सफर तो सभी लोग करते हैं जिनमे से अधिकतर लोग train में सफर करते हैं। Train का सफर बहुत से लोगों को बहुत पसंद होता है और वो इसलिए क्योंकि train से आप खेत-खलियान को देखते हुए प्रकृति का मजा उठा सकते हैं।
Train में सफर तो हर कोई करता है लेकिन train का PNR status check करना या उसकी live location या train status के बारे में पता लगाना हर किसी को नहीं आता है।
तो आज इस article में हम आपको बताने वाले हैं WhatsApp से Train PNR और Train Status कैसे Check करते हैं।
इस article को पढ़ने के बाद आप बहुत आसानी से WhatsApp का इस्तेमाल करके किसी भी train के PNR status और उसकी live running status के बारे में पता लगा पाएंगे। Article को अंत तक ध्यान से पढ़ें।
WhatsApp से Train PNR Status कैसे चेक करें?
पहले हम आपको WhatsApp की मदद से train के PNR को check करने के बारे में बताएंगे। WhatsApp से train का PNR status निकालने के लिए निचे दिए गए steps को ध्यान से follow करें।
Train का PNR status जानने के लिए सबसे पहले आपको एक phone number को अपने phone में save करना होगा जो की है 9881193322.
Number phone में save करने के बाद अब आपको train के PNR को इस number (9881193322) पर send करना होगा। Train का PNR आपको आपके train ticket पर मिल जाएगा।
Number पर PNR send करने के पहले आपको उस phone number को अपने chat list में add करना होगा। Number को chat list में add करने के लिए आपको new chat पर click करना होगा।
आपने उस number को जिस भी नाम से save करा होगा आपको उस नाम को ऊपर search करना होगा। उसके बाद उस number पर click करना होगा। जैसे हमने उस number को train enquiry के नाम से save किया है। इसलिए हमने train enquiry search करके उसपर click किया है।
Train Enquiry पर click करने के बाद आपको उस train का PNR डालना है जिसकी details आप जानना चाहते हैं।
जैसे ही आप PNR डालकर उस number पर send करेंगे वैसे ही आपके WhatsApp number पर reply आएगा जिसमे आपको train की जानकारी मिल जायेगी।
इस तरह आप बहुत आसानी से अपने WhatsApp की मदद से train PNR status को check कर सकते हैं। अब हम आपको बताएंगे की train का live status कैसे check करते हैं।
WhatsApp से Train की Live Location का पता कैसे करें?
WhatsApp से train का live location check करने के लिए निचे दिए गए steps को follow करें।
सबसे पहले अपने phone में इस number को (7349389104) अपने phone में save करें। ये number 7349389104 make my trip का official number है।
अब आपको इस number को अपने WhatsApp chat list में add करना होगा। इसके लिए आपको new chat के button पर click करना होगा।
अब आपको उस number को उस नाम से save करना होगा जिस नाम से आपने उसे अपने phone में save किया है।
इसके बाद आपको train number type करके उस number पर send कर देना है। Train number send करते ही आपके पास उस train का live status आ जाएगा।
इस तरह आप बिना किसी app या website के PNR या Live train status निकल सकते हैं।
WhatsApp से PNR Status और Train Live Location पता करने के फायदे
WhatsApp से PNR status या Train live location पता करने का सबसे बड़ा फायदा ये है की इसमें किसी भी अन्य app या website का इस्तेमाल करने की कोई भी आवश्यकता नहीं होती है।
Train के बारे में WhatsApp से प्राप्त जानकारी बिलकुल authentic होती है क्योंकि ये सीधी railways से आती है। अन्य किसी app या website से प्राप्त जानकारी गलत हो सकती है लेकिन WhatsApp से प्राप्त जानकारी गलत नहीं होती है। ऐसा बहुत कम होता है की WhatsApp से प्राप्त जानकारी गलत होती है।
WhatsApp से PNR Status और Train Live Location पता करने के नुक्सान
कभी-कभी कुछ technical गड़बड़ के कारण WhatsApp से जानकारी जानकारी प्राप्त करने में देर हो जाती है।
WhatsApp से PNR Status और Train Live Location पता करने से सम्बंधित कुछ सवाल
WhatsApp से PNR Status पता करने के लिए Phone Number?
WhatsApp से PNR status पता करने का phone number है 9881193322.
WhatsApp से Live Train Location पता करने के लिए Phone Number?
WhatsApp से Live train location पता करने का phone number है 7349389104.
निष्कर्ष
WhatsApp की मदद से PNR और Live train status पता करना बहुत आसान है क्योंकि इसके लिए आपको किसी भी अन्य app या website का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं होती है।
इसमें आप अपने WhatsApp की मदद से ही train की जानकारी निकाल सकते हैं। अब आपको समझ में आ गया होगा की WhatsApp से PNR और Live Train Status कैसे पता करते हैं।
हम उम्मीद करते हैं की आपको ये article और इसमें दी गयी जानकारी उपयोगी लगी होगी।
अगर आप PNR या Train status से सम्बंधित हमसे कोई भी सवाल पूछना चाहते हैं तो निचे comment कर सकते हैं।
अगर आप ये article पढ़ रहे हैं तो इसका मतलब है की आप computer या technology की field में रुचि रखते हैं। क्योंकि आज इस article में हम आपको बताने वाले हैं Flowchart के बारे में बताने वाले हैं।
Flowchart आम लोगों के लिए नहीं है बल्कि ये ख़ास-तौर पर programmers के लिए बहुत उपयोगी है। ये सिर्फ programmers या software developers के लिए क्यों उपयोगी है ये हमने इस article में विस्तार से बताया है।
अगर आप Flowchart के बारे में सब कुछ जानना चाहते हैं तो इस article को अंत तक जरूर पढ़ें क्योंकि इस article में हम बताने वाले हैं की Flowchart क्या है, Flowchart के प्रकार, Flowchart के symbols आदि।
Flowchart क्या है (What is Flowchart)
Flowchart एक तरह का diagram होता है जो की किसी process या workflow को represent करता है। Flowchart का इस्तेमाल किसी भी problem को solve करने के लिए किया जाता है।
Flowchart किसी भी algorithm को diagram की form में represent करता है। ये किसी task को solve करने के लिए step-by-step process दिखाता है।
आज-कल हर कोई Programming सीखना चाहता है लेकिन programming सीखना और करना आसान नहीं है। अगर आप किसी non-technical वाले बन्दे को अपनी coding explain करना चाहते हैं तो ऐसे में आप Flowchart का इस्तेमाल कर सकते हो।
Flowchart की मदद से किसी भी program को कुछ symbols की मदद से represent किया जा सकता है और लोगों को दिखाया जा सकता है। Flowchart से किसी भी program को समझने में आसानी होती है।
Flowchart बनाने के लिए कुछ ख़ास symbols का इस्तेमाल किया जाता है जैसे – Rectangle, Square, Arrow आदि।
सभी symbols का मतलब अलग-अलग होता है। आप अपने हिसाब से किसी भी symbol का मतलब बदल नहीं सकते हैं। हर एक symbol एक arrow की मदद से जुड़ा होता है जिससे ये पता चलता है की flowchart किस तरफ जा रहा है और कैसे काम कर रहा है।
हम आपको हर एक symbol के बारे में विस्तार से बताएंगे लेकिन पहले हम आपको Flowchart के प्रकार के बारे में बताएंगे।
Flowchart के प्रकार (Types of Flowchart)
Flowchart के कई प्रकार होते हैं। लेकिन निचे हमने सिर्फ 4 प्रकार के flowchart के बारे में ही बताया है। क्योंकि निचे बताये गए 4 तरह के flowchart ही सबसे ज्यादा इस्तेमाल किये जाते हैं।
Process Flowchart – Process flowchart का अधिकतर इस्तेमाल chemical और process engineering में plant process और equipment को दर्शाने के लिए किया जाता है। Process flowchart plant facility के major equipment के बीच में संबंध को दर्शाता है। ये minor details जैसे piping, details या designations को नहीं दर्शाता है।
Swimlane Flowchart – Swimlane flowchart का इस्तेमाल flow diagrams या flowcharts के process में किया जाता है जो की दिखने में job sharing और responsibilities business process के sub-processes को भिन्न करता है। Swimlanes को या तो horizontally या vertically arrange किया जाता है।
Data Flow Diagram – Data flow diagram flow of data को किसी process या system के जरिये represent करने का एक तरीका है। Data flow diagram हर एक entity और process के input और output के बारे में जानकारी भी देता है। Data flow diagram का कोई भी control flow नहीं होता है, न कोई decision rules होते हैं और न ही कोई loops होते हैं।
Work Flow Diagram – Workflow diagram किसी business process का एक basic visual layout होता है। इसका इस्तेमाल करके कई अलग-अलग tasks को represent किया जा सकता है जिसमे की उन team members को भी represent किया जा सकता है जो की इन tasks को execute करेंगे। ये business processes को design और analyze करने का एक अच्छा तरीका है।
Flowchart में प्रयोग किये जाने वाले Symbols
Flowchart बनाने के लिए कई अलग-अलग तरह के symbols का प्रयोग किया जाता है। ये symbols flowchart को समझने में बहुत मदद करते हैं। कुल मिलाकर 28 तरह के symbols होते हैं। हम आपको हर एक symbol के बारे में विस्तार से बताएंगे।
Start and End Symbol – ये symbol starting और end point के साथ-साथ process path के potential outcomes को भी represent करता है जिसके कारण इसे terminator symbol भी कहते हैं।
Process Symbol – Process symbol rectangle की shape का होता है और इसे action symbol भी कहा जाता है। ये symbol action, function और process को represent करता है और इसे flowchart symbols का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किये जाने वाला symbol माना जाता है।
Document Symbol – ये symbol एक rectangle की shape का है जिसमे निचे की तरफ एक लहर है जिसका इस्तेमाल किसी document के input या output को represent करने के लिए किया जाता है। इसका इस्तेमाल किसी document के output जैसे presentation या project को represent करने के लिए किया जाता है।
Connector Symbol – Connector symbols छोटे-छोटे circles होते हैं जिनका इस्तेमाल flowchart के अलग-अलग तत्वों को पुरे page पर जोड़ने के लिए किया जाता है। Connectors का इस्तेमाल ज्यादा complex processes, जैसे – software application या application development में किया जाता है।
Decision Symbol – ये symbol rhombus की shape का होता है। इस symbol का इस्तेमाल एक ऐसे question को indicate करने के लिए किया जाता है जिसका परिणाम ‘yes’ या ‘no’ के साथ-साथ possible ‘true’ या ‘false’ हो। सवाल के जवाब के आधार पर workflow की outline को पूरा करने के लिए flowchart अलग-अलग शाखाओं में विभाजित किया जा सकता है।
Off-Page connector or Link Symbol – ये symbol एक उलटे pentagon जैसा दिखता है और इसका इस्तेमाल कई बार flowcharts में मौजूद multiple pages के अलग-अलग elements को जोड़ने के लिए किया जाता है। आसानी के लिए हर एक shape में एक page number होता है।
Input and Output Symbol – इस symbol का इस्तेमाल input या output के लिए मौजूद किसी भी data को represent करने के लिए किया जाता है। इसे data symbol भी कहते हैं। इस shape का इस्तेमाल used या produced resources को represent करने के लिए भी किया जा सकता है। इसकी shape parallelogram जैसी होती है।
Comment or Note Symbol – यह symbol सामान्य braces {} होते हैं और इसे additional information या comments के साथ एक specified range में रखा गया है। ये flowchart के अलग-अलग sections से dashed line के द्वारा connect भी हो सकते हैं।
Multiple Documents Symbol – ये symbol एक flowchart में एक से ज्यादा documents को represent करता है। इसका अर्थ document symbol के समान ही होता है।
Predefined Process Symbol – इस symbol का इस्तेमाल सिर्फ complex flowcharts में किया जाता है और एक ऐसे process, operation या function को indicate करता है जो की पहले से ही defined है।
Database Symbol – ये symbol cylinder की shape का होता है जो की जो की storage device पर stored data को represent करता है और जो की user searches और filters को allow करता है।
Stored Data Symbol – इसे Data storage symbol भी कहा जाता है। ये flowchart ये represent करता है की workflow process में data कहाँ पर store हुआ है।
Paper Tape Symbol – इस symbol की shape के waving flag जैसी होती है। ये symbol सबसे complex flowcharts में से एक है जिसका इस्तेमाल बहुत rare cases में किया जाता है जैसे processes की mapping करना या CNC machines या older computers के लिए specific input data.
Internal Storage Symbol – इस symbol का इस्तेमाल flowchart में किया जाता है जो software design की outerline तैयार करता है और उस data को indicate करता है जो की internal memory system में stored है।
Manual Input Symbol – इस flowchart symbol का इस्तेमाल manual input of data को represent करने के लिए किया जाता है जैसे – किसी process में कोई step या किसी field या form में data को type करना। जैसे – जब आप नया email account बनाते हो तो login fields में आपको manually data को enter करना पड़ता है।
Manual Operation Symbol – ये symbol की shape trapezoid जैसी होती है और इसका इस्तेमाल process के हर एक step को represent करने के लिए किया जाता है जो की automatically की जगह manually पूरा किया जाना चाहिए।
Summing Junction Symbol – इसकी shape railroad sign जैसी होती है यानि circle में ‘X’. ये flowchart symbol कई converging input process paths को जोड़ देता है।
Or Symbol – ये symbol summing junction की तरह होता है। Or symbol का इस्तेमाल ये indicate करने के लिए किया जाता है की कहाँ workflow process ने एक से ज्यादा path लिया है।
Merge Symbol – इस symbol का अकार triangle होता है और इसका इस्तेमाल अलग-अलग paths को एक process path में जोड़ने को दर्शाता है।
Preparation Symbol – इस symbol का इस्तेमाल work को prepare करने के लिए और वो steps जो की work को पूरा करने के लिए गए हैं उनके बीच में difference करने के लिए किया जाता है।
Delay Symbol – ये symbol half-oval की तरह दिखता है। इस symbol का इस्तेमाल process में delay को indicate करने के लिए किया जाता है। Software बनाते समय programmer इस symbol का इस्तेमाल process में delay की लंबाई को indicate करने के लिए करता है।
Display Symbol – इस symbol का इस्तेमाल flowchart में ये दिखाने के लिए किया जाता है की process में data या information कहाँ पर represent किया जाएगा।
Hard Disk Symbol – इस symbol को direct access storage symbol भी कहा जाता है और इसकी shape side से cylinder की तरह होती है। इसका इस्तेमाल ये represent करने के लिए किया जाता है की hard drive में data कहाँ पर stored है।
Collate Symbol – ये symbol traingular hourglass की तरह दिखता है और इसका इस्तेमाल उस step को दिखाने के लिए किया जाता है जो की data और information को standard form में order करता है।
Sort Symbol – ये flowchart symbol bisected kite की तरह दिखता है। इस symbol का इस्तेमाल एक step को indicate करने के लिए किया जाता है जो की list of items को sets या sequence में organize करता है।
Manual Loop Symbol – इस symbol का इस्तेमाल set of commands या prompts को दर्शाने के लिए किया जाता है जो तब तक लगातार repeat होता जाएगा जब तक process manually बंद नहीं हो जाता है।
Loop Limit Symbol – ये flowchart shape process loop के stopping point को indicate करता है।
Subroutine Symbol – ये flowchart symbol एक sequenced set of actions को represent करता है जो की specific smaller tasks को perform करते हैं जो की larger process के part हैं। अक्सर ये symbol outlined sequence का एक ज्यादा detailed description indicate करता है एक अलग flowchart के अंदर।
Flowchart बनाने के नियम
Flowchart बनाते समय कुछ नियमों का ध्यान रखना आवश्यक है। सभी नियमों के बारे में निचे विस्तार से बताया गया है।
Flowchart बनाते समय सभी symbols को arrow की मदद से जोड़ा जाता है जिससे हमें पता चलता है की flowchart किस दिशा में जा रहा है।
सभी flowchart का एक starting और ending point जरूर होता है।
Flowchart बनाते समय ध्यान रखें की हर एक flowchart का end symbol जरूर हो।
Flowchart के फायदे
Flowchart के जरिये किसी भी program को आसानी से समझा जा सकता है और ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें symbols का इस्तेमाल किया जाता है।
Flowchart की मदद से error का जल्द पता लगाकर उसे ठीक किया जा सकता है।
Flowchart के नुक्सान
अगर flowchart ज्यादा बड़ा हो जाए और उसे बनाने में एक से ज्यादा page लग जाएँ तो उसे समझने में परेशानी होती है।
अगर flowchart में कोई changes करने हैं तो इसके लिए न्य flowchart बनाना होगा। पहले से बने flowchart में कोई भी बदलाव नहीं हो सकते हैं।
जो complex programs होते हैं उनका flowchart बनाने के लिए बहुत सारे arrows का इस्तेमाल करना पड़ता है जिसके कारण उसे समझना मुश्किल हो जाता है।
निष्कर्ष
अगर आप programming करते हैं और एक software developer हैं तो आपके लिए flowcharts बहुत उपयोगी हैं। और इस article में हमने flowchart के बारे में हर एक जानकारी के बारे में विस्तार से बता दिया है।
इस article को पढ़ने के बाद अब आपको पता चल गया होगा की Flowchart क्या है, कितने प्रकार का होता है, Flowchart में symbols कितने होते हैं आदि।
हम उम्मीद करते हैं की आपको ये article informational और उपयोगी लगा होगा। अगर आपको ये article पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ share जरूर करें।
अगर आप हमसे कोई सवाल पूछना चाहते हैं तो निचे comment जरूर करें।
Instamojo क्या है , इंस्टामोजो पर अकाउंट कैसे बनायें और इंस्टामोजो से पैसे कैसे कमाएं ? अगर आपके भी मन में कुछ इस प्रकार के सवाल आते है तो आप बिलकुल सही जगह पर आये है क्योंकि इस आर्टिकल में आपको इंस्टामोजो से संबंधित सभी A-Z सवालों के जवाब मिलने वाले है .
इंस्टामोजो भारत का एक प्रसिद्द Free Payment Gateway है जो की एक भारत का अपना स्वदेशी Online Payment Platform है लेकिन अभी भी कई लोगों को इसके बारे में नहीं पता है और वे Paypal जैसे विदेशी Online Payment Platforms का यूज़ करते है .
इन दिनों इंटरनेट पर इंस्टामोजो काफी तेजी से प्रसिद्द हो रहा है , खासकर हमारे इंडिया यह बहुत प्रसिद्द है और काफी सारे बड़े बड़े डिजिटल मार्केटर्स , ब्लॉगर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स इसका उपयोग कर रहे है .
भारत के प्रसिद्द ब्लॉगर/डिजिटल मार्केटर हर्ष अग्रवाल भी इंस्टामोजो का उपयोग अपने इ बुक्स और कोर्सेस बेचने के लिए करते है , Instamojo सचमे एक कमाल का प्लेटफार्म है क्योंकि इसकी सहायता से डिजिटल प्रोडक्ट्स को सेल करना बहुत आसान हो गया है .
इंस्टामोजो क्या है (What is Instamojo)
इंस्टामोजो भारत का सबसे सरल ऑनलाइन सेलिंग प्लेटफार्म जो की छोटे, स्वतंत्र व्यवसायों, एमएसएमई और स्टार्टअप को ऑनलाइन स्टोर और ऑनलाइन भुगतान समाधान (online payment solutions) प्रदान करता हैं ताकि उन्हें eCommerce Business सफलतापूर्वक चलाने में मदद मिल सके .
इंस्टामोजो एक डिजिटल पेमेंट कलेक्शन प्लेटफार्म जिसकी सहायता से Online Payment किया जा सकता है इस प्लेटफार्म पर सिर्फ आप Online Payment ही नहीं बल्कि अपना एक Online Store भी बना सकते है और उस Online Store में Digital Products को ऐड करके उन्हें बेच सकते है इसलिए Instamojo को Online product selling platform भी कहा जाता है .
इस प्लेटफार्म को यूज़ करना काफी आसान है और इसकी सबसे अच्छी बात यह है की इंस्टामोजो एक फ्री प्लेटफार्म है और इसमें आपको ऐसे ऐसे फीचर्स फ्री में मिलते है जो आपको बाकि Online Payment Platforms पर फ्री में देखने को नहीं मिलते है .
इंस्टामोजो की विशेषताएं (Features of Instamojo)
इंस्टामोजो पर डिजिटल सामान अपलोड करके बेच सकते है और इसमें इंस्टामोजो पेमेंट गेटवे के जरिये ही खरीददार का पेमेंट किया जाता है और डिलीवरी सहित अन्य सभी चीजों का ध्यान रखा जाता है
कोई सेटअप शुल्क नहीं लिया जाता है इसे बिलकुल फ्री में शुरू किया जा सकता है और इसे शुरू करने में 5 या अधिकतम 10 मिनट लगते हैं
आप instamojo से फिजिकल चीजों का भी Payment collect कर सकते है
एसएमएस भेजकर Payment के लिए Request कर सकते है
आप अपने प्रोडक्ट के लिए डिस्काउंट कोड बना सकते हैं
आप अलग-अलग affiliates के लिए अलग कमीशन Allocate कर सकते हैं
सभी प्रोडक्ट पेजेज को कैननिकल टैग के समर्थन के साथ SEO optimized किया जा सकता है
अपनी Sales और Affiliates को export किया जा सकता है आप उन्हें अपसेलिंग के लिए अपनी ईमेल सूची में import कर सकते हैं
Instamojo के Free और Paid दोनों Apps में आप SMS अलर्ट और एफिलिएट प्रोग्राम जैसी सुविधाएं जोड़ सकते है
सिर्फ 1.9% ट्रांसेक्शन फीस लगती है
गूगल एनालिटिक्स इंटीग्रेशन किया जा सकता है
इंस्टामोजो अकाउंट कैसे बनाये (How to Create an Instamojo Account)
Instamojo पर अकाउंट बनाना बहुत आसान होता है इसके लिए हमने आपको स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस बताया है जिसे फॉलो करके आप काफी आसानी से Instamojo Account बना सकते है .
Step 1: सबसे पहले निचे दिए गए ‘CREATE INSTAMOJO FREE ACCOUT’ बटन पर क्लिक करे , आप डायरेक्ट Instamojo.com पर जाकर भी अकाउंट बना सकते है लेकिन अगर आप हमारे बटन पर क्लिक करके Instamojo.com पर जाते है तो आपको ₹1,500 तक का Rewards मिल सकता है .
Step 2 : अब ऊपर Top Right कार्नर पर आपको एक Signup बटन दिखेगा उस Sign Up बटन पर क्लिक करे .
Step 3 : Sign Up पर क्लिक करने के बाद आपको विभिन्न Sign Up मेथड्स दिखेंगी , यहाँ पर आप अपने Email Id , Google account या फिर Facebook account से भी Signup कर सकते है . आप यहाँ पर Simply अपना Email Id डाले और एक पासवर्ड चुने .
ईमेल और पासवर्ड डालने के बाद आपको निचे एक Have a referral code? ऐसा एक ऑप्शन दिखाई देगा उसपर क्लिक करके आप हमारा कोड TECHYATRI763aडाल सकते है इससे आपको कुछ एक्स्ट्रा डिस्काउंट या रिवॉर्ड मिलेगा , इसके बाद Sign up as Business पर क्लिक करे .
Step 4 : अब आपको अपना मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन करना होगा , यहाँ पर आप सबसे पहले अपना मोबाइल नंबर एंटर करके Send OTP वाले बटन पर क्लिक करे .
इसके बाद आपके मोबाइल पर एक 4 डिजिट का OTP PIN आएगा उसे एंटर करके Verify वाले बटन पर क्लिक करे .
Step 5 : मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन कम्पलीट होने के बाद अब आपको 2 ऑप्शन्स दिखाई देंगे Payments और Free Online Store यहाँ पर हम Payments के लिए अकाउंट बना रहे है इसलिए Payments वाला ऑप्शन Select करे .
[अगर आप Instamojo पर एक Free Online Store बनाना चाहते है तो इसके बारे में भी हमने इस आर्टिकल में आगे स्टेप बाय स्टेप बताया है आप डायरेक्ट उसे भी देख सकते है .]
Step 6 : Payments वाला ऑप्शन Select करने के बाद आपको एक Instamojo Payment Link बनानी होगी . यह एक username की तरह है जिसप्रकार हमारा इंस्टाग्राम या ट्विटर पर एक यूनिक username होता है ठीक उसी प्रकार Instamojo पर भी यह आपका एक यूनिक username रहेगा इसलिए यहाँ पर एक अच्छा और यूनिक username डालें , username सिलेक्ट करने के बाद Next वाले बटन पर क्लिक करे .
अगर आपको username बनाने में प्रॉब्लम हो रही हो तो निचे Instamojo की तरफ से कुछ Suggested usernames भी आपको दिखाए जायेंगे उनमे से किसी एक को भी आप select कर सकते है .
Step 7 : नेक्स्ट स्टेप में आपसे पूछा जायेगा What type of Business are you? और उसके निचे 2 ऑप्शन दिए जायेंगे Individual और Registered Organization यहाँ पर हम एक पर्सनल अकाउंट बना रहे है इसलिए Individual ऑप्शन select करे , इसके बाद आपसे पूछा जायेगा Are you a proprietor? और निचे 2 ऑप्शन दिए जायेंगे Yes और No यहाँ पर Yes ऑप्शन सिलेक्ट करे और Next बटन पर क्लिक करे .
Step 8 : अगली स्टेप में आपको कुछ Business details पूछी जाएगी जैसे Approx annual turnover मतलब आपके बिज़नेस की सालाना कितनी कमाई होती है , इसके बाद पूछा जायेगा How old is your business मतलब आपका बिज़नेस कितने दिन पुराना है और अंत में पूछा जायेगा Number ऑफ़ employees मतलब आपके बिज़नेस में कितने लोग काम करते है , सभी जानकारी ठीक से भर दें और Next बटन पर क्लिक करें .
Step 9 : Next Step में आपको पूछा जायेगा – Your PAN : यहाँ पर अपना PAN number डाले Your Name : यहाँ पर अपना नाम डालें जैसा PAN Card पर लिखा है Your Address : यहाँ पर अपना अड्रेस डालें State/UT : अपना राज्य सिलेक्ट करे (उदा. महाराष्ट्र) Pincode : अपने एरिया का पिनकोड डालें GSTIN : अगर आप GST नंबर डालना चाहते है तो दाल सकते है यह अनिवार्य नहीं है What do you sell? : इसका मतलब होता है आपका बिज़नेस क्या प्रदान करता है यहाँ पर आप Services , Products या फिर Others कोई भी ऑप्शन select कर सकते है .
सभी जानकारिया भरने के बाद Next पर क्लिक करे .
Step 10 : आखिरकार आपका Instamojo Payment Account तैयार हो गया है !! अब Go to Dashboard बटन पर क्लिक करके Instamojo यूज़ करे .
इंस्टामोजो KYC कैसे भरे (How To Submit KYC IN Instamojo)
Instamojo पर KYC भरना बहुत आसान होता है इसके लिए आपको कुछ documents लगेंगे – Pan Card की फोटो और बैंक पासबुक का first पेज (Bank Statement) यहाँ पर आप अपने नेटबैंकिंग से PDF डाउनलोड करके उसे भी अपलोड कर सकते है .
चलिए जानते है Instamojo पर KYC कैसे सबमिट करते है –
Step 1 : सबसे पहले अपने Instamojo अकाउंट के Dashboard पर जाएँ , यहाँ पर आपको submit KYC का एक बटन दिखाई देगा उसपर क्लिक करें .
Step 2 :अगली स्टेप में आपसे प्रोडक्ट और सर्विसेस की डिटेल्स आपको डालनी है जो आप बेचने वाले है , यह सिर्फ example के तौर पर डिटेल्स होती है ताकि Instamojo टीम को पता चले की आप किस प्रकार के प्रोडक्ट्स बेचने वाले है यहाँ पर आप कोई भी product का नाम लिख दीजिये और उसके आगे उसका Price भी लिखे यह एक example के तौर पर डिटेल्स है जिन्हे आप बाद में चेंज भी कर सकते है . Details भरने के बाद Next बटन पर क्लिक करें .
Step 3 : यहाँ पर आपको अपने PAN CARD की डिटेल्स भरकर PAN CARD का आगे वाली साइड का एक फोटो निकलकर उसे अपलोड करना है इसके बाद Next वाले बटन पर क्लिक करें .
Step 4 : अब अपनी बैंक अकाउंट डिटेल्स को भरना है , यहाँ पर आपको अपना bank account number , IFSC code , और Account holder का नाम सही से अपने बैंक के पासबुक पर देखकर डालना है और अपना एक Bank statement अपलोड करना है .
Step 5 : अब आपको अपना Address Proof देना है यहाँ पर आपको अपना Address , State और PIN code डालना है इसके बाद एक Address Proof अपलोड करना है.
Step 6 : अगर आपके पास Proprietorship सर्टिफिकट है तो उसे आप यहाँ पर अपलोड कर सकते है अगर नहीं है तो इसे आप skip भोई कर सकते है , अब आपको निचे Submit for Review वाले बटन पर क्लिक करना है आपका KYC submit हो जाएगी .
इंस्टामोजो में फ्री ऑनलाइन स्टोर कैसे बनाये (How To Create Online Store In Instamojo)
Instamojo पर आप अपना खुद का एक Online Store भी बना सकते है , Instamojo पर स्टोर बनाने के बाउट सारे फायदे होते है सबसे पहला फायदा तो यह है की आप यहाँ पर बिलकुल फ्री में एक शानदार Online Store बना सकते है यह दिखने में बिलकुल एक प्रोफेशनल Online Store या Online Shopping वेबसाइट की तरह लगता है .
अगर आप Instamojo पर एक Online Store शुरू करने जा रहे है तो आपको बता दूँ की यहाँ पर आप सिर्फ डिजिटल प्रोडक्ट्स ही नहीं बल्कि फिजिकल प्रोडक्ट्स भी बेच सकते है लेकिन Instamojo का उपयोग ज्यादातर लोग डिजिटल प्रोडक्ट्स बेचने के लिए करते है .
चलिए अब जानते है की Instamojo पर Online Store कैसे बनायें ?
Step 1 : यदि आपने पहले से Instamojo Account बना लिया है तो सबसे पहले अपने Instamojo के Dashboard में जाये वहां पर आपको टॉप लेफ्ट कार्नर पर एक Create online store का ऑप्शन दिखाई देगा उसपर क्लिक करना है .
और अगर आप शुरुआत से Instamojo पर Online Store बना रहे है तब Get started with Instamojo करके एक Screen आपको दिखाई देगी उसमे 2 विकल्प होंगे Payments और Free Online Store यहाँ पर आपको Free Online Store वाले विकल्प को select कर लेना है .
Step 2 : अब आपको पूछा जायेगा What is the name of your store? मतलब आप आपके Store का नाम क्या है यहाँ पर आप जो नाम अपने ऑनलाइन स्टोर का रखना चाहते है उसे डाल देना है और Next बटन पर क्लिक करना है .
Step 3 : Next बटन पर क्लिक करने के बाद आपको अब अपने Online Store की Social media links को डालना है यहाँ पर आप अपनी इंस्टाग्राम प्रोफाइल की लिंक , फेसबुक लिंक , यूट्यूब लिंक या फिर अपनी वेबसाइट का लिंक दे सकते है ! यह स्टेप Optional है मतलब इसको आप पूरा नहीं भी करते है तो भी चलेगा आप सीधा Next बटन पर भी क्लिक कर सकते है .
Step 4 : अब आपको उन options को select करना है जो आप अपने Instamojo online store पर बेचना चाहते है , यहाँ पर आपको अलग अलग options मिलेंगे जैसे Physical products , Digital Products , Services , Event Tickets और Others इनमें से आप किसी को भी Select कर सकते है या फिर सभी को Select कर सकते है .
Step 5 : अपने बिज़नेस की केटेगरी सिलेक्ट करे , यहाँ पर आप वो केटेगरी सिलेक्ट करे जिससे रिलेटेड आपका प्रोडक्ट है और Next पर क्लिक कर दें .
Step 6 : अब आपको Customize your store करके एक ऑप्शन मिलेगा आपको इस स्टेप में Next बटन पर क्लिक कर देना है .
Step 7 : अब आपको अपने Instamojo Online Store का लिंक बनाना है यह एक काफी महत्वपूर्ण स्टेप है इसलिए इसे ध्यान से करें क्योंकि इसी Link से आपका स्टोर लोग एक्सेस कर पाएंगे और यही लिंक आपके स्टोर का username और पहचान होगी , यहाँ पर एक यूनिक लिंक बनाये ! Instamojo के द्वारा भी आपको कुछ यूनिक Username Suggest किये जायेंगे उनमे से भी किसी एक को आप यूज़ कर सकते है . Store Link set करने के बाद निचे Create Store बटन पर क्लिक करें .
Step 8 : Finally आपका Instamojo पर Online Store बन कर तैयार हो गया है अब Verify my online store बटन पर क्लिक करें .
Instamojo स्टोर में Products कैसे ऐड करें?
अब बात करते है सबसे महत्वपूर्ण चीज के बारे में जिसके लिए ज्यादातर लोग Instamojo पर आते है की Instamojo से पैसे कैसे कमाए ? लेकिन इसके लिए आपको पता होना चाहिए की Instamojo पर Product और Services कैसे बेचें या फिर Instamojo स्टोर में Products कैसे Add करें?
इंस्टामोजो स्टोर में products को Add करना बहुत आसान होता है चलिए देखते है की Instamojo स्टोर में Products कैसे ऐड करें?
यहाँ पर आप Physical और Digital दोनों प्रकार के products बेच सकते है और Instamojo में Physical और Digital products को Add करने का प्रोसेस थोड़ा अलग अलग है इसलिए हम इसे One by One देखेंगे .
Instamojo पर Physical Product कैसे Add करें?
सबसे पहले Instamojo के Dashboard पर जाएँ
अब ऊपर लेफ्ट साइड में आपको ADD Product का ऑप्शन दिखेगा उसपर क्लिक करें
Products category लिस्ट आपके सामने open होगा उसमे से Physical product वाले ऑप्शन को select करें
Details : प्रोडक्ट का टाइटल , डिस्क्रिप्शन , price, discount, quantity, Order limit quantity और maximum Shipping days भरे और प्रोडक्ट की फोटोज add करें .
Variants : अगर आपका प्रोडक्ट अलग अलग वेरिएंट में उपलब्ध है तो Variants वाले ऑप्शन को enable करके उसके बारे में डिटेल्स भरे जैसे प्रोडक्ट के कलर, साइज और पैटर्न्स आदि .
Categories : यहाँ पर आपको अपने हिसाब से category create करनी है जिस Category का आपका product है .
Reselling : अगर आप Reselling feature को Enable करते है तो आपका प्रोडक्ट कोई अन्य व्यक्ति भी Promote कर सकता है जिसके बदले उसे कुछ कमिशन मिलेगा , इस फीचर को enable करने से आपका प्रोडक्ट ज्यादा बिकेगा लेकिन आपको हर Sale पर कुछ कमिशन देना होगा जिसने आपका प्रोडक्ट बिकवाया है उसे .
SEO Settings : अगर आप चाहते है की आपका Store गूगल में रैंक करें या फिर आपके store पर आर्गेनिक ट्रैफिक आये तो आप उसे SEO optimize भी कर सकते है यहाँ पर आप meta tags Description , product से related tags और बाकि SEO से संबंधित चीजें कर सकते है .
Advanced : यहाँ से आप अपने store के लिए कुछ एडवांस सेटिंग्स कर सकते है जैसे अगर कोई कस्टमर आपका प्रोडक्ट खरीदता है तो उसे Thank You Note दिखाना वगैरे आदि.
Instamojo पर Digital Product कैसे Add करें?
जिस प्रकार से हमने Physical Product में डिटेल्स बताई है उसी प्रकार से Digital Product में आपको डिटेल्स भरनी है सिर्फ यहाँ पर आपको प्रोडक्ट Add करते वक़्त digital file अपलोड करनी है जैसे – eBooks, pdf , video course, zip file, RAR file , exe file , apk fileआदि . सभी फाइल जिसे Download किया जा सकता है . यहाँ पर आप Maximum 2GB तक की कोई भी सिंगल डिजिटल फाइल Upload कर सकते है .
अंतिम शब्द
दोस्तों उम्मीद है आपको हमारा आज का आर्टिकल अच्छा लगा होगा जिसमे हमने आपको बताया इंस्टामोजो (Instamojo) क्या है और इसका इस्तेमाल कैसे करें ? अगर आपको Instamojo की यह जानकारी अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें और अगर आपके मन में Instamojo संबंधित कोई भी सवाल है तो हमे कमेंट करके जरूर बताये , धन्यवाद .
आज इस article में हम एक ऐसी technology के बारे में बात करने वाले हैं जिसका इस्तेमाल आज बड़ी-बड़ी companies कर रही हैं।
आज हम बात करने वाले हैं Chatbot के विषय में। अगर आप technology और computers की field में रुचि रखते हैं तो आपने Chatbot का नाम जरूर सुना होगा।
लेकिन अगर आप chatbot के बारे में कुछ नहीं जानते हैं तो कोई बात नहीं आप बिलकुल सही जगह पर हैं।
क्योंकि आज इस article में हम आपको Chatbot के विषय में जरूरी जानकारी देने वाले हैं जैसे – Chatbot क्या है, कितने प्रकार का होता है, इसके फायदे और नुक्सान क्या हैं आदि।
Chatbot क्या है (What is Chatbot)
Chatbot शब्द को अगर दो हिस्सों में बांटा जाए तो इसका विभाजन होगा Chat और Bot. Chat का मतलब होता है बातचीत और Bot का मतलब होता है Robot.
इस तरह Chatbot का मतलब होता है बातचीत करने वाला robot. ये कोई physical robot नहीं होता है। Chatbot एक तरह का computer program है जिसे normal question-answering के लिए बनाया गया है।
Chatbot से कोई भी बात कर सकता है। जैसे ही आप chatbot से कोई ऐसा सवाल पूछेंगे जिसका जवाब उसे पता होगा तो वो तुरंत जवाब जरूर देगा। आप chatbot से बिलकुल ऐसे बात कर सकते हैं जैसे आप किसी इंसान से बात करते हैं।
ऐसे कई बड़ी companies हैं जो chatbots का इस्तेमाल करती हैं जिनमे से कुछ हैं – Hostinger, Massage Envy, Domino’s, Casper आदि।
चैटबॉट क्या है (Chatbot meaning in hindi)
चैटबॉट एक सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन है जिसका उपयोग लाइव मानव एजेंट के साथ सीधे संपर्क प्रदान करने के बदले टेक्स्ट या टेक्स्ट-टू-स्पीच के माध्यम से ऑन-लाइन चैट वार्तालाप करने के लिए किया जाता है।
Chatbot के प्रकार (Types Of Chatbot)
Chatbots 2 प्रकार के होते हैं। पहला होता है Rule-based chatbot और दूसरा होता है AI-based chatbot. इन दोनों chatbots के बारे में हम आपको विस्तार से बताएंगे।
Rule-Based Chatbot – Rule-based chatbots ऐसे chatbots होते हैं जिनके जवाब पहले से ही set कर दिए जाते हैं। इन chatbots के program में पहले से ही एक set of questions को डाल दिया जाता है जिसके कारण ये सिर्फ उन्ही सवालों के जवाब दे सकते हैं जो की इनके program में डाले गए हैं।
अगर आपने इनसे कोई ऐसा सवाल पूछ लिया जो की इनके program में है ही नहीं तो ये उनका जवाब नहीं दे पाते हैं। इन chatbots को FAQs के लिए बनाया जाता है जिनमे पहले से ही कुछ सवाल डाल दिए जाते हैं और जैसे ही कोई user इनसे सवाल पूछता है chatbot तुरंत उनका जवाब दे देता है।
AI-Based Chatbot – AI-based chatbots ऐसे chatbots होते हैं जो की किसी भी सवाल का जवाब दे सकते हैं। इनमे कोई भी सवाल नहीं डाले जाते हैं। User इनसे कोई भी सवाल पूछ सकता है। ऐसे chatbots user के किसी भी सवाल का जवाब तुरंत दे सकता है।
AI chatbots समय के साथ सिखने की काबिलियत रखते हैं। जैसे-जैसे ये users के साथ बात करते हैं वैसे-वैसे ये और भी ज्यादा smart होते जाते हैं। ये users ये बात कर-कर के सीखते हैं और अपने जवाब देने की accuracy को भी बढ़ाते हैं।
AI chatbots का सबसे बढ़िया उदाहरण Amazon की Alexa, Google का Assistant, Apple की Siri आदि हैं। ये सभी chatbots हैं जो की समय के साथ सीखते-सीखते आज बहुत smart हो गए हैं।
Chatbot काम कैसे करता है?
जैसा की आपने ऊपर जाना की Chatbot 2 प्रकार के होते हैं। और दोनों chatbots अलग-अलग तरह से काम करते हैं। हम आपको दोनों ही chatbots के काम करने के तरीके के बारे में अच्छे से बताएंगे।
Rule-Based Chatbots – सबसे पहले बात करते हैं rule-based chatbots की। Rule-based chatbots user को केवल वही जवाब देते हैं जो की उनके database में पहले से saved होता है।
अगर user ने कोई ऐसा सवाल पूछ लिया जो की chatbot के database में है ही नहीं तो वो जवाब नहीं देता है। इस प्रकार के chatbots अपने सीमित जानकारी के अनुसार ही जवाब दे सकते हैं उसके विपरीत वे कुछ नहीं कर सकते हैं।
AI-Based Chatbots – दूसरी ओर हैं AI-based chatbots इनके database में पहले से कोई सवाल-जवाब saved नहीं होते हैं बल्कि ये अपनी बुद्धि से जवाब देते हैं। आप इनसे कोई भी सवाल पूछ अपना जवाब पा सकते हैं।
ये users के behaviour और उनके द्वारा पूछे गए सवालों के अनुसार सीखता है और अपने आप को बहुत तेजी से विकसित करता रहता है।
दोनों ही Chatbots में एक चीज़ सामान्य है और वो है बात करने का तरीका। अगर बात voice में हो रही है तो पहले chatbot ASR (Automatic Speech Recognition) की मदद से voice को text में बदलता है और उसके बाद user को जवाब देता है।
लेकिन अगर बात text में हो रही है तो ऐसे में chatbot ASR जैसी तकनीक का प्रयोग नहीं करता है और उसके अनुसार user द्वारा पूछे गए सवाल का जो भी सबसे सटीक जवाब होता है वो user को दे देता है।
Chatbot के फायदे
Customer Support – Chatbots की मदद से लोगों को support देना आसान हो जाता है। Chatbots 1000 लोगों का काम अकेला कर लेता है जिससे manpower कम लगती है और customers को अच्छी service भी मिलती है।
अगर कोई company customer support के लिए employees hire करने जायेगी तो company को हज़ारों employees hire करने पड़ेंगे और उन्हें salary भी देनी पड़ेगी।
लेकिन अगर वही company chatbots बनाएगी तो उसे sirf 1 chatbot बनाना होगा जिसे कोई salary भी नहीं देनी पड़ेगी और customer support भी अच्छा रहेगा।
Quick Reply – Chatbots आम इंसानों की तुलना में जल्दी reply करते हैं जिससे customer satisfy और खुश रहता है। और जब customers satisfy रहते हैं तो business बढ़ता है।
24/7 Available – Chatbots काम पर 24/7 मौजूद रहते हैं जबकी employees 24/7 मौजूद नहीं रहते हैं। अगर customer देर रात में भी कोई सवाल पूछ रहा है तो chatbots उसका जवाब भी दे सकते हैं लेकिन employees ऐसा नहीं कर सकते हैं।
Saves Money – जैसा की हमने ऊपर बताया की अगर आप chatbots की जगह employees को hire करते हो तो ऐसे में आपको employees को salary भी देनी होगी। लेकिन chatbots को कोई salary नहीं देनी पड़ती है जिससे पैसों की बचत होती है।
Chatbot के नुकसान
Difficult To Create – Chatbots को बनाना आसान नहीं है। Chatbots बनाने के लिए अच्छी coding आनी जरूरी है लेकिन आजकल market में Mobile Monkey जैसी कुछ websites आ गयी हैं जिनकी मदद से बहुत आसानी से कोई भी chatbots को बना सकता है।
Lack of Emotions – Chatbots में किसी भी प्रकार की कोई भावना नहीं होती है जिसके कारण user experience थोड़ा कम हो जाता है। क्योंकि अगर chatbots की जगह कोई इंसान customer support देगा तो वो customer से थोड़ी हसी-मजाक भी कर सकता है लेकिन कोई emotions न होने के कारण chatbots ऐसा नहीं कर सकते हैं।
Chatbot से संबंधित कुछ सवाल
Chatbot क्या है?
चैटबॉट एक सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन है जिसका उपयोग लाइव मानव एजेंट के साथ सीधे संपर्क प्रदान करने के बदले टेक्स्ट या टेक्स्ट-टू-स्पीच के माध्यम से ऑन-लाइन चैट वार्तालाप करने के लिए किया जाता है।
Chatbot का आविष्कार किसने किया था?
Chatbot का आविष्कार Joseph Weizenbaum द्वारा किया गया था। वे एक German-American computer scientist थे।
Chatbot का अविष्कार कब हुआ था?
chatbot का आविष्कार 1966 में हुआ था।
निष्कर्ष
दोस्तों, इस article में हमने chatbots से सम्बंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी दे दी है। अब आपको पता चल गया होगा की Chatbots क्या हैं और इनके फायदे और नुक्सान क्या हैं।
अगर आपको ये article informational और helpful लगा हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ share जरूर करें ताकि आपके दोस्तों भी chatbots के बारे में जान पाएं।
क्या आपको पता है AMOLED Display क्या है? अगर नहीं पता तो आप बिलकुल सही जगह पर आए है क्योंकि इस आर्टिकल में आपको AMOLED Display से संबंधित सभी सवालों के जवाब मिलने वाले है !
स्मार्टफोन खरदते वक़्त हम उसकी RAM , Processor , Camera आदि. सब चीजे चेक करके लेते है लेकिन स्मार्टफोन खरदते वक़्त हम स्मार्टफोन के उस हिस्से को नजरअंदाज कर देते है जिससे हम सबसे ज्यादा इंटरैक्ट करते है वो है स्मार्टफोन का डिस्प्ले ! स्मार्टफोन्स कंपनियां इन दिनों एक अच्छा यूजर एक्सपेरिएंस देने के लिए Displays पर काफी मेहनत से काम कर रही है .
स्मार्टफोन में डिस्प्ले तो कई प्रकार के होते है जैसे LCD , LED , IPS , OLED , AMOLED आदि . लेकिन इनदिनों OLED और AMOLED डिस्प्ले बहुत ज्यादा चर्चा में है अभी के वक़्त हर किसी को अपने फ़ोन में OLED या फिर SUPER AMOLED डिस्प्ले चाहिए होता है .
इस आर्टिकल में मैं आपको बताऊंगा AMOLED Display के बारे में AMOLED Display क्या होता है इसके अलावा हम बात करेंगे AMOLED Display और OLED Display में क्या अंतर होता है .
AMOLED Display क्या है ?
AMOLED जिसका पूरा नाम है Active Matrix Organic Light Emitting Diode यह दरअसल OLED DISPLAY का एक अपग्रेड है . यह Display बनाने की तकनीक है जिसमे कार्बनिक मिश्रण का इस्तेमाल किया जाता है जब कार्बनिक मिश्रण विद्युत् प्रवाह के संपर्क में आता है तब AMOLED DISPLAY प्रकाश उत्पन्न करती है . AMOLED DISPLAY सबसे नवीनतम (latest) डिस्प्ले तकनीकों में से एक है .
AMOLED डिस्प्ले अभी के लेटेस्ट डिस्प्ले IPS और OLED डिस्प्ले की तुलना में बेहतरीन व्यूविंग एंगल्स ऑफर करती है लेकिन AMOLED DISPLAY को बनाने में IPS और OLED से अधिक खर्चा लगता है और इसका निर्माण करना भी अधिक मुश्किल होता है .
अमोलेड डिस्प्ले पर कलर और कंट्रास हमेशा जबरदस्त रहता है क्योंकि AMOLED डिस्प्ले में हर एक डॉट की एक अपनी कलर लाइट होती है . इसलिए यह डिस्प्ले बेहतर रंग, ब्राइटनेस, फास्ट रिस्पांस, हल्का वजन और डिजाइन के लिए जानी जाती है .
AMOLED डिस्प्ले तकनीक का सबसे पहला प्रदर्शन कुछ साल पहले एक हाई-एंड स्मार्टफोन पर किया गया था जो एक बड़े, अधिक रंग-समृद्ध डिस्प्ले का वादा करता था शायद आपको इसके बारे में पता होगा . लेकिन अब आपको लैपटॉप स्क्रीन और पीसी मॉनिटर पर भी AMOLED Display देखने को मिलता है .
AMOLED DISPLAY के प्रकार
AMOLED DISPLAY में थोड़े बदलाव करके अलग अलग मोबाइल ब्रांड्स ने इसके अलग अलग मार्केटिंग टर्म्स बनाये है –
Super AMOLED
Super AMOLED Advanced
Super AMOLED Plus
HD Super AMOLED
HD Super AMOLED Plus
Full HD Super AMOLED
Quad HD Super AMOLED
OLED और AMOLED DISPLAY में क्या अंतर है ?
स्मार्टफोन्स में OLED डिस्प्ले भी आती है और AMOLED भी लेकिन इन दोनों में क्या Difference होता है चलिए समझते है .
OLED का मतलब होता है Organic Light-Emitting Diode (OLED) और AMOLED का मतलैब होता है Active-Matrix Organic Light-Emitting Diode (AMOLED) ओलेड और अमोलेड दोनों स्क्रीन को किसी भी एंगल से देखने पर व्यू एक सा रहता है .
जैसा की मैंने अशुरुआत में बताया की AMOLED DISPLAY एक अपग्रेड है OLED DISPLAY का इसलिए इस बात को ध्यान में रखे की OLED और AMOLED दोनों एक ही Display Technology का हिस्सा है बस AMOLED डिस्प्ले OLED का एक एडवांस अपग्रेड वर्शन है .
AMOLED डिस्प्ले OLED डिस्प्ले से अच्छा परफॉर्म करती है AMOLED के बेहतर रंग, ब्राइटनेस, फास्ट रिस्पांस, हल्का वजन और डिजाइन इसे OLED से थोड़ा अलग बनाती है .
Conclusion
दोस्तों उम्मीद है आपको हमारा आजका आर्टिकल अच्छा लगा होगा इसमें हमने देखा AMOLED Display क्या है ? OLED और AMOLED में क्या अंतर है ? अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे और अगर आपके मन में AMOLED या OLED Display से संबंधित कोई भी सवाल है तो हमे कमेंट करके जरूर बताएं .
इंटरनेट और सोशल मीडिया पर आपने कई बार ‘GIF’ के बारे में जरूर सुना होगा लेकिन क्या आपको पता है GIF का मतलब क्या होता है और इसका फुल फॉर्म क्या होता है GIF Full Form in Hindi अगर आप GIF का Fullform नहीं जानते है तो इस आर्टिकल के साथ बने रहे .
सोशल मीडिया पर तो GIF का अपना अलग ही महत्व है GIF के कारण ही आजकल लोगों का मनोरंजन होता है अलग अलग प्रकार के मजेदार GIF Memes आपने सोशल मीडिया पर जरूर देखे होंगे .
आजकल GIF फॉर्मेट में बने memes बहुत तेजी से वायरल होते है और लोगों को वे काफी पसंद आते है लेकिन कई लोगों को GIF के बारे नहीं पता होता है इसलिए वे अपनी जिज्ञासा दूर करने के लिए गूगल पर Gif के बारे में सर्च करते है जैसे –
GIF Ka Poora Naam Kya Hai
GIF क्या है
Whatsapp में GIF क्या होता है
GIF Full Form
गिफ का क्या मतलब होता है
GIF Full Form क्या होता है
अगर आप भी GIF के बारे में ऐसे ही सवालों के जवाब खोज रहे है तो आप बिलकुल सही जगह पर आये है क्योंकि इस आर्टिकल में हम आपको न केवल GIF का फुल फॉर्म बताएँगे बल्कि GIF से जुडी ऐसी ऐसे बाते भी यहाँ हम आपको बताएँगे जो शायद आपको नहीं पता हो .
GIF का मतलब क्या होता है ?
GIF जिसका Full Form होता है Graphics Interchange Format यह एक bitmap image format है जिसे अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक स्टीव विल्हाइट के नेतृत्व में ऑनलाइन सेवा प्रदाता CompuServe की एक टीम द्वारा विकसित किया गया था और 15 जून 1987 को जारी किया गया था .
यह एक Bitmap image होती है जिसका फाइल एक्सटेंशन .gif होता है , इसका उपयोग आजकल इंटरनेट पर और खासतौर पर सोशल मीडिया माध्यमों पर Images और Animations के रूप में किया जाता है .
नार्मल इमेज फॉर्मेट (JPEG) के विपरीत GIF फॉर्मेट की इमेज lossless compression का उपयोग करती है जिससे इमेज quality कम नहीं होती .
GIF Full Form In Hindi
GIF जिसका Full Form होता है ‘Graphics Interchange Format’ जिसे हिंदी में “ग्राफिक्स इंटरचेंज फॉर्मेट” ऐसा पढ़ा जाता है .
GIF Meaning In Hindi
GIF के का पूरा नाम होता है Graphics Interchange Format जिसका हिंदी में मतलब होता है ‘ग्राफिक्स बदलाव प्रारूप’ यह एक bitmap image format होता है .
GIF कैसे बनाये ?
सबसे पहले GIPHY.com पर जाएँ और Create पर क्लिक करे
अब उस वीडियो का URL जोड़ें जिसका आप GIF में बनाना चाहते हैं
वीडियो का वह भाग ढूंढें जिसे आप कैप्चर करना चाहते हैं, और लंबाई चुनें
अपने GIF को सजाएं (Optional step)
अपने GIF में हैशटैग जोड़ें (Optional step)
अपना GIF GIPHY पर अपलोड करें
अब आप आपने बनाए GIF को विभिन्न सोशल मीडिया पर शेयर कर सकते है
Conclusion
दोस्तों उम्मीद है आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी इसमें हमने देखा की GIF का मतलब क्या होता है और GIF Full Form in Hindi . अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे और अगर आपके मन में GIF Full Form से सम्बंधित कोई भी सवाल है तो आप कमेंट करके हमसे पूछ सकते है , धन्यवाद .
क्या आप भी जानना चाहते है की ब्रूट फोर्सअटैक क्या है (what is brute force attack in hindi)और इससे कैसे बचे ? तो इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़े क्योंकि इसमें मैं आपको Brute Force Attack के बारे में A-Z जानकारी आसान हिंदी भाषा में बताने वाला हूँ .
Brute Force Attack को Dictionary Attack भी कहा जाता है यह एक पासवर्ड हैकिंग की तकनीक है जिसका उपयोग करके साइबर अपराधी यूजर के Facebook , Instagram , Twitter जैसी अन्य websites और Apps के password चुराते है .
साइबर अपराधियों के लिए किसी भी वेबसाइट के सर्वर तक जाकर Database चुराने के लिए ब्रूट फाॅर्स अटैक एक सरल मार्ग होता है , बाकि हैकिंग टेक्निक्स के मुकाबले Brute force attack आसान होता है इसलिए ज्यादातर हैकर्स इसी तकनीक का इस्तेमाल करके साइबर अपराध को अंजाम देते है .
इस आर्टिकल में मैं आपको बताऊंगा ब्रूट फोर्स अटैक क्या होता है यह कैसे काम करता है और आपको ब्रूट फाॅर्स अटैक से खुद को कैसे बचाना है इसलिए अपना कीमती समय निकाल कर इस आर्टिकल को अंत तक पूरा जरूर पढ़े क्योंकि इसमें जो बाते मैं आपको बताने जा रहा हूँ वो आपके बहुत काम आ सकती है .
ब्रूट फोर्स अटैक क्या है (What is brute force attack in Hindi)
ब्रूट फोर्स अटैक एक साइबर हमले का प्रकार है इसे डिक्शनरी अटैक के नाम से भी जाना जाता है जिसमे पासवर्ड/पिन का पता लगाकर किसी कंप्यूटर, सर्वर, सोशल प्रोफाइल या बैंक अकाउंट जैसे प्राइवेट एकाउंट्स को हैक किया जाता है . brute force attack को brute force cracking भी कहा जाता है .
साइबर अपराधी brute force attack का उपयोग लॉगिन जानकारी , एन्क्रिप्शन कीज या किसी छिपे हुए वेब पेज को खोजने के लिए करते है , इस अटैक में साइबर अपराधी एक विशेष सॉफ्टवेयर टूल की सहायता से सभी संभावित passwords के कॉम्बिनेशन यूजर के लॉगिन सिस्टम में Try करते है , और जब पासवर्ड मैच हो जाता है तब यूजर का सिस्टम हैक कर लिया जाता है .
Brute force attack में साइबर अपराधियों के पास Wordlist होती है , Wordlist मतलब यह एक प्रकार की Password की लिस्ट होती है जिसमे हजारों या लाखों की संख्या में विभिन्न प्रकार के Password Combination होते है . जितने ज्यादा पासवर्ड कॉम्बिनेशन Wordlist में होंगे उतनी ही ज्यादा password crack होने की संभावना होती है .
Wordlist में मौजूद हजारों password combinations को अगर एक एक करके Try किया जाये तो बहुत समय लगेगा इसलिए साइबर अपराधी किसी विशेष brute force attack tool का उपयोग करते है , यह एक automated software होता है जिसमे Wordlist को टार्गेटेड यूजर के पासवर्ड सिस्टम से सेट कर दिया जाता है और इसके बाद brute force attack tool आटोमेटिक Wordlist के सभी Password Combinations यूजर के सिस्टम पर Try करता है और जब पासवर्ड मैच हो जाता है तब साइबर अपराधी उसे हैक कर लेते है .
ब्रूट फोर्स अटैक के प्रकार (Types of brute force attack)
आपके संवेदनशील और निजी डाटा को चुराने के लिए साइबर अपराधी ब्रूट फोर्स अटैक का उपयोग विभिन्न तरीकों से कर सकते है . brute force attack के भी अलग अलग प्रकार होते है और हैकर्स इनमे से किसी भी प्रकार से आपका संवेदनशील डाटा चुराने की कोशिश कर सकते है . तो चलिए जानते है ब्रूट फोर्स अटैक के प्रकारों के बारे में .
सिंपल ब्रूट फोर्स अटैक
डिक्शनरी अटैक
हाइब्रिड ब्रूट फोर्स अटैक
रिवर्स ब्रूट फोर्स अटैक
क्रेडेंशियल स्टफींग
ब्रूट फोर्स अटैक के इन पांचों प्रकारों को विस्तार से समझिए –
सिंपल ब्रूट फोर्स अटैक (Simple Brute Force Attacks)
यह पासवर्ड हैकिंग की एक आम तकनीक है जिसमे हैकर यूजर के पासवर्ड का अपने दिमाग से अनुमान लगता है बिना किसी सॉफ्टवेयर टूल के . सिंपल ब्रूट फोर्स अटैक में पासवर्ड क्रैक कर पाना थोड़ा मुश्किल काम होता है लेकिन अगर यूजर ने अपने सिस्टम में कोई साधारण पासवर्ड लगा रखा है जैसे 12345 , खुद का नाम , खुद का मोबाइल नंबर , जन्म दिनांक आदि . तो सिंपल ब्रूट फोर्स अटैक से भी आसानी से पासवर्ड का पता लग जाता है .
डिक्शनरी अटैक (Dictionary Attacks)
ब्रूट फोर्स अटैक अटैक का यह काफी प्रसिद्द प्रकार है और कई बार ब्रूट फोर्स अटैक को डिक्शनरी अटैक के नाम से भी जाना जाता है , Dictionary Attack में हैकर्स के पास पासवर्ड की एक लम्बी लिस्ट होती है जिसमे संभव पासवर्ड के अलग अलग कॉम्बिनेशंस होते है इस अटैक में हैकर विशेष सॉफ्टवेयर टूल का उपयोग करता है जो टूल एक एक करके लिस्ट में मौजूद सभी password combinations यूजर के सिस्टम पर try करता है , Dictionary Attack Software tool का प्रोसेस ठीक उसी प्रकार चलता है जिस प्रकार हम dictionary में कोई शब्द खोजते है इसलिए इसे Dictionary Attack कहा जाता है .
हाइब्रिड ब्रूट फोर्स अटैक (Hybrid Brute Force Attacks)
हाइब्रिड ब्रूट फोर्स अटैक में हैकर एक साथ विभिन्न ब्रूट फोर्स अटैक तकनीकों का इस्तेमाल करता है Hybrid Brute Force Attacks अटैक में हैकर आमतौर पर सिंपल ब्रूट फोर्स अटैक और डिक्शनरी अटैक का एक साथ इस्तेमाल करता है मतलब इसमें हैकर ब्रूट फोर्स अटैक सॉफ्टवेयर टूल का इस्तेमाल भी करता है और खुद के दिमाग से भी पासवर्ड सोचकर उसे Try करता है .
रिवर्स ब्रूट फोर्स अटैक (Reverse brute force attacks)
जैसा कि नाम से ही स्पष्ट होता है , रिवर्स ब्रूट फोर्स अटैक में हैकर को यूजर का Password तो पता होता है लेकिन उसका Username नहीं पता होता है . रिवर्स ब्रूट फोर्स अटैक में साइबर अपराधी username की तलाश में रहते है जिस प्रकार सिंपल ब्रूट फोर्स अटैक में पासवर्ड पता करने के लिए हैकर्स Passwords wordlist का प्रयोग करते है ठीक उसीप्रकार रिवर्स ब्रूट फोर्स अटैक में भी वे Username wordlist का प्रयोग करते है जिसमे हजारों Usernames होते है .
क्रेडेंशियल स्टफींग (Credential stuffing)
अगर कसी हैकर के पास किसी यूजर का Username और Password दोनों है और अगर यह Username और Password का कॉम्बो एक वेबसाइट पर काम कर रहा है तो हैकर उसे अन्य websites पर भी आजमाते है चूंकि उपयोगकर्ताओं को कई वेबसाइटों में लॉगिन जानकारी का पुन: उपयोग करने के लिए जाना जाता है .
ब्रूट फोर्स अटैक से हैकर्स को क्या मिलता है?
हैकर्स ब्रूट फोर्स अटैक को लेकर गंभीर रहते है और कई बार वे इसके ऊपर पैसा भी खर्च करते है , Brute force attacks software tools , wordlist जैसी चीजें हैकर्स पैसे देकर खरीदते है लेकिन आपके मन में यह सवाल जरूर आया की आखिर ब्रूट फोर्स अटैक से हैकर्स को क्या मिलता है?
Brute force attack के पीछे हैकर्स का सबसे बड़ा उद्देश्य होता है यूजर की Login details को पता लगना , हैकर्स Brute force attack से यूजर का Password और Username चुराने का प्रयास करते है . यूजर की Login details चुराकर हैकर्स इसका कई तरीके से गलत उपयोग करते है .
यहां बताया मैंने आपको बता रहा हूँ कि हैकर्स को Brute force attacks से कैसे फायदा होता है –
Brute force attack से अगर किसी की वेबसाइट हैक होती है तो इसके पीछे हैकर्स का उद्देश्य होता है उस वेबसाइट पर आ रहे ट्रफिक को खुद की वेबसाइट पर लाना , वेबसाइट पर लगे Ads को हटाकर खुद के Ads लगाना और पैसे कामना , activity data को कलेक्ट करना और कई प्रकार से इसका गलत इस्तेमाल करना .
व्यक्तिगत डेटा और क़ीमती सामग्री चोरी करना यह भी Brute force attack का उद्देश्य होता है , हैकर्स हमेशा Bank account , Credit card आदि जैसी संवेदनशील और कीमती चीजों के password crack करने के लिए Brute force attack का उपयोग करते है .
मैलवेयर फैलाने के लिए भी कई बार साइबर अपराधी Brute force attack का उपयोग करते है , अगर कोई हैकर अपने स्किल का अभ्यास कर रहा है तो वह कई बार बिना अनुमति के लोगों को शिकार बनाता है इस अभ्यास में हैकर आपकी वेबसाइट हैक करके वेबसाइट का पूरा ट्रैफिक किसी मालिसियस वेबसाइट पर भेज सकता है .
Malicious activity के लिए आपके सिस्टम को हाईजैक करके पैसे कामना
एक वेबसाइट की प्रतिष्ठा को बर्बाद करके पैसा कामना
किसी व्यक्ति से बदला लेने के लिए Brute force attack से उसकी निजी जानकारियां चुराना
ब्रूट फोर्स अटैक से कैसे बचे (How to prevent Brute force attack)
अब बात करते है हमारे मुख्य टॉपिक की , ब्रूट फोर्स अटैक से कैसे बचे (How to prevent Brute force attack) क्योंकि आजकल पासवर्ड हैकिंग के मामले बहुत ज्यादा सुनने को मिलते है , थोड़ी सी लापरवाही से लोगों के फेसबुक , इंस्टाग्राम भी हैक हो जाते है इसलिए अगर आप भी इस इंटरनेट की दुनिया में सुरक्षित रहना चाहते है और ब्रूट फोर्स जैसे खतरनाक अटैक से बचना चाहते है तो निचे बताये गए टिप्स को फॉलो करे .
मजबूत पासवर्ड रखे : आपको कभी भी एक साधारण पासवर्ड नहीं रखना है जैसे – 12345 , खुद का नाम , मोबाइल नंबर आदि. पासवर्ड में न रखे हमेशा एक मजबूत पासवर्ड रखे . पासवर्ड ऐसा बनाये जिसमे सभी चीजों का कॉम्बिनेशन हो जैसे – Special characters ((! , . @ # $ % & ? ) , नंबर्स , अल्फाबेट्स आदि. Strong Password का एक Example – X(%=m!Sa67G8+P+ आप एक Strong password कैसे बना सकते है इसके ऊपर मैंने एक आर्टिकल लिखा है उसे भी आप पढ़ सकते है मजबूत पासवर्ड कैसे बनायें | Password कैसे बनाये टिप्स और ट्रिक्स
लॉगिन प्रयास को सिमित रखे : websites और social media जैसे कई प्लेटफॉर्म्स पर हम Login Attempts को सिमित रख सकते है मतलब कोई भी यूजर सिमित नंबर तक ही लॉगिन करने का प्रयास कर सकता है . अगर आप Login Attempts सिर्फ 2 सेट करते है तो आपके सिस्टम में कोई भी यूजर सिर्फ 2 बार लॉगिन करने का प्रयास कर सकता है इससे आपके सिस्टम पर कभी भी Dictionary attack नहीं हो पायेगा क्योंकि इसमें हजारों बार लॉगिन प्रयास करना पड़ता है .
Captcha का उपयोग करे : आपको अपने Login System पर Captcha का उपयोग जरूर करना चाहिए इसमें हर login attempt के बाद यूजर को captcha solve करना होता है ऐसे में अगर कोई हैकर किसी automated software tool की सहायता से brute force attack करने का प्रयास करता है तो वो असफल हो जायेगा क्योंकि हर एक login attempt के बाद उसे captcha solve करना पड़ेगा जो की एक automated software tool नहीं कर सकता है captcha को सिर्फ एक मनुष्य ही solve कर सकता है .
Two Factor Authentication का उपयोग करे : किसी भी यूजर के लॉगिन सिस्टम में अगर Two Factor Authentication लगा है तो उसकी सुरक्षा २ गुना ज्यादा हो जाती है क्योंकि Two Factor Authentication में अगर कोई व्यक्ति बिलकुल सही Login details डालकर भी Login करने का प्रयास करता है तो उसे सबसे पहले Admin की परमिशन लेनी पड़ती है यदि खुद Admin भी login करना चाहता है तो उसे परमिशन को allow करना पड़ता है . Two Factor Authentication आप अपने email या फिर mobile phone में लगा सकते है , अगर कोई यूजर Login attempt करता है तो सबसे पहले आपके mobile पर या email पर एक security message आता है .
अंतिम शब्द
दोस्तों उम्मीद है आपको हमारा आज का आर्टिकल ब्रूट फोर्स अटैक क्या है और इससे कैसे बचे (Brute force attack in hindi) अच्छा लगा होगा . अगर आपको Brute force attack की यह जानकारी अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे और अगर आपके मन में Brute force attack से सम्बंधित कोई भी सवाल है तो हमे कमेंट करके जरूर पूछें और आर्टिकल को अंत तक पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद .
Strong Password Kaise Banaye: नमस्कार दोस्तों , इस पोस्ट में मैं आपको बताऊंगा की एक मजबूत पासवर्ड कैसे बनायें ? पासवर्ड सिक्योरिटी की दृष्टि से एक बहुत Important चीज होती है क्योंकि Password के ही बदौलत पूरी दुनिया में डिजिटल डाटा सुरक्षित है . लेकिन एक कमजोर पासवर्ड हमारे लिए बहुत बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है . अगर आप भी 12345 , मोबाइल नंबर, खुद की जन्म तिथि आदि . जैसे कमजोर पासवर्ड रखते है तो तुरंत उन्हें बदल कर Strong password रखना चाहिए क्योंकि ऐसे पासवर्ड आसानी से हैक हो जाते है. चलिए जानते है की किस प्रकार हैकर्स आपका पासवर्ड हैक कर सकते है और आपको कैसे बचना और एक मजबूत पासवर्ड कैसे बनाया जाता है.
Strong Password कैसे बनाये ?
एक Strong Password कैसे बनाये ? जब भी हम किसी वेबसाइट या एप पर अकाउंट बनाते है तो सबसे पहले दिमाग में यही सवाल आता है की एक मजबूत पासवर्ड कैसे बनायें . सिर्फ “Password” ही ऐसी चीज है जिसकी वजह से इंटरनेट सुरक्षित है . कई लोग अपना पासवर्ड 12345 , खुद का मोबाइल नंबर , खुद का नाम , जन्म तिथि आदि . रखते है जो की एक काफी कमजोर पासवर्ड होता है और उसे कोई भी व्यक्ति आसानी से तोड़ सकता है .
अगर आपको इंटरनेट पर सुरक्षित रहना है तो आपके सभी Passwords (जितने भी पासवर्ड्स आप इंटरनेट पर यूज़ करते है) सुरक्षित होने चाहिए अगर आपका पासवर्ड अगर मजबूत नहीं होगा तो कोई भी उसे आसानी से हैक कर सकता है . यहाँ पर सिर्फ इंटरनेट प्लेटफॉर्म्स के Passwords की बात नहीं हो रही है ! आपके कंप्यूटर सिस्टम , मोबाइल फ़ोन आदि. Devices के भी passwords आपको हमेशा Strong रखने चाहिए .
यदि आपका पासवर्ड कमजोर है तो आप अभी सावधान हो जाएँ और एक मजबूत Password बनायें . अगर आपको नहीं पता की Strong password कैसे बनाया जाता है तो इस आर्टिकल को आप पूरा पढ़िए इसमें मैं आपको Strong Password बनाने की कुछ ऐसे टिप्स बताऊंगा जिससे आपका पासवर्ड कभी भी हैक नहीं होगा .
पासवर्ड कैसे हैक होता है?
Strong password बनाने से पहले आपको यह जानना बहुत जरुरी है की कैसे password को हैक किया जाता है , इससे आपको समझ आएगा की क्यों आपको Strong password बनाने की जरुरत है .
Brute force attack का इस्तेमाल कर चोरी करते हैं पासवर्ड
Password तोड़ने का सबसे आसान तरीका होता है Brute force attack . इसी तकनीक का इस्तेमाल करके साइबर अपराधी ज्यादातर Users के पासवर्ड चुरा लेते है . Brute force attack में साइबर अपराधी Login System में कई तरह के password कॉम्बिनेशन डालकर देखते है ऐसे में अगर किसी यूजर का पासवर्ड कमजोर है जैसे 12345 , खुद का मोबाइल नंबर , जन्म तिथि आदि . तो इस प्रकार के पासवर्ड साइबर अपराधी आसानी से पता लगा लेते है और यूजर का अकाउंट हैक कर लेते है .
Brute force attack में साइबर अपराधियों के पास अलग अलग कॉम्बिनेशन से बनाये Passwords की एक लंबी लिस्ट होती है जिसे एक विशेष सॉफ्टवेयर टूल की मदद से टार्गेटेड यूजर के लॉगिन सिस्टम में डाला जाता है और Brute force attack प्रोसेस में अगर आपका पासवर्ड मैच हो जाता है तो आपका अकाउंट हैक कर दिया जाता है .
Dictionary attack से भी होता है पासवर्ड चोरी
यह अटैक भी बिलकुल Brute force attack की तरह ही होता है दरअसल Brute force attack को ही Dictionary attack कहा जाता है लेकिन इन दोनों में थोड़ा अंतर होता है . Brute force attack में पासवर्ड पता लगाने के लिए symbols, numbers, और letters के कॉम्बिनेशन का उपयोग किया जाता है और Dictionary attack में शब्दों की पूर्व-व्यवस्थित सूची का इस्तेमाल किया जाता है यह बिलकुल उसी प्रकार किया जाता है जिस प्रकार आप डिक्शनरी में कोई शब्द खोजते है .
Phishing attack से भी किया जाता है पासवर्ड चोरी
फिशिंग अटैक में साइबर अपराधियों द्वारा टार्गेटेड यूजर से धोखाधड़ी की जाती है , इसमें साइबर अपराधी सबसे पहले एक धोखाधड़ी वाला सन्देश यूजर को भेजता है और जब यूजर उस सन्देश का जवाब देता है तब वह साइबर अपराधियों के जाल में फंस जाता है और यूजर की निजी जानकारिया हैक कर ली जाती है जैसे Username और Password आदि . .
कोई भी यूजर जब Password बनाता तब वो साधारणतः 2 तरह के पासवर्ड बनाता है एक तो Normal Password और दूसरा Strong Password .
Normal Password (weak Password)
इस पासवर्ड को आप कमजोर (weak) पासवर्ड भी बोल सकते है , इस प्रकार के पासवर्ड में यूजर काफी कमजोर पासवर्ड बनाता है जैसे अपना खुद का नाम, मोबाइल नंबर, जन्म दिनांक , कोई प्रिय नाम आदि. Normal Password को कोई भी आसानी से तोड़ सकता है .
Strong Password
यह एक मजबूत पासवर्ड होता है जिसमे यूजर एक ऐसा यूनिक पासवर्ड बनाता है जिसका कोई भी अनुमान नहीं लगा सकता है . Strong Password में यूजर अलग अलग सिंबल , नंबर , लेटर्स का प्रयोग करके एक स्ट्रांग पासवर्ड बनाता है .
ऐसे बनाये एक Strong Password , अच्छा पासवर्ड बनाने के टिप्स
अब मैं आपको Strong Password बनाने के लिए कुछ टिप्स बताने जा रहा है अगर आप यह टिप्स ध्यान से फॉलो करते है तो निश्चित रूप से आप एक Strong Password बना लेंगे जो कभी भी हैक नहीं होगा .
पासवर्ड को यूनिक बनाने की कोशिश करे
पासवर्ड बनाते वक़्त ज्यादातर users एक ही गलती करते है password में अपना खुद का नाम , मोबाइल नंबर या कुछ ऐसे कुछ शब्द रखते है जो उन्हें आसानी से याद रहे लेकिन इसी गलती के कारण उनका पासवर्ड हैक हो जाता है इसलिए आपको ऐसी गलती भूल कर भी नहीं करनी चाहिए , पासवर्ड को हमेशा यूनिक और स्ट्रांग बनाये .
अब यूनिक मतलब कैसा पासवर्ड बनाये ? तो आपको एक ऐसा पासवर्ड बनाना है जिसमे अल्फाबेट और नंबर का कॉम्बिनेशन हो पासवर्ड को और भी ज्यादा स्ट्रांग बनाने के लिए आप उसमे Special characters ((! , . @ # $ % & ? ) भी जोड़ सकते है .
रैंडम पासवर्ड जनरेटर और पासवर्ड मैनेजर का उपयोग कीजिये
अगर आप एक यूनिक पासवर्ड नहीं बना पा रहे है तो random password generator tools का भी उपयोग कर सकते है यहाँ पर मैं आपको avast का एक फ्री पासवर्ड जनरेट टूल इस्तेमाल करने सलाह दूंगा . निचे दिए गए बटन पर क्लिक करके आप उस random password generator tool को Free में इस्तेमाल कर सकते है .
पासवर्ड जनरेटर टूल की तरह ही आप password manager टूल का भी इस्तेमाल कर सकते है और मैं तो आपसे कहूंगा की password manager tool का उपयोग आपको जरूर करना चाहिए क्योंकि कई बार ऐसा होता है हमे बनाये हुए Strong Passwords हमे याद नहीं होते है उन्हें आप Password manager tool में सेव करके रख सकते है , Password manager tool में आप अपने अलग अलग Password एक ही जगह पर स्टोर करके रख सकते है यह Passwords को मैनेज करने का बहुत अच्छा तरीका है .
जिनपर आप भरोसा करते है उनसे सावधान रहे
कई लोग अपने करीबी रिश्तेदार , भाई , बहन या दोस्तों के साथ अपना पासवर्ड शेयर कर देते है लेकिन यह बिलकुल गलत है आपको ऐसा बिलकुल भी नहीं करना चाहिए आपका पासवर्ड सिर्फ आप ही को पता होना चाहिए किसी पर भी भरोसा करके उसके साथ अपना पासवर्ड शेयर न करे चाहे कितना भी करीबी व्यक्ति क्यों न हो .
मानता हूँ की आपका करीबी व्यक्ति आपके password का गलत उपयोग नहीं करेगा लेकिन कई बार साइबर अपराधी आपका पासवर्ड चुराने के लिए आपके करीबी व्यक्ति को भी शिकार बना सकते है इसलिए पासवर्ड शेयर करना भी आपके लिए एक मुसीबत बन सकता है .
Strong Password के कुछ Example
XsQxt62523GJRFf
rO73m0kqasBT1lr
3y^Q’)h,;jO=-[R
X(%=m!Sa67G8+P+
e$P}=f-06q2b$N6
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ru3us%~HmGlwaBe
अंतिम शब्द
दोस्तों उम्मीद है आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा जिसमे हमने देखा की Strong Password कैसे बनाये और Password को सुरक्षित कैसे रखते है सम्बंधित कुछ टिप्स और ट्रिक्स . अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे और अगर आपके मन में इस लेख से सम्बंधित कोई भी सवाल है तो हमे कमेंट करके जरूर पूछें .
आजकल हम सभी मोबाइल का इस्तेमाल करते है लेकिन मोबाइल में कुछ ऐसी चीजें भी होती है जिनको हम सिर्फ शार्ट फॉर्म में ही जानते है जैसे की “SIM” क्या आपने कभी जानने की कोशिश की है की SIM का Full Form क्या होता है ? और हिंदी में SIM का मतलब क्या होता है ?
SIM के बारे जानकारी होना आजके ज़माने में बहुत जरुरी है क्योंकि Mobile Phones हमारे रोजाना जिंदगी का एक हिस्सा बन चूका है .
यदि आप प्रतियोगी परीक्षा (competitive exam) की तैयारी कर रहे है तो आपको SIM का Full Form जरूर पता होना चाहिए क्योंकि आपको इंटरव्यू में कभी भी पूछा जा सकता है की SIM ka Full Form क्या होता है ?
अगर आपको भी SIM का Full Form नहीं पता है तो इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ें क्योंकि यह जानकारी आपके लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है .
SIM का Full Form क्या होता है ?
SIM का फुल फॉर्म Subscriber Identity Module होता है और इसका हिंदी में अर्थ होता है ग्राहक पहचान मॉड्यूल होता है . SIM कार्ड दिखने में एक छोटे प्लास्टिक के टुकड़े सामान लगता है जिसमे एक चिप लगा होता है . SIM जिसका Full Form subscriber identity module या फिर subscriber identification module (SIM) होता है इसे आमतौर पर SIM Card नाम से जाना जाता है .
SIM Meaning In Hindi
SIM एक सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल और एक integrated circuit है जो आईएमएसआई (IMSI) को सुरक्षित रूप से स्टोर करता है जिसका उपयोग सब्सक्राइबर की पहचान करने और उन्हें मोबाइल फोन या कंप्यूटर के माध्यम से मोबाइल नेटवर्क से जोड़ने के लिए किया जाता है .
SIM Card आपको किसी भी नजदीकी टेलिकॉम स्टोर पर आसानी से मिल जायेगा इसका उपयोग मोबाइल में कॉलिंग, इंटरनेट और SMS जैसी नेटवर्क सर्विसेस के लिए किया जाता है , SIM कार्ड लेने के लिए आपके पास आधार कार्ड होना जरुरी होता है और आपकी उम्र 18 साल से ऊपर होनी चाहिए .
SIM card में जो चिप लगा होता है उसीसे मोबाइल SIM card को पढ़ पता है अगर आप जानना चाहते है SIM Card कैसे काम करता है तो आप हमारा सिम कार्ड कैसे काम करता है? आर्टिकल पढ़ सकते है जिसमे हमने बताया है SIM card कैसे काम करता है .
कई बार हमारा मोबाइल चोरी हो जाता है तब हमे SIM Card को तुरंत बंद कर देना चाहिए क्योंकि कोई अनजान व्यक्ति आपके SIM Card का गलत उपयोग कर सकता है इसलिए आपको अपने मोबाइल में SIM Lock जरूर लगा लेना चाहिए अगर आप नहीं जानते की SIM Lock कैसे लगते है तो आप हमारा मोबाइल सिम कार्ड लॉक क्या है – SIM card lock aur unlock kaise kare यह आर्टिकल पढ़ सकते है .
भारत में आपको एयरटेल , VI , Jio , BSNL जैसी SIM प्रोवाइड करने वाली कंपनियां देखने को मिल जाएगी , SIM card में थोड़ी मेमोरी भी होती है जिसमे आप 250 के आसपास कांटेक्ट नंबर्स को सेव कर सकते है .
अंतिम शब्द
दोस्तों उम्मीद है आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा इस आर्टिकल में हमने आपको बताया है की SIM का Full Form क्या होता है (SIM Full Form in Hindi) अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे और अगर आपके मन में SIM Full Form से सम्बंधित कोई भी सवाल है तो हमे कमेंट करके जरूर पूछे .
आजकल की इस डिजिटल दुनिया में हर व्यक्ति अपनी निजी जानकारियां अपने Android Smartphone में रखता है ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती रहती है स्मार्टफोन में मौजूद डाटा को सुरक्षित रखने की . यदि किसी यूजर का स्मार्टफोन गलत हातों में लग जाएँ तो उसे अनगिनत परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है . इसलिए Android Smartphone उपयोगकर्ता को हमेशा अपने फ़ोन को Password या Pattern Lock लगाना ही चाहिए .
अगर आपको नहीं पता की Android Mobile में Pattern Lock या Password कैसे लगाते है तो आपको टेंशन लेने की कोई जरुरत नहीं है क्योंकि आज के इस लेख में मैं आपको कुछ आसान स्टेप्स में बताऊंगा की Android Mobile में Pattern Lock या Password कैसे लगाए .
यह आर्टिकल आपके लिए बहुत यूज़फूल होने वाला है जिसमे मैं आपको Android Mobile में Pattern Lock और Password लगाने की A-Z प्रोसेस बहुत ही आसान तरीके से बताने वाला हूँ इसलिए इसे अंत तक जरूर पढ़े .
Android Mobile में Pattern Lock या Password कैसे लगाए ?
किसी भी Android Mobile Phone में Pattern Lock या फिर Password लगाना बहुत आसान होता है इसके लिए आपको कुछ Steps को फॉलो करना होगा जो मैं आपको अभी बताने जा रहा है यह प्रोसेस हर मोबाइल फ़ोन के लिए अलग अलग हो सकता है लेकिन इसके ज्यादातर Steps हर फ़ोन में Same ही रहेगी .
Step 1 : सबसे पहले मोबाइल की Settings में जाएँ
Step 2 : अब Passwords & Security वाले ऑप्शन पर जाएँ
Step 3 : Passwords & Security Settings में जाने के बाद आपको Screen Lock का ऑप्शन नजर आएगा उसपर क्लिक करे , अगर आपका फ़ोन Fingerprint और Face lock को सपोर्ट करता है तो वे options भी आपको यहाँ पर दिखेंगे उनको भी आप यूज़ कर सकते है . फ़िलहाल आप Screen Lock Option पर क्लिक करे .
Step 4 : Screen Lock में आपको 3 Options दिखाई देंगे Pattern , PIN और Password इन तीनो ऑप्शन्स से आप अपना एंड्राइड डिवाइस Lock लॉक कर सकते है इसलिए तीनो में जो भी Option आपको अच्छा लगे उसे आप Select कर सकते है .
Step 5 : Pattern , PIN और Password इन तीनो में से एक को सेलेक्ट करने के बाद अब आपको उसे Set कर लेना है , आपका Screen Lock सफलतापूर्वक हो जायेगा .
Pattern , PIN और Password में क्या अंतर है ?
यह सवाल आपके मन में जरूर आया होगा की Pattern , PIN और Password में क्या अंतर है ? और इनमें से सबसे अच्छा लॉक ऑप्शन कौनसा है !
दोस्तों आपको बता दूँ Pattern , PIN और Password तीनों का काम एक ही होता है Screen Lock करना लेकिन यह तीनो अलग अलग फॉर्मेट में होते है .
इन तीनों के Lock फॉर्मेट अलग अलग होने के कारण इनकी सिक्योरिटी क्षमता में भी ऊंच-नीच देखने को मिलती है क्योंकि इन तीनों की सिक्योरिटी लेवल कम ज्यादा होती है .
Pattern (Low Security)
Pattern एक Low Security लॉक है जिसमे आपको Dots को जोड़कर एक Pattern बनाना होता है जिसे आपके अलावा कोई और व्यक्ति नहीं खोल पाएं . आपने कई लोगों के मोबाइल पर Pattern Lock जरूर देखा होगा यह दिखने में तो काफी यूनिक और प्रोफेशनल लगता है लेकिन यह एक Low Security Lock है और कई बार पैटर्न लॉक को लोग अनुमान लगाकर तोड़ देते है .
PIN (Medium Security)
PIN भी Screen Lock करने का एक मेथड है जिसमे आप अपना डिवाइस 4 डिजिट्स या 6 डिजिट्स यूनिक नंबर से लॉक कर सकते है . यह मेथड Pattern से थोड़ा सुरक्षित होता है क्योंकि Pattern की तुलना में Numbers का अनुमान लगाना बहुत कठिन होता है इसलिए PIN Lock को Medium Security की श्रेणी में रखा जाता है .
Password (High Security)
Screen Lock यह सबसे सुरक्षित मेथड है क्योंकि इसमें आप अलग अलग नंबर्स, लेटर्स, सिम्बल्स यूज़ करके एक यूनिक पासवर्ड बना सकते है . इस मेथड में आप ऐसा पासवर्ड बना सकते है जिसका कोई भी अनुमान नहीं लगता इसलिए यह एक High Security मेथड माना जाता है .
अंतिम शब्द
दोस्तों अगर आप अपने एंड्राइड स्मार्टफोन में मौजूद डाटा को सुरक्षित रखना चाहते है तो मैंआपको Pattern और PIN के बदले Password मेथड यूज़ करने की सलाह दूंगा क्योकि यह बहुत सुरक्षित मेथड है जिससे आपके मोबाइल का लॉक कोई भी व्यक्ति नहीं खोल पायेगा .
उम्मीद है आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी जिसमे हमने देखा Android Mobile में Lock या Password कैसे लगाए ? अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे और अगर आर्टिकल से संबंधित कोई भी सवाल आपके मन में है तो हमे कमेंट करके जरूर बताएं .