Software Definition In Hindi)

सॉफ्टवेयर एक कंप्यूटर प्रोग्राम्स का समूह होता है ,जो किसी कंप्यूटर से जुड़े हुए कार्य को पूरा करने हेतु आपस में जुड़े होते है.(Software is a group of computer programs that are connected together to complete a task connected to a computer.)

अब आपने सॉफ्टवेयर क्या है यह तो जान लिया जिसमे आपने प्रोग्राम के बारे में भी पढ़ा. लेकिन अब आपके मन में यह प्रश्न भी आया होंगे की प्रोग्रामिंग क्या होता है? जिसके बारे में अब हब देखने वाले है.

प्रोग्राम क्या होता है (what is computer program)

प्रोग्राम एक इंस्ट्रक्शन सेट होता है जो कंप्यूटर को समज आता है. प्रोग्राम बनाने के लिए आपको किसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का नॉलेज होना आवश्यक है? जैसे की मान लेते है की आपको हिंदी आती है लेकिन आपको चीन की भाषा नहीं आती. तो आप उन लोगो के साथ बोल नहीं सकते. बिलकुल वैसे ही प्रोग्राम जो होता है वह कंप्यूटर को समज में आने वाली भाषा होती है.

अब आपके मन में यह प्रश्न भी आया होगा की अब प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या होता है? तो घबराने की कोई बात नहीं हम उसके बारे में भी जानेंगे.

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है (What is programming Language in Hindi)

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज एक ऐसी भाषा होती है जो की कंप्यूटर समज सकती है . और जिसकी मदत से कंप्यूटर कार्य कर सकता है. अगर हमे कंप्यूटर से कुछ काम करवाना होता है तो वह प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के माध्यम से समझाया जाता है. क्योंकि कप्यूटर एक मशीन होता है जो की साधारण मनुष्य की भाषा नहीं समाज सकता. इसीलिए कंप्यूटर सॉफ्टवेयर में प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का उपयोग किया जाता है.

अब आपके मन में यह भी प्रश्न आया होगा की प्रोग्रामिंग लैंगुएजेस कोनसी -कोनसी होती है? जैसे मनुष्य भी अलग-अलग भाषाएँ बोल या समाज सकता है, वैसे ही कंप्यूटर भी अलग-अलग प्रोग्रामिंग लैंगुएजेस को समज सकता है.

TOP 10 Programming Languages in hindi

निचे दी गए प्रोग्रामिंग लैंगुएजेस काफी प्रसिद्ध है जो की ज्यादातर उपयोग में लायी जाती है.

  1. Python Programming Language
  2. Java Programming Language
  3. JavaScript/Node.Js Programming Language
  4. C/C++ Programming Language
  5. PHP Programming Language
  6. Google Go Programming Language
  7. Swift Programming Language
  8. C# (C-Sharp) Programming Language
  9. Scala Programming Language
  10. R Programming Language

सॉफ्टवेयर कौन बनाता है ?

सॉफ्टवेयर कैसे बनाये यह जानने से पहले आपको जानना होगा की सॉफ्टवेयर कौन बनाता है. सॉफ्टवेयर तो साधारणतः सॉफ्टवेयर इंजीनियर ही बनाते है.सॉफ्टवेयर बनाने वाले को प्रोग्रामर या सॉफ्टवेयर डेवलपर कहते है. लेकिन आपको काफी सारे ऐसे लोग भी मिल जायेंगे जो सॉफ्टवेयर इंजीनियर नहीं है फिर भी सॉफ्टवेयर बनाते है. उन लोगो के पास प्रोग्रामिंग का नॉलेज होता है. इसीलिए वह सॉफ्टवेयर बना पाते है. प्रोग्रामिंग का नॉलेज आप अलग-अलग वेबसाइट से मुफ्त में ले सकते हो. बहुत सारे लोग है जो मुफ्त ही इंटरनेट से सॉफ्टवेयर बनाना सिख जाते है और बिना सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग करे ही सॉफ्टवेयर आसानी बना लेते है.

मुफ्त में प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज कहा से सीखे (Free Programming Learning Websites)

जैसे की मैंने आपको बताया की काफी सारी वेबसाइट है जहा से आप मुफ्त में ही सॉफ्टवेयर बनाना सिख सकते हो. तो निचे दी गयी कुछ प्रमुख और सबसे अच्छी वेबसाइट है जहा से आप मुफ्त में ही सॉफ्टवेयर बनाना सिख सकते हो. जो की आपका सॉफ्टवेयर कैसे बनाये ? इस प्रश्न का समाधान भी है.

  • w3schools.com
  • codecademy.com
  • github.com
  • freecodecamp.org
  • codewars.com

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के प्रमुख प्रकार

हम जो सिख रहे है की सॉफ्टवेयर कैसे बनाये ? जिसमे हमने काफी सारी सॉफ्टवेयर से रिलेटेड बेसिक टर्म को पढ़ा. अब हम देखने वाले है की प्रमुखतः कितने प्रकार की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज होती है? हम जिसमे सॉफ्टवेयर बनाते है वह हाई लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज होती है. लेकिन इसके विपरीत भी कुछ प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है जिसमे हम सॉफ्टवेयर बनाते है जो की सिस्टम सॉफ्टवेयर और कुछ अलग सॉफ्टवेयर होते है जो केवल खास लोगो के लिए होते है.

निचे दी गयी प्रमुख कैटेगरी है जिसमे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज आती है. लेकिन यह केवल नॉलेज हेतु है. हम जिसमे सॉफ्टवेयर बनाते है और बनाना सिखने वाले है वह हाई लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है जिसमे Java, Python, Net यह सब शामिल है.

  • High Level Language
  • Assembly Language
  • Machine Language

1. High Level Language

सबसे पहली लैंग्वेज है हाई लेवल जो हम सबको पता है. जिसमे यह सब शामिल है. यह प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सिखने और समझने में आसान होती है.और इसमें ही सॉफ्टवेयर को ज्यादा बनाया जाता है. जीतें भी एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर होते है वह सब हाई लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में ही बनाये जाते है. जिसमे हमे बस थोड़ी इंग्लिश और कुछ सिम्बोल का उपयोग करना होता है.

निचे दिए गए कुछ प्रमुख उदहारण है हाई लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के

  • Java
  • JavaScript
  • Python
  • PHP
  • C/C++
  • C#/Asp.Net

2. Assembly Language

असेम्ब्ली लैंग्वेज low लेवल लैंग्वेज है, जो की मशीन लैंग्वेज जैसी ही है. समझने में हाई लेवल लैंग्वेज से ज्यादा कठिन है लेकिन मशीन लेवल लैंग्वेज से थोड़ी काम कठिन है. इसके माध्यम से हम सिम्बोलिक ऑपरेशन कोड का इस्तेमाल कर के मशीन ऑपरेशनल कोड को रिप्रेजेंट कर सकते है.

3. Machine Language

मशीन लैंग्वेज को low लेवल लैंग्वेज भी कहा जाता है.यह लैंग्वेज डायरेक्टली कंप्यूटर हार्डवेयर से कम्युनिकेशन करती है. हम जो भो सॉफ्टवेयर बनाते है उनके लिए जो प्रोग्राम लिखते है वह प्रोग्राम सबसे पहले ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से अस्सेम्ब्ली लैंग्वेज में कन्वर्ट किये जाते है. उसके बाद उन्हें असेम्ब्लेर के माध्यम से मशीन लेवल लैंग्वेज में कन्वर्ट कर दिया जाता है. और इसी कारन कंप्यूटर हार्डवेयर यूजर का काम सॉफ्टवेयर के माध्यम से कर देता है.

मशीन लेवल लैंग्वेज समझना लगभग मुशिक होता है. सॉफ्टवेयर बनाने के लिए केवल हाई लेवल लैंग्वेज का उपयोग किया जाता है. क्योंकि असेम्ब्ली और मशीन लैंग्वेज समझने के लिए आसान नहीं है. मशीन लेवल लैंग्वेज पूरी बाइनरी(0,1) में बानी होती है जो की केवल ० और १ का कॉम्बिनेशन होता है.

सॉफ्टवेयर कितने प्रकार के होते है (Types of Softwares in Hindi)

प्रमुखतः सॉफ्टवेयर के ३ मुख्य प्रकार होते है लेकिन इसके आलावा भी सॉफ्टवेयर के कुछ प्रकार होते है जो की मुख्य प्रकार में उप प्रकार के रूप में आते है. सॉफ्टवेयर के जो मुख्य प्रकार है वह निचे दिए गए है.

  • System Software
  • Application Software
  • Utility Software

अब हम सॉफ्टवेयर के प्रमुख प्रकारों के बारे में विस्तार से जानेंगे. जिसमे हम मुख्य प्रकारों के कुछ उप-प्रकार भी उदाहरणों के माध्यमों समझेंगे. और प्रत्येक प्रकार का सॉफ्टवेयर कैसे काम करता है और कहा पर उसे उपयोग में लाया जाता है यह भी समझेंगे.

System Software

सिस्टम सॉफ्टवेयर के नाम से आप जान सकते है की यह सॉफ्टवेयर सिस्टम से रिलेटेड है. सिस्टम सॉफ्टवेयर हार्डवेयर और एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के बिच के कम्युनिकेशन माध्यम का काम करते है. सिस्टम सॉफ्टवेयर की अगर सरल में बात की जाये तो ऑपरेटिंग सिस्टम इसका बहुत अच्छा उदहारण है.

कुछ लोग तो सिस्टम सॉफ्टवेयर को ऑपरेटिंग सिस्टम भी बोलते है. सिस्टम सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर और कंप्यूटर हार्डवेयर के बिच का माध्यम होता है जो यूजर के इनपुट को हार्डवेयर तक पहुंचाता है. और सिस्टम से जनरेट हुआ आऊटपुट यूजर को भेजता है. सिस्टम सॉफ्टवेयर भी एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के जैसा ही एक कंप्यूटर प्रोग्राम है. अब हब सिस्टम सॉफ्टवेयर के कुछ उदहारण विस्तार से देखते है. जिससे आपको सिस्टम सॉफ्टवेयर क्या है यह समझने में सरलता होगी.

1. Operating System

ऑपरेटिंग सिस्टम को कंप्यूटर सिस्टम का आत्मा भी कहा जाता है. क्योकि बिना ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर के हम कंप्यूटर को चला नहीं सकते. जब भी आप नया कंप्यूटर खरीदते है तब आपको यह सिस्टम सॉफ्टवेयर इनस्टॉल करके दिया जाता है अतब आप अन्य सॉफ्टवेयर इसपर चला सकते है. आपने जैसे की देखा की कंप्यूटर को अलग भाषा समाज आती है. जिसे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कहा जाता है. लेकिन आपको बता दू की हम जो लैंग्वेज में सॉफ्टवेयर बनाते है वह सबसे पहले सिस्टम सॉफ्टवेयर यानि की अपने ऑपरेटिंग सिस्टम के पास जाता है. वही इसे समझकर आगे भेजकर हार्डवेयर से काम करवाती है.

जैसे की आपने देखा की एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर बनाने के लिए प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का उपयोग किया जाता है. जो भी हमने देखि थी वह सब हाई लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज थी. लेकिन ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने के लिए जो प्रोग्रामिंग लैंग्वेज उपयोग में लायी जाती है उसे असेंबली प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कहा जाता है.

2. Device Driver

सिस्टम ड्राइव्स ऑपरेटिंग सिस्टम का ही पार्ट होता है. जो की कंप्यूटर के अलग-अलग पार्ट को काम करने में और काम समझने में मदत करते है. हमारी कंप्यूटर सिस्टम के हार्डवेयर के पार्ट चलाने के लिए डिवाइस ड्राइव्स अतिआवश्यक होते है. आपने बहुत बार देखा होगा की आपकी कम्पुयटर सिस्टम में कैमरा नहीं चलता वह पर आपको डिवाइस ड्राइवर मिसिंग का एरर आता है.

निचे दिए कुछ प्रमुख डिवाइस ड्राइवर है जो हमारी कंप्यूटर में होते ही है जिसके बिना आपका कंप्यूटर लगभग निर्जीव हो जाता है. कुछ ड्राइवर ऐसे भी होते है जो की अत्यावश्यक नहीं होत. फिर भी कुछ लोग उनके हिसाब से कुछ एक्स्ट्रा डिवाइस ड्राइवर इनस्टॉल करते है.

  • माउस ड्राइवर
  • कीबोर्ड ड्राइवर
  • कैमरा ड्राइवर
  • टचपैड ड्राइवर
  • प्रिंटर ड्राइवर

Application Software

जिसके लिए आप यह पोस्ट पढ़ रहे है की सॉफ्टवेयर कैसे बनाये ? वही सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर की श्रेणी में आते है. एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर ही ज्यादा प्रमाण में बनाये जाते है. जो भी आप आपने कंप्यूटर या मोबाइल में सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करते है वह सब एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर की श्रेणी में आते है. सॉफ्टवेयर इंजीनियर जो भी काम करते है वह ज्यादातर एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर की श्रेणी में आता है.

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर कंप्यूटर के कुछ विषिष्ठ कार्य पुरे करने हेतु बनाये जाते है. जैसे की टाइपिंग के लिए नोटपैड एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर बनाया गया है जो की काफी प्रसिद्ध है, और आप सबको पता है. एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर सिस्टम सॉफ्टवेयर पर ही चलाये जाते है. इसका मतलब एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर सिस्टम सॉफ्टवेयर के साथ कम्युनिकेशन करते है. उसके बाद सिस्टम सॉफ्टवेयर हार्डवेयर से कम्युनिकेशन करके टास्क पूरा करता है और आऊटपुट फिरसे एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को भेजता है. यही काम बहुत तेजी से चलता रहता है ,और आपका काम पूरा होता है.

निचे दिए गए कुछ प्रमुख एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के उदहारण है जिससे आप सब परिचित है. और वह लगभग हर कंप्यूटर में होते ही है. जिनके माध्यम से आपको एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या है ? यह समझने में आसानी होगी.

1. वेब ब्राउज़र

आप सभी को तो वेब ब्राउज़र पता ही होगा जो की लगभग हर मोबाइल फ़ोन और कंप्यूटर में इस्तेमाल किया ही जाता है. जिसमे आप अलग-अलग वेबसाइट को सर्च कर सकते हो. वेब ब्राउज़र भी एक एप्लीकेशन प्रोग्राम ही होता है जिसे हाई लेवल लैंग्वेज में बनाया जाता है. आपको जो वेब ब्राउज़र पता है उनमे Chrome, Inter Explorer, यह नाम प्रमुख है जो की आपके डिवाइस में पहले से ही उपलब्ध होते ही है.

आपको अगर कोई भी चीज सर्च करनी होती है तो आप ब्राउज़र सॉफ्टवेयर को खोलते है और सर्च करते है. ब्राउज़र सॉफ्टवेयर बहुत सारे है लेकिन ऊपर दिए कुछ ज्यादा ही प्रसिद्ध है.

2. Word Software

इस सॉफ्टवेयर की श्रेणी में ज्यादातर सॉफ्टवेयर ऑफिस के कामकाज में ही इस्तेमाल किये जाते है. जिसमे ज्यादातर कुछ लिखने के लिए या एडिटिंग करने के लिए इस्तेमाल किये जाते है. ऑफिस के सारे कामकाज लगभग इसी सॉफ्टवेयर में किये जाते है. इस सॉफ्टवेयर की माध्यम से हम पुराने ज़माने में जो काम कागज या फाइल के माध्यम से किये जाते थे वह आज हम इन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के माध्यम से ज्यादा आसानी से ,ज्यादा जल्दी ,ज्यादा सठिक तरीके से कर सकते है.

वर्ड सॉफ्टवेयर की श्रेणी में आने वाले कुछ प्रमुख सॉफ्टवेयर निचे दिए है जिसके माध्यम से आसानी से जान लेंगे की कोनसे सॉफ्टवेयर इस श्रेणी में आते है. जो की ऑफिस के कामकाज में मदत करते है.

  • MS-Word
  • Note Pad
  • Word Pad

3. Multimedia Software

इस श्रेणी के एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर प्रमुखता से आपके मनोरंजन के माध्यम से जुड़े हुए होते है. वह सॉफ्टवेयर आपको वीडियो ,इमेज ,ऑडियो को प्ले करना ,एडिट करना इन सब कामो मदत करते है. मल्टीमीडिया सॉफ्टवेयर की मांग आजकल काफी ज्यादा है. मल्टीमीडिया सॉफ्टवेयर मनोरंजन के लिए इस्तेमाल किये जाते है जैसे की जोश ऍप,चिंगारी ऍप इत्यादि भी मल्टीमीडिया सॉफ्टवेयर है.

4. Educational Software

एजुकेशनल सॉफ्टवेयर शैक्षणिक संस्थाओं से जुड़े होते है जो की स्टूडेंट और इस क्षेत्र से जुड़े लोको के लिए बनाये जाते है. इन में प्रमुखता वेबसाइट होती है जिसे हम वेब एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर भी कहते है. जिनमे ज्यादातर सॉफ्टवेयर ऑनलाइन शिक्षा प्रदान करना ,ऑनलाइन फॉर्म भरना इत्यादि काम करते है. कुछ सॉफ्टवेयर स्टूडेंट्स का डाटा भी मैनेज करने का काम करते है.

Utility Software

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर उन लोगो के लिए होते है जिन्हे कंप्यूटर की अच्छी-खासी नॉलेज हो और उनके काम भी इनपर निर्भर हो.यूटिलिटी सॉफ्टवेयर का उपयोग हर कोई नहीं कर सकता यह उपयोग में थोड़े कठिन होते है. इन्हे कुछ अलग सुविधा प्रदान करने हेतु बनाया जाता है.

आपको तो पता ही है की सिस्टम सॉफ्टवेयर जिसे हम ऑपरेटिंग सिस्टम भी बोलते है वह यूजर को लगभग सारी सुविधाएं देता है. लेकिन कुछ यूजर ऐसे होते है जिन्हे आपने काम को पूरा करने के लिए कुछ अलग सुविधाओं की आवश्यकता होती है जो ऑपरेटिंग सिस्टम में नहीं है. उस समय वह यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के माध्यम से यह काम पूरा कर सकते है.

सॉफ्टवेयर कैसे बनाये ?

अब हमने सॉफ्टवेयर के बारे में जितने भी बेसिक चीजे थी सब जान ली है ,अब हम जानते है हमारा प्रमुख टॉपिक जो की है सॉफ्टवेयर कैसे बनाये ? या सॉफ्टवेयर कैसे बनाया जाता है ? सॉफ्टवेयर बनाने के लिए हमे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की आवश्यकता होती है यह तो हमने जाना. लेकिन प्रोग्रामिंग के साथ-साथ ही इसके लिए कुछ टूल्स भी आवश्यक होते है जिनकी मदत से सॉफ्टवेयर को बनाया जाता है. जिन्हे सॉफ्टवेयर की भाषा में IDE (integrated development environment) भी कहा जाता है.

जिसमे निचे दिए गए कुछ प्रमुख टूल्स है जिनका उपयोग कोड़िंग करने में किया जाता है-

  • Microsoft Visual Studio
  • Eclipse
  • NetBeans
  • Intellij IDEA
  • PyCharm
  • Atom
  • Code::Blocks
  • XCode
  • Android Studio
  • Adobe Dreamweaver

Step 1:

ऊपर दिए गए किसी भी एक टूल को हमे इनस्टॉल करना है. हमे टूल इनस्टॉल करते समय इस चीज का ध्यान रखना होगा की हम कोडिंग के लिए कोनसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज इस्तेमाल कर रहे है. हमे टूल भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के ही हिसाब से इनस्टॉल करना होता है.

ऊपर दिए गए किसी भी एक टूल को हमे इनस्टॉल करना है. हमे टूल इनस्टॉल करते समय इस चीज का ध्यान रखना होगा की हम कोडिंग के लिए कोनसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज इस्तेमाल कर रहे है. हमे टूल भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के ही हिसाब से इनस्टॉल करना होता है. जैसे की मान लेते है की हम पाइथन लैंग्वेज का उपयोग कर रहे है तो हमे pycharm टूल की आवश्यकता होगी. इसके आलावा अगर हम जावा में सॉफ्टवेयर बना रहे है तो हमे NetBeans की आवश्यकता होगी. जो भी आप प्रोग्रामिंग लैंग्वेज चुन रहे है उसके हिसाब से आपको IDE टूल इनस्टॉल कर लेना है.

IDE टूल इस्तेमाल करने का सबसे बड़ा फायदा यही होता है की आपको सब चीजे एक साथ ही मिल जाती है जो की सॉफ्टवेयर डेवलोपमेन्ट के लिए आवश्यक है. और इसका एक फायदा यह भी होता है की यह टूल कोड को ऑटोमेटिकली जनरेट करता है,जिससे आपको कोडिंग करना काफी आसान हो जाता है.

Step 2:

अब हमे यह चुनना होता है की हम सॉफ्टवेयर डेस्कटॉप के लिए बना रहे है या फिर वेब-बेस सॉफ्टवेयर बना रहे है. डेस्कटॉप सॉफ्टवेयर हमारे ऑफलाइन सॉफ्टवेयर होते है जो की बिना इंटरनेट को कनेक्ट किये भी चल जाते है. इसके विपरीत होते है वेब-बेस सॉफ्टवेयर जिन्हे हम सिंपल भाषा में वेबसाइट भी बोलते है. आज के समय में वेब-बेस सॉफ्टवेयर कही ज्यादा प्रचलित है.

अगर आप किसी एक यूजर के लिए ही सॉफ्टवेयर बना रहे है तो आप डेस्कटॉप-बेस सॉफ्टवेयर चुन सकते है. लेकिन अगर आप काफी सारे लोगों के लिए सॉफ्टवेयर बना रहे है तो आप वेब-बेस सॉफ्टवेयर का चयन कर सकते हो. आपने जो भी IDE टूल चुना है जो की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के हिसाब से चुना जाता है उसमे आप वेब-बेस या डेस्कटॉप-बेस सॉफ्टवेयर के लिए कोडिंग कर सकते हो.

Step 3:

अब आपका सॉफ्टवेयर कोडिंग करने के बाद बनकर तैयार हो जायेगा. लेकिन सॉफ्टवेयर बन गया इसका यह अर्थ नहीं की आपका सॉफ्टवेयर अब सब लोग इस्तेमाल कर सकते है. आपको इसके बाद सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग भी करनी होती है. जिससे यह पता चले की आपके सॉफ्टवेयर में कोई error या bug तो नहीं.

यहाँ पर आपको सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग भी करनी होती है जिससे की आपको पता चले की सॉफ्टवेयर में कोई त्रुटि नहीं है. इस प्रोसेस के बाद ही आपको अपना सॉफ्टवेयर लांच करना होता है. इस प्रोसेस को सॉफ्टवेयर टेस्टिंग भी कहा जाता है. जैसे की सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के लिए अलग-अलग लैंग्वेज और टूल्स भी आवश्यकता होती है ठीक ऐसेही सॉफ्टवेयर टेस्टिंग के भी कुछ प्रकार होते है और उन्हें भी उस प्रकार के हिसाब से कुछ टेस्टिंग टूल आवश्यक होते है.

निचे दिए गए कुछ सॉफ्टवेयर टेस्टिंग के प्रकार है जिनसे आप सॉफ्टवेयर को टेस्ट कर सकते हो –

  • Unit Testing
  • Integration Testing
  • System Testing
  • Sanity Testing
  • Smoke Testing
  • Interface Testing
  • Regression Testing
  • Beta Testing

टिप : अगर आप खुद का ही सॉफ्टवेयर बना रहे है और सॉफ्टवेयर काफी बड़ा नहीं है तो आप खुद ही इस्तेमाल करके उसे टेस्ट कर सकते हो. यह जो भी टेस्टिंग ऊपर बताई गयी है वह सब बड़े सॉफ्टवेयर के टेस्टिंग के लिए इस्तेमाल की जाती है जो की सॉफ्टवेयर कंपनी में ज्यादा किया जाता है.

Step 4:

आपके मन जो इच्छा थी जानने की, की सॉफ्टवेयर कैसे बनाये ? उसमे यह आखिरी स्टेप है जिसमे आपका सॉफ्टवेयर बनकर तैयार हो गया है. जिसमे उसकी टेस्टिंग भी पूरी हो चुकी है. अब वक्त आता है उसे डेप्लॉय करने का. अब आपको यह प्रश्न भी आया होगा की सॉफ्टवेयर डिप्लॉयमेंट क्या होता है ? तो दोस्तों मई आपको इसका भी अर्थ बता रहा हु.

सॉफ्टवेयर डिप्लॉयमेंट क्या होता है ?

आसान शब्दों में कहा जाये तो सॉफ्टवेयर डिप्लॉयमेंट एक प्रोसेस होती है जो सॉफ्टवेयर डेवलोपमेन्ट में सबसे आखिर में आती है. जिसमे आपको सॉफ्टवेयर लॉंच या होस्ट करना होता है. अगर आप किती क्लाइंट के लिए सॉफ्टवेयर बना रहे है तो आपको वह सॉफ्टवेयर उसे देना पड़ता है. मतलब आपका सॉफ्टवेयर अब लाइव करना होता है जिसके लिए बाह बनाया गया है.

यह आपका आखिरी स्टेप था जिसके बाद आपका सॉफ्टवेयर बनकर तैयार होने वाला है. इतनी सब प्रोसेस करने के बाद आप आपने खुद एक अच्छा सा सॉफ्टवेयर बना सकते है. अब काफी सरे लोगों को लग रहा होगा की सॉफ्टवेयर बनाना कोई आसान काम नहीं. तो दोस्तों यह बिलकुल सही है ,क्योंकि यह अगर इतना आसान होता तो क्यों सॉफ्टवेयर कंपनी में इतनी ज्यादा सैलरी देते . आप यह सोच रहे होंगे की सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सैलरी इतनी ज्यादा कैसे होती है ? तो इसका यह सीधा सा जवाब है. इतना सब जानने के बाद आपको आपके सवाल का जवाब भी मिल गया होगा की सॉफ्टवेयर कैसे बनाये?

अंतिम शब्द

तो दोस्तों आशा करता हु की आपको यह आर्टिकल जरूर पसंद आया होगा, जिसमे मैंने आपको काफी अच्छे से सॉफ्टवेयर बनाने की पूरी प्रोसेस बताई है. उसके साथ-साथ सॉफ्टवेयर से जुड़े हुए काफी बेसिक भी अच्छे समझाये है. जिससे आपके मन में आने वाले सभी प्रश्नों के उत्तर आपको मिल गए होंगे जैसे की सॉफ्टवेयर कैसे बनाये ? या सॉफ्टवेयर कौन बनाता है ? अगर फिर भी आपके मन कुछ प्रश्न होंगे तो आप कमेंट में पूछ सकते है. आपका कीमती समय देने के लिए धन्यवाद !

डिजिटल मार्केटिंग के फायदे – Benefits of Digital Marketing in Hindi

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Benefits of Digital Marketing in Hindi

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम देखने वाले है डिजिटल मार्केटिंग के फायदे – benefits of digital marketing in hindi दोस्तों दुनिया में हर दिन लाखो करोडो लोग इंटरनेट का इस्तेमाल कर घर बैठे अपने जरूरत में आने वाले सामान को खरीदते है. फिर चाहे यह खरीददारी त्योहारों के लिए हो , शादी के लिए हो या फिर निजी इच्छा के लिए हो. पिछले कुछ सालो में लोगो का शॉपिंग करने का तरीका बिलकुल बदल गया है !

अब पहले की तरह लोग बाजारों में जा कर सामान नहीं खरीदते. बल्कि ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट पर जाकर सामान देखते है और पसंद आने पर ऑनलाइन खरीददारी भी कर लेते है. इसलिए जो लोग बिजनेस करते है जैसे कपड़ो की दुकान , किराने की दुकान या फिर खिलोनो की दुकान चलाते है उनका कारोभार ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट की वजह से बंद सा हो गया है. उन लोगो के लिए ऑफलाइन बिजनेस करना मुश्किल सा हो गया है !

इसी लिए हम आज आपके लिए एक ऐसी तरकीब ले कर आये है जो आपके इस समस्या को पूरी तरह से दूर कर देगी. उस तरकीब का नाम है डिजिटल मार्केटिंग. आज हम आपको बताएँगे डिजिटल मार्केटिंग के फायदे और साथ ही बातएंगे इसकी जरुरत बिजनेस के लिए क्यों है और इसका इस्तेमाल कहा और कैसे करना है इन सारे सवालो के जवाब आज आपको इस लेख के माध्यम से मिलने वाले है !

डिजिटल मार्केटिंग क्या है – What is digital marketing

डिजिटल मार्केटिंग इंटरनेट , कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिये की जाने वाली मार्केटिंग है. जिसके जरिये कोई भी कंपनी अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग करके बहुत कम समय में अपने टारगेट कस्टमर तक पहुंचा सकती है. जिसे ऑनलाइन मार्केटिंग भी कहा जाता है. जब कोई कंपनी अपने बिजनेस या फिर किसी नए प्रोडक्ट को लॉन्च करती है तो उसे ढेर सारे लोगो तक पहुँचाने के लिए मार्केटिंग करती है !

मार्केटिंग का मतलब है सही जगह और सही समय पर अपने कस्टमर से कनेक्ट होना. और आज के दौर में आपको आपके कस्टमर से उस जगह कनेक्ट होना होगा जहा वह अपना पूरा समय गुजारता है और वह जगह है इंटरनेट. भारत में लगभग सभी वर्ग के लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते है. और हर दिन इसकी संख्या बढ़ रही है चाहे बड़ी-बड़ी कंपनी हो या छोटी कंपनी हो हर कोई मार्केटिंग करने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल करता है !

जिस तरह से कोई कंपनी अपने प्रोडक्ट का एडवर्टिजमेंट बड़े-बड़े पोस्टर , बैनर और पैम्फलेट के द्वारा प्रोमोट करते है ठीक उसी तरह से ऑनलाइन इंटरनेट मार्केटिंग या डिजिटल मार्केटिंग से भी किया जाता है. ऑफलाइन मार्केटिंग हो या ऑनलाइन मार्केटिंग हो दोनों का ही मुख्य उद्देश्य है ज्यादा से ज्यादा लोगो तक अपने ब्रांड को पहुँचाना. ऑफलाइन मार्केटिंग में प्रोडक्ट के विज्ञापन के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते है. लेकिन डिजिटल मार्केटिंग से आप बहुत ही कम लागात में दुनियाभर के लोगो तक पहुँच सकते है !

डिजिटल मार्केटिंग के फायदे – benefits of digital marketing in hindi

1) DIGITAL MARKETING IS NOT EXPENSIVE

दोस्तों अगर हम ऑफलाइन मार्केटिंग की बात करे तो आपको अपने प्रोड्कट का या कंपनी का एडवर्टिजमेंट करने के लिए किसी भीड़ वाले इलाके में बैनर लगाने पड़ते है. और जाहिर सी बात है अगर आपको अपना बैनर किसी भीड़ वाले इलाके में लगाना है तो आपको पैसे भी ज्यादा देने पड़ते है. अगर न्यूज़ पेपर की बात करे तो उसके लिए भी आपको छोटी ऐड देने के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ते है. और इतना सबकुछ करने के बाद भी हमें नहीं पता होता की कितने लोगो ने इसे देखा !

लेकिन हम डिजिटल मार्केटिंग की बात करे तो अगर आपका बजट ५०० रुपये है तो आप ५०० रुपये के साथ ही अपनी एडवर्टिजमेंट कर सकते हो. अगर आपका बजट १००० रुपये है तो आप १००० रुपये के साथ भी एडवर्टिजमेंट कर सकते हो. साथ ही आप यह भी जान सकते हो की आपके एडवर्टिजमेंट को कितने लोगो द्वारा देखा गया. अगर आपको अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है तो आप अपना बजट बढ़ाकर और ज्यादा लोगो तक उस ऐड को पहुंचा सकते हो !

लेकिन अगर हम ऑफलाइन मार्केटिंग की बात करे तो आप ऑफलाइन मार्केटिंग में यह सब नहीं कर सकते. अगर आपने एक बार पैसे पे कर दिए तो आप बाद में कुछ भी नहीं कर सकते. चाहे उस बैनर को कोई देखे या ना देखे. इससे खर्चा भी बढ़ता है और आपका बिजनेस बिलकुल भी ग्रो नहीं होता. लेकिन डिजिटल मार्केटिंग इससे बिलकुल उल्टा है आपको खर्चा भी कम आता है और आपका प्रोडक्ट ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुँच पाता है !

2) TARGET AUDIENCE –

दोस्तों अगर हम बात करे डिजिटल मार्केटिंग के दूसरे बेनिफिट की तो वह यह टारगेट ऑडियंस. अगर मान लीजिये आपके पास कोई प्रोडक्ट है और वह सिर्फ फीमेल के लिए है. और अगर आप चाहते है की आपकी जो ऐड है वह ज्यादा से ज्यादा फीमेल्स तक पहुंचे तो आप ऐसा कर सकते है डिजटल मार्केटिंग के माध्यम से. और साथ ही आप वहा पर उम्र भी फिक्स कर सकते यानि आपका जो ऐड है वह कितने उम्र वाली महिलाओ तक पहुंचे !

दोस्तों टारगेट ऑडियंस डिजिटल मार्केटिंग में तो पॉसिबल है लेकिन अगर हम बात करे ऑफलाइन मार्केटिंग की चाहे वह होल्डिंग के जरिये हो या न्यूज़ पेपर के जरिये हो. तो उस जगह पर हमारी राइट ऑडियंस को टारगेट करना बहुत ही मुश्किल होता है इसी लिए यह एक बहुत बड़ा बेनिफिट है डिजिटल मार्केटिंग का. कम पैसे और टारगेट ऑडियंस !

3) TRACK PERFORMANCE –

दोस्तों आप डिजिटल मार्केटिंग के माध्यम से अपने प्रोग्रेस को ट्रैक भी कर सकते हो. बहुत से ऐसे एडवांस टूल उपलब्ध है जिसकी मदत से आप अपने प्रोग्रेस को ट्रैक भी कर सकते है. अगर मान लीजिये आपने डिजिटल मार्केटिंग माध्यम द्वारा १० ऐड रन किए है. तो आप टूल की मदत से समझ सकते है की इन १० ऐड में से कोनसा ऐसा ऐड है जिसपर कस्टमर ज्यादा फोकस कर रहे है !

तो आप उस चीज को एनलाइस करके उसपर और ज्यादा काम कर सकते है. और उसी से रिलेटेड अन्य सोशल मीडया प्लेटफार्म पर और ऐड भी चला सकते है. और साथ ही जिस ऐड पर लोग ज्यादा फोकस नहीं कर रहे है उन ऐड को बंद कर आप उसका बजट भी अपने दूसरे ऐड में डाल सकते है. यह एक बहुत ही बेहतरीन सुविधा आपको डिजिटल मार्केटिंग की माध्यम से मिल जाती है !

इससे उल्टा अगर हम बात करे ऑफलाइन मार्केटिंग की तो यहाँ पर आपके पास कोई भी ऐसा टूल मौजूद नहीं होता , आपके पास कोई गारंटी नहीं होती है , आपको कोई ऐसा डैशबोर्ड नहीं मिलता जिससे आपको पता चल सके की आपका कोनसा ऐड कितने लोगो द्वारा देखा जा रहा है , कितने लोग उससे प्रभावित हो रहे , किस उम्र के लोग प्रभावित हो रहे है. लेकिन डिजिटल मार्केटिंग में आपको यह सब देखने मिलता है !

4) LOCATION CENTRIC –

दोस्तों डिजिटल मार्केटिंग में लोकेशन कंट्रोल सिस्टम भी मौजूद है. उदाहरण के लिए अगर आपका मुंबई के लोकेशन पर कोई डिजिटल मार्केटिंग इंस्टीट्यूट है. और आप लोगो को डिजिटल मार्केटिंग सिखाते है. और आप अपने इंस्टीट्यूट की ऐड करना चाहते हो डिजिटल मार्केटिंग द्वारा. तो जाहिर सी बात है आप चाहेंगे की आपकी ऐड उन लोगो तक पहुंचे जो सच में डिजिटल मार्केटिंग सीखना चाहते है !

और आप सभी तो जानते है की आपके लोकेशन से ५० से ६० किलोमीटर दूर के लोकेशन में आपका ऐड दिखे तो इतनी दूर से कोई आपसे डिजिटल मार्केटिंग सिखने नहीं आएगा. तो आप चाहेंगे की आपके लोकेशन से ८ से १० किलोमीटर तक जितने भी लोग डिजिटल मार्केटिंग सीखना चाहते है उन लोगो तक आपका ऐड पहुंचे. और वही आपकी टारगेट ऑडियंस है !

तो ऐसे में आप डिजिटल मार्केटिंग माध्यम की मदत से ऐसा कर सकते है. आप अपने लोकेशन से ८ से १० किलोमीटर दूर ऐसे लोगो को टारगेट कर सकते है जो डिजिटल मार्केटिंग सीखना चाहते है. आपके लोकेशन के आस-पास जो जो लोग इस डिजिटल मार्केटिंग के बारे में सर्च कर रहे है उन लोगो तक आप अपना ऐड पहुंचा सकते है. वह भी बहुत कम खर्चे के साथ !

डिजिटल मार्केटिंग क्यों ज़रूरी है ?

डिजिटल मार्केटिंग डिजिटल तकनीक द्वारा ग्राहकों तक पहुँचने का एक सरल मार्ग है. जब स्मार्ट फोन नहीं हुवा करता था तब लोग टीवी , अख़बार , मैगजीन और रेडिओ का इस्तेमाल ज्यादा करते थे. तब इन सभी जगहों पर अनगिनत कंपनिया अपने प्रोडक्ट का विज्ञापन दे कर प्रचार करते थे. और लोग उन्ही विज्ञापनों को देखकर बाजार से प्रोडक्ट खरीदकर लाते थे !

लेकिन इन स्मार्ट फोन के दौर में अधिकतर लोग खास कर युवा वर्ग अपना पूरा समय फेसबुक , इंस्टाग्राम और व्हाट्सअप पर बिताते है. टीवी की जगह यूट्यूब पर विडिओ देखते है. रेडिओ की जगह अलग अलग ऍप पर गाने सुनते है. और अख़बार की जगह ऑनलाइन न्यूज़ पढ़ते है. यही कारन है की अब कंपनिया अपने प्रोडक्ट का विज्ञापन डिजिटल तरीको से कर रही है. और उन्ही जगह पर अपने ऐड चलाते है जहा पर ज्यादातर इंटरनेट यूजर पाए जाते है !

डिजिटल मार्केटिंग के जरिये कंपनी को अधिक ग्राहकों तक अपने प्रोडक्ट को पहुँचाने में मदत मिलती है. पहले के समय में लोगो का बाजार जाकर सामान पसंद करने और खरीदने में जो समय लग जाता था आज उससे भी कम समय में लोग घर बैठे इंटरनेट से अपने मनपसंद सामान की शॉपिंग कर लेते है. डिजिटल मार्केटिंग से केवल ग्राहकों को नहीं बल्कि व्यापारियों को भी व्यापर करने में बहुत फायदा मिल रहा है !

क्योकि इससे यह बहुत कम समय में ज्यादा ग्राहकों से जुड़ पा रहे है. जिससे उनकी उत्पाद की बिक्री में तेजी हो रही है. डिजिटल मार्केटिंग की मांग वर्तमान समय में ज्यादा देखने को मिल रही है. क्योकि डिजिटल मार्केटिंग में कम लागत में ज्यादा मुनाफा होता है. केवल वर्तमान समय में ही नहीं भविष्य में भी डिजिटल मार्केटिंग की मांग काफी ज्यादा होने वाली है. और आने वाले समय में ऑफलाइन मार्केटिंग लगभग पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी !

डिजिटल मार्केटिंग कहा और कैसे इस्तेमाल की जाती है ?

  • BLOGGING

दोस्तों ब्लॉगिंग ऑनलाइन या डिजिटल मार्केटिंग करने का सबसे बेहतर और सबसे अच्छा तरीका है. इसमें आपको अपने कंपनी के नाम से ब्लॉग बनाना होता है. जिसमे आप अपने कंपनी द्वारा दिए जाने वाले सभी सर्विसेस के बारे में बता सकते है. और जब भी आपके नए-नए प्रोडक्ट लॉन्च हो तो उसका डिटेल भी आप इसमें ऐड कर सकते है. और आप इससे बहुत सारे ग्राहकों को अपनी और आकर्षित कर सकते है !

  • CONTENT MARKETING –

कॉन्टेंट मार्केटिंग में आप अपनी कंपनी द्वारा बनाये गए सभी प्रोडक्ट की जानकारी एक कॉन्टेंट के रूप में लिख सकते है. आपको लिखने के लिए कॉन्टेंट भी सही और आकर्षक रूप से बनाना होगा. जिसमे प्रोडक्ट के डील्स और ऑफर्स भी बताने होंगे. इसमें पढ़ने वाले यूजर्स को आपकी बाते अच्छी लगेगी और आपके व्यापर की लोकप्रियता भी बढ़ेगी. जिससे प्रोडक्ट की सेलिंग भी ज्यादा होगी !

  • SEARCH ENGINE OPTIMIZATION (SEO) –

अगर आप सर्च इंजिन के द्वारा अपने ब्लॉग पर बहुत सारा ट्रैफिक या कस्टमर पाना चाहते है तो आपको SEO ( SEARCH ENGINE OPTIMIZATION ) का पूरा ज्ञान होना बहुत ज़रूरी है. अगर यूजर्स को कुछ भी इन्फॉर्मेशन चाहिए होता है तो वह गूगल का इस्तेमाल करते है. और गूगल SEO का इस्तेमाल कर उस जानकरी को लोगो के सामने प्रस्तुत करता है. अगर आपकी वेबसाइट गूगल सर्च में ऊपर आती है तो ज्यादा लोगो को आपके ब्लॉग और आपके व्यापर के बारे में पता चलेगा. इसीलिए आपको आपकी वेबसाइट गूगल के दिए SEO गाइड लाइन के मुताबिक बनानी पड़ेगी. ताकि अच्छी खासी ऑर्गनिक ट्रैफिक आपके ब्लॉग पर आ सके !

  • SOCIAL MEDIA MARKETING –

सोशल मिडिया डिजिटल मार्केटिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा है. सोशल मिडिया पर व्यापारी न सिर्फ अपने प्रोडक्ट और सर्विसेस को प्रोमोट कर सकता है. बल्कि वह यह भी जान सकता है की यूजर्स उनके प्लांट के बारे में क्या बाते कर रहे है. सोशल मिडिया मार्केटिंग आपके व्यापर के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होता है. सोशल मिडिया मार्केटिंग में आप फेसबुक , ट्विटर , लिंकडिन , इंस्टाग्राम , स्नैपचैट और पिंटरेस्ट पर आप अपने बिजनेस का ऐड दे सकते है !

  • GOOGLE ADWORDS –

आप जब भी कोई ब्लॉग पढ़ते है तो आपने ब्लॉग पढ़ते समय बहुत से विज्ञापन देखे होंगे. अधिकतर विज्ञापन गूगल द्वारा दिखाए जाते है. गूगल एडवर्ड की मदत से कोई भी व्यापारी अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग कर सकते है. यह एक पेड सर्विस है जिसके लिए आपको गूगल को पैसे देने पड़ते है. गूगल इन विज्ञापनों को अच्छी तरह की वेबसाइट और ब्लॉग पर दिखाता है. जिससे की आप अपने टारगेट ऑडियंस तक अपने व्यापर और प्रोडक्ट को पहुंचा सकते है. गूगल एडवर्ड के द्वारा आप कई तरह के विज्ञापन चला सकते है. जैसे की टेक्स ऐड , इमेज ऐड , विडिओ ऐड , वेब बैनर आदि !

  • APPS MARKETING –

इंटरनेट पर बहुत सारी कंपनिया ऍप बनाकर लोगो तक पहुँचने और अपने प्रोडक्ट का प्रचार करने को ऍप मार्केटिंग कहते है. यह डिजिटल मार्केटिंग का बहुत ही अच्छा विकल्प है. क्योकि आजकल बड़ी संख्या में लोग अपने स्मार्टफोन में ऍप इस्तेमाल करते है. इसी लिए कोई भी व्यक्ति अपने प्रोडक्ट को हजारो लोगो तक पहुंचाने के लिए तरह-तरह के ऍप में अपना विज्ञापन दे सकता है. जिससे यूजर द्वारा क्लिक करने पर आपके वेबसाइट पर आसानी से पहुंचा जा सकता है !

  • YOUTUBE MARKETING –

यूट्यूब आज के समय में दूसरा सबसे बड़ा सर्च इंजिन है. जिससे यूट्यूब पर बहुत ट्रैफिक रहता है. यह एक ऐसा जरिया है जहा पर आप अपने प्रोडक्ट को विडिओ द्वारा प्रोमोट कर सकते है. आपने देखा होगा की आप जब भी यूट्यूब पर कोई विडिओ देखते है तो विडिओ के बिच में ही आपको विज्ञापन का विडिओ दीखता है. यह असल में किसी कंपनी के प्रोडक्ट की मार्केटिंग विडिओ होती है. जिसे लोग देखते है और आकर्षित होते है. यूट्यूब पर बड़ी संख्या में व्हीवर्स है. जिससे के प्रोडक्ट को ज्यादा लोगो तक पहुँचाया जा सकता है !

  • EMAIL MARKETING –

ई-मेल मार्केटिंग से कंपनी ग्राहकों को ई-मेल के माध्यम से प्रोडक्ट की जानकरी भेजती है. इसके साथ-साथ इसमें प्रोडक्ट की पूरी डील और ऑफर्स भी उपलब्ध कराइ जाती है. प्रोडक्ट की जानकारी के साथ उसका लिंक भी होता है. जो ग्राहकों को आसानी से खरीदने की जानकारी प्रधान करता है. ई-मेल मार्केटिंग द्वारा आप लाखो ग्राहकों तक पहुँच सकते है. डिजिटल मार्केटिंग के लिए यह बहुत ही अच्छा और आसान तरीका है !

Best Digital Marketing Companies in India

  1. Webchutney
  2. Pinstorm
  3. WatConsult
  4. Intellemo
  5. Gozoop
  6. Oflox – Best Digital Marketing Company In Dehradun
  7. EveryMedia
  8. Social Wavelength
  9. Phonethics
  10. Blogworks
  11. Adsyndicate

अंतिम शब्द

तो दोस्तों यह थे डिजिटल मार्केटिंग के फायदे – benefits of digital marketing in hindi . उम्मीद है आपको डिजटल मार्केटिंग के बारे में सम्पूर्ण जानकारी मिल गई होगी. और आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा. अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे. और साथ ही वेबसाइट के नोटिफिकेशन बेल को भी ऑन कर दे. ताकि आने वाले समय में आप कोई भी आर्टिकल मिस ना करे. क्योकि हम ऐसे ही हेल्पफुल आर्टिकल आपके लिए रोजाना लाते रहते है. अगर आपको इस आर्टिकल से जुडी कोई भी समस्या हो तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते है धन्यवाद !

नई शिक्षा नीति 2020 क्या है – What is New Education Policy of India in Hindi

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New Education Policy of India in Hindi

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम देखने वाले है नई शिक्षा नीति 2020. दोस्तों जैसा की हम सब जानते है भारत में नए लड़ाकू विमान राफेल आये है. यह भारत देश में आया बहुत बड़ा बदलाव है. और ३४ वर्षो के बाद भारत में नई शिक्षा निति की घोषणा भी की गई है. यानि की भारत में पिछले कुछ दिनों में दो महत्वपूर्ण और बड़े बदलाव हुवे है. कहते है जब किसी देश में कोई बड़ा बदलाव करना हो तो सबसे पहले उस देश की शिक्षा निति को बदलना चाहिए. और भारत ने भी इसकी शुरवात कर दी है!

भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रलय ने कुछ दिन पहले इस नए शिक्षण निति की घोषणा की है. इसी लिए हम आज आपको बताएँगे की इस नई शिक्षा निति की वजह से तमाम छात्र और उनके माता पिता के जीवन अब क्या क्या बदलाव आने वाले है. अगर आप छात्र है या किसी छात्र के माता पिता है तो आपको यह सारी जानकारियां बहुत ध्यान से पढ़नी चाहिए ताकि आप अपना और अपने बच्चो का भविष्य सुधार सके !

नई शिक्षा निति के मुख्य बदलाव

अब तक भारत की शिक्षा व्यवस्था १० + २ के फॉर्मेट पर चलती थी लेकिन अब इसे ५ + ३ + ३ + ४ के फॉर्मेट में बदल दिया गया है. इसके तहत स्कुल के पहले ५ वर्षो की पढाई फाउंडेशन स्टेज मानी जाएगी. यानि इस दौरान छात्रों के लिए मजबूत नींन तैयार की जाएगी. इसका करिकुलन NCERT द्वारा तैयार किया जायेगा. और इसमें प्री-प्रायमरी के तीन वर्ष और पहली और दूसरी कक्षा का एक-एक वर्ष शामिल किया जायेगा. यानि की प्री-प्रायमरी के ३ साल और पहली और दूसरी कक्षा के २ साल !

इसके तहत बच्चो को खेल कूद और अलग अलग गति-विधियों के जरिये पढ़ाया जायेगा. यानि इन कक्षाओं के छात्रों के लिए किताबो का बोज अब पहले जितना नहीं होगा. छात्रों को पढाई के साथ साथ खेल के लिए भी उत्तेजित किया जायेगा. इसलिए हम कहेंगे जो छोटे बच्चे अब स्कूलों में जायेंगे और अपनी शिक्षा की यात्रा को आरंभ करेंगे वह बहुत किस्मत वाले होंगे !

इसके बाद अगले ३ साल यानि तीसरी कक्षा से पांचवी कक्षा तक के पढाई दौरान छात्रों को भविष्य के लिए तैयार किया जायेगा. इसके तहत छात्रों का परिचय विज्ञानं , गणित , कला , सामाजिक विज्ञानं और ह्युम्यानिटी जैसे विषयो से करवाया जायेगा. इसके अगले ३ साल मिडल स्टेज माने जायेंगे और इसमें कक्षा ६ से लेकर कक्षा ८ तक के छात्र शामिल होंगे !

मिडल स्टेज में छात्रों को तय पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाया जायेगा. और इसके बाद नौवीं से बारवी कक्षा तक इस फॉर्मेट की चार वर्षो वाली आखरी स्टेज होगी. इस स्टेज में छात्रों के अंदर किसी विषय के प्रति गहरी समाज पैदा की जाएगी. उनकी विश्लेषण क्षमता को बढ़ाया जायेगा. और उन्हें जीवन में बड़े लक्ष निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया जायेगा !

छात्र चुन सकेंगे मन पसंद विषय

दोस्तों आपको बतादे के अब स्कूलों में पहले जैसा स्ट्रीम सिस्टम नहीं होगा. इसका मतलब अगर आर्ट का कोई छात्र फिजिक्स की पढाई करना चाहता है तो अब वह ऐसा कर पायेगा. और अगर कॉमर्स का कोई छात्र इतिहास की पढाई करना चाहता है तो वह भी ऐसा कर सकता है. लेकिन संभव है इसके लिए अलग अलग विषयो का एक पूल तैयार किया जायेगा !

पूल तैयार करने के बाद आपको उस पूल से ही अपनी पसंद के विषयो का चुनाव करना होगा. यानि अगर विज्ञानं के छात्र को इतिहास में रूचि है और उसके पूल में यह दोनों विषय शामिल है तभी छात्र इनकी पढाई एक साथ कर सकते है. अभी इस संदर्भ में पूरा स्पष्टीकरण आना बाकि है. लेकिन हमारे देश में पहले ३ स्ट्रीम मानी जाती थी सायंस , आर्ट और कॉमर्स आप इन तीनो में से किसी भी एक ही स्ट्रीम के विषयो को पढ़ सकते थे. लेकिन नयी शिक्षा निति के अनुसार आप सभी स्ट्रीम के विषय पढ़ सकते है !

शिक्षा का अंग्रेजीकरण होगा समाप्त

पांचवी कक्षा तक की पढाई अब आपके मातृ भाषा में ही होगी. यानि अंग्रेजी में पढाई की अनिवार्यता समाप्त हो जाएगी. यह एक बहुत ही बड़ा बदलाव है. आप अपनी राष्ट्र भाषा में या अपनी मातृ भाषा में पढाई कर पायंगे. उदाहरण के लिए देखा जाये तो अगर आप पांचवी कक्षा तक अपने बच्चे को मराठी , संस्कृत या गुजराती भाषा में पढ़ाना चाहते है तो आप ऐसा कर सकते है !

अंग्रेजी सिर्फ एक विषय के तौर पर छात्रों को पढाई जाएगी यानि स्कूलों का जबरदस्ती अंग्रेजीकरन का दौर अब समाप्त हो जायेगा. यह एक बहुत बड़ा बदलाव है. काफी सारे बच्चो को अंग्रेजी की वजह से कठिनाइया होती है. लेकिन अब वे सारे छात्र अपने मातृ भाषा में पढाई कर सकते है. जिससे की किसी भी छात्र को पढ़ने में कोई दिक्कत नहीं होगी !

कक्षा ६ से सिख सकेंगे कंप्यूटर कोडिंग

छटी कक्षा में पहुँचने के बाद छात्रों को कंप्यूटर कोडिंग सिखने का मौका मिलेगा. यानि की अब भारत के छात्र चीन जैसे देशो के तर्ज पर छोटी उम्र में ही सॉफ्टवेयर और मोबाइल फोन एप्लिकेशन बनाने की तकनीक सिख पाएंगे. और छटी कक्षा से ही छात्रों को इंटर्नशिप का मौका भी मिलेगा. यानि की किसी छात्र की किसी खास विषय में रूचि है और वह छात्र उसकी प्रैक्टिकल नॉलेज हासिल करना चाहता है तो वह इस विषय से जुडी इंटर्नशिप कही भी कर सकता है !

उदाहरण के लिए अगर आप पेंटिंग करने का शौक रखते है तो आप किसी पेंटर के पास इंटर्नशिप के लिए जा सकते है. अगर आपको सॉफ्टवेयर में इंट्रेस्ट है तो आप किसी सॉफ्टवेयर कंपनी में अपने स्कुल के दौरान ही इंटर्नशिप कर सकते है. यह अवसर भी आपको नई शिक्षा नीति 2020 में दिया गया है. दोस्तों इस नई शिक्षा निति के कारण अब भारत का हर छात्र छोटी उम्र में ही कोडिंग सिख सकता है. जिसका फायदा उसे आने वाले समय में अपने और अपने देश का भविष्य उज्वल करने में होगा !

कक्षा ९ से १२ तक Semester System से परीक्षा होगी

नौवीं कक्षा से बारवी कक्षा तक की परीक्षाएं अब सेमेस्टर के आधार पर होंगी. एक साल में दो सेमेस्टर होंगे. और हर ६ महीने पर एक परीक्षा होगी. दोनों सेमेस्टर के अंको को जोड़कर आपकी फाइनल मार्कशीट तैयार की जाएगी. यानि अब एक छात्र के तौर आपको पुरे साल पढाई करनी होगी. और आप यह कह कर अब बच नहीं सकेंगे की आप सिर्फ फाइनल exam की तैयारी करना चाहते है !

इससे पहले आपने देखा होगा बहुत सारे छात्र ऐसे होते है जो साल के आखिर में परीक्षा नजदीक आने पर कुछ समय तक पढ़ते है. और उसके आधार पर वह फाइनल परीक्षा में बैठते है. उनमे से बहुत सारे छात्र अच्छे नंबर ले भी लेते है. लेकिन नई शिक्षा नीति 2020 को ध्यान में रखते हुए हर छात्र को पुरे साल पढाई करनी होगी !

Report Card 360 डिग्री Assesment के आधार पर बनेगा

दोस्तों नई शिक्षा नीति 2020 में बोर्ड की परीक्षा को आसान बनाया जायेगा. और इसमें छात्रों की समझने की क्षमता पर ज्यादा ध्यान दिया जायेगा. ट्यूशन और कोचिंग क्लास के जरिये रट्टा मारने की आदत को समाप्त किया जायेगा. बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों को उनकी पसंद की भाषा में परीक्षा देने की पूरी छूट होगी. उदाहरण के लिए अगर आप चाहे तो हिंदी या अंग्रेजी में से किसी भी एक भाषा में परीक्षा दे सकते है !

छात्रों के रिपोर्ट कार्ड को भी अब पहले की तरह तैयार नहीं किया जायेगा. किसी भी छात्र को फ़ाइनल मार्क देते समय उसके व्यवहार , उसका प्रदर्शन और मानसिक क्षमताओ का भी ध्यान रखा जायेगा. इसके अलावा रिपोर्ट कार्ड को 360 डिग्री Assesment के आधार पर तैयार किया जायेगा. जिसमे छात्र खुद को भी अंक देंगे यानि अपना खुद का भी विश्लेषण करेंगे. इसके साथ ही विषय पढ़ाने वाले शिक्षक भी छात्रों को अंक देंगे. और छात्रों के सहपाठी भी उनका आकलन करेंगे !

कॉलेज एडमिशन में Common Aptitude Test होगा

जो छात्र अभी कॉलेज में जाने वाले है वह भी ध्यान से पढ़े, अब देश के छात्र कॉलेज में एडमिशन के लिए Common Aptitude Test दे पाएंगे. इसका अर्थ यह है की १२ वि कक्षा के बोर्ड exam में आपके ठीक नंबर नहीं आए है या आपके मार्क्स इतने नहीं आए है की आपको कट ऑफ़ पर्सेंटेज के आधार पर सीधे किसी कॉलेज में एडमिशन मिल पाए. तो आप Common Aptitude Test भी दे सकते है !

उसके बाद इस टेस्ट में आपके प्रदर्शन को आपके बारवी कक्षा के अंको के साथ जोड़ दिया जायेगा. और उस आधार पर आपको अपने मन पसंद कॉलेज में एडमिशन मिल पाएगा. लेकिन इसके लिए Common Aptitude test में आपका प्रदर्शन अच्छा होना चाहिए. तभी आप अपने मन पसंद कॉलेज में एडमिशन ले सकते है. और अपनी आगे की पढाई कर सकते है !

Graduation पढाई को ३ और ४ वर्षो में बाटा जायेगा

दोस्तों पहले अगर आप कॉलेज की पढाई को बिच में छोड़ देते थे तो आपको ग्रेजुएशन की डिग्री नहीं मिलती थी. आपको उसके लिए ग्रेजुएशन की पढाई को पूरा करना पड़ता था. लेकिन नई शिक्षा नीति 2020 लागु होने के बाद अगर आप एक साल के बाद कॉलेज छोड़ देते है तो आपको सर्टिफिकेट दिया जायेगा. जो की आपका एक वर्ष का ग्रेजुएशन कोर्स होगा !

ठीक इसी तरह अगर आप सेकंड ईयर पास कर लेते है और दो साल के बाद पढाई छोड़ देते है तो आपको डिप्लोमा का सर्टिफिकेट दिया जायेगा. और अगर आप थर्ड ईयर यानि की तीन साल की पढाई पूरी कर लेते है तो आपको बैचलर्स डिग्री दी जाएगी. और अगर आप चार साल का कोर्स करके बैचलर्स डिग्री लेना चाहते है तो आपको रिसर्च के सर्टिफिकेट के साथ यह डिग्री मिलेगी !

इससे उन छात्रों को बहुत फायदा होगा जो कॉलेज के दौरान किसी प्रोजेक्ट पर काम कर चुके है. चार वर्ष के इस कोर्स में स्कुल की छात्रों के तरह कॉलेज के छात्र भी अलग-अलग विषयो की पढाई एक साथ कर पाएंगे. इस व्यवस्था को मल्टी एंट्री और मल्टी एग्जिट वाली व्यवस्था कहा जाता है. यानि छात्र जिस विषय की पढाई करना चाहेंगे वह कर सकते है. और जब वह इसे छोड़ना चाहते है तब उसे छोड़ पाएंगे !

नई शिक्षा नीति कब लागू होगी

आप सभी के मन में यह सवाल जरूर होगा की यह नई शिक्षा नीति 2020 कब लागु होगी. तो आपको बतादे की इसके लिए जो बिल तैयार किया गया है उसका नाम है नैशनल हायर एजुकेशन बिल. इस बिल को फ़िलहाल कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. और अब इसे संसद में पेश किया जायेगा. और इसके बाद यह कानून की शक्ल ले लेगा. और फिर राज्य सरकारों को भी इसपर कानून बनाकर अपने-अपने राज्य में लागु करना होगा !

इसी शिक्षा निति की घोषणा के साथ मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम भी अब बदल दिया जायेगा. और अब इसका नाम होगा शिक्षा मंत्रालय जो की बहुत सरल है. और यह काम बहुत पहले ही कर देना चाहिए था. नई शिक्षा नीति 2020 को तैयार करने के लिए २ लाख से ज्यादा लोगो की राय ली गयी. और इसी के बाद इस नई शिक्षा नीति 2020 की घोषणा की गई है !

यह शिक्षा निति वर्ष २०२१ और २०२२ के अकेडमिक सेशन तक लागु हो जाएगी. यानि आपका जो अगला अकेडमिक सेशन होगा जो २०२१ में शुरू होगा वह इस नई शिक्षा नीति 2020 के साथ नए नियमो के साथ लागु होगा. दोस्तों यह शिक्षा निति भारत के भविष्य को बहुत ही उज्वल बनाएगी और हर छात्र टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ा जायेगा !

अंतिम शब्द

तो दोस्तों यह थी नई शिक्षा नीति 2020. हमने आसान भाषा में इसे समझाने की कोशिश की. उम्मीद है हर छात्र को और उनके माता-पिता को समझ आया होगा की यह शिक्षा निति किस प्रकार है. और कितनी ज्यादा फायदेमंद है. अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ इसे जरूर शेयर करे. ताकि वह भी इस नई शिक्षा नीति 2020 के बारे में जान सके. और साथ ही वेबसाइट के नोटिफिकेशन बेल को भी ऑन कर दे ताकि आने वाले समय में आप कोई भी आर्टिकल मिस ना करे क्योकि हम रोजाना ऐसेही फायदेमंद आर्टिकल आपके लिए लाते रहते है. अगर इस लेख से जुडी आपको कोई भी समस्या हो तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते है धन्यवाद !

फोन पे क्या है और कैसे यूज़ करे – फोन पे की पूरी जानकारी हिंदी में

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phonepe kya hai hindi

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम देखने वाले है फोन पे क्या है और कैसे यूज़ करे . दोस्तों आज के समय में लगभग सभी लोगो का झुकाव ऑनलाइन बैंकिंग की और काफी ज्यादा बढ़ चूका है . ज्यादा से ज्यादा लोग शॉपिंग करने के लिए या पैसे ट्रांसपर करने के लिए ऑनलाइन बैंकिंग का ही उपयोग करते है . उसी में से एक एप्लिकेशन है फोन पे !

आज हम फ़ोन पे क्या है , फाउंडर ऑफ़ फोन पे , फोन पे अकाउंट कैसे बनाए , फोन पे कैसे use करे , फोन पे kyc कैसे करे , फोन पे से पैसे ट्रांसपर कैसे करे , फोन पे से रिचार्ज कैसे करे , फोन पे QR कैसे बनाए , फोन पे पासवर्ड कैसे चेंज करे , फोन पे ट्रांजेक्शन हिस्ट्री कैसे चेक करे और फोन पे इस्तेमाल करने के फायदे इन सभी प्रश्नो के बारे में जानकारी देने वाले है !

फोन पे क्या है और फोन पे किसने बनाया है ?

फोन पे एक upi आधारित ऐप है . जिसे हम डिजिटल वॉलेट भी कह सकते है . फोन पे एप्लिकेशन की मदत से आप मोबाइल रिचार्ज , बिल भरना , डिश रिचर्ज , मनी ट्रांसपर , बिल पे जैसे और भी काम कर सकते है . फ़ोन पे ऐप आप आसानी से गूगल प्ले स्टोर से डाऊनलोड कर सकते है . यह ऐप ११ से भी अधिक भाषाओ में उपलब्ध है . और इस ऐप को १०० मिलियन से भी ज्यादा लोग इस्तेमाल कर रहे है !

दोस्तों जैसे की आप सब जानते है की PhonePe एक इंडियन एप्लिकेशन है . और इसे इंडियन डेवलपर द्वारा बनाया गया है . इस एप्लिकेशन को समीर निगम , राहुल चारि और बुर्ज़िन इंजिनियर द्वारा बनाया गया है . दोस्तों अगर हम बात करे इसके लॉन्च ईयर डेट की तो इस एप्लिकेशन २०१५ में लॉन्च किया गया था . और आज के समय में १०० मिलियन से भी अधिक लोग इस एप्लिकेशन को इस्तेमाल कर रहे है !

फोन पे कैसे यूज़ करे – How to use phonepe ?

दोस्तों फोन पे इस्तेमाल करना काफी आसान और सेफ है . फोन पे इस्तेमाल करने के लिए आपके बैंक अकाउंट के साथ जो भी मोबाइल नंबर लिंक वह मोबाइल नंबर आपके मोबाइल फोन में होना जरुरी है . उसमे १ रुपये से अधिक का बेलैंस होना चाहिए और साथ ही उस बैंक एटीएम कार्ड होना भी जरुरी है !

उसके बाद आपको गूगल प्ले स्टोर से फोन पे एप्लिकेशन को डाऊनलोड कर लेना है . डाऊनलोड करने के बाद आपको अपना फोन पे अकाउंट बनाना है . फोन पे अकाउंट बनाने के लिए आपको सम्पूर्ण प्रोसेस विस्तार निचे दी गयी है . उसकी मदत से आपको अपना फोन पे अकाउंट बनानां है !

आकउंट बनाने के बाद आपको अपना बैंक अकाउंट फोन पे के साथ जोड़ देना है . अकाउंट जोड़ने के बाद आप फोन पे इस्तेमाल कर सकते है . आप अपना मोबाइल रिचार्ज कर सकते है , डिश रिचार्ज कर सकते है , बिल पे कर सकते है , पैसे ट्रांसपर कर सकते है और साथ ही बिजली का बिल भी भर सकते है !

फोन पे अकाउंट कैसे बनाए ?

step 1 – सबसे पहले आपको गूगल प्ले स्टोर से फोन पे एप्लिकेशन को डाऊनलोड कर लेना है और ऐप को ओपन करना है .

step 2 – ओपन करने के बाद आपके सामने मोबाइल नंबर का ऑप्शन आ जायेगा आपको अपना मोबाइल नंबर डालना है. आपको वह मोबाइल नमबर डालना है जो आपके बैंक अकाउंट के साथ लिंक हो नंबर डालने के बाद नेक्स्ट कर देना है .

step 3 – नेक्स्ट करने के बाद आपके नंबर पर एक OTP आएगा आपको वह OTP डालकर नेक्स्ट कर देना है .

step 4 – नेक्स्ट करने के बाद आपके सामने फोन पे का होम पेज खुल जायेगा बादमे आपको फोन अकाउंट के साथ अपना बैंक अकाउंट जोड़ना होता है उसके लिए आपको सबसे ऊपर ऐड बैंक अकॉउंट का एक ऑप्शन दिखेगा आपको उसपर क्लिक करना है .

step 5 – क्लिक करने के बाद आपके सामने सारे बैंक के नाम दिखाई देंगे आपको अपना बैंक सिलेक्ट करना है . और इन्फॉर्मेशन भर देनी है आपका अकॉउंट फोन पे के साथ जुड़ जायेगा .

step 6 – यह सब स्टेप फॉलो करने के बाद आपका अकॉउंट बन जायेगा आपको कम्प्लीट अकॉउंट बनाने के लिए kyc करनी होती है . kyc करने के लिए निचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करे .

फोन पे KYC कैसे करे ?

दोस्तों आपको एक कम्प्लीट फोन पे प्रोफाइल बनाने के लिए kyc करना बहुत जरुरी होता है . जिसकी मदत से आप फोन पे वॉलेट का इस्तेमाल कर सकते है . फोन पे kyc करना बहुत ही आसान होता है . उसके लिए आपको सबसे पहले प्रोफाइल वाले ऑप्शन में जाना है . प्रोफाइल में जाने के बाद आपको निचे स्क्रोल करना है . स्क्रोल करने के बाद आपके सामने एक ऑप्शन आएगा कम्प्लीट यूवर kyc का आपको उसपर क्लिक करना है !

क्लिक करने के बाद आपके सामने अमाउंट का ऑप्शन आएगा . यानि की कितना अमाउंट आप अपने फोन पे वॉलेट में डालना चाहते है . अमाउंट डालने के बाद आपको टॉपअप वॉलेट पर क्लिक करना है . क्लिक करने के बाद आपके सामने एक छोटासा फॉर्म आएगा जैसे की आपका पैन नंबर और पैन होल्डर का नाम आपको वह डालकर सब्मिट कर देना है !

सब्मिट करने के कुछ ही देर बाद आपकी फ़ोन पे kyc हो जाएगी . और आपके फोन पे वॉलेट में भी पैसे जमा हो जायेंगे . और आप अपने फोन पे वॉलेट का इस्तेमाल भी कर सकते है . फोन पे वॉलेट का लिमिट आपको १० हजार रुपये दिया गया है . आप उससे अधिक पैसे अपने फोन पे वॉलेट में नहीं रख सकते !

फ़ोन पे से रिचार्ज कैसे करे ?

फोन पे से रिचार्ज करने के लिए आपको सबसे पहले अपने फोन पे एप्लिकेशन को ओपन करना है . ओपन करने के बाद आपके सामने फोन पे का होम पेज खुल जायेगा आपको थोड़ा निचे स्क्रोल करना है . स्क्रोल करने के बाद आपके सामने एक ऑप्शन आएगा मोबाइल रिचार्ज का आपको उसपर क्लिक कर देना है !

क्लिक करने के बाद आपके सामने मोबाइल नंबर का ऑप्शन आएगा . आप जिस मोबाइल नंबर पर रिचार्ज करना चाहते है वह मोबाइल नंबर आपको डालना है . मोबाइल नंबर डालने के बाद अमाउंट का ऑप्शन दिखाई देगा आप चाहे तो डाइरेक्ट अमाउंट भी डाल सकते है . और अगर आपको नहीं पता की रिचार्ज कितने का करना होता है तो उसके लिए आपको व्हिव प्लान पर क्लिक करना है !

क्लिक करने के बाद उस मोबाइल नंबर से रिलेटेड सभी रिचार्ज प्लान आपके सामने आ जायेंगे . आप जिस प्लान के साथ रिचार्ज करना चाहते है वह आपको सिलेक्ट करना है . सिलेक्ट करने के बाद आपको रिचार्ज वाले बटन पर क्लिक कर देना है . आपका रिचार्ज हो जायेगा . ठीक इसी तरह से आप अपने बिजली का बिल या डिश रिचार्ज और भी अन्य काम कर सकते है !

फोन पे QR कोड कैसे बनाए ?

दोस्तों अगर आप भी कोई बिजनेस करते है जैसे की कोई होटल चलाते हो या कोई स्टोर चलाते हो तो आपको अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए फोन पे काफी फायदेमंद हो सकता है . क्योकि बहुत से लोग आज के समय में फोन पे के माध्यम से ही बिल पे करते है . फिजिकल वॉलेट बहुत कम लोग इस्तेमाल करते है . इसी लिए बिजनेस ठीक ढंग से चलाने के लिए आपके दुकान में या होटल में फोन पे QR कोड होना बहुत जरुरी है !

फोन पे QR कोड बनाने के लिए सबसे पहले आपको अपने फोन पे एप्लिकेशन को खोलना है . खोलने के बाद आपको अपने प्रोफाइल पर क्लिक करना है . आपको पहले नंबर पर ही ऑप्शन मिल जायेगा माय QR कोड का आपको उसपर क्लिक करना है. क्लिक करने के बाद आपके सामने डाऊनलोड का ऑप्शन आ जायेगा आपको वह डाऊनलोड कर लेना है . डाऊनलोड करने के बाद आप किसी भी दुकान से उसकी प्रिंट निकाल कर अपने होटल या दुकान में उस QR कोड को लगा सकते है !

फोन पे का पासवर्ड कैसे चेंज करे ?

दोस्तों बहुत सी बार ऐसा होता है की हम किसी के साथ अपना कोई भी पासवर्ड किसी के भी साथ शेयर नहीं करना चाहते . क्योकि उस एप्लिकेशन में हमारे काम के डॉक्युमेंट होते है . लेकिन फिर भी किसी न किसी को हमारा पासवर्ड पता चल ही जाता है . ऐसे में हमें उस पासवर्ड को बदलना पड़ता है !

अगर आप भी अपने फोन पे एप्लिकेशन के पासवर्ड को बदलना चाहते है तो उसके लिए आपको सबसे पहले प्रोफाइल वाले ऑप्शन में जाना है . प्रोफाइल में जाने के बाद आपको निचे एक ऑप्शन मिलेगा चेंज पासवर्ड का आपको उसपर क्लिक कर देना है . क्लिक करने के बाद आपके सामने दो ऑप्शन आ जायेंगे एक ओल्ड पासवर्ड का और एक न्यू पासवर्ड का !

आपको सबसे पहले ओल्ड पासवर्ड वाले ऑप्शन में अपना पुराना पासवर्ड डालना है . और निचे न्यू पासवर्ड वाले ऑप्शन नया पासवर्ड डालना है . डालने के बाद आपको चेंज पासवर्ड पर क्लिक कर देना है . जैसे ही आप चेंज पासवर्ड पर क्लिक करोगे आपका पासवर्ड चेंज हो जायेगा !

अगर आप अपना पुराना पासवर्ड भूल गए है तो आपको निचे दिए गए फॉरगेट पासवर्ड वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है . क्लिक करते ही आपके मोबाइल नंबर पर एक मेसेज आएगा . आप उस मेसेज को व्हेरिफाय करके भी अपना पासवर्ड चेंजे कर सकते हो

फ़ोन पे ट्रांजैक्शन हिस्ट्री कैसे चेक करे ?

दोस्तों बहुत सी बार ऐसा होता है की हम किसी व्यक्ति को पैसे भेजते है या फिर कोई व्यक्ति हमें पैसे भेजता है और उस चीज को काफी दिन बीत जाते है और हमें बादमे पता करना होता है की आपने उस व्यक्ति को कितने पैसे भेजे थे और कब भेजे थे . ऐसे में आपकी मदत करती है आपकी ट्रांजैक्शन हिस्ट्री !

ट्रांजैक्शन हिस्ट्री चेक करने के लिए आपको सबसे पहले अपने फोन पे एप्लिकेशन को ओपन करना है . आपने करने के बाद आपके सामने फोन पे का होम पेज आ जायेगा . आपको होम पेज पर ही सबसे निचे एक ऑप्शन दिया गया है हिस्ट्री का . आपको उसपर क्लिक करना है . क्लिक करने बाद आपके सामने सारी हिस्ट्री ओपन हो जाती है !

आपको हिस्ट्री के अंदर कैटगरी और फ़िल्टर का ऑप्शन भी दिया गया है . अगर आप कैटगरी पर क्लिक करते हो आप उसमे मनी रिसीव , रिचार्ज एंड बिल पेमेंट और सेंट् मनी जैसी हिस्ट्री देख सकते हो . अगर आप फ़िल्टर पर क्लिक करते हो तो आप उसमे सक्सेसफुल ट्रांजैक्शन और फेल्ड ट्रंजैक्शन की जानकारी देख सकते हो !

फोन पे यूज केरने के फायदे

  • फोन पे इस्तेमाल करने में काफी आसान है और इसकी स्पीड भी बाकि ऐप से कई ज्यादा है
  • अगर आप कई बहार घूमने जाते है और आप अपना वॉलेट घर पर ही भूल जाते है और दुकान से कोई चीज खरीदते है तो आप फोन पे कर की मदत से उसे पैसे दे सकते है .
  • अगर आप फोन पे की मदत से पेमेंट करते है तो आपको कई बार कैशबैक भी मिलता है जिससे आपका फायदा होता है
  • अगर आपको किसी व्यक्ति को पैसे देने है और वह आपसे दूर है तो आप आसानी से फोन पे की मदत से पैसे उसके बैंक अकॉउंट में भी ट्रांसपर कर सकते है .
  • आप घर बैठे ही अपने मोबाइल फोन का रिचार्ज कर सकते है. या फिर अपने डिश टीवी का रिचार्ज कर सकते है. जिसके लिए आपको कई बहार जाने की आवश्यकता नहीं होती .
  • अगर आप अपना मोबाइल रिचार्ज करते है तो आपके प्लान की डिटेल सेव हो जाती है. और अगले समय रिचार्ज करते समय आपको नए से प्लान खोजने की जरूरत नहीं होती. आप उसी प्लान के साथ आसानी से दोबारा रिचार्ज कर सकते है .
  • आपको अपना बिजली का बिल भरने के लिए बैंक में जाना पड़ता है. लेकिन आप फोन पे की मदत से घर बैठे ही अपना बिजली का बिल भर सकते है. जिससे की आपके समय की बचत होती है .
  • यह एप्लिकेशन ११ से भी अधिक भाषाओ में उपलब्ध है. इसी लिए इसे इस्तेमाल करने में किसी को भी परेशानी नहीं होती .
  • इसका सबसे बड़ा फायदा यह है की फोन पे ऐप के जरिये आप तमाम ऐसी सुविधावो का फायदा भी ले सकते है जिसके लिए आपको अलग से ऐप डाऊनलोड करना पड़ता था. जैसे की ओला टैक्सी की बुकिंग , पिजा ऑर्डर यह सब चीजे भी आप फोन पे एप्लिकेशन की मदत से कर सकते है .

फोन पे से लोन कैसे ले ?

अगर आप फ़ोन पे से ऑनलाइन लोन लेने की सोच रहे है तो फ़ोन पे आपको लोन की सुविधा भी प्रदान करता है। आपको अगर फ़ोन पे लोन के बारे में पता नहीं तो आप इसकी जानकारी विस्तृत से ले सकते है। इसके लिए आपको निचे दिए गए लंक पर क्लिक करना है।

अंतिम शब्द

तो दोस्तों यह था फोन पे क्या है और कैसे यूज़ करे . उम्मीद है आपको फोन पे के संदर्भ में सम्पूर्ण जानकारी मिल गई होगी . और इस आर्टिकल की मदत से फ़ोन इस्तेमाल करने में आपको कोई परेशानी नहीं होगी . अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे . और साथ ही वेबसाइट के नोटिफिकेशन बेल को भी ऑन कर दे . ताकि आने वाले समय में आप कोई भी आर्टिकल मिस ना करे . क्योकि हम ऐसे ही हेल्पफुल आर्टिकल आपके लिए रोजाना लाते रहते है . अगर इस आर्टिकल से जुडी आपको कोई भी समस्या हो तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते है धन्यवाद !

अटल टनल क्या है – अटल टनल के बारे में सब कुछ जो आपके लिए जानना ज़रूरी है | Atal Tunnel in Hindi

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Atal Tunnel in Hindi

आप कहीं सारे दिनों से अटल टनल के बारे में सुन रहे होंगे. न्यूज़ चैनल हो या सोशल मीडिया हर जगह आपको अटल  टनल सुनने को मिल रहा होगा. और आपके मन में यह सवाल भी हमेशा ही आता होगा कि अटल टनल क्या है ? तो आज के इस  आर्टिकल में हम इसी के बारे में विस्तार से जानने वाले हैं. जिसमें हम देखने वाले हैं कि अटल टनल की लंबाई कितनी है?  अटल टनल बनाने में कितना खर्चा आया है?  और अटल टनल को बनाने का काम कब से चल रहा था ?

अटल टनल अब तक की दुनिया की सबसे लंबी टनल है जिसकी ऊंचाई समुद्र तल से 10040 फीट की है. यह किसी अजूबे से कम नहीं है क्योंकि पूरे दुनिया में भारत ने अटल टनल बनाकर अपना नाम रोशन किया है.  यह भारत के लिए एक उपलब्धि से कम नहीं है. इस टनल में काफी सारी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है.  यह टनल सुरक्षा के हिसाब से भी पूरी तरह सज्ज है.

अटल टनल का उद्घाटन किसने और कब किया ?

अटल टनल का हाल ही में हिमाचल प्रदेश किंग रोहतांग में नरेंद्र मोदी द्वारा 3 अक्टूबर 2020 को उद्घाटन किया गया .उस समय देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे . सुरंग की दक्षिण हिस्से को जोड़ने वाली सड़क की आधारशिला 26 मई 2002 को रखी गई. कुछ 8 दशमलव 8 किलोमीटर लंबी सुरंग 3000 किलोमीटर ऊंचाई पर बनाई गई अटल टनल दुनिया की सबसे लंबी सुरंग है.

अटल टनल का विचार सबसे पहले उस वक्त प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था. लेकिन इंदिरा गांधी ने इसका विचार ही किया था. उस पर काम तो अटल जी ने अपनी सरकार के वक्त ने किया था. तब उसका नाम रोहतांग टनल रखा गया था बाद में उसे आज के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अटल टनल रखा. लेकिन उस समय भी यह काम अटल बिहारी जी के रहते हुए पूरा नहीं हुआ. पर अटल टनल बनना उसी वक्त तय हो गया था. लेकिन अटल बिहारी जी की सरकार काफी दिनों तक चल नहीं सकती. उसके बाद कांग्रेस की सरकार में सोनिया गांधी ने 2010 में इसकी आधारशिला रखी थी. और उसी समय बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन इस पर काम भी शुरू कर दिया था.

अटल टनल क्यों बनाई गयी ?

अटल टनल बनाने का मुख्य उद्देश्य था, हमारी सेना चीन और भारत की बॉर्डर पर किसी भी मौसम में और किसी ने वक्त में जल्दी से पहुंच सके. अटल टनल क्या है ? यह तो हमने पता कर लिया लेकिन अब जानते है अटल टनल क्यों बनाई गयी.  इस टनल के बनने से भारतीय सेना की काफी दिक्कतें कम होने वाली थी,जो कि सर्दियों में उन्हें  झेलनी पड़ती थी. इस सुरंग के बनने से सेना की ताकत भी काफी बढ़ने वाली थी. समय की भी काफी ज्यादा बचत  होने वाली थी. इस सुरंग के बन जाने से ऊपर में लगने वाला 3 से 4 घंटे का समय काम हो गया है. पहाड़ों में 40 किलोमीटर का अर्थ काफी ज्यादा दूरी होती है. क्योंकि पहाड़ पर  होने वाला सफर साधारण सफर से काफी  मुश्किल होता है.

रात के समय सर्दियों में सफर करना है लगभग नामुमकिन ही था. और पहाड़ी रास्ते सुरक्षा के हिसाब से ठीक नहीं थे . जिसके कारण भारतीय सेना को काफी सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था.

अटल टनल बनाने में कितना खर्चा आया है ?

शुरुआत में अटल टनल की लागत करीब 16 करोड़ थी. लेकिन इस चैनल को बनाते बनाते 10 साल का समय बीत गया. जिसमें काफी सारी सरकारें आई और गई. इसी कारण से जानवर की लागत   35 करोड़ तक जा पहुंची है.यहां पहले के निर्धारित बजट से 2 गुना ज्यादा है. यह लागत बढ़ने का मुख्य कारण है,  टनल का काम काफी मुश्किल और बढ़ा था. इसी दौरान जो टनल बनाने की लागत 16 करोड रखी गई थी वह पुराना समय था और आज के समय में इसे बनाने के लिए ज्यादा लागत की जरूरत थी .आपको तो पता ही है कि समय के बढ़ने पर चीजों की कीमतें और बहुत कुछ महंगा होता रहता है.

आपके मन में यह भी सवाल आ रहा होगा कि, इस  टनल की लागत इतनी ज्यादा क्यों है. तो इसका जवाब आपको इसी बात से ही पता चल जाएगा कि यह टनल बनाने में काफी मुश्किल थी. जो कि पहाड़ी को अंदर से काटकर बनाई गई है. और अगर आप सुरक्षा या अन्य सुविधाओं की बात करें तो यह टनल पूरी तरह से सुरक्षा से  परिपूर्ण है. अटल टनल में काफी सारी तकनीकी चीजें भी मौजूद है.

अटल टनल की क्या है खासियत ?

दोस्तों आपने यह तो जान लिया की अटल टनल क्या है ? अब अटल टनल की कुछ खासियत भी जानते है. अटल टनल में वह सारी खूबियां मौजूद हैं जो अब और आने वाले समय में काफी उपयोग साबित होने वाली है.  जिसमें हर आधे किलोमीटर पर जहां इमरजेंसी  टनल बनाई गई है. वहां पर सुरक्षा के लिहाज से दोनों और कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं. इसके अलावा हर 150 मीटर पर 4G  उनकी सुविधा है. 68 मीटर पर सीसीटीवी कैमरे भी मौजूद है.टनल की सबसे खास बात यहां है कि  इससे मनाली और लेह के बीच में 46 किलोमीटर अंतर कम हो जाएगा.यह 4 घंटों का समय बचाती है जो कि इससे पहले के सफर में लगते थे.

यह टनल बर्फीले इलाके में बनी है इसीलिए उसे कुछ खास तकनीक से बनाया गया है, जिससे कि सर्दियों के मौसम में बर्फ में भी सफर किया जा सकता है. इससे पहले सर्दी के मौसम में बर्फ गिरने के कारण सेना को  काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था. अटल टनल के बन जाने से भारतीय सैनिक आसानी से भारत चीन की सीमा पर पहुंच सकते हैं. टनल के अंदर रात में या दिन में सफर करने के लिए लाइट की खास सुविधा रखी हुई है. उसके अलावा फायर हाइड्रेंट सिस्टम भी लगाई गई है. 

टनल के अंदर रात में या दिन में सफर करने के लिए लाइट की खास सुविधा रखी हुई है. उसके अलावा फायर हाइड्रेंट सिस्टम भी लगाई गई है. सुरंग की यह भी एक खास बातें की, जिसमें हर 1 किलोमीटर पर वायु की गुणवत्ता जांचने के लिए खास तरह की मशीन लगाए गए हैं. 

अटल टनल बनाने में कौन सी दिक्कतें आई थी ?

जैसे कि आप जानते हैं कि अटल टनल को हिमाचल प्रदेश में बनाया गया है. जहां पर हमेशा बर्फ गिरती रहती है. अटल टनल बनाते समय भी काफी सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है. जैसे कि सर्दी के मौसम में बर्फ गिरने से समस्याएं आती थी. अटल टनल पहाड़ को काटकर बनाई गई है, इसीलिए इसमें लाखों चट्टानों को काटना था. यह काम आसान नहीं होता इसमें कई सारे दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. कई जगह पर पानी से भी दिक्कतें आ जाती थी. लेकिन एक कुशल इंजीनियरिंग के माध्यम से अटल टनल लगभग 10 साल के परिश्रम के बाद तैयार हो गए हैं

अंतिम शब्द

दोस्तों मैं आशा करता हूं  कि यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा. और आपने अटल टनल के बारे में काफी सारी जानकारी प्राप्त की होगी जो कि इंटरनेट पर इतनी ज्यादा मात्रा में कहीं भी उपलब्ध नहीं है. जिसमें हमने देखा कि अटल टनल क्या है?  और अटल टनल बनाने में कितनी दिक्कतें आई? अटल टनल का उद्घाटन किसने किया? अटल टनल बनाने की योजना कब से की गई थी?. ऐसा बहुत कुछ हमने इस आर्टिकल में देखा. अगर आप ऐसे ही नए नए विषय पढ़ने में रुचि रखते हैं तो अभी हमारी वेबसाइट का नोटिफिकेशन ऑन करें. जिससे कि आपको आने वाली सारी नई जानकारियां नोटिफिकेशन के साथ प्राप्त हो. अगर आपके मन में इस आर्टिकल के बारे में कुछ प्रश्न हो तो आप कमेंट करके पूछ सकते हो. या आपको कुछ ज्यादा जानकारी हो तो यह भी आप कमेंट के माध्यम से दे सकते हो.

पेटीएम कैसे इस्तेमाल करें ? How to Use PayTm Hindi

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paytm kaise use kare

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम देखने वाले है paytm kaise use kare – पेटीएम कैसे इस्तेमाल करें इन हिंदी . और साथ ही हम जानेंगे पेटीएम वॉलेट क्या है , पेटीएम kyc कैसे करे , पेटीएम पासवर्ड कैसे रिसेट करे , पेटीएम से रिचार्ज कैसे करे , पेटीएम QR कोड कैसे बनाए , पेटीएम ट्रांजक्शन हिस्ट्री कैसे चेक करे , पेटीएम अकाउंट कैसे डिलीट करे और अंत में जानेंगे पेटीएम इस्तेमाल करने के फायदे !

दोस्तों जैसा की हम सब जानते है की अभी कोरोना वाइरस चल रहा है . और हम सभी ज्यादातर घरो में ही रहते है . और ऐसे में लोगो का झुकाव ऑनलाइन की और काफी बढ़ चूका है . जो काम पहले घर से बहार निकल कर करने पड़ते थे वह काम लोग घर बैठे कर रहे है . जैसे की रिचार्ज करना , पैसे ट्रांसपर करना इस तरह के सभी काम लोग घर बैठे ही एक ऑनलाइन मोबाइल एप्लिकेशन से कर रहे है !

और उस एप्लिकेशन का नाम है पेटीएम . पेटीएम की मदत से हमारा काफी समय बच जाता है . और हम घर बैठे ही सारे काम कर सकते है . आपमें से बहुत से लोग ऐसे होंगे जो इस एप्लिकेशन का इस्तेमाल करते होंगे . और कुछ लोग ऐसे होंगे जिन्हे इस एप्लिकेशन को इस्तेमाल करना नहीं आता . आज हम आपको पेटीएम को लेकर पूरी तरह से गाइड करेंगे तो इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़े . चलिए शुरू करते है paytm kaise use kare !

Paytm वॉलेट क्या है ? पेटीएम किसने बनाया ?

दोस्तों पेटीएम वॉलेट एक डिजिटल वॉलेट है . जो की आपके पेटीएम एप्लिकेशन में ही होता है . आपके सारे करोभर इस पेटीएम वॉलेट से ही होते है . जैसे की रिचार्ज करना , शॉपिंग करना , किसी को पैसे सेंड करना या किसीसे पैसे लेना वह सारे पैसे पेटीएम वॉलेट से ही दिए जाते है . उसके लिए आपको अपने बैंक अकाउंट से अपने पेटीएम वॉलेट में पैसे ट्रांसपर करने होते है . जितने पैसे आपके पेटीएम वॉलेट में होंगे उतने ही पैसे आप खर्च कर सकते है !

जैसे की आपके जेब में जो वॉलेट होता है वह होता है फिजिकल वॉलेट . जिसमे आप कैश रखते हो , डेबिट कार्ड रखते हो , क्रेडिट कार्ड रखते हो . अगर आप कही बहार घूमने जाते है और आपको कुछ खरीदना होता है तो आप अपने वॉलेट से पैसे निकल कर खरीदते हो . उसी तरह पेटीएम वॉलेट एक डिजिटल वॉलेट है . जो होता आपके मोबाइल के अंदर पेटीएम एप्लिकेशन में और उससे आप पैसे भी पे कर सकते है !

मान लीजिये अगर आप किसी दुकान में गए और आपके पास आपका फिजिकल वॉलेट नहीं है उसे आप घर पर भूल गए . ऐसे समय में आप अपने पेटीएम वॉलेट से पैसे पे कर सकते हो . आप जल्दी में अपना फिजिका वॉलेट घर पर भूल सकते है . लेकिन आप अपना मोबाइल घर पर नहीं भूलते . और मुश्किल समय में पेटीएम वॉलेट आपके काम आ सकता है !

अबाउट पेटीएम

  • पेटीएम किस देश का ऐप है – भारत
  • पेटीएम के फाउंडर कौन है – विजय शेखर शर्मा
  • पेटीएम कब लॉन्च हुवा – ऑगस्ट २०१०
  • हेडक्वार्टर – नॉएडा , उत्तर प्रदेश , इंडिया

Paytm कैसे इस्तेमाल करे

paytm kaise use kare दोस्तों पेटीएम ऐप से ट्रांजेक्शन करने के लिए या पेटीएम ऐप को इस्तेमाल करने के लिए आपको अपने बैंक अकाउंट में से कुछ पैसे अपने पेटीएम वॉलेट में ट्रांसपर करने पड़ते है . आप १ लाख से अधिक की राशि पेटीएम वॉलेट में ट्रांसपर नहीं कर सकते. आप १ लाख से कम या १ लाख तक राशि ही अपने पेटीएम वॉलेट में ट्रांसपर कर सकते है !

बैंक अकाउंट से पैसे पेटीएम वॉलेट में पैसे ट्रांसपर करने के लिए आपको सबसे पहले अपने पेटीएम एप्लिकेशन को ओपन करना है . एप्लिकेशन खोलने के बाद आपको ऐड मनी पर क्लिक करना है . क्लिक करने के बाद आपके सामने अमाउंट का ऑप्शन आ जायेगा आपको जितना अमाउंट अपने पेटीएम वॉलेट में ट्रांसपर करना है उतना अमाउंट डाल देना है !

अमाउंट डालने के बाद आपके सामने दो ऑप्शन आएंगे . एक क्रेडिट कार्ड और दूसरा डेबिट कार्ड . आप जिससे पैसे ट्रांसपर करना चाहते है वह आपको सिलेक्ट करना है . सिलेक्ट करने के बाद आपको कार्ड की कुछ इन्फॉर्मेशन पूछी जाएगी वह इन्फॉर्मेशन आपको भरनी है . और ट्रांसपर क्लिक कर देना है . जैसे ही आप ट्रांसपर पर क्लिक करोगे आपके पैसे ट्रांसपर हो जायेंगे . उसके बाद आप पेटीएम एप्लिकेशन से कोई भी शॉपिंग , रिचार्ज , मनी ट्रंसपार कर सकते है !

Paytm Kyc कैसे करे ?

दोस्तों पेटीएम kyc आप किसी सायबर पॉइंट से भी कर सकते हो और घर बैठे भी कर सकते हो . अगर आपको घर बैठे पेटीएम kyc करनी है तो इसके लिए आपको जरुरत पड़ेगी पैन कार्ड की और आधार कार्ड की . अगर आप पेटीएम फूल kyc नहीं करते है तो आप अपने पेटीएम वॉलेट में सिर्फ १० हजार रुपये तक पैसे ट्रांसपर कर सकते हो . उससे ज्यादा पैसे आप ट्रांसपर नहीं कर सकते . लेकिन अगर आप फूल kyc करते हो तो आप एक लाख रुपये तक पैसे ट्रांसपर कर सकते हो . और भी बहुत से बेनिफिट आपको kyc के साथ मिल जाते है !

दोस्तों अगर आप घर बैठे पेटीएम kyc करना चाहते है तो उसे विडिओ kyc कहा जाता है . क्योकि यह kyc करने के लिए आपको एक अजंट के साथ विडिओ कॉल पर बात करनी होती है . और वह आपके सारे डॉक्युमेंट चेक करता है . की सारे डॉक्युमेंट सही है या नहीं . तो घर बैठे पेटीएम kyc करने का थोड़ा लम्बा प्रोसेस है तो चलिए उसे विस्तार से समज़ते है !

पेटीएम kyc करने के लिए आपको सबसे पहले ऊपर दिए गए kyc ऑप्शन में जाना है . उस ऑप्शन में जाने के बाद आपके सामने एक और ऑप्शन आएगा अपग्रेड अकाउंट का आपको उसपर क्लिक करना है . क्लिक करने के बाद आपको निचे स्क्रोल करना है . स्क्रोल करने के बाद आपको निचे एक ऑप्शन मिलेगा अपग्रेड यूवर अकाउंट नाव का . आपको उसपर क्लिक करना है !

क्लिक करने के बाद सबसे ऊपर ऑप्शन आएगा विडिओ kyc का आपको उसपर क्लिक करना है . क्लिक करने के बाद आपके सामने इंटर आधार नंबर का आपको अपना आधार कार्ड नंबर डालना है , अपना नाम डालना है जो की आधार कार्ड पर होगा उसके बाद आय अग्रि को सिलेक्ट कर प्रोसीड पर क्लिक करना है !

बाद में आपके सामने फिर से विडिओ kyc का ऑप्शन आएगा आपको उसपर क्लिक करना है . क्लिक करने के बाद आपके सामने कुछ सूचनाएं आएगी जैसे की आपका आधार कार्ड अपने पास रखिये और साथ ही आपका इंटरनेट कनेक्शन भी गुड होना चाहिए . यानि की आपके पास 4g स्पीड का नेट होना चहिए . उसके बाद आपको निचे स्क्रोल करना है !

निचे आपको एक ऑप्शन दिखाई देगा लैंग्वेज का आपको अपनी लैंग्वेज हिंदी सिलेक्ट करनी है . ताकि आपके साथ बात करने के लिए हिंदी एजेंट आएगा . उसके बाद आपको स्टार्ट माय वेरिफिकेशन पर क्लिक कर देना है . क्लिक करने के बाद आपसे कुछ सवाल पूछे जायेगे जैसे की आपके पास आधार कार्ड है ? आपके पास 4g इंटरनेट है ? आपको सबकुछ सिलेक्ट करना है . और प्रोसीड पर क्लिक करना है !

क्लिक करने के बाद आप सीधा क्रोम ब्राउसर पर पहुंच जाओगे . वह पर भी आपको प्रोसीड का ऑप्शन मिलेगा आपको उसपर क्लिक कर देना है . क्लिक करने के बाद आपका एजेंट सर्च होगा एजेंट सर्च होने के बाद आपकी विडिओ कॉल शुरू हो जाएगी. और आपके सारे डॉक्युमेंट आपको उस एजेंट को दिखाने होते है . सारे डॉक्युमेंट वेरिफाई करने के बाद आपकी पेटीएम kyc सक्सेस हो जाती है !

Paytm से रिचार्ज कैसे करे ?

दोस्तों पेटीएम से रिचार्ज करने के लिए आपके पेटीएम वॉलेट में पैसे होना आवश्यक है . रिचार्ज करने के लिए आपको अपने पेटीएम एप्लिकेशन में एक ऑप्शन मिलेगा रिचार्ज एंड पे बिल का आपको उसपर क्लिक कर देना है . क्लिक करने के बाद आपके सामने कुछ और ऑप्शन आएंगे जैसे डिश रिचार्ज , मोबाइल रिचार्ज , इलेक्टिसिटी बिल , केबल टीवी रिचार्ज आप जो रिचार्ज करना चाहते है आपको वह सिलेक्ट करना है !

अगर आप मोबाइल रिचार्ज करना चाहते है तो आपको उसपर क्लिक करना है . क्लिक करने के बाद आप जिस नंबर पर रिचार्ज करना चाहते वह नंबर आपको इंटर कर देना है . नंबर डालने के बाद आपको व्हिव प्लान्स पर क्लिक करना है . क्लिक करते ही आपके सामने उस सिमकार्ड के सारे प्लान्स आ जायेंगे . आपको कोई भी एक प्लान सिलेक्ट करना है . सिलेक्ट करने के बाद आपको प्रोसीड टू क्लिक पर क्लिक करना है . आपका रिचार्ज सक्सेस हो जायेगा !

Paytm ट्रांजेक्शन हिस्ट्री कैसे चेक करे ?

पेटीएम की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री चेक करने के लिए आपको अपने पेटीएम एप्लिकेशन को ओपन करना है . ओपन करने के बाद आपको सबसे ऊपर पासबुक का ऑप्शन मिलेगा आपको उस ऑप्शन पर क्लिक करना है . क्लिक करने के बाद पेटीएम वॉलेट का ऑप्शन आ जायेगा आपको उसपर क्लिक करना है . उसके बाद थोड़ा निचे स्क्रॉल करना है . आपको एक रिसेंट का ऑप्शन दिखेगा वह पर आपके द्वारा किए रिसेंट ट्रन्जेक्शन आपको देखने मिलेंगे !

अगर आपको पुरानी हिस्ट्री चेक करनी है . तो रिसेंट के बिलकुल साइड में एक फ़िल्टर का बटन दिखाई देगा आपको उसपर क्लिक करना है . क्लिक करनी के बाद आप कौनसी हिस्ट्री देखना चाहते है यह आपको सिलेक्ट करना है . जैसे की पेड़ हिस्ट्री , रिसीव हिस्ट्री , ऑल हिस्ट्री आपको जो हिस्ट्री जननी है उसपर आपको क्लिक करना है . क्लिक करते ही आपके सामने सारी हिस्ट्री आ जाएगी !

Paytm का पासवर्ड कैसे चेंज करे ?

अगर आप अपने पेटीएम अकाउंट का पासवर्ड चेंज करना चाहते है तो आपको सबसे पहले अपने पेटीएम एप्लिकेशन को ओपन करना है . ओपन करने के बाद आपके सामने पेटीएम का होम पेज खुल जायेगा . और लेफ्ट साइड में आपको थ्री डॉट्स दिखाई देंगे . आपको उसपर क्लिक करना है . क्लिक करने के बाद आपको थोड़ा निचे स्क्रोल करना है . निचे आपको एक सिक्युरिटी सेटिंग का ऑप्शन दिखाई देगा आपको उसपर क्लिक करना है !

सिक्युरिटी सेटिंग पर क्लिक करने के बाद पहलेही नंबर पर आ जायेगा चेंज पासवर्ड . आपको उसपर क्लिक कर देना है . क्लिक करने के बाद सबसे पहले आपको अपना पुराना पासवर्ड डालना है . उसके निचे आपको न्यू पासवर्ड डालना है . और उसके बाद आपको फिर से न्यू पासवर्ड कन्फर्म कर लेना है . और सेव पर क्लिक कर देना है आपका पासवर्ड चेंज हो जायेगा !

अगर आप अपना पासवर्ड भूल गए हो तो आपको निचे एक फॉरगेट पासवर्ड का ऑप्शन दिखाई देगा आपको उसपर क्लिक करना है . क्लिक करने के बाद आपका मोबाइल नंबर औटोमाटिकली डिटेक्ट हो जायेगा . आपको प्रोसीड सिक्युरली पर क्लिक करना है . आप जैसे ही क्लिक करोगे आपके रजिस्टर मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा आपको वह OTP डाल देना है . उसके बाद आप आसानी से अपना पासवर्ड चेंज कर सकते है !

Paytm QR कोड कैसे बनाए ?

दोस्तों अगर आप का भी कोई बिजनेस है जैसे की शॉपिंग मॉल , किराना स्टोर या फिर कोई भी छोटा मोठा बिजनेस तो आपको अपना बिजनेस बढ़ने के लिए पेटीएम QR कोड लगाना बहुत जरुरी होता है . क्योकि अभी के समय में बहुत से ऐसे लोग है जो ऑनलाइन पेमेंट ही करते है . तो चलिए जानते है की अपने बिजनेस को बढ़ने के लिए आप QR कोड किस प्रकार बना सकते है !

QR कोड बनाने के लिए आपको सबसे पहले प्ले स्टोर से एक एप्लिकेशन डाउलोड करना पड़ता है . जिसका नाम है बिजनेस विथ पेटीएम ऐप . इस ऐप को डाऊनलोड कर ओपन करने के बाद आपके सामने लैंग्वेज का ऑप्शन आएगा आपको अपनी लैंवेज सिलेक्ट करनी है . और निचे दिए गए कंटीन्यू बटन पर क्लिक करना है !

क्लिक करने के बाद आपके सामने लॉगइन का ऑप्शन आ जायेगा आपको अपना पेटीएम का मोबाइल नंबर और पासवर्ड डालना है . और लॉग इन करना है लॉगइन करने के बाद आपके सामने पहले नंबर पर ही ऑप्शन आएगा एक्सेप्ट पेमेंट यूजिंग QR का आपको उसपर क्लिक करना है . क्लिक करने के बाद आपके सामने छोटा सा फॉर्म आ जायेगा आपको वह फॉर्म भरना है. उसमे आपको अपना पैनकार्ड नंबर , बिजनेस कैटेगिरी और बैंक अकाउंट के डिटेल जैसे चीजे भरनी है !

आपकी डिटेल व्हेरिफाय होने के बाद एक QR कोड जनरेट होगा . इस QR कोड को आप डाऊनलोड कर उसकी प्रिंट निकाल कर अपने दुकान में या होटल में कही पर भी लगा सकते है . और अगर आप चाहे तो इस QR कोड को आर्डर भी कर सकते है . अगर आप प्रिंट नहीं निकाल सकते तो आपको आर्डर वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है . आपका QR कोड सीधे आपके घर पर भेज दिया जायेगा !

Paytm से पैसे ट्रांसपर कैसे करे ?

दोस्तों अगर आप अपने दोस्तों को या किसी फॅमिली मेंबर को कुछ पैसे ट्रांसपर करना चाहते है तो आप आसानी से पेटीएम ऐप की मदत से कर सकते है . आपको सबसे पहले अपने पेटीएम ऐप को ओपन करना है . ओपन करने के बाद आपको सबसे ऊपर की स्लाइड में एक ऑप्शन दिखेगा UPI मनी ट्रांसपर का आपको उसपर क्लिक कर देना है !

जैसे ही आपको क्लिक करते है आपके सामने एक ऑप्शन आएगा इंटर नेम / मोबाइल नंबर का आपको वहा पर उस व्यक्ति का नाम और नंबर डालना है जिसे आप पैसे सेंड करना चाहते है . नाम / नंबर डालने के बाद आपके सामने अमाउंट का ऑप्शन आएगा . यानि की आप उस व्यक्ति को कितने पैसे ट्रंसपार करना चाहते है . अमाउंट डालने के बाद आपको सेंड वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है . सेंड वाले ऑप्शन पर क्लिक करते ही पैसे उस व्यक्ति के पेटीएम अकाउंट में पहुँच जाएंगे !

Paytm इस्तेमाल करने के फायदे

  • पेटीएम की मदत से आप घर बैठे अपने मोबाइल का रिचार्ज कर सकते हो जिसके लिए आपको बहार शॉप पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती .
  • पेटीएम की मदत से आप अपने दोस्त को या किसी भी फॅमिली मेंबर को घर बैठे पैसे ट्रंसपार कर सकते हो जिसके लिए आपको बैंक में जाने की जरूरत नहीं पड़ती और आपका समय भी बचता है .
  • बहुत बार ऐसा होता है की आपको कोई मूवी देखना होता है और आपके थियेटर तक पहुँचने तक मूवी हाउसफुल हो जाता है पेटीएम की मदत से आप एक दिन पहले ही अपना मूवी टिकिट बुक कर सकते हो और आराम से मूवी देखने जा सकते हो .
  • अगर आप किसी दिन अपना फिसिकल वॉलेट घर पर भूल जाते है तो आप पेटीएम वॉलेट की मदत से अपने पैसे पे कर सकते हो.
  • पेटीएम की मदत से आप ऑनलाइन शॉपिंग भी कर सकते हो जिससे आपको बहार किसी शॉप में जाने की जरूरत नहीं पड़ती और आपके समय की बचत भी होती है .
  • अगर आप कही बहार घूमने जाना चाहते है तो आप घर बैठे फ्लाइट का टिकट भी बुक कर सकते हो .

अंतिम शब्द

तो दोस्तों यह था paytm kaise use kare . उम्मीद है आपको पेटीएम के संदर्भ में सम्पूर्ण जानकरी मिल गयी होगी . और इन गाइडलाइंस की मदत से पेटीएम इस्तेमाल करने में आपको कोई कठिनाई नहीं होगी . अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे . और साथ ही वेबसाइट के नोटिफिकेशन बेल को भी ऑन कर दे . ताकि आने वाले समय में आप कोई भी आर्टिकल मिस ना करे . क्योकि हम रोजाना ऐसे ही हेल्पफुल आर्टिकल आपके लिए लाते रहते है . अगर आपको इस आर्टिकल से जुडी कोई भी समस्या हो तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते है. धन्यवाद !

Paytm से पैसे कैसे कमाए – सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में !

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Paytm se paise kaie kamaye

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम देखने वाले है Paytm से पैसे कैसे कमाए .और साथ ही हम देखंगे पेटीएम के बारे में सम्पूर्ण जानकारी जैसे की पेटीएम क्या है , पेटम कीसने बनाया , पेटीएम कैसे इस्तेमाल करते है , पेटीएम पर अकाउंट कैसे बनाए , पेटीएम से पैसे कैसे कमाए !

दोस्तों आज के ज़माने में बहुत से ऐसे लोग है जो सारे काम ऑनलाइन करना ही पसंद करते है . इसी लिए आज के भारत देश को डिजिटल भारत कहा जाता है . पेटीएम भी एक ऐसी ही ऑनलाइन मोबाइल एप्लिकेशन है . जिसके जरिये हम घर बैठे ही लगभग बहुत से काम कर सकते है . लेकिन बहुत से लोग ऐसे भी है जिन्हे पेटीएम के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है !

काफी सारे ऐसे भी लोग है जो ऑनलाइन कामो के साथ-साथ पेटीएम से भी पैसे भी कमाते है . आज हम आपको पेटीएम से पैसे कमाने के कुछ तरीके बताएँगे और साथ ही पेटीएम कैसे इस्तेमाल करते है इसकी सम्पूर्ण जानकारी भी देंगे . इसीलिए इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़े तो चलिए शुरू करते है !

Paytm क्या है ? Founder of Paytm

दोस्तों पेटीएम एक डिजिटल पेमेंट प्लेटफार्म है . जिससे आप ऑनलाइन मोबाइल रिचार्ज , DTH रिचार्ज , बिजली का बिल भरना , मूवी टिकिट बुकिंग , फ्लाइट टिकिट बुकिंग और भी बहुत से ऑनलाइन काम घर बैठे अपने मोबाइल से कर सकते है . और साथ ही आप पेटीएम की मदत से किसी अन्य व्यक्ति को पैसे भी भेज सकते है . और किसी भी व्यक्ति से अपने अकाउंट पर पैसे भी मंगवा सकते है !

आपने बहुत सी बार किसी होटल में , दुकान में , मॉल में और भी अन्य जगह पर पेटीएम का QR कोड देखा होगा . अगर आपके पास भी पेटीएम है तो आप उस QR कोड को स्कैन कर डाइरेक्टली अपने बैंक अकाउंट से पैसे पे कर सकते हो . इसी लिए अगर आप बहार जाते समय पैसे भूल गए हो तो आप पेटीएम की मदत से भी पैसे पे कर सकते हो !

Founder of Paytm

दोस्तों जैसा की आप सब जानते है की पेटीएम एक भारतीय एप्लिकेशन है . और एप्लिकेशन को विजय शेखर शर्मा द्वारा बनाया गया है . इस एप्लिकेशन को ऑगस्ट २०१० में लॉन्च किया गया था . और आज के समय में १०० मिलियन से भी ज्यादा लोग इस एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर रहे है !

दोस्तों पेटीएम जब २०१० में लॉन्च किया गया तब One97 communications के द्वारा प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज वेबसाइट के रूप में लॉन्च किया गया था . लेकिन आज के समय में हम पेटीएम से मोबाइल रिचार्ज से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग तक कर सकते है . और लोगो द्वारा भी इस एप्लिकेशन को काफी ज्यादा पसंद किया गया है !

Paytm पर अकाउंट कैसे बनाए ?

Step 1 – सबसे पहले आपको गूगल प्लेस्टोर पर जाकर पेटीएम ऐप डाऊनलोड करना है .

Step 2 – जैसे ही आप पेटीएम एप्लिकेशन को डाऊनलोड कर ओपन करोगे आपके सामने पेटीएम का होम पेज खुल जायेगा आपको सबसे ऊपर एक बटन दिखेगा लॉग इन टू पेटीएम का आपको उसपर क्लिक कर देना है .

Step 3 – क्लिक करने के बाद बाद आपके सामने एक ऑप्शन आएगा क्रियेट न्यू अकाउंट का आपको उसपर क्लिक करना है .

Step 4 – उसके बाद आपको अपना मोबाइल नंबर डाल देना है और प्रोसीड सिक्युरली पर क्लिक कर देना है .

Step 5 – उसके बाद आपसे कुछ परमिशन मांगी जाएगी आपको ग्रैंड परमिशन पर क्लिक कर देना है .

Step 6 – परमिशन देने के बाद आपके मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जायेगा आपको वह OTP डालकर नेक्स्ट कर देना है .

Step 7 – उसके बाद आपके सामने ऐड टू बैंक अकाउंट का ऑप्शन आएगा आप चाहे तो अपना बैंक अकाउंट लिंक कर सकते और नहीं करना चाहे तो स्किप भी कर सकते है .

Step 8 – अगर आप अपना बैंक अकाउंट लिंक करना चाहते है तो आपको निचे एक ऑप्शन मिलेगा प्रोसीड टू सेंड sms का. आपको उसपर क्लिक करना है . क्लिक करने के बाद आपके रजिस्टर मोबाइल नंबर पर एक sms आएगा . आपको वह वेरीफाई करना है . वेरिफाई करने के बाद आपका बैंक अकाउंट पेटीएम के साथ लिंक हो जायेगा . और आपका पेटीएम अकाउंट एक्टिवेट हो जायेगा .

Paytm कैसे इस्तेमाल करे ?

दोस्तों पेटीएम का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले आपको अपने बैंक अकाउंट से पेटीएम वॉलेट में पैसे ऐड करने पड़ते है. पेटीएम वॉलेट में पैसे ऐड करने के लिए आपको सबसे ऊपर एक ऑप्शन मिलेगा ऐड मनी का आपको उसपर क्लिक करना है. क्लिक करने के बाद आपके सामने पेटीएम वॉलेट का ऑप्शन आ जायेगा आपको उसपर क्लिक करना है !

क्लिक करने के बाद आपका पेटीएम वॉलेट खुल जायेगा . उसके बाद आपके सामने ऑप्शन आएगा ऐड मनी टू पेटीएम वॉलेट आपको कितने पैसे अपने पेटीएम वॉलेट में डालने है उसका आंकड़ा आपको यहाँ पर डाल देना है . याद रखे आप १ लाख से अधिक रक्कम पेटीएम वॉलेट में ऐड नहीं कर सकते है . अमाउंट डालने के बाद आपको प्रोसीड टू ऐड मनी पर क्लिक कर देना है !

क्लिक करने के बाद आपके सामने काफी सारे ऑप्शन आ जायेंगे जैसे की डेबिट कार्ड , क्रेडिट कार्ड ,भीम upi आप किसी भी एक के साथ पैसे ऐड कर सकते है . अपने कार्ड की इन्फॉर्मेशन सब्मिट करने के बाद आपको पे सिक्युरली पर क्लिक कर देना है. क्लिक करने के बाद आपके मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा आपको वह डालकर सब्मिट कर देना है !

सब्मिट करने के बाद आपके पैसे पेटीएम वॉलेट में ऐड हो जायेंगे . उसके बाद आप आसानी से पेटीएम की मदत से सभी ऑनलाइन काम कर सकते है . जैसे की ऑनलाइन शॉपिंग , सभी तरह के रिचार्ज और भी बहुत कुछ लेकिन इन सभी के लिए आपके पेटीएम वॉलेट में पैसे ऐड करना आवश्यक है . उसके बाद ही आप पेटीएम से ऑनलाइन कार्य कर सकते है !

Paytm से पैसे कैसे कमाए ?

तो चलिए दोस्तों अब जानते है की आप पेटीएम का इस्तेमाल करके किस प्रकार पैसे कमा सकते है .

1 . प्रोमो कोड की मदत से –

अगर आप अपने दोस्त का या किसी अन्य व्यक्ति का मोबाइल रिचार्ज कर रहे हो तो रिचार्ज करते समय आपको एक प्रोमो कोड का ऑप्शन दिया जाता है आपको रिचार्ज करने से पहले कोई भी एक प्रोमो कोड ढूंढ़ना है और उसे अप्लाय कर देना है और उसके बाद आपको रिचार्ज करना है उसे इस्तेमाल करने से आपको काफी ज्यादा मुनाफा होता है !

पेटीएम अपने फेस्टिवल और इवेंट पर अपना एक प्रोमो कोड लॉन्च करता है आप शॉपिंग करते समय , कोई भी रिचार्ज करते समय अगर इस प्रोमो कोड का इस्तेमाल करते है तो आपको हर किसी रिचार्ज पर या शॉपिंग पर अच्छे खासे पैसे मिल जाते है इसी लिए शॉपिंग या रिचार्ज करते समय प्रोमो कोड का इस्तेमाल जरूर करे !

2 . Paytm कैशबैक –

दोस्तों पेटीएम में कई तरह के कैशबैक होते है जैसे की अगर आप किसी व्यक्ति का मोबाइल रिचार्ज करते है , डिश रिचार्ज करते है या फिर पेटीएम से शॉपिंग करते है आपको हर चीज पर कैशबैक मिलता है अब वह कैशबैक छोटा भी हो सकता है और बड़ा भी हो सकता है जैसे की आपको कभी एक रुपया भी मिल सकता है तो कभी सौ रुपये भी मिल सकते है !

दोस्तों आपको पेटीएम कैशबैक ऑफर में जाना है . वहा पर आपको ऑफर्स देखने मिलते है . जैसे कितने पैसे ट्रांसपर करने पर आपको कैशबैक मिलने वाला है . आपको अपने किसी भी दोस्त को पैसे भेज देने है . सेंड करने के बाद ऑफर के अनुसार आपको कैशबैक मिल जायेगा . और कैशबैक मिलने के बाद आप अपने दोस्त से पैसे वापस ले सकते है !

3 . रेफर एंड अर्न –

दोस्तों आपको पेटीएम एप्लिकेशन में रेफर एंड अर्न का ऑप्शन भी दिया गया है . आप अपने किसी भी दोस्त या फॅमिली मेमबर के साथ यह लिंक शेयर कर सकते है . रेफर एंड अर्न से पैसे कमाने के लिए आपको सबसे पहले अपना पेटीएम एप्लिकेशन ओपन करना है . ओपन करने के बाद आपको सबसे ऊपर एक भीम UPI का ऑप्शन मिलेगा आपको उसपर क्लिक करना है !

क्लिक करने के बाद निचे एक ऑप्शन दिखेगा इनव्हाइट फ्रेंड एंड अर्न २५ रुपिज . आपको उसपर क्लिक करना है . क्लिक करने के बाद आपके सामने आपके सभी सोशल मिडिया प्लेटफार्म आ जायेंगे . आपको किसी एक पर क्लिक करना है और शेयर करना है . अगर आपका फ्रेंड आपके द्वारा भेजे गए लिंक से पेटीएम एप्लिकेशन को डाऊनलोड करता है, और उससे कोई ट्रांजक्शन करता है वैसे ही आपके अकाउंट में २५ रुपये जमा हो जायेगे . इस तरह से भी आप पैसे कमा सकते है !

4 . पेटीएम फस्ट गेम खेल कर –

दोस्तों पेटीएम का ही एक पेटीएम फस्ट गेम नामक ऐप है जिसकी मदत से आप गेम खेलकर पैसे कमा सकते है . आपको पेटीएम फस्ट गेम की वेबाइट पर जाकर इस एप्लिकेशन को डाउनोलड कर लेना है . डाउनलोड करने के बाद आपको उसमे अकाउंट बनाना है . अकाउंट बनाते ही आपके पेटीएम वॉलेट में कुछ पैसे आ जायेगे गेम खेलने के लिए !

उसके बाद आपके सामने बहुत से गेम आ जायेंगे . आप उन गेम को खेल कर पैसे कमा सकते है . और साथ आईपीएल या क्रिकेट मैच में अपनी टीम बनाकर भी पैसे कमा सकते हो . आपको अपनी एक अच्छी टीम बनानी है . और किसी भी बड़े कॉन्टेस्ट में ज्वाइन करना है . अगर आपकी रैंकिंग अच्छी होती है तो आप काफी ज्यादा पैसे कमा सकते हो !

अंतिम शब्द

तो दोस्तों यह था Paytm से पैसे कैसे कमाए . और पेटीएम के बारे में सम्पूर्ण जानकारी . उम्मीद है आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा . अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे . और साथ ही वेबसाइट के नोटिफिकेशन बेल को भी ऑन करदे . ताकि आने वाले समय में आप कोई भी आर्टिकल मिस न करे . क्योकि हम ऐसे हेल्पफुल आर्टिकल आपके लिए लाते रहते है . अगर आपको इस आर्टिकल से जुडी कोई भी समस्या हो तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते है . धन्यवाद !