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TRP क्या है – TRP के बारे में सब कुछ जो आपके लिए जानना ज़रूरी है !

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TRP kya hai hindi

आज के इस आर्टिकल में हम देखने वाले है TRP क्या है और TRP full form in hindi दोस्तों अगर आप टेलीविजन देखते है तो आपने TRP यह वर्ड तो जरूर सुना होगा . बहुत से लोग भी इस विषय पर चर्चा करते हुए आपको नजर आते होंगे की इस चैनल की TRP इतनी है उस चैनल की TRP उतनी है . तो आखिर यह TRP होती क्या है !

आपने द कपिल शर्मा शो का नाम तो सुना ही होगा यह टीवी सीरियल टॉप १० TRP टीवी शो में नंबर १ रह चूका है . और इसके साथ ही अन्य कई चैनल भी टॉप पर रह चुके है . तो चलिए अब जानते है की TRP क्या है , TRP full form in hindi और साथ ही जानेंगे की TRP किस प्रकार कॅल्क्युलेट की जाती है . तो चलिए शुरू करते है !

TRP क्या होती है – TRP full form in hindi

दोस्तों TRP का फुल फॉर्म होता है टेलीविजन रेटिंग पॉइंट . इन पॉइंट्स से ही पता चलता है की टीवी पर कोनसा शो लोगो द्वारा कितना अधिक देखा गया . TRP पॉइंट्स से ही पता चलता है की आखिर कोनसा शो कितना हिट जा रहा है . और कोनसा शो फ्लॉप जा रहा है . TRP से पता चलता है की किस चैनल का कितना इम्प्रेशन है , किस चैनल को लोगो द्वारा सबसे ज्यादा देखा जा रहा है और किस एरिया से देखा जा रहा है !

दोस्तों TRP को आंकड़ों में नापा जाता है . TRP की मदत से ही टीवी चैनल वाले पैसे कमाते है . जब आप कोई चैनल देखते है तो उससे उस चैनल की TRP बढ़ती है . और जितनी ज्यादा TRP उस चैनल को मिलती है उतने ज्यादा विज्ञापन उस चैनल पर दिखाए जाते है . और जितने ज्यादा विज्ञापन उस चैनल पर दिखाए जाते है उतने ज्यादा वह चैनल पैसे कमाता है !

इसीलिए टीवी चैनल के लिए TRP एक महत्पूर्ण हिस्सा होता है . कुछ ऐसे भी चैनल होते है जो की हमें फ्री में दिखाए जाते है . और कुछ ऐसे चैनल होते है जिसके लिए हमें पैसे देने पड़ते है . हालही के समय में TRP को लेकर एक बड़ा रैकेट सामने आया है . उन चैनल पर दावा किया गया है की उन्होंने पैसे देकर TRP ख़रीदे है . इससे आप अंदाजा लगा सकते है की टीवी चैनल के लिए TRP का कितना महत्व होता है !

हर एक चैनल अपनी TRP बढ़ाने में लगा होता है . कुछ टीवी चैनल के कुछ खास ऐसे शो होते है जिनकी वजह से उस चैनल का TRP बढ़ता है . उदहारण लिया जाये तो सब टीवी का तारक मेहता का उल्टा चश्मा . इस शो की वजह से सब चैनल की trp भी बढ़ती है दोस्तों अब आप समझ ही गए होंगे की TRP क्या है . तो चलिए अब जानते है की आखिर trp किस तरह से कैलकुलेट कि जाता है. और चैनल की पॉपुलैरिटी किस प्रकार तय की जाती है !

TRP कैसे चेक की जाती है ?

दोस्तों चैनलों की रेटिंग या TRP जानने के लिए चंद बड़े शहरों में एक खास तरह की डिव्हाईस कुछ चुनिंदा जगहों पर लगाई जाती है . इस डिव्हाईस को People’s Meter कहा जाता है . यह मीटर हर किसी के घर में नहीं लगते . इसके लिए कुछ खास जगह ही सिलेक्ट की जाती है . इन People’s Meter को ज्यादातर शहरो में लगाया जाता है !

जब यह People’s mitar लगा दिए जाते है तो यह डिव्हाईस अपने एरिया के सभी set of box से कनेक्ट हो जाती है TRP आम केबल कनेक्शन पर नहीं नापी जा सकती इसके लिए set of box वाला कनेक्शन जरुरी होता है खास जगहों पर लगे यह People’s mitar संबंधित set of box की जानकारी ऊपर मॉनिटरिंग टीम के पास भेजते है !

जैसे की किस टीवी देखने वाले व्यक्ति ने किस वक्त कौनसा शो सबसे ज्यादा देखा , कितनी देर तक देखा इसके अलावा पिक्चर मैचिंग वाले हिस्से को भी एनलाइस करके देखा जाता है . की कौनसा शो सबसे ज्यादा देखा जा रहा है . इस तरह की सभी जानकारी People’s mitar अपनी मॉनिटरिंग टीम को भेजता है और उसके हिसाब से TRP सुनिश्चित की जाती है !

उदाहरण लिया जाए तो मान लीजिये आप एक यूट्यूबर या ब्लॉगर है . आपको अपने चैनल की या ब्लॉग की सम्पूर्ण जानकारी एक खास एप्लिकेशन द्वारा मिलती है . जैसे की आपके विडिओ पर व्हिव कितने है या ब्लॉग पर ट्रैफिक कितनी है , कितना इम्प्रेशन है कहा कहा से लोग देख रहे है , कितनी महिलाये है , कितने पुरुष है इस तरह की सभी जानकारी आपको देखने मिलती है. People’s mitar भी ठीक उसी तरह से जानकारी प्राप्त करता है और अपनी मॉनिटरिंग टीम को भेजता है !

TRP का हिसाब कौन रखता है ?

TRP का हिसाब-किताब रखने की जिम्मेदारी INTAM और DART नाम की एजंसी करती है . INTAM का मतलब होता है इंडियन टेलीविजन ऑडियंस मेजरमेंट . और DART का मतलब होता है दूरदर्शन ऑडियंस रिसर्च टीम . डार्ट की रेटिंग तब ज्यादा महत्व रखती थी जब प्राइवेट चैनल बहुत कम या नहीं के बराबर थे !

हालहाकी डार्ट अभी भी काम करती है . यह ग्रामीण इलाकों और उन छोटे शहरी इलाकों में टीवी देखे जाने वाले पार्ट पर नजर रखती है . डार्ट लोगो के पास जा कर और इलेक्ट्रॉनिक दोनोही तरीके से डेटा कलेक्ट करती है . दूसरी तरफ INTAM ( इंडियन टेलीविजन ऑडियंस मेजरमेंट ) पूरी तरह से अपनी People’s mitar के भरोसे काम करती है !

इस TRP के जरिये ही इंडस्ट्री की सबसे बड़ी रेटिंग एजेंसी BARC ( broadcast audience research council ) एक लिस्ट जारी करती है . यह लिस्ट हर हफ्ते आती है . इसमें लिखा होता है की किस चैनल को किस टाइम में कितने इम्प्रेशन मिले मतलब कितने लोगो द्वारा उसे देखा गया . उस हिसाब से चैनलों की trp तय की जाती है और उसके अनुसार चैनलों की लिस्ट बनाई जाती है !

TRP से टीवी चैनल्स को क्या फायदा होता है ?

टीवी चैनल के कमाई का सिस्टम पूरी तरह से TRP से चलता है . टीवी चैनल्स को अपनी आमदनी का ९० फीसदी हिस्सा विज्ञापनों से मिलता है . इन विज्ञापनों को दिखाने का टीवी चैनल्स का अपना अलग अलग रेट होता है . और यह रेट उस बात से भी तय होता है की किसी चैनल को कितने ज्यादा लोग देख रहे है . और यह सब trp के आकड़े बताते है !

इसीसे पता चलता है की कौनसा चैनल ज्यादा पॉपुलर है . इसके बाद तो आप समझ ही सकते है ‘ जो दीखता है वह बिकता है ‘ जिसकी ज्यादा trp उसके पास उतने ज्यादा विज्ञापन देने वाले लोगो की भीड़ . इस भीड़ के चलते उस चैनल के विज्ञापनों के उतने ही ज्यादा रेट . लेकिन यह उस चैनल की गुणवत्ता नहीं बल्कि ज्यादा से ज्यादा उसे देखने वालो की रेटिंग होती है !

उदाहरण देखा जाए तो मान लीजिए एक टीवी चैनल पर ५ लोग काम करते है . और उन्हें सालाना १०-१० लाख रुपये मिलते है . और बाकि खर्च १० लाख का आता है . अब अगर उस चैनल की trp ज्यादा है और उसे १ करोड़ के ऐड मिल रहे है . तो उस चैनल मालिक को ५ लोगो की सैलरी और अन्य १० लाख रुपये खर्च जोड़ने के बाद भी ४० लाख बचते है . अगर उस चैनल की trp निचे गिर जाती है तो ऐड देने वालो की संख्या कम हो जाएगी . और चैनल मालिक को चैनल का खर्च चलना मुश्किल हो जायेगा . इसलिए हर चैनल trp के पीछे भागता है !

अंतिम शब्द

तो दोस्तों यह था TRP क्या है और TRP full form in hindi . उम्मीद है आपको trp के बारे में सम्पूर्ण जानकारी मिल गयी होगी . और आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा . अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे और साथ ही वेबसाइट के नोटिफिकेशन बेल को भी ऑन कर दे . ताकि आने वाले समय में आप कोई भी आर्टिकल मिस ना करे. क्योकि हम इसी तरह के हेल्पफुल आर्टिकल आपके लिए लाते रहते है . अगर इस आर्टिकल से जुडी आपको कोई भी समस्या हो तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते है धन्यवाद !

Freelancing क्या है और फ्रीलांसर कैसे बने ?

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freelancer in hindi

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम देखने वाले है freelancing क्या है और फ्रीलांसर कैसे बने ? दोस्तों ससज के समय में बहुत से ऐसे लोग है जो की बेरोजगार है . वह पैसे तो कमाना चाहते है पर उनके पास कोई आयडिया नहीं होता . आज हम आपके लिए कुछ ऐसा ही एक आयडिया ले कर आए है . जिससे की आप लाखो रुपये कमा सकते हो और अपने सपने साकार कर सकते हो !

उस आयडिया का नाम है freelancing . आप में से बहुत से ऐसे लोग होंगे जिन्होंने यह नाम सुना होगा , लेकिन उन्हें ठीक तरह से नहीं पता होगा की freelancing क्या है , आज हम आपको freelancing के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देने वाले है , जैसे की फ्रीलांसर कैसे बने , आप कौन-कौन से फ्रीलांसिंग जॉब कर सकते है , फ्रीलांसिंग की वेबसाइट्स कौनसी है इन सारे मुद्दों पर आज हम जानकारी देने वाले है !

फ्रीलांसिंग मीनिंग इन हिंदी

दोस्तों फ्रीलांसिंग का मतलब होता है पेड सर्विसेस . अगर उदाहरण के लिए देखा जाए तो मान लीजिये आपको खुद की कोई वेबसाइट बनवानी हो . और आपको वेबसाइट बनाना नहीं आता . ऐसे में आप किसी भी फ्रीलांसिंग वेबसाइट पर जाकर किसी भी एक फ्रीलांसर को हायर कर सकते हो . और उससे अपनी वेबसाइट पैसे दे कर बनवाकर ले सकते हो !

इसका मतलब जो काम आप नहीं कर सकते जिसे दूसरे की मदत से करवाते है और उसके लिए आपको पैसे देने होते है तो उसे कहा जाता है फ्रीलांसिंग . और जो व्यक्ति आपका काम कर देता है उसे कहा जाता है फ्रीलांसर . तो दोस्तों बहुत सी ऐसी फ्रीलांसिंग वेबसाइट्स है जिनपर कई सारे फ्रीलांसर काम करते है . और लाखो रुपये कमाते है . तो चलिए अब जानते है की आप कैसे एक फ्रीलांसर बन सकते है !

फ्रीलांसर कैसे बने – How to become a freelancer in hindi

दोस्तों सबसे पहली और महत्वपूर्ण बात अगर आपके अंदर कोई हुनर है कोई स्किल है तभी आप किसी भी क्षेत्र में काम कर सकते है . फ्रीलांसर बनने के लिए भी कुछ इसी प्रकार आपके अंदर कोई ऐसी स्किल होनी चाहिए जिसे आप परफेक्टली कर सको . तभी आप एक फ्रीलांसर बन सकते हो !

दोस्तों फ्रीलांसर बनने के लिए और फ्रीलांसिंग बिजनेस में सक्सेस होने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है हैप्पी कस्टमर . जी हा दोस्तों जब आप अपने कस्टमर को खुश रखेंगे तभी आपका फ्रीलांसिंग बिजनेस अच्छी तरीके से आगे बढ़ पायेगा . और ज्यादा से ज्यादा पैसे आप फ्रीलांसिंग से कमा पाओगे . अब आपके मन में सवाल आया होगा की हम किस प्रकार कस्टमर को खुश कर सकते है ?

दोस्तों आपको कोई भी काम कस्टमर के क्वालिटी के अनुसार, कस्टमर के कॉस्ट के अनुसार और कस्टमर के टाइम के अंदर पूरा करके देना है . यही सबसे बड़ा तरीका है कस्टमर को अपनी तरफ आकर्षित करने का . आप क्या करते है की अगर कस्टमर की क्वालिटी बहुत ज्यादा है तो आप कॉस्ट बढ़ा देते हो . कस्टमर कहता है क्वालिटी बहुत अच्छी दो कॉस्ट कम करो आप कहते हो टाइम ज्यादा लगेगा . आप टाइम कम करना चाहते हो तो आप ज्यादा मैनपावर लगाकर फिर कॉस्ट बढ़ा देते हो . इसलिए क्वालिटी , कॉस्ट और टाइम इन तीन्हो का कॉम्बिनेशन आपको आना चाहिए !

और इसके लिए आपको जरूरत है व्हर्चुअल कम्युनिकेशन की . व्हर्चुअल कम्युनिकेशन आपको आना चाहिए . तभी आप एक सक्सेसफुल फ्रीलांसर बन सकते हो . और फ्रीलांसिंग की मदत से लाखो रुपये कमा सके हो . तो चलिए दोस्तों अब जानते है की फ्रीलांसिंग पर जॉब या बिजनेस करने के लिए आपको किन-किन चीजों की आवश्यकता होगी

freelancing जॉब के लिए यह चीजे आवश्यक है !

1) आपके पास एक अच्छा लैपटॉप या कंप्यूटर होना आवश्यक है .

2) आपका एक अच्छे बैंक में खाता होना आवश्यक है जिससे की आप मल्टीनेशनल पेमेंट भी कलेक्ट कर सको .

3) आपके पास एक स्मार्टफोन होना चाहिए .

4) साथ ही आपको फ्रीलांसिंग के लिए एक नया और स्वातंर इ-मेल आयडी बनाना होगा जिसे की आप सिर्फ फ्रीलांसिंग के लिए इस्तेमाल करे .

5) और सबसे महत्वपूर्ण चीज आपके पास एक अच्छा इंटरनेट कनेक्शन होना चाहिए .

तो दोस्तों फ्रीलांसिंग पर जॉब या बिजनेस करने के लिए आपको इन सभी चीजों की जरूरत पड़ेगी . जिससे की आपको कोई भी काम करने में परेशानी नहीं होगी . और आप कस्टमर का काम समय के अंदर पूरा कर सकते . हो तो चलिए दोस्तों अब जानते है की आप फ्रीलांसिंग वेबसाइट्स पर कौन-कौनसे जॉब कर सकते हो . हम आपको कुछ आयडिया बताते है उसनमे से आप कोई भी आयडिया अपने हिसाब से सिलेक्ट कर सकते हो !

freelancing jobs

1) WRITING JOBS –

  • Article writer
  • Blog writer
  • E-Book writer
  • Resume & Cover latter writer

दोस्तों अगर आपको लिखने का शौक है और आप अच्छी तरह से लिख सकते हो तो आप इन आयडिया में से किसी भी एक आयडिया पर काम कर सकते हो . जैसे की अगर आपके दिमाग में कोई क्रिएटिव आइडिया आता है तो आप इ बुक लिख सकते है . अगर आप चाहे तो किसी अन्य व्यक्ति के लिए उसके वेबसाइट पर ब्लॉग लिख कर पैसे चार्ज कर सकते हो . साथ ही अगर आपको अच्छा Resume बनाना आता है तो आप फ्रीलांसिंग वेबसाइट पर यह काम भी कर सकते हो !

2) DESIGNING JOBS –

  • Logo Designer
  • Website Moko-Up Designer
  • Banner/Ad Designer
  • Book Cover Designer

दोस्तों अगर आपके पास डिजाइनिंग का हुनर है आप अच्छी तरीके से किसी भी चीज को डिजाइन कर सकते हो तो आप इन आयडियाज में से किसी भी एक या सभी आयडियाज के साथ काम कर सकते हो . अगर आपको अच्छा लोगो बनाना आता है तो आप किसी के वेबसाइट के लिए , किसी भी ब्रांड के लिए पैसे ले कर लोगो बना सकते हो . आप चाहो तो तो किसी भी बुक्स के कवर को डिजाइन कर सकते हो . या फिर बैनर और ऐड भी डिजाइन कर सकते हो . इन चीजों के लिए भी फ्रीलांसिंग पर कई सारे कस्टमर आपको मिल जायेंगे !

3) WEB DEVELOPMENT –

  • Front-End Disegner
  • Back-End Developer
  • Bug Fixing
  • Website Developer

दोस्तों अगर आपको वेबसाइट डेवलोपमेन्ट का नॉलेज है, तो आप इनमेसे किसी भी एक आयडिया के साथ काम कर सकते है. आप बैक एन्ड डेवलपर बन सकते है , अगर आप वेबसाइट बना सकते है तो आप वेबसाइट डेवलपमेंट का काम भी कर सकते है, आप बग फिक्सिंग कर सकते है . वेबसाइट डेवलोपमेन्ट से रिलेटेड कई सारे काम आपको फ्रीलांसिंग वेबसाइट पर मिल जायेंगे. जिससे की आप काफी अच्छे खासे पैसे कमा सकते है !

4) AUDIO PRODUCTION –

  • Voice Over Artist
  • Audio Editor
  • Audio Translator
  • Record Podcasr Ads

दोस्तों अगर आपकी आवाज अच्छी तो भी आप फ्रीलांसिंग वेबसाइट्स पर काम कर पैसे कमा सकते हो . आप वॉइस ओवर आर्टिस्ट बन सकते हो . ऑडियो ट्रांसलेटर बन सकते हो .यानि किसी इंग्लिश भाषा की आवाज को आप अपनी भाषा में बदल सकते हो . ऐड को अपनी आवाज दे सकते हो . या फिर अगर आपको ऑडियो एडिट करना आता है तो भी आप कर सकते हो ऑडियो प्रोडक्शन से रिलेटेड भी कई सारे काम आपको फ्रीलांसिंग वेबसाइट पर मिल जायेंगे !

5) VIRTUAL ASSISTANCE –

  • Data Entry
  • Social Media Manager
  • Recruitment Agent
  • Technical Assistance

दोस्तों अगर आप चाहे तो घर बैठ कर डाटा एंट्री का काम कर सकते हो . आपको बस कुछ डाटा टाइप करके देना होता है . आप किसी के सोशल मिडिया मैनेजर बन सकते हो . आप रिक्रूटमेंट एजेंट बन सकते हो . आपको बस नौकरी वाले वेबसाइट से Resume ढूंढ़ने होते है . अगर किसी को वर्कर की जरूरत हो तो आपको बस वह Resume उनको देने जिससे आपको भी कमीशन मिलता है . आप चाहे तो टेक्निकल असिस्टेंस भी बन सकते हो !

तो दोस्तों यह थे कुछ फ्रीलांसिंग जॉब और बिजनेस जो आप घर बैठे कर सकते हो . और लाखो रुपये कमा सकते हो . लेकिन दोस्तों इसके लिए आपको अच्छी फ्रीलांसिंग वेबसाइट ढूंढ़नी है . और उसीपर काम करना है . क्योकि फ्रीलांसिंग के नाम पर बहुत सी फेक वेबसाइट भी लोगो द्वारा बनाई गयी है . तो चलिए अब जानते है की फ्रीलांसिंग के लिए अच्छी वेबसाइट्स कौनसी है !

freelancing websites

  1. Upwork
  2. Toptal
  3. Coding ninjas
  4. Freelancer
  5. 99designs
  6. Fiverr
  7. Guru
  8. PeoplePerhour
  9. iFreelance
  10. WoeknHire

तो दोस्तों हमने आपको १० बेस्ट फ्रीलांसिंग की वेबसाइट बताई जिसमे आप अपना अकाउंट बनाकर काम कर सकते है . यह १० टॉप की वेबसाइट है फ्रीलांसिंग जॉब करने के लिए . सबसे पहले आपको किसी भी फ्रीलांसिंग की वेबसाइट पर अपनी एक प्रोफाइल बनानी होती है . और उस प्रोफाइल को ग्रो करने के लिए आपको मेहनत करनी पड़ती है !

आप जितनी ज्यादा मेहनत अपने फ्रॉफिले पर करोगे उतनी ज्यादा आपकी प्रोफाइल रैंक करेगी . और जितनी ज्यादा आपकी प्रोफाइल रैंक करेगी आपके पास उतने ही ज्यादा काम आएंगे और आप उतने ही ज्यादा पैसे कमा पाओगे . प्रोफाइल रैंक करने के लिए आपको कस्टमर को खुश रखना पड़ता है . उसका काम समय पर पूरा करना होता है !

उसके बाद आता है आपका काम करने का तरीका . आपने काम किस प्रकार किया है वह सब आपके प्रोफाइल पर दर्शाया जाता है . आप जितना अच्छा काम करोगे उस काम को देख कर और भी कस्टमर आपके पास आएंगे . और आपकी प्रोफाइल जल्दी से जल्दी रैंक होगी . तो चलिए अब जानते है फ्रीलांसिंग पर काम करने से हमें क्या-क्या फायदे मिलते है !

फ्रीलांसिंग पर काम करने के फायदे

  • फ्रीलांसिंग पर काम करने के लिए आपको पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं होती और आपके पैसे भी बच जाते है .
  • आपको बिजनेस करने के लिए किसी ऑफिस की जरूरत नहीं होती आप ऑनलाइन तरीके से ही सारा काम कर सकते हो .
  • फ्रीलांसिंग पर काम करने के लिए आपको किसी अच्छे लोकेशन की जरुरत नहीं होती आप कई से भी काम कर सकते है और पैसे कमा सकते हो .
  • आप जब कोई बिजनेस स्टार्ट करते है तो आपको बहुत सी जगह पर घूमना पड़ता है लेकिन अगर आप फ्रीलांसिंग के साथ काम करते हो तो आपको कई घूमने की आवश्यकता नहीं होती आप घर से ही अपना काम कर सकते हो .
  • आप जब किसी कंपनी में काम करते हो तब आपको कंपनी के दिए गए प्रोजेक्ट पर काम करना होता है लेकिन फ्रीलांसिंग पर आप अपने मनपसंद किसी भी प्रोजेक्ट पर काम कर सकते हो .
  • काम करने के लिए आपका कोई भी समय सुनिश्चित नहीं होता आप जब चाहे तब और जितने चाहे उतने घंटे काम कर सकते है .

अंतिम शब्द

तो दोस्तों यह था freelancing क्या है और फ्रीलांसर कैसे बने . उम्मीद है आपको फ्रीलांसिंग के बारे में सम्पूर्ण जानकारी मिल गयी होगी . और इसकी मदत से आप एक अच्छे फ्रीलांसर बन सकते हो . अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे . और साथ ही वेबसाइट के नोटिफिकेशन बेल को भी ऑन कर दे . ताकि आने वाले समय में आप कोई भी आर्टिकल मिस ना करे . क्योकि हम ऐसे ही फायदेमंद आर्टिकल आपके लिए लाते रहते है . अगर आपको इस आर्टिकल से जुडी कोई भी समस्या हो तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते है धन्यवाद !

पवन चक्की कैसे काम करती है – How Does Windmill Work in Hindi

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How Does Windmill Work in Hindi

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम देखने वाले है पवन चक्की कैसे काम करती है . आज के समय में लगभग सभी के घरो में बिजली है . हम १ मिनट भी बिना बिजली के नहीं रह सकते . अगर हम गौर करे तो पिछले कुछ सालो से बिजली की उपयोगता काफी ज्यादा मात्रा में बढ़ चुकी है . जितने भी नए अविष्कारों की खोज की जाती है उनमेसे ज्यादा उपकरण बिजली पर ही चलते है!

दोस्तों अगर देखा जाये तो बिजली कई अलग-अलग प्रकार से उतपन्न की जाती है . उनमे से एक प्रकार है पवन ऊर्जा जो की पवन चक्की की मदत से निर्माण की जाती है . आज के आर्टिकल में हम यही जानेंगे की आखिर पवन चक्की कैसे काम करती है और इससे किस प्रकार ऊर्जा निर्माण होती है . तो चलिए शुरू करते है !

पवन चक्की क्या है – What is windmill in hindi

पवन चक्की को एक मशीन के रूप में परिभाषित किया गया है . जो पवन की गतिज ऊर्जा को यानि की हवा को यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित करती है . पवनचक्की के सभी ब्लेड हमेशा एक दक्षिणावर्त दिशा में घूमते हैं . पवनचक्की का मुख्य उद्देश्य पवन ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करना है !

पहली पवनचक्की वर्ष 1854 में संयुक्त राज्य अमेरिका के डैनियल हल्लादे द्वारा डिजाइन किया गया थी और आज के समय में लगभग जगभर में पवन चक्की का इस्तेमाल किया जाता है हमारे भारत देश में भी पवन चक्की की मदत से काफी ज्यादा बिजली का उत्पादन किया जाता है भारत में तमिलनाडु एक ऐसा राज्य है जिसमे सबसे ज्यादा पवन ऊर्जा पैदा की जाती है !

दोस्तों बढ़ती बिजली की खपत को ध्यान में रखते हुए पवन ऊर्जा हमारे लिए मानो एक वरदान जैसी है . क्योकि हर क्षेत्र में , हर जगह पर हमें बिजली की जरूरत होती है . इसके लिए ज्यादा से ज्यादा बिजली का उत्पादन करना भी जरुरी होता है . तो चलिए अब जानते है की पवन चक्की कैसे काम करती है !

पवन चक्की कैसे काम करती है ?

एक पवन चक्की बहुत कम मात्रा में बिजली का उत्पादन कर पाती है . इसलिए बड़े पैमाने पर पवन चक्कियों को क्रम में लगाया जाता है . ताकि हमारे उपयोग के लिए पर्याप्त मात्रा में विद्युत् उत्पादित की जा सके . और इस क्षेत्र को पवन ऊर्जा फार्म के नाम से जाना जाता है . हमारे भारत देश में ऐसे कई सारे पवन ऊर्जा फार्म है जहा की पवन ऊर्जा का उत्पाद किया जाता है !

पवन चक्की की संरचना किसी बड़े विद्युत् पंखे की तरह होती है . जिसे एक ध्रुन आधार पर खड़ा किया जाता है . पवन चक्की के ब्लेड को थोड़े झुके हुए तरीके से लगाया जाता है . ताकि सापेक्षिक हवा के गति के अनुसार उसे घुमाया जा सके . जैसे जैसे बाहरी सिरे की और ब्लेड का वेग बढ़ता है सापेक्षित हवा की गति भी बाहरी सिरे की और अधिक झुकती जाती है . इसका मतलब है की ब्लेड को जड़ से लेकर सिरे तक एक सतत घुमाव दिया जाता है !

इस घुमाव को सीधे जनरेटर से नहीं जोड़ा सकता . क्योकि आम तौर पर विंड टरबाइन बहुत कम RPM पर घूमती है . जिसका कारण शोर और यांत्रिक क्षमता से जुडी समस्याए है . इसके धीमे गति से घूमने को ध्यान में रखते हुए हम जनरेटर से पर्याप्त इलेक्ट्रिक फ्रीक्वेंसी उत्प्पन्न कर पाएंगे . इसलिए जनरेटर से जोड़ने से पहले गति को एक गेयर बॉक्स में बढ़ाया जाता है . उच्च गति अनुपात प्राप्त करने के लिए गियरबॉक्स में एक प्लैनेटरी गियर के सेट का प्रयोग किया जाता है !

ब्रेक का काम बहुत तेज हवा चलने के स्थिति में विंड ब्लेड के रोटेशन को कैद करना होता है . परिणाम स्वरुप पैदा हुए बिजली को खम्बे में लगे हुए केबलों के जरिए बेस की और ट्रांसपर किया जाता है . जहा पर एक स्टेपअप ट्रांसफॉर्मर लगा होता है . ट्रांसफार्मर विद्युत ऊर्जा को एक परिपत से अन्य परिपत में अपेक्षित वोल्टता पर स्थानांतरित कर देता है . अंत में व्युद्युत को ग्रिडों पर भेजा जाता है . जहा से घरेलु और वाणिज्यिक उपयोगो के लिए उसका वितरण किया जाता है !

अधिकतम बिजली पैदा करने के लिए आम तौर पर ब्लेडों का मुँह हवा की और होना चाहिए . लेकिन हवा की दिशा कभी भी बदल सकती है . पवन चक्की के ऊपर लगा वेलॉसिटी सेंसर हवा की गति और दिशा का माप करता है . हवा के दिशा में होने वाले बदलाव को एक इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोलर को भेजा जाता है . जो बदले में पवन चक्की में लगे YAWING MECHANISM को संकेत भेजता है . जैसे ही YAWING MECHANISM को संकेत मिलता है वह उन ब्लेड्स को हवा की दिशा की और घुमा देता है . जिससे की पवन चक्की कभी बंद नहीं होती !

पवन चक्की के फायदे एवं नुकसान

जैसा की पवन ऊर्जा से हमें काफी सारे फायदे होते है वैसे ही हमें इसके कुछ नुकसान भी झेलने पद सकते है तो चलिए जानते है पवन ऊर्जा के फायदे एवं नुकसान !

पवन चक्की के फायदे –

  • पवन ऊर्जा एक अक्षय ऊर्जा स्रोत है जो पर्यावरण के अनुकूल और साफ है .
  • पवन ऊर्जा स्वच्छ ऊर्जा का एक स्त्रोत है .
  • जहा पर भी पर्याप्त मात्रा में पवन ( हवा ) चलती हो वहा पर पवन चक्की को स्थापित किया जा सकता है .
  • पवन ऊर्जा पर बार बार खर्च करने की आवश्यकता नहीं होती .

पवन चक्की के नुकसान –

  • विद्युत् उत्पादन करने के लिए पवन ( हवा ) की न्यूनतम चाल १५ किमी. प्रति घंटा हॉमी चाहिए जो हर स्थान पर उपलब्ध नहीं होती
  • पवन ऊर्जा फर्मो का निर्माण बहुत महंगा होता है .
  • जब पवन ( हवा ) न चाल रही हो तब आवश्यकताओ की पूर्ति करने के लिए आपको वैकल्पिक प्रणाली की व्यवस्ता करनी पड़ती है
  • पवन ऊर्जा फार्म स्थापित करने के लिए बड़े भू-भाग की आवश्यकता होती है जो आसानी से उपलब्ध नहीं होते

अंतिम शब्द

तो दोस्तों यह था पवन चक्की कैसे काम करती है . उम्मीद है आपको पवनचक्की के कार्य प्रणाली के बारे में सम्पूर्ण जानकारी मिल गई होगी . और आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा . अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे . और साथ ही वेबसाइट के नोटिफिकेशन बेल को भी ऑन कर दे . ताकि आने वाले समय में आप कोई भी आर्टिकल मिस ना करे . क्योकि हम ऐसे ही हेल्पफुल आर्टिकल आपके लिए लाते रहते है . अगर आपको इस आर्टिकल से जुडी कोई भी समस्या हो तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते है . धन्यवाद !

यूट्यूब कॉपीराइट क्या होता है – Youtube Copyright Rules in Hindi

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youtube copyright kya hota hai

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम देखने वाले है यूट्यूब कॉपीराइट क्या होता है . अगर आप भी एक यूटूबर है तो आपको कॉपीराइट के बारे में जानना बहुत जरुरी है . अगर आपको यूट्यूब कॉपीराइट नियम के बारे में जानकारी नहीं है तो आपकी यूट्यूब पर की गयी मेहनत व्यर्थ हो सकती है . इसीलिए हर यूटूबर को कॉपीराइट के बारे में सम्पूर्ण जानकारी होना आवश्यक है !

यूट्यूब कॉपीराइट एक ऐसी चीज है अगर आप उनके नियम का उलंघन करते है तो आपका यूट्यूब चैनल सस्पेंड भी हो सकता है और आपकी सारी मेहनत पर पानी फिर सकता है इसी लिए हम आज आपको बताएँगे की आप किस प्रकार youtube copyright claim से बच सकते हो और साथ ही जानेंगे youtube copyright rules in hindi तो चलिए शुरू करते है !

यूट्यूब कॉपीराइट क्या है ?

दोस्तों अगर आसान भाषा में समजाया जाए तो कॉपीराइट का मतलब होता है अधिकार . अगर आप कोई भी कंटेंट क्रिएट करते है उदाहरण के लिए मान लीजिये आप कोई विडिओ बनाते है , आप कोई म्यूजिक बनाते है इसी तरह से आप कोई फोटोग्राफ लेते है . तो उसपर आपका अधिकार होता है !

अगर कोई अन्य व्यक्ति आपके विडिओ को , आपके सॉन्ग को या फिर आपके फोटोग्राफ को बिना आपके परमिशन अगर इस्तेमाल करता है तो उसे कॉपीराइट कहा जाता है . क्योकि उन सभी चीजों पर आपका अधिकार होता है !

अगर कोई व्यक्ति बिना आपके परमिशन के आपके आपका कंटेंट इस्तेमाल कर रहा है तो आप लीगल तरीके से उस व्यक्ति पर एक्शन ले सकते है . दोस्तों कॉपीराइट के कुछ रूल्स होते है . अगर आप उन रूल्स का ठीक तरीके से पालन करते है तो आपके चैनल पर कॉपीराइट नहीं आएगा . तो चलिए कॉपीराइट के रूल्स को विस्तार से समझते है !

Youtube copyright rules in hindi

1) आप किसी अन्य व्यक्ति द्वारा बनाया गया विडिओ अपने चैनल पर इस्तेमाल नहीं कर सकते .

2) आप अपने विडिओ में किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा बनाया गया सॉन्ग इस्तेमाल नहीं कर सकते .

3) अगर कोई बुक , स्टोरी , नोवेल जिसे की दूसरे व्यक्ति द्वारा ट्रेडमार्क किया गया है उसे आप अपने विडिओ में इस्तेमाल नहीं कर सकते है इस्तेमाल करने पर आपके चैनल पर कॉपीराइट आ सकता है .

4) अगर कोई भी पेंटिंग हो , फोटोग्राफ हो , किसी तरह का कोई आर्ट हो और आप उसे कई से कॉपी करते हो बिना किसी परमिशन के तो भी आपके विडिओ पर कॉपीराइट लग सकता है .

5) अगर आप कोई भी सॉफ्टवेयर टिटोरियल बना रहे हो और आप किसी पेड सॉफ्टवेयर को फ्री में डाऊनलोड करना सीखा रहे हो इस केस में भी आपके चैनल पर कॉपीराइट लग सकता है .

6) अगर आप यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीम कर रहे हो और उसपर आप कोई कॉपीराइट का कंटेंट है जो की कॉपीराइट के अंतर्गत आता है तो भी आपके चैनल पर कॉपीराइट क्लेम आ सकता है और आपका लाइव स्ट्रीम भी ७ से ८ दिनों तक के लिए रोका जा सकता है .

तो दोस्तों यह यूट्यूब कॉपीराइट के कुछ रूल्स थे जिनका आपको पालन करना होता है . अगर आप इन रूल्स का उलंघन करते है तो आपका चैनल हमेशा के लिए बंद भी किया जा सकता है . दोस्तों कॉपीराइट के भी २ अलग अलग प्रकार होते है उन्हें विस्तार से समझते है .

यूट्यूब कॉपीराइट के प्रकार – Types of youtube copyrights

दोस्तों यूट्यूब कॉपीराइट के दो प्रकार होते है . जो की अलग अलग कारणों के लिए दिए जाते है . पहला प्रकार होता है youtube copyright strike और दूसरा प्रकार होता है youtube copyright claim . चलिए इन्हे विस्तार से समझते है .

1. YOUTUBE COPYRIGHT STRIKE – अगर आप किसी अन्य व्यक्ति द्वारा बनाया गया कंटेंट जैसे की विडिओ , ऑडियो , फोटोग्राफ बिना उस व्यक्ति के परमिशन के डाऊनलोड कर अपने चैनल पर पब्लिश कर देते है, और अगर उस व्यक्ति को पता चल जाता है की आपने बिना परमिशन उसके कंटेंट को इस्तेमाल किया है तो वह व्यक्ति यूट्यूब को रिपोर्ट कर देता है !

रिपोर्ट करने के बाद यूट्यूब उस विडिओ की जाँच करता है . और अगर यूट्यूब को ऐसा लगता है की आपने सच में उस व्यक्ति का कंटेंट कॉपी किया है तो यूट्यूब उस विडिओ को आपके चैनल से डिलीट कर देता है . और आपको एक कॉपीराइट क्लेम भेज देता है !

अगर ३ महीने में इसी तरह आपके चैनल पर ३ कॉपीराइट क्लेम आते है तो आपके चैनल को हमेशा के लिए सस्पेंड कर दिया जाता है . चाहे आपका चैनल कितना भी बड़ा क्यों न हो यूट्यूब उसकी परवाह नहीं करता . अगर आप यूट्यूब पर करियर बनाना चाहते है और चाहते हो की आपका चैनल कभी भी सस्पेंड ना हो . तो आपको इस यूट्यूब कॉपीराइट स्ट्राइक से बचना होगा . और इससे बचने के लिए आपको यूट्यूब के सभी नियमो का पालन करना होगा !

2. YOUTUBE COPYRIGHT CLAIM दोस्तों कॉपीराइट क्लेम भी कॉपीराइट स्ट्राइक की तरह ही होता है . लेकिन इसमें आपका चैनल सस्पेंड नहीं होता . इसके कुछ अलग रूल्स है . अगर आप किसी व्यक्ति द्वारा बनाये गए सॉन्ग्स , विडिओ , फोटोग्राफ को एडिट कर अपने चैनल पर इस्तेमाल करते है . तो यूट्यूब द्वारा इसे डिटेक्ट कर लिया जाता है . यूट्यूब को यह पता चल जाता है की यह सामग्री पहले से ही यूट्यूब पर मौजूद है !

अगर आप किसी का विडिओ डाऊनलोड कर उसे थोडासा एडिट कर अपने चैनल पर पब्लिश करते है . तो यूट्यूब द्वारा उस विडिओ को कॉपीराइट क्लेम दिया जाता है . और उस विडिओ के निचे लिखा हुवा आता है इन्क्ल्यूड कॉपीराइट कंटेंट . अगर इसके फायदे की बाद करे तो आपको जिस किसी विडिओ पर कॉपीराइट क्लेम मिला हो वह विडिओ डिलीट नहीं होता . और नाही उसपर कोई कॉपीराइट क्लेम आता है !

अगर नुकसान की बात की बात करे तो आपका यह विडिओ मॉनिटाइज नहीं होता है . और अगर मॉनिटाइज होता भी है तो इसका सारा रेवेन्यू उसे मिलता है . जिसका विडिओ आपने कॉपी और एडिट कर अपने चैनल पर पब्लिश किया हो और अगर आपका चैनल मॉनिटाइज नहीं हुवा है और आप उसे कॉपीराइट क्लेम विडिओ के साथ मॉनिटाइजेशन के लिए डाल रहे है तो आपका मॉनिटाइजेशन रिजेक्ट भी हो सकता है !

यूट्यूब कॉपीराइट से कैसे बचे ?

दोस्तों आज के समय में यूट्यूब एक बहुत बड़ा प्लेटफार्म बन चूका है पैसे कमाने का . बहुत से लोग यूट्यूब की मदत से लाखो रुपये कमा रहे है . अगर आप भी यूट्यूब पर अपना करियर बनाना चाहते है तो आपको यूट्यूब के रूल्स को समझना बहुत जरुरी है . ताकि आप यूट्यूब कॉपीराइट से बच सको और आपका चैनल कभी भी सस्पेंड न हो . तो चलिए जानते है की यूट्यूब कॉपीराइट से किस प्रकार बचा जा सकता है !

दोस्तों अगर आप चाहते है की आपके विडिओ पर और आपके चैनल पर कॉपीराइट क्लेम या कॉपीराइट स्ट्राइक न हो तो आपको किसी भी व्यक्ति के विडिओ को कॉपी नहीं करना है . आपको अपना खुद का नया कंटेंट बनाना है . अगर आप किसी भी का भी सॉन्ग , ऑडियो कॉपी कर अपने विडिओ में लगते है तो भी आपके चैनल पर कॉपीराइट क्लेम या कॉपीराइट स्ट्राइक आ सकती है !

इससे बचने के लिए आपको किसी भी व्यक्ति द्वारा बनाया गया ऑडियो या फिर किसी भी विडिओ का सॉन्ग अपने विडिओ में इस्तेमाल नहीं करना है . अगर आप कोई ऑडियो या म्यूजिक इस्तेमाल करना चाहते है तो आपको कई सारी ऐसी वेबसाइट मिल जाएगी जहा से आप बिना कॉपीराइट के सॉन्ग्स या फिर ऑडियो डाऊनलोड कर अपने विडिओ में इस्तेमाल कर सकते है . जिससे की आप कॉपीराइट क्लेम से और कॉपीराइट स्ट्राइक से बच सकते है !

Youtube copyright disclaimer

अगर आप किसी अन्य व्यक्ति का कॉन्टेंट न्यूज़ के लिए , एजुकेशन पर्पस के लिए इस्तेमाल करते है तो वह फेयर यूज में आता है बहुत से ऐसे यूटूबर है जो रोस्टिंग के लिए एजुकेशन रिलेटेड विडिओ बनाने के लिए कॉपीराइट विडिओ का या ऑडियो का इस्तेमाल करते है . लेकिन डिस्क्लेमर इस्तेमाल करने की वजह से ५० प्रतिशद ही चांस होते है आपके विडिओ पर कॉपीराइट क्लैम आने के !

आपने बहुत बार यूट्यूब विडिओ में देखा होगा . विडिओ शुरू होने से पहले एक डिस्क्लेमर लिखा हुवा आता है . जिसमे अलग अलग प्रकार के कारण होते है . जैसे की इस विडिओ में दिखाने वाले अन्य क्लिप्स एजुकेशन के लिए दिखाए जा रहे है . या फिर लिखा हुवा आता है की इस विडिओ में दिखाई गयी अन्य कॉपीराइट क्लिप्स उसके ओनर से परमिशन ले कर दिखाई जा रही है . जिससे की कॉपीराइट क्लेम आने के सिर्फ ५० परसेंट ही चांस होते है !

अगर आप भी एजुकेशन से रिलेटेड या रोस्टिंग की विडिओ बनाते है . तो जाहिर सी बात है आपको भी कॉपीराइट क्लिप्स याने दुसरो की क्लिप्स की आवश्यकता तो होती ही है . ऐसे में कॉपीराइट के चांसेस और भी बढ़ जाते है . अगर आप चाहे तो अपने विडिओ में डिस्क्लेमर लगा सकते है . यह डिस्क्लेमर आपको विडिओ की डिस्क्रिप्शन में भी डालना है . जिससे की कॉपीराइट के ५० प्रतिशत चांस घट जाते है . या विडिओ के ओनर से भी बात कर सकते हो जिससे की वह आपके चैनल पर कॉपीराइट स्ट्राइक नहीं करेगा !

अंतिम शब्द

तो दोस्तों यह था यूट्यूब कॉपीराइट क्या होता है . उम्मदी है आपको यूट्यूब कॉपीराइट के बारे में सम्पूर्ण जानकारी मिल गयी होगी . और आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा . अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे . और साथ ही वेबसाइट के नोटिफिकेशन बेल को भी ऑन करदे . ताकि आने वाले समय में आप कोई भी आर्टिकल मिस ना करे . क्योकि हम ऐसे हेल्पफुल आर्टिकल आपके लिए लाते रहते है . अगर आपको इस आर्टिकल से जुडी कोई भी समस्या हो तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते है . धन्यवाद !

चिंगारी ऐप क्या है और कैसे इस्तेमाल करे – Chingari App Full Review in Hindi

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Chingari App Full Review in Hindi

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम देखने वाले है चिंगारी ऐप क्या है और कैसे इस्तेमाल करे . जैसा की आप सब जानते ही है चाइना और भारत के बिच पिछले कई दिनों से सिमा विवाद चल रहा है . इसे के चलते भारत सरकार द्वारा टिकटॉक समित ५९ ऐप पर प्रतिबन्ध लगा दिया है. गूगल प्लेस्टोर से भी इस एप्लिकेशन को हटा दिया गया है !

लेकिन अगर आप भी एक टिकटॉक यूजर थे , तो इसके विकल्प के तौर पर भारत में भी एक स्वदेशी ऐप मौजूद है , जो आपको फिरसे स्टार बना सकता है , और आपका मनोरंजन भी कर सकता है , जी हा दोस्तों इस ऐप का नाम है चिंगारी ऐप जिसे की भारत का टिकटॉक कहा जाता है . टिकटॉक भारत में बैन होने के बाद जो टिकटॉक स्टार थे वे काफी परेशान थे !

उन्हें लगता था की अब उनकी तारीफें करने वाले उनके फैंस गायब हो जायेंगे . लेकिन ऐसा बिलकुल भी नहीं है . टिकटॉक को टक्कर देने के लिए नए भारत की चिंगारी ही काफी है . भारत में बना चिंगारी ऐप तेजी से टिकटॉक की जगह ले रहा है . तो आज के इस आर्टिकल में हम इसी विषय पर हम चर्चा करने वाले है की आखिर चिंगारी ऐप क्या है और कैसे इस्तेमाल करे !

और इसे किस प्रकार इस्तेमाल किया जाता है . और साथ ही हम देखेंगे chingari app founder , chingari app details और इसके फीचर्स . तो चलिए शुरू करते है !

चिंगारी ऐप क्या है – What is chingari app

दोस्तों चिंगारी ऐप बिलकुल टिकटॉक की तरह ही एक विडिओ शेयरिंग प्लेटफार्म है . जहाँपर यूजर्स विडिओ डाऊनलोड और अपलोड करने के साथ ही दोस्तों से चैट और कंटेंट शेयर कर सकते है . अगर फीचर्स की बात करे तो चिंगारी ऐप में आपको टिकटॉक से कई ज्यादा अलग अलग फीचर्स देखने मिलेंगे !

और अगर आपको अपना डेटा लिक होने का डर सताता है . तो डरने की कोई बात नहीं ! क्योकि चिंगारी ऐप बहुत ही सुरक्षित ऐप है . जो की आपका मनोरंजन भी करता है . और आपको स्टार भी बनाता है . काफी कम समय में इस ऐप को कई ज्यादा लोगो ने डाऊनलोड किया है . लोगो द्वारा इस एप्लिकेशन को काफी ज्यादा पसंद किया जा रहा है !

क्योकि इस ऐप में आपको लोगो द्वारा बनाये गए काफी नए नए मजेदार कंटेंट देखने को मिलते है . जिससे की आपका मनोरंजन होता है . तो चलिए अब जानते है की आप चिंगारी ऐप में आपको अपना अकाउंट किस प्रकार बनाना है !

चिंगारी ऐप में अकाउंट कैसे बनाएं

Step 1 – सबसे पहले आपको गूगल प्लेस्टोर से चिंगारी ऐप को डाऊनलोड करना है .

Step 2 – डाऊनलोड कर ओपन करने के बाद आपके सामने कुछ भाषाएँ आएगी आपको उनमे से अपनी भाषा सिलेक्ट करनी है .

Step 3 – भाषा सिलेक्ट करने के बाद आपका चिंगारी ऐप शुरू हो जायेगा . ऐप शुरू होने के बाद आपको प्रोफाइल वाले ऑप्शन में जाना है .

Step 4 – प्रोफाइल वाले ऑप्शन में जाने के बाद आपके सामने दो ऑप्शन आयंगे . लॉग इन विथ फोन नंबर और लॉग इन विथ गूगल . आपको लॉग इन विथ फोन नंबर पर क्लिक करना है .

Step 5 – लॉग इन विथ फोन पर क्लिक करने के बाद आपके सामने मोबाइल नंबर का ऑप्शन आ जायेगा . आपको अपना मोबाइल नंबर डालकर रजिस्टर नाउ पर क्लिक करना है .

Step 6 – रजिस्टर नाउ पर क्लिक करने के बाद आपके मोबाइल नंबर पर एक otp आएगा आपको वह otp डालकर नेक्स्ट कर देना है .

Step 7 – नेक्स्ट करने के बाद आपको अपना जेंडर सिलेक्ट करना है . और नाम डालना है और नेक्स्ट कर देना है . जैसे ही आप नेक्स्ट पर क्लिक करोगे आपका चिंगारी आयडी एक्टिवेट हो जायेगा

chingari app founder

दोस्तों जैसा की आप सब जानते ही है की चिंगारी ऐप एक इंडियन एप्लिकेशन है . जिस पर आप अपनी शॉर्ट विडिओ अपलोड कर सकते हो . और साथ ही लोगो द्वारा बनायीं गयी विडिओ भी देख सकते हो . अगर हम बात करे चिंगारी ऐप के फॉउंडर्स की तो इस एप्लिकेशन को छतीसगढ़ के रहने वाले बिस्वात्मा नायक और सुमित घोष ने बनाया है !

भारतीय ऐप होने के कारन यह ऐप अंग्रेजी समेत हिंदी , बंगाली , तमिल , गुजराती , कन्नड़ , मराठी , तेलगु , ओड़िया , मल्यालम और पंजाबी जैसे ११ अलग-अलग भाषाओ में उपलब्ध है . यह ऐप ११ भाषाओ में होने के कारन भारत के हर राज्य का व्यक्ति इस एप्लिकेशन को इस्तेमाल कर सकता है . और अपनी भाषा में वीडिओज़ का आनंद ले सकता है . इसी के कारन इस एप्लिकेशन को लोगो द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है

chingari app about in hindi

चिंगारी ऐप एक भारतीय भारतीय एप्लिकेशन है जिसे की बिस्वात्मा नायक और सुमित घोष द्वारा बनाया गया है . अगर हम बात करे इसके लॉन्चिंग डेट की तो २९ नवंबर २०१८ को इसे लॉन्च किया गया था . और साथ ही बात करे चिंगारी ऐप के वर्जन की तो इसका वर्जन 2.6.6 है !

यह ऐप इंडियन ऐप होने के कारन इसे ११ अलग अलग भारतीय भाषाओ के साथ लॉन्च किया गया है . इसके कारन भारत के हर राज्य का व्यक्ति इसे अपने भाषा में इस्तेमाल कर सकता है . चिंगारी एप्लिकेशन के यूजर्स हालही के समय में १ करोड़ से भी ज्यादा है . और इसे गूगल प्ले स्टोर पर लोगो द्वारा की रेटिंग भी दी गयी है चिंगारी ऐप की साइज ७९ mb दी गयी है . और इसका लास्ट अपडेट १९ सितंबर २०२० को आया था !

चिंगारी ऐप कैसे चलाएं

दोस्तों जैसा की आप सब जानते है की चिंगारी ऐप एक शॉर्ट विडिओ ऐप है जिसमे आपको कई तरह के अलग अलग ऑप्शन दिए गए है उन सारे ऑप्शन को विस्तार से समझते है !

होम – इस ऑप्शन में आपको चिंगारी ऐप के जितने भी यूजर्स है उन सारे यूजर्स द्वारा बनाये गए विडिओ देखने मिलेंगे . और साथ आपको होम वाले ऑप्शन में राइट साइड में ६ और ऑप्शन मिलेह्गे . पहला तो आप जो विडिओ देख रहे है वह किस व्यक्ति द्वारा बनाया गया है . उस व्यक्ति की प्रोफाइल देखने मिलेगी . अगर आप चाहे तो उस व्यक्ति की प्रोफाइल में जाकर उसे फॉलो भी कर सकते है !

दूसरा ऑप्शन है लाइक का . आपको प्रोफाइल के निचे एक चिंगारी का सिमबॉल अगर आप उसपर क्लिक करते है तो आप जिस किसी व्यक्ति की विडिओ देख रहे है वह विडिओ लाइक हो जाएगी . तीसरा ऑप्शन है कमेंट का जिससे की आप उस विडिओ पर अपनी कमेंट कर सकते है . चौथा ऑप्शन है शेयर का जिससे की उस विडिओ को अपने सोशल मिडिया प्लेटफार्म पर शेयर कर सकते है !

पांचवा ऑप्शन है अधिक का जिससे की आप उस विडिओ के साथ डुएट बना सकते है , विडिओ पर रिपोर्ट कर सकते है , विडिओ सेव कर सकते है और साथ विडिओ शेयर भी कर सकते है . छठा ऑप्शन है म्यूजिक का जिससे की आपको पता चलता है , की विडिओ में इस्तेमाल किया गया साउंड किसके द्वारा बनाया गया है !

सर्च – सर्च वाले ऑप्शन से आप किसी भी वयक्ति का अकाउंट या फिर विडिओ ढूंढ सकते है . आपको बस सर्च वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है . और आप जिस किसी व्यक्ति का अकाउंट सर्च करना चाहते है . उसका नाम डालकर सर्च पर क्लिक कर देना है उस व्यक्ति का अकाउंट आपके सामने आ जायेगा !

अपलोड – अगर आप भी चिंगारी ऐप पर विडिओ बनाना चाहते है . और साथ ही उस विडिओ को चिंगारी ऐप पर अपलोड करना चाहते है . तो आपको बस अपलोड वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है . क्लिक करते ही आपके फोन का कैमरा ऑन हो जायेगा. उसके बाद आप विडिओ बना सकते है . अगर आपने पहले से ही विडिओ बना ली है और उस विडिओ को आप अपलोड करना चाहते है तो आपको अपलोड के बटन पर क्लिक करना है !

और अपने फोन गैलरी को ओपन करना है . और आप जो भी विडिओ डालना चाहते है उस विडिओ को सिलेक्ट करना है . और नेक्स्ट कर देना है . उसके बाद आप चाहे तो विडिओ के लिए डिस्क्रिप्शन लिख सकते है . और हैशटैग भी लगा सकते है . यह सब करने के बाद आपको नेक्स्ट के बटन पर क्लिक कर देना है . आपकी विडिओ अपलोड हो जाएगी !

प्रोफाइल – इस ऑप्शन से आप अपने बारे में सम्पूर्ण जानकारी देख सकते है . जैसे की आपके फॉलोवर कितने है , आपकी फॉलोविंग कितनी है , आपके सारे विडिओ को मिलकर लाइक्स कितने आये है , आपके टोटल विडिओ पर व्हिव कितने है इस तरह की सारी जानकारी आपको प्रोफाइल वाले ऑप्शन में देखने मिल जाएगी . अगर आप चाहे तो इस ऑप्शन से अपनी प्रोफाइल को एडिट भी कर सकते है . आप अपना नाम बदल सकते है और साथ ही अपनी प्रोफाइल फोटो भी इस ऑप्शन से बदल सकते है !

अधिक – दोस्तों इस ऑप्शन की वजह से यह ऐप थोड़ा खास बन जाता है क्योकि इस ओप्शन में तीन और ऑप्शन मिल जाते है !

१) गेम जोन
२) समाचार
३) भाषा

१) गेम जोन – इस ऑप्शन में आपको कई सारे अलग अलग गेम्स दिए गए है . जैसे की बास्केट बॉल , फुटबॉल , क्रिकेट इस तरह के कई सारे मनोरंजन भरे गेम आपको दिए गए है जिन्हे की आप बिलकुल फ्री में खेल सकते है !

२) समाचार – इस ऑप्शन में आपको राष्ट्र , राज्य , खेल , इंटरटेन्मेंट , टेक्नॉलजी से जुडी सभी तजा खबरे देखने को मिलती है इसी लिए अगर आपको भी समाचार पढ़ना या देखना पसंद है . तो आप इस एप्लिकेशन की मदत से आसानी से पढ़ सकते है और विडिओ फॉर्मेट में देख भी सकते हो !

३) भाषा – दोस्तों जैसा की आप सब जानते है चिंगारी ऐप ११ अलग अलग भारतीय भाषाओ में उपलब्ध है . इसी लिए अगर आप अपने ऐप की भाषा बदलना चाहते है तो इस ऑप्शन से आप आसानी से बदल सकते है !

तो दोस्तों यह थे चिंगारी ऐप के सारे फीचर्स. इनकी मदत से आप आसानी से चिंगारी ऐप को चला सकते हो . आपको चिंगारी ऐप चलने में कोई भी समस्या नहीं आएगी !

अंतिम शब्द

तो दोस्तों यह था चिंगारी ऐप क्या है और कैसे इस्तेमाल करे . उम्मीद है आपको समज आ गया होगा चिंगारी ऐप क्या है और आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा . अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे . और साथ ही वेबसाइट के नोटिफिकेशन बेल को भी ऑन कर दे . ताकि आने वाले समय में आप कोई भी आर्टिकल मिस ना करे . क्योकि हम ऐसे ही हेल्पफुल आर्टिकल आपके लिए लाते रहते है . अगर इस आर्टिकल से जुडी आपको कोई भी समस्या हो तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते है धन्यवाद !

Koo App क्या है ? भारत का अपना ट्विटर – पूरी जानकारी हिंदी में

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koo app in hindi

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम देखने वाले है koo app क्या है ? जैसे की आप सब जानते है भारत सरकार द्वारा ५९ चाइनीज एप्लिकेशन पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है . इसी के चलते भारतीय डेवलपर्स के लिए एक बढ़िया औसर निकल कर आया है !

भारतीय एप्लिकेशन बनाने का . और बहुत से ऐप डेवलपर इसका फायदा भी उठा रहे है . और इसी के चलते नए-नए एप्लिकेशन भारतीय डेवलपर द्वारा बनाये जा रहे है . उसी में से एक एप्लिकेशन है कू ऐप जिसे की भारत का ट्विटर भी कहा जाता है . तो आज हम कू ऐप के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देखने वाले है !

जैसे की koo app kya hai , koo app founder और how to use koo app . इन सरे विषय पर हम सविस्तार जानकारी देखने वाले है . तो इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़े ताकि koo app के बारे में आप सम्पूर्ण जानकारी जान सके . तो चलिए शुरू करते है !

Koo App क्या है – What is koo app in hindi

दोस्तों चाइनीज एप्लिकेशन बैन होने के बाद भारतीय डेवलपर द्वारा लगभग सभी चाइनीज एप्लिकेशन के अल्टरनेटिव एप्लिकेशन बनाये गए है . जैसे की फेसबुक + इंस्टाग्राम + व्हाट्सअप इन तीनो का अल्टरनेटिव बनाकर भारत द्वारा एलिमेंट्स ऐप को लॉन्च किया गया है . और भी ऐसे एप्लिकेशन है जिनके अल्टरनेटिव भारतीय डेवलपर द्वारा बनाये गए है !

उसी में से एक ऐप था ट्विटर जिसका भी अल्टरनेटिव आ चूका है . जिसका नाम है koo app . दोस्तों इस एप्लिकेशन को भारतीय डेवलपर द्वारा बनाया गया है . जिसे की भारत का ट्विटर कहा जाने लगा है . यह एप्लिकेशन बिलकुल ट्विटर की तरह ही है . आप अपने विचार इस एप्लिकेशन की मदत से लोगो तक पहुंचा सकते है . आपको ट्विटर की तरह कू ऐप में भी अपना खुद का अकाउंट बनाना होता है !

इस एप्लिकेशन में भी आप किसी भी व्यक्ति को फॉलो कर सकते है . कू ऐप का इंटरफेस भी बिलकुल ट्विटर की तरह ही बनाया गया है . कू ऐप में आपको सारे ऑप्शन ट्विटर की तरह ही देखने मिलेंगे .

Koo App Founder

दोस्तों जैसा की आप सब जानते है कु ऐप एक इंडियन ऐप है . और उसे भारतीय डेवलपर द्वारा बनाया गया है . इस ऐप के फाउंडर है मयंक बिदावतका और प्रमेय राधाकृष्ण . इन दोनों द्वारा इस एप्लिकेशन को मार्च २०२० में लॉन्च किया गया . था यह ऐप १८ अलग अलग भारतीय भाषाओ में लॉन्च किया गया है !

कु ऐप हिंदी , कन्नड़ ,तमिल ,तेलगु , मराठी , बंगाली ,गुजराती , मल्यालम , पंजाबी , ओरिया , आसामी , उर्दू , संस्कृत , नेपाली , मणिपुरी , कोकणी , कश्मीरी और अंग्रेजी जैसे १८ भाषाओ में लॉन्च किया गया है जिसे की भारत का हर राज्य का व्यक्ति अपनी भाषा में इस्तेमाल कर सकता है . तो चलिए जानते है की कू ऐप में लॉग इन कैसे करना है !

Koo App में अकाउंट कैसे बनाये ?

1) सबसे पहले गूगल प्लेस्टोर से कू ऐप को डाऊनलोड करना है . जिसकी साइज सिर्फ ११ mb दी गयी है .

2) डाऊनलोड कर ओपन करने के बाद आपको अपनी कोई भी एक भाषा सिलेक्ट करनी है . और नेक्स्ट कर देना है .

3) भाषा सिलेक्ट करने के बाद आपको अपना मोबाइल नंबर डालना है . और मोबाइल नंबर डालकर नेक्स्ट कर देना है .

4) नेक्स्ट करने के बाद आपके मोबाइल नंबर पर एक otp आएगा वे otp डालकर आपको नेक्स्ट कर देना है .

5) otp डाल नेक्स्ट करने के बाद आपके सामने आपकी प्रोफाइल आ जायेगे . आप चाहे तो आपने फोटो प्रोफाइल पर लगा सकते है . फोटो लगाने के बाद आपको नेक्स्ट है . कर देना नेक्स्ट करने के बाद आपका कु ऐप अकाउंट एक्टिवेट हो जायेगा

koo app कैसे इस्तेमाल करे

दोस्तों देखा जाये तो कु ऐप में आपको कई अलग अलग ऑप्शन देखने को मिल जायेंगे . उन सभी ऑप्शन के कार्य हम विस्तार से समझते है !

होम – दोस्तों आप जैसे ही कु ऐप में लॉगइन कर उसे ओपन करते है . आपके सामने कु ऐप का होम पेज खुल जाता है . होम वाले ऑप्शन में लोगो द्वारा किये गए पोस्ट दिखेंगे . जिसे की इस एप्लिकेशन में कु कहा जाता है . हर पोस्ट के निचे आपको बिलकुल ट्विटर की तरह ही ऑप्शन दिखेंगे लाइक , कमेंट , रिकूक , शेयर फेसबुक और शेयर व्हाट्सअप . दोस्तों रिकूक मतलब जैसे आप ट्विटर पर रीट्वीट करते है . वैसे ही आपको कु ऐप में रिकूक का ऑप्शन मिलता है !

फीड – दोस्तों फीड वाले ऑप्शन में आपको ४ अलग अलग ऑप्शन दिखेंगे उन्हें विस्तार से समझते है

१) ट्रेंडिंग टैग्स
२) लेटेस्ट
३) राजनीती
४) खेल

१) ट्रेंडिंग टैग्स – दोस्तों आप जैसे ही इस ऑप्शन पर क्लिक करेंगे आपके सामने कुछ टैग्स आजायेंगे . वो टैग्स जो की हालही के समय में ट्रेंडिंग पर चल रहे है . यानि की ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी पोस्ट में उस टैग का इस्तेमाल कर रहे है . वे सरे टैग्स आपको इस ऑप्शन में देखने कोमिल जायेंगे !

२) लेटेस्ट – इस ऑप्शन में आपको लेटेस्ट यानि की नवनीतम पोस्ट , न्यूज़ देखने मिलेंगे . यानि जिन लोगो ने अभी कोई पोस्ट कु ऐप पर की है . वे सारे पोस्ट आपको इस ऑप्शन में देखने मिलेंगे !

३) राजनीती – इस ऑप्शन में आपको राजनीती से जुडी सभी खबरे और कु देखने मिलेंगे . आपको यह खबरे विडिओ के फॉर्मेट में देखने मिलेंगी . आप जैसे ही किसी खबर पर क्लिक करते है आप इस ऐप से सीधा वेबसाइट में पहुँच जाओगे . और वहा से आप खबरे देख सकते है !

४) खेल – इस ऑप्शन में आपको खेल से जुडी सभी खबरे देखने को मिलेगी . आप जैसे ही किसी खबर पर क्लिक करते है . आप दूसरे वेबसाइट पर पहुँच जाओगे . उस वेबसाइट पर जिस वेबसाइट पर यह खबर पोस्ट की गयी है . और वहा पर पहुँचने पर आप आसानी से खबर देख सकते है !

सर्च – इस ऑप्शन से आप किसी भी व्यक्ति , हैशटैग और किसी वयक्ति के द्वारा किया गया कु खोज सकते है . आपको बस सर्च वाले ऑप्शन में जाना है . और वहा पर वयक्ति का नाम , टैग या फिर कु सर्च करना है . आपको आसानी से मिल जायेगा !

मेसेज – इस ऑप्शन से आप किसी भी व्यक्ति से बाते कर सकते है . आपको बस मेसेज वाले ऑप्शन में जाना है . और जिस किसी व्यक्ति से आप बात करना चाहते है . उस व्यक्ति का नाम आपको सर्च करना है . सर्च करने के बाद आपके सामने रिक्वेस्ट का ऑप्शन आएगा आपको उस व्यक्ति को मेसेज रिक्वेस्ट भेज देनी है . जैसे ही जैसे ही वह वयक्ति आपकी रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करेगा उसके बाद आप उस व्यक्ति से बात कर सकते है !

नोटिफिकेशन – इस ऑप्शन में आपको सभी तरह के नोटिफिकेशन देखने मिलेंगे . जैसे की आपको किसने फॉलो किया , आपके कु को किसने लाइक किया किसने रि कू किया इस तरह के सारे नोटिफिकेशन आपको इस ऑप्शन में देखने मिल जायेंगे

प्रोफइल – दोस्तों इस ऑप्शन से आप अपने प्रोफाइल की सम्पूर्ण जानकारी देख सकते है . और एडिट भी कर सकते है इस ऑप्शन में आपको सेटिंग का ऑप्शन भी मिलता है . जिससे आप अपने प्रोफाइल को एडिट कर सकते है . अगर आपको कु ऐप की भाषा बदलनी है . तो इसी ऑप्शन से बदल सकते है !

koo कैसे करे – दोस्तों अगर आपको कु ऐप पर अगर ट्वीट करना है यानि की कु करना है , तो अपने होम पेज पर जाना है वहा पर आपको पिले रंग का एक बड़ा सा बटन दिखेगा का आपको उस बटन पर क्लिक करना है . क्लिक करने के बाद आपका कीबोर्ड ओपन हो जायेगा . उसके बाद आप जो चाहे वे लिखकर कु कर सकते है . और साथ में फोटो या विडिओ भी डाल सकते है !

अंतिम शब्द

तो दोस्तों यह था koo app क्या है ? उम्मीद है आपको कु ऐप के बारे में सम्पूर्ण जानकारी मिल गयी होगी . और आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा . अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे . और साथ ही वेबसाइट के नोटिफिकेशन बेल को भी ऑन कर दे . ताकि आने वाले समय आप कोई भी आर्टिकल मिस ना करे . अगर आपको इस आर्टिकल से जुडी कोई समस्या हो तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते है धन्यवाद !

सिमकार्ड कैसे काम करता है ? पूरी जानकारी हिंदी में

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how sim card works in hindi

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम देखने वाले है सिमकार्ड कैसे काम करता है . आज के समय में हर किसी व्यक्ति के पास मोबाइल देखने को मिलेगा चाहे वह छोटा बच्चा हो या कोई बुजुर्ग व्यक्ति . और हर किसी को मोबाइल का इस्तेमाल करना भी अच्छी तरीके से आता है . क्योकि बदलते समय के अनुसार मोबाइल एक तरीके से जरूरत बन गयी है .

मोबाइल में सबसे जरुरी चीज होती है सिम कार्ड ! जिसकी मदत से हम किसी भी व्यक्ति को कॉल कर बाते कर सकते है , मेसेज कर सकते है और इंटरनेट भी चला सकते है . दोस्तों सिम कार्ड किस काम आता है यह तो हर किसी को पता ही है . लेकिन क्या आप जानते है यह सिमकार्ड कैसे काम करता है ? अगर नहीं जानते तो इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़े . क्योकि हम इसी विषय पर आज चर्चा करने वाले है !

सिमकार्ड क्या है ? – what is sim card in hindi

दोस्तों सिम का फुल फॉर्म होता है सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल . हम सभी लोग अपने रोजाना जीवन में मोबाइल का इस्तेमाल तो करते ही है . और सिम कार्ड के बिना हमारा मोबाइल फोन अधूरा रहता है . सिम कार्ड एक इलक्ट्रोनिक चिप होती है . जिसे मोबाइल में डालते ही वह हमारे मोबाइल सिस्टम के साथ कनेक्ट हो जाता है और कनेक्ट होते ही हम किसी भी व्यक्ति से कॉल कर बात कर सकते है !

सिम कार्ड अलग अलग कम्पनी के होते है और जिस कम्पनी का हमारा सिम कार्ड होता है उसके नजदीकी GSM नेटवर्क के साथ हमारा सिमकार्ड कनेक्ट हो जाता है और हम आसानी से किसी को भी कॉल कर सकते है , मेसेज कर सकते है और साथ ही में इंटरनेट भी चला सकते है !

सिमकार्ड कैसे काम करता है

दोस्तों सिम कार्ड एक छोटासा इलेक्ट्रॉनिक चिप होता है . और इसे मोबाइल फोन में डालने के बाद यह मोबाइल के सिस्टम के साथ कनेक्ट हो जाता है . और यह मोबाइल से अपने कम्पनी द्वारा स्थापित नजदीक के कोई GSM नेटवर्क को सर्च करता है . अगर सर्च में उसे कोई GSM नेटवर्क मिल जाता है तो वे उससे कनेक्ट हो जाता है !

यह GSM नेटवर्क मोबाइल के ट्रांसलेटर से सिग्नल भेज कर कनेक्ट होता है . और कनेक्ट होने के बाद आप इसकी मदत से किसी को भी कॉल कर सकते है . और कॉल रिसीव भी कर सकते है . जब भी हम अपने मोबाइल नंबर से कोई अन्य नंबर डायल करते है तो वे अपने कम्पनी द्वारा स्थापित नजदीक के किसी GSM नेटवर्क से फोन की पहचान करता है !

और जो नंबर आपने डायल किया है उसके इन्फॉर्मेशन सैटलाइट की मदत से सर्च कर उसको कनेक्ट करने में मदत करता है . तो इस तरह से आप किसी भी व्यक्ति को कॉल कर उससे बात कर पाते है . इसके आलावा आप सिमकार्ड की मदत से मेसेज भी कर सकते है , अपने मोबाइल फोन में इंटरनेट चला सकते है और भी बहुत से काम आप सिमकार्ड की मदत से कर सकते है !

सिम कार्ड के पार्ट्स – Parts of simcard

दोस्तों जैसे की हम जानते है की कोई भी वस्तु किसी एक तरह के मटेरियल से नहीं बनी होती . उसमे काफी अलग अलग पार्ट्स यानि मटेरियल का इस्तेमाल किया जाता है . ठीक वैसे ही हमें सिम कार्ड भलेही एक दीखता हो . लेकिन उस छोटेसे दिखने वाले सिमकार्ड में भी कई तरह के अलग अलग पार्ट्स होते है . तो चलिए जानते है उन पार्ट्स के नाम !

१ ) INPUT / OUTPUT
२) GND ( GROUND )
३) CLOCK
४) VPP
५) RESET
६) VCC
७) ICCID ( INTEGRATED CIRCUIT CARD IDENTIFIER )

दोस्तों हमारे छोटेसे दिखने वाले सिमकार्ड में यह सब पार्ट होते है . जिसकी मदत से हमारा सिमकार्ड प्रॉपर तरीके से काम कर पाता है . आपने सिमकार्ड की चिप पर देखा होगा कुछ लाइंस बानी होती है . और हर लाइन में एक अलग अलग पार्ट्स होते है . वही पार्ट्स जिनके नाम ऊपर दिए गए है !

सिम कार्ड के प्रकार – Types of SIM card in hindi

दोस्तों जैसा की हम सब जानते है की एक ही सिम कार्ड हर किसी कम्पनी के फोन में नहीं लगता . क्योकि सिमकार्ड तीन प्रकार के होते है . और जो मोबाइल फोन का सिम शॉकेट होता है वह भी इन तीनो सिमकार्ड के साइज के अनुसार अलग अलग प्रकार से बनाया जाता है . और उसी टाइप का सिम शॉकेट में आप लगा सकते है . तो चलिए जानते है आखिर यह सिम कार्ड के ३ टाइप्स कौनसे है !

१) NORMAL SIM
२) MICRO SIM
३) NANO SIM

1. NORMAL SIM दोस्तों यह जो नॉर्मल सिम कार्ड है यह अभी के समय में इस्तेमाल किया जाने वाला सबसे बड़ा सिमकार्ड है ! जैसे की आप सब जानते इस सिमकार्ड का इस्तेमाल छोटे मोबाइल ( बटन वाले फोन ) में किया जाता है . जो की हालही में काफी कम लोग इस्तेमाल करते है . यह सिम कार्ड आप एंड्रॉइड फोन में नहीं चला सकते . इसे एंड्रॉइड फोन में चलने के लिए आपको पहले इस सिम कार्ड माइक्रो सिम या नैनो सिम में कन्वर्ट करना होगा यानि कट करना होगा !

2. MICRO SIM दोस्तों इस सिमकार्ड का साइज नॉर्मल सिम से लगभग आधा होता है . और इस सिमकार्ड की जो इलेक्ट्रॉनिक चिप है उस चिप के बहार एक प्लास्टिक की बॉर्डर होती है . इस सिम का इस्तेमाल आप एंड्रॉइड फोन में कर सकते है . लेकिन कुछ एंड्रॉइड फोन ऐसे भी है जिनमे यह सिम कार्ड नहीं डाल सकते . तो ऐसे में इस सिम को हमें नैनो सिम में कन्वर्ट करना पड़ता है . यह सिम आप बटन वाले फोन में इस्तेमाल नहीं कर सकते !

3. NANO SIM – दोस्तों नैनो सिम माइक्रो सिम का ही छोटा वर्जन है . जिसका साइज माइक्रो सिम की तुलना में भी काफी छोटा है . इस सिम का इस्तेमाल आप एंड्रॉइड फोन और आय फोन में कर सकते है . लेकिन बहुत कम ऐसे एंड्रॉइड फोन्स है जिनमे आप इस सिम का इस्तेमाल कर सकते है . क्योकि यह सिम खास कर आय फोन यूजर्स ही इस्तेमाल करते है . अगर देखा जाये तो यह तीनो सिम सामान प्रकार का डाटा स्टोर करते है !

तो दोस्तों यह थे सिम के ३ प्रकार . लेकिन क्या आप जानते है इन ३ सिम्स के आलावा एक सिम ऐसा भी है जो की नैनो सिम से भी छोटा है . और उसका नाम है इ-सिम तो चलिए दोस्तों इस इ-सिम के बारे में हम विस्तार से जानते है . की आखिर यह इ-सिम क्या है . और उससे हमें क्या फायदे हो सकते है !

इ-सिम क्या है – what is e-sim in hindi

दोस्तों इ-सिम का फुल फॉर्म होता है इंबेडेड सिम . इ-सिम एक इलेक्ट्रॉनिक चिप होती है . जो की नैनो सिम से भी छोटी होती है . हम जो नॉर्मल सिम इस्तेमाल करते है वह सिम हमें किसी भी मोबाइल शॉप से खरीदना पड़ता है . और फिर अपने मोबाइल में डालना पड़ता है . लेकिन इ-सिम एक ऐसा सिम है जो की पहलेसेही आपके मोबाइल फिट कर दिया जाता है !

दोस्तों आप जब इ-सिम वाला मोबाइल खरीदते है तो आपका सिम किसी भी कम्पनी का नहीं रहता . मोबाइल खरीदने के बाद आप किसी भी कम्पनी की सदस्यता ले सकते है . जैसे की जिओ , एयरटेल आप जिस कम्पनी की चाहो उस कम्पनी की सदस्यता ले सकते है . और इ-सिम में खास बात यह है की आप जब चाहे तब अपनी सदस्यता बदल भी सकते है !

यानि की अगर आपने मोबाइल खरीदने के बाद जिओ की सदस्यता ली है . और कुछ समय बाद अगर आप अपनी सदस्यता बदलकर एयरटेल में करना चाहते है . वे भी आप आसानी से कर सकते है . लेकिन यह सिम हालही के समय में सिर्फ आईफोन यूजर्स के लिए काम करता है . आय फोन में ही इस सिम को फिट किया जाता है !

अन्य किसी भी एंड्रॉइड फोन में आपको इ-सिम नहीं मिलेगा . आईफोन यूजर्स इ-सिम के साथ ही अपना नॉर्मल सिम भी इस्तेमाल कर सकते है . हो सकता है आने वाले समय में इ-सिम एंड्रॉइड फोन में भी काम करे और एंड्रॉइड यूजर्स भी इ-सिम का लाभ ले सके . अब जानते है की इ-सिम के फायदे क्या है !

इ-सिम के फायदे

  • दोस्तों आपने देखा होगा नॉर्मल सिम पर स्क्रैच पड़ जाते है और सिम ख़राब हो जाता है लेकिन इ-सिम में ऐसा बिलकुल नहीं होता क्योकि यह इनबिल्ट होता है इसीलिए आपका इ-सिम कभी भी ख़राब नहीं होता .
  • अगर आपका फोन चोरी हो जाता है तो चोर इ-सिम को नहीं निकाल सकता और आप आसानी से अपने फोन को ट्रेस कर ढूंढ सकते है .
  • आपने जिस कम्पनी की सदस्यता ली है और आप उसे बदलना चाहते है तो आप बड़ी आसानी से अपनी सदस्यता बदल सकते है . बिना किसी परेशानी के . आपको जिस कम्पनी की सदस्यता लेनी है आपको बस उसे कॉल करना है . और बताना है की हमें आपकी सदस्यता चाहिए वह आपको एक QR कोड भेजेंगे आपको उसे स्कैन करना है . १ घंटे के अंदर आपकी सदस्य्ता बदल दी जाएगी .
  • इ-सिम वाले फोन में आप इ-सिम के सिवाय एक दूसरा फ़िज़िकल सिम भी डाल सकते है जिससे आप इ-सिम के साथ साथ अन्य सिम का भी लाभ उठा सकते है .

अंतिम शब्द

तो दोस्तों यह था सिमकार्ड कैसे काम करता है . और इसके साथ ही हमने इ-सिम की भी जानकारी ली . उम्मीद है आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा . अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे . और वेबसाइट के नोटिफिकेशन बेल को भी ऑन कर दे . ताकि आने वाले समय में आप कोई भी आर्टिकल मिस ना करे . अगर आपको इस आर्टिकल से जुडी कोई भी समस्या हो तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते है धन्यवाद !

10 Interesting Facts About Computer Keyboard in Hindi

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10 interesting facts about computer keyboard in hindi

कीबोर्ड ! यह हमारे कंप्यूटर सिस्टम का एक बहुत ही महत्वपूर्ण पार्ट है जिसे आजतक हर कोई इस्तेमाल करता आया है . लेकिन क्या आपको पता है हमारा यह कीबोर्ड कुछ इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स से भरा पड़ा है जिन्हे आपको जरूर पता होना चाहिए इसीलिए आजके 10 interesting facts about computer keyboard in hindi इस लेख में हम कंप्यूटर कीबोर्ड के ऐसे ही 10 फैक्ट्स के बारे में आपको बताने वाले है जिन्हे शायद आप नहीं जानते होंगे !

हमारा कीबोर्ड , कंप्यूटर से भी पुराना है ! मतलब कंप्यूटर आने से पहले से कीबोर्ड का इस्तेमाल किया जाता था ! कीबोर्ड का प्रयोग सबसे से पहले 1870 में Typewriters में किया गया था . अगर आप कीबोर्ड के बारे में ऐसे ही इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स जानना चाहते है तो इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़िए क्योंकि इस लेख में हम कीबोर्ड के बारे में 10 ऐसे फैक्ट्स के बारे में जानने वाले है जिनके बारे में आपको नहीं पता होगा .

1 . हिंदी कीबोर्ड है दुनिया के जटिल कीबोर्ड में से एक !

जी हाँ दोस्तों हिंदी कीबोर्ड इस्तेमाल करने में सबसे डिफिकल्ट कीबोर्ड में से एक है क्योंकि हिंदी कीबोर्ड में एक ही बटन पर विभिन्न अक्षर दिए होते है . ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि हिंदी भाषा में अंग्रेजी के मुकाबले ज्यादा अक्षर है , जिन्हे QWERTY कीबोर्ड में अलग अलग लगाया जाये तो कीबोर्ड की साइज ज्यादा हो सकती है . इसीलिए इन अक्षरों को QWERTY कीबोर्ड में एक एक बटन पर दो विभिन्न दिए होते है . जिससे हिंदी कीबोर्ड में टाइपिंग करने में परेशानी होती है .

2 . कीबोर्ड पर सबसे कम इस्तेमाल किये जाने वाले बटन्स !

आपके कंप्यूटर कीबोर्ड पर कुछ ऐसे भी बटन्स है जिन्हे आपने आजतक सबसे कम इस्तेमाल किये होंगे या फिर कभी इस्तेमाल ही नहीं किये होंगे ! Pause , Break ,Insert , SysRq , Scroll Locks यह हमारे कीबोर्ड पर दिए गए कुछ ऐसे बटन्स है जिनका कुछ ज्यादा उपयोग नहीं है ! एक स्टडी में ऐसा पाया गया है की यह बटन्स अधिकांश लोग इस्तेमाल ही नहीं करते इसलिए इन्हे unused keys on the keyboard भी कहा जाता है !

3 . माउस से फ़ास्ट है कीबोर्ड !

माउस दिखने में तो कीबोर्ड से फ़ास्ट लगता है लेकिन असल में ऐसा नहीं है ! माउस की मदत से हम काफी सारे काम आसानी से कर लेते है . लेकिन क्या आपको पता है जब हम कंप्यूटर को कीबोर्ड से कोई कमांड देते है तब कीबोर्ड की कमांड्स माउस के मुकाबले बहुत जल्दी प्रोसेस की जाती है. इसका मतलब हमारा CPU कीबोर्ड कमांड को जल्दी से समझता है और प्रोसेस करता है !

4 . सबसे छोटा स्पेसबार बटन जापान में पाया जाता है !

Spacebar यह हमारे कीबोर्ड का एक अनोखा और सबसे बड़ा बटन है . लेकिन japanese कीबोर्ड्स में स्पेसबार छोटे आकर का देखने को मिलता है क्योंकि japanese लोगों को लैटिन और रोमन भाषा में स्विच करने के लिए 2 अधिक बटन्स की आवश्यकता थी इसलिए japanese कीबोर्ड्स में स्पेसबार के आकर को कम करके उसकी जगह अतिरिक्त बटन्स दिए गए है जिनकी मदत से लैटिन और रोमन भाषा में स्विच करने के लिए आसानी होती है !

5 . QWERTY सबसे सही कीबोर्ड लेआउट नहीं है !

आपके मन में भी कभी सवाल आया होगा की हमारा कीबोर्ड ABCD से क्यों स्टार्ट नहीं होता ? आजतक हम QWERTY यह प्रसिद्ध कीबोर्ड इस्तेमाल करते आये है जिसकी शुरुआत Q से स्टार्ट होती है QWERTY Keyboard पूरी दुनिया में इस्तेमाल किया जाता है जबकि इससे अधिक आसान और कुशल कीबोर्ड्स मार्केट में मौजूद है !

6 . F और J के बटन्स पर लाइन क्यों होती है ?

आपने कभी अपने कंप्यूटर / लैपटॉप कीबोर्ड पर F और J के बटन्स को नोटिस किया है उनपर आपको horizontal lines बनी हुई दिखाई देगी ! दरअसल यह लाइन्स आपके कीबोर्ड को दो अलग अलग हिस्सों में विभाजित करने के लिए होती है Left और Right जिससे कीबोर्ड पर बटन्स खोजने में आसानी होती है और आप सामने देखकर कीबोर्ड पर टाइपिंग कर सकते है बिना कीबोर्ड की तरफ देखे !!

7. स्पेसबार हर सेकंड में 60,00,000 बार प्रेस किया जाता है !

बिना स्पेसबार के एक पंक्ति लिखना भी मुश्किल है . spacebar हमारे कीबोर्ड का एक काफी महत्वपूर्ण और उपयोगी बटन है . यह दुनिया में सबसे ज्यादा हिट किया जाने वाला मतलब सबसे ज्यादा प्रेस किया जाने वाला बटन है . दुनियाभर में 1 सेकंड में लगभग 60,00,000 बार स्पेसबार बटन प्रेस किया जाता है ! मतलब जब भी आप अपने कीबोर्ड पर स्पेसबार बटन प्रेस कर रहे होते है ठीक उसी समय दुनियाभर में आपके साथ 60,00,000 लोग भी स्पेसबार बटन प्रेस कर रहे होते है !

8 . गंदे कीबोर्ड !

बिलकुल सही पढ़ा आपने , क्या आप जानते हैं आपके कीबोर्ड में टॉयलेट सीट से ज्यादा कीटाणु हो सकते हैं ? भले ही आपको आपका कीबोर्ड साफ़ और क्लीन दिखाई देता हो लेकिन यह बात सच है की आपके कीबोर्ड में टॉयलेट सीट से ज्यादा कीटाणु मौजूद होते है और इस बात को UK के scientists ने एक एक्सपेरिमेंट करके साबित भी किया है ! इसीलिए कंप्यूटर पर काम करने से पहले हमेशा अपने हाथ धो ले और कीबोर्ड भी साफ़ करते रहे !

9. १०००० शब्द टाइप करना है १ मील उंगली से यात्रा करने के बराबर !

यह बात सुनने में अजीब लगती है लेकिन अगर वास्तव में एक्सपेरिमेंट करके देखा जाये तो १०००० शब्द टाइप करना १ मील उँगलियों से यात्रा करने के समान है ! इसका मतलब यह है की हमारी उंगलिया जीतनी कंप्यूटर कीबोर्ड पर चलती है उतना उन्हें अगर किसी रोड पर चलाया जाये तो हमारी उंगलिया मीलों का सफर कर सकती है 😱 😨.

10. Top row से टाइप किया जाने वाला सबसे लम्बा शब्द !

TYPEWRITER यह यह दुनिया का एकमात्र ऐसा शब्द है जिसे हम keyboard के सिर्फ TOP row से टाइप कर सकते है ! केवल यही एक सबसे लम्बा शब्द है जिसे सिर्फ कीबोर्ड के TOP row से टाइप किया जा सकता है ..

दोस्तों उम्मीद है 10 interesting facts about computer keyboard in hindi आर्टिकल के सभी फैक्ट्स आपको अचे लगे होंगे आपको भी अगर कीबोर्ड के बारे में कुछ इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स पता होंगे तो कमेंट करके जरूर शेयर करे धन्यवाद !

गूगल सर्च कैसे काम करता है ?

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How Google Search Works in Hindi

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम देखने वाले है गूगल सर्च कैसे काम करता है . दोस्तों हम सब अपनी लाइफ में गूगल सर्च इंजिन का इस्तेमाल तो करते ही है . इसी लिए आपको तो पता ही होगा की गूगल एक बहुत बड़ा सर्च इंजिन है . सारी दुनिया गूगल का इस्तेमाल करती है . और गूगल एक बहुत नामी और बहुत ही फेमस कम्पनी है !

दोस्तों आज के समय में हमें कोई भी जानकारी चाहिए होती है तो हम सीधा गूगल की मदत लेते है . गूगल से आपको हर चीज के बारे में जानकारी मिल जाती है . लेकिन क्या आपने कभी सोचा है की गूगल यह जानकारी लाता कहा से है ? कैसे हमें हर चीज के बारे में जानकारी गूगल से मिल जाती है ? इन्ही विषय पर हम आज चर्चा करने वाले है . जिससे आपको गूगल सर्च इंजिन के बारे में सम्पूर्ण जानकारी मिल जाएगी इसी लिए आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़े !

गूगल क्या है ? और इसकी शुरुवात कब हुई

दोस्तों जैसा की हम सब जानते है की गूगल एक सर्च इंजिन है . आसान भाषा में समझाया जाये तो अगर हम किसी भी शब्द को अगर गूगल पर टाइप करते है तो उसके बारे में हमें सम्पूर्ण जानकारी मिल जाती है . गूगल की शुरुवात १९९६ में एक रिसर्च के दौरान लैरी पेज और सर्जे ब्रेन ने की थी . यह दोनों स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट थे . सबसे पहले इन्होने जो सर्च इंजिन बनाया था उसका नाम रखा था बैकरब !

उसके बाद उन्होंने इसका नाम बदल कर गूगल रखा . १९९७ में गूगल का डोमेन रजिस्टर हुवा था . १९९८ तक २,५०,००,००० वेबसाइट का डेटा इन्होने तैयार कर लिया था . उनके इस जूनून और लगन को देख कर सन माइक्रो सिस्टम के फाउंडर एंडी ने १ लाख डॉलर का चेक google inc कम्पनी के नाम पर काट दिया . जो की उस वक्त मौजूद थी ही नहीं !

४ सितंबर १९९८ को सर्जे ब्रेन और लैरी पेज ने गूगल की स्थापना की थी . और उस चेक को कॅश करने के लिए उसी नाम से खाता खोला . और अपने कम्पनी का नाम गूगल ही रखा . उन्हें ऐसे लग रहा था की वे इस प्रोजेक्ट पर अपना काफी समय दे रहे है और उनका पढाई पर से ध्यान हटता जा रहा है . इसी लिए उन्होंने इस प्रोजेक्ट को बेचने का निर्णय लिया . और एक्साइट कम्पनी के सीईओ जॉर्ज बेल से १ मिलियन डॉलर की डील की !

लेकिन बेल ने इस डील को ख़ारिज किया . उसके बाद उन्होंने फिर से उस प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू किया . और अपना ऑफिस १९९९ में पैलो अल्टो ( कैलिफोर्निया ) में शिफ्ट किया . और देखते ही देखते साल २००० तक गूगल दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजिन बन गया . और आज के समय में लगभग सभी लोग गूगल सर्च इंजिन का ही इस्तेमाल कर रहे है !

गूगल सर्च कैसे काम करता है – How Google Search Works in Hindi

दोस्तों गूगल भी एक तरह की वेबसाइट ही है . अगर हमें कुछ भी सर्च करना होता है तो हम इसी के अंदर सर्च करते है . तो आखिर गूगल इतनी सारी जानकारी लाता कहा से है . दोस्तों जो गूगल है वह कोड रन करता है अपने अल्गोरिदम रन करता है . और इंटरनेट पर जितनी भी वेबसाइट है उन सबको विजिट करता है !

और उन सभी वेबसाइट का डेटा अपने डेटाबेस में जमा कर लेता है . और हम जो भी सर्च करते है तो गूगल अपने डेटा बेस से वह जानकारी निकाल कर हमारे सामने दिखता है . मतलब हमने जिस किसी विषय से संबंधित सर्च किया है उस विषय से संबंधित जितनी भी वेबसाइट ने आर्टिकल लिखा है वह सारी वेबसाइट गूगल हमारे सामने दिखाता है . अब जानते है की गूगल इन वेबसाइटस की लिस्ट कैसे बनाता है !

गूगल वेबसाइटस की लिस्ट कैसे बनाता है –

दोस्तों गूगल इन सभी वेबसाइट की लिस्ट बनाने के लिए इस्तेमाल करता है स्पाइडर का जिसे हम रोबोट भी बोल सकते है . या फिर कोडिंग भी बोल सकते है . अगर मान लीजिये आपने एक वेबसाइट बनाई तो गूगल स्पाइडर को आपके वेबसाइट पर भेजता है . अब वह स्पाइडर जायेगा आपके वेबसाइट के अंदर . और वह स्पाइडर ढूंढेगा वेबसाइट के अंदर के हायपर लिंक्स को . ऐसे लिंक्स जो की दूसरे वेबसाइट को पॉइंट कर रहे है !

और मान लीजिये उस स्पाइडर को १० ऐसे वेबसाइट के लिंक्स मिले जो की आपके वेबसाइट से पॉइंट हो रहे थे . अब स्पाइडर ओटोमॅटिकली उन १० वेबसाइट पर जायेगा और वहा पर सेम प्रोसेस करेगा . ऐसा करते करते पूरा वेबसाइट का एक जाल बनाएगा . और घूमते घूमते पूरा इंटरनेट स्कैन करता रहेगा . अब जो जो वेबसाइट इस स्पाइडर को मिलती जा रही है उन सारी वेबसाइट का टाइटल , डिस्क्रिप्शन , URL यह सारी चीजे अपने डेटाबेस में स्टोर करता जायेगा !

तो दोस्तों गूगल के जो स्पाइडर है वह पुरे इंटरनेट पर घूमते रहते है . और जो भी नयी वेबसाइट आती है या फिर जो वेबसाइट अपडेट होती उनकी भी जानकारी यह कलेक्ट कर गूगल के डेटाबेस में डाल देते है . तो दोस्तों ऐसे कही सारे स्पाइडर डेटा जमा कर के गूगल का डेटाबेस भर रहे है . ऐसे में बात आती है सर्वर की इतना सारा डेटा जमा करने के लिए उन्हें जरुरत पड़ती है सर्वर की . तो गूगल के पास ऐसे कई सारे सर्वर है जिनमे यह वेबसाइट का डेटा जमा करते है . अब बात करते है यह वेबसाइट हम तक कैसे पहुँचती है !

सर्च करने पर सही वेबसाइट लोगो तक कैसे पहुँचती है –

अब दोस्तों बात आती है गूगल के क्लाइंट्स की याने लोगो की . लोग जिस किसी विषय से संबंधित सर्च करते वह सही आर्टिकल लोगो तक कैसे पहुँचता है . दोस्तों अब मान लीजिये हमने गूगल पर सर्च किया फ्री फायर गेम से पैसे कैसे कमाए ? अब जिन जिन वेबसाइट ने इस विषय पर आर्टिकल लिखा है और जिस जिस आर्टिकल की टाइटल में , डिस्क्रिप्शन में , नाम में इस कीवर्ड का इस्तेमाल किया गया है उन सारे आर्टिकल्स को वेबसाइट को गूगल अपने सर्वर में ढूंढेगा . जिन जिन आर्टिकल में इस पर्टिकुलर कीवर्ड इस्तेमाल किया गया है उन सभी वेबसाइट की गूगल एक लिस्ट बनाएगा . और उनके रैंक क़े अनुसार उन सारे वेबसाइट को आर्टिकल्स को गूगल आपके सामने दिखायेगा !

अंतिम शब्द

तो दोस्तों यह था गूगल सर्च कैसे काम करता है . उम्मीद है आपको गूगल सर्च क़े बारे में सम्पूर्ण जानकारी मिल गयी होगी . और आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा . अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों क़े साथ जरूर शेयर करे . और वेबसाइट क़े नोटिफिकेशन बेल को भी जरूर ऑन करदे . ताकि आने वाले समय में आप कोई भी आर्टिकल मिस ना करे . अगर आपको इस आर्टिकल से जुडी कोई भी समस्या हो तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते है धन्यवाद !

व्हाट्सअप न्यू ट्रिक्स २०२० इन हिंदी

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whatsapp new tricks in hindi

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम देखने वाले है व्हाट्सअप न्यू ट्रिक्स २०२० इन हिंदी . दोस्तों व्हाट्सअप एक लोकप्रिय एप्लिकेशन है . जिसके ५ बिलियन से भी अधिक उपयोगकर्ता है . जिसमे की ४०० मिलियन से भी अधिक उपयोगकर्त्ता भारत के है . जो की अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है . सभी देशो में व्हाट्सअप को काफी पसंद किया जाता है . क्योकि यह बहुत ही सुरक्षित ऐप है !

इसी के दौरान ऐसी बहुत सी खुपिया ट्रिक्स है जिसके बारे में बहुत से लोग नहीं जानते . आज हम आपको कुछ ऐसी ही 5 ट्रिक्स बताएँगे जिसे देख कर आपको भी आश्चर्य होगा . तो आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़े ताकि आप इन ट्रिक्स को अच्छे से समज सके और इन ट्रिक्स को अपना कर अपने दोस्तों को भी हैरान कर सके . तो चलिए शुरू करते है !

1. CHECK WHOM DO YOU TEXT THE MOST

दोस्तों हमारा पहला ट्रिक है चैट्स के लिए . इस ट्रिक्स से आप पता कर सकते है की आपने किसके साथ कितनी बाते की है . और सबसे ज्यादा बाते किसके साथ की है . और कितना डेटा शेयर और कलेक्ट किया है . दोस्तों इस ट्रिक को आजमाने के लिए आपको सबसे पहले आपका व्हाट्सअप ओपन करना है . ओपन करने के बाद आपको ऊपर दिए गए ३ डॉट्स पर क्लिक करना है !

उसके बाद आपको सेटिंग्स पर क्लिक करना है . सेटिंग पर क्लिक करने के बाद आपको डेटा और स्टोरेज यूजेस में जाना है. उसके बाद आपको निचे एक ऑप्शन दिखाई देगा स्टोरेज यूजेस का आपको उसपर क्लिक करना है . क्लिक करने के बाद आपके सामने आ जायेगा की आपने किसके साथ कितनी बात की है . आपको लेफ्ट साइड में य्वक्ति का नाम दिखेगा और उसके ही सामने आपने डेटा दिखेगा की आपने उस व्यक्ति से कितनी बात की है !

अगर आप डिटेल में जानना चाहते है तो आपको उस व्यक्ति के नाम पर क्लिक करना है . क्लिक करते ही आपके सामने आ जायेगा की आपने उस व्यक्ति के साथ कितने फोटोज शेयर किये है , कितने विडिओ शेयर किये है , कितने ऑडियो शेयर किये है. और उसके लिए आपका कितना डेटा खर्च हुवा है . वह सारी जानकारी आपके सामने आ जाएगी . यह भी एक बहुत अच्छी ट्रिक है जिसके बारे में बहुत ही कम लोग जानते है !

2. READ TEXT WITHOUT GETTING ONLINE

दोस्तों अगर आप चाहते है की आप ऑनलाइन जाये व्हट्सप पर और किसी को पता भी नहीं चले . कई बार ऐसा होता है की कोई व्यक्ति हमें मेसेज करता है . और हम वह मेसेज उस व्यक्ति को बिना पता चले पढ़ना चाहते है . तो यह ट्रिक उसी के लिए है . क्योकि आम तौर पर हम कोई मेसेज पढ़ते है तो उस मेसेज पर ब्लू कलर की दो टिक्स आ जाती है . और सामने वाले व्यक्ति को पता चल जाता है की हमने उसका मेसेज पढ़ लिया है !

लेकिन इस ट्रिक को आजमाकर आप सामने वाले व्यक्ति को बिना पता चले मेसेज पढ़ सकते है . इस ट्रिक को आजमाने के लिए आपको सबसे पहले अपने मोबाइल फोन को ऐरोप्लेन मोड़ पर दाल देना है . उसके बाद आपको अपना व्हाट्सप्प ओपन करना है. और आपको जो भी मेसेज पढ़ना है उसपर क्लिक कर देना है . और मेसेज पढ़कर व्हटसप की टैब को अपने मल्टी टास्क से भी नीकाल देना है . और वापस ऐरोप्लेन मोड़ को ऑफ कर देना है . आपने मेसेज भी पढ़ लिया और आपका लास्ट सीन भी वही रहेगा जो की पहला था . और उस व्यक्ति को पता भी नहीं चलेगा की उसके द्वारा भेजा गया मेसेज आपने पढ़ लिया है !

3. TEXT WITHOUT GOING ONLINE

दोस्तों अगर आप चाहे तो किसी भी व्यक्ति को बिना टाइप किए और बिना व्हाट्सअप को ओपन किए भी मेसेज भेज सकते है . इसके लिए आपको गूगल असिस्टेंट की मदत लेनी होगी . इस ट्रिक के लिए आपको सबसे पहले अपने गूगल असिस्टेंट को ओपन करना है . और वहा पर आपको बोलना है ” सेंड टू टेक्स्ट xyz ऑन व्हाट्सअप ” आपको जिस किसी व्यक्ति को मेसेज भेजना है उसका नाम लेकर आपको यह वर्ड बोलना है !

उसके बाद गूगल असिस्टेंट आपसे पूछेगा की आपको क्या मेसेज भेजना है . आपको वह मेसेज बोलना है बोलने के बाद गूगल असिस्टेंट आपसे पूछेगा की क्या आप यह मेसेज भेजना चाहते है . आपको वहा पर ” सेंड ” बोल देना है . आपका मेसेज सेंड हो जायेगा . तो दोस्तों यह भी एक बहुत ही कमाल की ट्रिक है जिसकी मदत से आप बिना व्हाट्सअप को ओपन किए ही किसी भी व्यक्ति को गूगल असिस्टेंट के द्वारा बिना ऑनलाइन गए और बिना टाइप किए मेसेज भेज सकते है !

4. SEND TEXT IN DIFFERENT FORMAT

दोस्तों आप जब भी अपने दोस्तों से या रिश्तेदारों से व्हाट्सअप पर चैट करते है तो आप एक ही फॉर्मेट में मेसेज टाइप करते है . अगर आप अलग अलग फॉर्मेट में मेसेज टाइप कर भेजना चाहते है तो यह ट्रिक आपके लिए है . इस ट्रिक को इस्तेमाल करने के लिए आपको सबसे पहले अपना व्हाट्सअप ओपन करना है . अगर आप किसी व्यक्ति को बोल्ट फॉर्मेट में मेसेज भेजना चाहते है तो आपको मेसेज टाइप करने से पहले स्टार का सिमबॉल डाल देना है . उसके बाद आपको मेसेज टाइप करना है मेसेज पूरा टाइप होने के बाद आपको उसके आखिर में फिर से स्टार का सिमबॉल डाल देना है !

उसके बाद आपको सेंड कर देना है . आपका पूरा मेसेज बोल्ट फॉर्मेट में दिखाई देगा अगर आप यह ट्रिक किसी एक वर्ड को हाईलाइट करने के लिए इस्तेमाल करना चाहते है तो आपको इसी तरह करना है . अगर आप मेसेज को इटालियन फॉर्मेट में भेजना चाहते है तो आपको शुरवात में अंडरस्कोर का सिमबॉल डालना है . उसके बाद आपको मसेज टाइप करना है . और लास्ट में फिर से अंडरस्कोर का सिमबॉल डालना है . आपका मेसेज इटालियन फॉर्मेट में सेंड हो जायेगा . यह भी एक बहुत बढ़िया ट्रिक है !

5. MARK IMP CHAT AS UNREAD

दोस्तों अगर आप किसी की चैट को अनरीड मार्क करना चाहते है तो आप इस ट्रिक की मदत से कर सकते है . यह ट्रिक उन लोगो के लिए जो की हमेशा अपने काम में व्यस्त रहते है . और उन्हें व्हाट्सअप पर बहुत से मेसेज आते है . लेकिन वह व्यस्त रहने के कारन उन मेसेज को नहीं पढ़ पाते . इसी दौरान उनसे कई सारे इम्पोर्टेन्ट मेसेज भी छूट जाते है . अगर आप इस ट्रिक को आजमाते है तो आपसे कोई भी इम्पोर्टेन्ट मेसेज नहीं छूटेगा !

इस ट्रिक को आजमाने के लिए आपको सबसे पहले अपने व्हाट्सअप को ओपन करना है . और आप जिस किसी व्यक्ति के मेसेज को बाद में पढ़ना चाहते है उस मेसेज पर आपको लॉन्ग प्रेस करके रखना है . लॉन्ग प्रेस करने के बाद आपको ऊपर ३ डॉट दिखाई देंगे आपको उसपर क्लिक करना है . क्लिक करने के बाद आपको मार्क अनरीड का ऑप्शन दिखाई देगा आपको उसपर क्लिक करना है . क्लिक करने के बाद उस व्यक्ति के नाम के सामने एक बड़ा सा हरे कलर का डॉट आ जायेगा . जिससे आपको पता चलेगा की उस व्यक्ति के मेसेज को आपको पढ़ना है . यह ट्रिक एक रिमाइंडर की तरह काम करती है . जो की व्यस्त लोगो के लिए काफी फायदेमंद होगी !

अंतिम शब्द

तो दोस्तों यह थी व्हाट्सअप न्यू ट्रिक्स २०२० इन हिंदी . उम्मीद आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा . और आप इसकी मदत से कुछ नया सिख पाए होंगे . अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे . और वेबसाइट के नोटिफिकेशन को ऑन करदे ताकि आने वाले समय में आप कोई भी आर्टिकल मिस ना करे . क्योकि हम ऐसे ही टेक्नोलॉजी संबंधित आर्टिकल लाते रहते है . अगर आपको इस आर्टिकल से जुडी कोई भी समस्या हो तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते है धन्यवाद् !