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मोबाइल फ़ोन में App कैसे छुपाये ? How to Hide Apps on Android phone

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How to Hide Apps on Android phone

नमस्कार दोस्तों , आज के इस आर्टिकल में मैं आपको बताऊंगा की एंड्राइड मोबाइल फ़ोन में Apps को कैसे छुपाये (How to Hide Apps on an Android Phone in Hindi) अगर आप भी अपने Android Phone में App Hide करने की सोच रहे है तो आप बिलकुल सही जगह पर आये है .

आजकल हम हमारा सभी काम लगबघ अपने मोबाइल फ़ोन से ही कर लेते है , बिजली का बिल , केबल/डिश का बिल , टिकट बुक करना और बहुत सारे काम मोबाइल से ही हो जाते है ऐसे में हमारा भी यह फर्ज बनता है की अपने मोबाइल को सुरक्षित रखा जाये और उसे गलत सोच वाले लोगों से बचाया जाये !

अपने मोबाइल में मौजूद डाटा को सुरक्षित रखने के वैसे तो कई तरीके है लेकिन मोबाइल में मौजूद जरुरी Apps को Hide करना सबसे आसान तरीकों में से एक है .

मोबाइल फ़ोन में Apps को छुपाने (Hide) के सब लोगों के अलग अलग कारण हो सकते है लेकिन सबसे बड़ा कारण सुरक्षा ही होता है .

अपने एंड्रॉइड फोन पर ऐप्स कैसे छिपाएं (How to hide apps on your Android phone)

दोस्तों वैसे तो मोबाइल में Apps को Hide करना बहुत आसान होता है क्योंकि Samsung, Redmi, Vivo , Oppo जैसे कुछ प्रसिद्द मोबाइल फ़ोन्स में Apps Hide करने का ऑप्शन पहले से ही दिया होता है लेकिन अगर आप इनके अलावा कोई और डिवाइस यूज़ करते है तो आपको Apps Hide करने के लिए प्लेस्टोर से किसी थर्ड पार्टी एप्लीकेशन को इनस्टॉल करना होता है .

Samsung/LG फ़ोन पर Apps कैसे Hide करे ?

  1. अपनी होम स्क्रीन पर किसी भी खाली जगह पर लंबे समय तक टैप करें
  2. निचले दाएं कोने में, होम स्क्रीन सेटिंग के बटन पर टैप करें
  3. नीचे स्क्रॉल करें और “Hide apps” पर टैप करें
  4. अब कोई भी ऐप चुनें जिसे आप छिपाना चाहते हैं, फिर “Apply” पर टैप करें

Xiaomi फ़ोन पर Apps कैसे Hide करे ?

  1. सबसे पहले Settings में जाएं और Apps वाले ऑप्शन पर क्लिक करे
  2. App Settings में आपको App Lock फीचर मिलेगा उसे ओपन करे
  3. अब आपको 2 ऑप्शन नजर आएंगे App Lock और Hidden Apps , आपको यहाँ Hidden Apps पर जाना है
  4. अब उन ऐप्स को खोजें जिन्हें आप छिपाना चाहते हैं और बस स्विच पर टॉगल करें , इससे आपका ऐप Hide हो जाएगा

Vivo फ़ोन पर Apps कैसे Hide करे ?

  1. सबसे पहले अपने वीवो स्मार्टफोन पर Settings मेनू खोलें और Face and Password सेक्शन में जाएं
  2. अब Privacy and app encryption settings पर क्लिक करे
  3. अब आपको Hide App का ऑप्शन नजर आएगा उसपर टैप करके ON करे
  4. अब, उस ऐप को चुनें जिसे आप अपने स्मार्टफोन से छिपाना (Hide) चाहते हैं
  5. एक बार हो जाने के बाद, Apply पर क्लिक करें और आपका ऐप छिप (Hide) जाएगा

Oppo फ़ोन पर Apps कैसे Hide करे ?

  1. सबसे पहले सेटिंग्स में जाएं और Security > App Encryption खोलें
  2. अब उन ऐप्स को चुनें जिन्हें आप अपनी होम स्क्रीन से Hide करना चाहते हैं
  3. आपको ऐप्स के लिए एक पासकोड बनाना होगा , पासकोड सेट करें
  4. अब Hide Home Screen Icons ऑप्शन को ऑन करें और फिर आपसे एक्सेस नंबर सेट करने के लिए कहा जाएगा। संख्या ‘#’ से शुरू और खत्म होनी चाहिए और इसमें एक से सोलह वर्ण होने चाहिए
  5. एक्सेस नंबर सेट करने के बाद, ‘Done’ पर टैप करें इससे आपके स्मार्टफोन से ऐप्स Hide हो जाएंगे

Huawei फ़ोन पर Apps कैसे Hide करे ?

  1. Settings app खोलें
  2. Privacy & Security पर जाएं
  3. PrivateSpace पर टैप करे
  4. PrivateSpace सेट करने के लिए ऑन-स्क्रीन निर्देशों का पालन करें
  5. अब कोई भी ऐप डाउनलोड करें जिसे आप Private (Hide) रखना चाहते हैं

किसी Third Party ऐप से Android फ़ोन पर ऐप्स कैसे छिपाएं ?

यदि हमने बताये कोई भी विकल्पों में आपका मोबाइल नहीं है, तो आप ऐप्स को छिपाने की अनुमति देने के लिए किसी तृतीय-पक्ष ऐप का भी उपयोग कर सकते हैं .

गूगल प्लेस्टोर पर Apps Hide करने के वैसे तो बहुत Applications आपको मिल जायेंगे , आप कोनसा भी एक App यूज़ कर सकते है . यहाँ पर में आपको Apex Launcher App की सहायता से Apps Hide करने का प्रोसेस बताने वाला हूँ .

  1. सबसे पहले प्लेस्टोर से Apex Launcher को डाउनलोड करे
  2. इस एप को डाउनलोड करने के बाद Apex Settings में जाये
  3. Apex Settings में जाने के बाद Drawer Settings में जाये
  4. अब Hidden Apps के ऑप्शन को खोलें
  5. Hidden Apps के ऑप्शन में आपको वह सभी एप्स दिखेंगे जो आपके फ़ोन में इनस्टॉल है
  6. अब जिन Apps को आप Hide करना चाहते है उनके सामने Check mark कीजिये
  7. अब Save पर टैप करे
  8. आपके Apps Hide हो जायेंगे !!

तो दोस्तों कुछ इस प्रकार आप Third Party App की सहायता से Android मोबाइल में Apps को Hide कर सकते है . Apex Launcher के अलावा आप अन्य Third Party Apps का भी इस्तेमाल करके Apps Hide कर सकते है .

अंतिम शब्द

दोस्तों उम्मीद है आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा जिसमे हमने आपको बताया एंड्राइड मोबाइल फ़ोन में Apps को कैसे छुपाये (How to Hide Apps on an Android Phone in Hindi) अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे और आपके मन में अगर इस आर्टिकल से सम्बंधित कोई भी सवाल है तो हमे कमेंट करके जरूर पूछे .

Jio Phone Next 4G Android Phone Launch Date & Specifications in Hindi

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Jio Phone Next

देश के सबसे आमिर व्यक्ति मुकेश अंबानी ने रिलायंस की 44th Annual General Meeting में New JioPhone launch की घोषणा कर दी है इस फ़ोन का नाम होगा “Jio Phone Next” यह भी एक बजट स्मार्टफोन रहेगा और इस फ़ोन की खास बात यह है की Jio Phone Next एक Android Smartphone रहेगा , आपको बता दें इस स्मार्टफोन को Reliance और Google दोनों कंपनियां मिलकर बनाने वाली है !

“Jio Phone” एक ऐसा मोबाइल फ़ोन जो कम कीमत में ज्यादा फीचर अपने users को मुहैया करवाता है . आपको बता दे मुकेश अंबानी द्वारा 21 जुलाई 2017 को 40 वीं रिलायंस वार्षिक आम बैठक में पहला Jio फोन 0 रुपये की “प्रभावी” कीमत पर लॉन्च किया गया था, जिसके लिए खरीदारों को पहले 1,500 रुपये का भुगतान करना पड़ा था .

पिछली बार जब जिओ फ़ोन को लांच किया गया था तब लोगों द्वारा उसे खूब पसंद किया गया था क्योंकि वह एक बजट स्मार्टफोन होने के साथ साथ उसमे लगबघ सभी फीचर्स दिए गए थे , इस बार फिर से JIO द्वारा “Jio Phone Next 4G” को लांच किया जायेगा और यह भी एक बजट फ़ोन है और इसके फीचर्स पहले वाले Jio Phone से काफी ज्यादा रहेंगे क्योंकि Jio Phone Next एक 4G एंड्राइड फ़ोन रहेगा .

Jio Phone Next Highlights
  • Jio Phone Next बजट 4G स्मार्टफोन की भारत में घोषणा कर दी गई है
  • इस हैंडसेट को Google के साथ साझेदारी में सह-विकसित किया गया है और यह Android पर चलेगा
  • जियो फोन नेक्स्ट 10 सितंबर से देशभर में उपलब्ध होगा।

Jio Phone Next क्या है , कब होगा लॉच , क्या है इसके फीचर्स ?

Jio Phone Next announce
जियोफोन नेक्स्ट टच-सपोर्टेड डिस्प्ले के साथ आ रहा है (Photo Credit – YouTube/Jio)

Jio Phone Next एक 4G एंड्राइड स्मार्टफोन है , Jio Phone Next हैंडसेट को Google के साथ साझेदारी में सह-विकसित किया गया है और यह फ़ोन Android के एक विशेष वर्शन पर चलेगा जिसे विशेष रूप से JioPhone Next के लिए विकसित किया गया है .

रिलायंस की ४४ वीं एनुअल जनरल मीटिंग में, मुकेश अंबानी ने इस किफायती 4G-enabled smartphone को पेश किया है जिसका नाम है Jio Phone Next.

मुकेश अम्बानी ने एनुअल जनरल मीटिंग में कहा की अभी भी भारत में 30 करोड़ लोग 2G फ़ोन का इस्तेमाल कर रहे है क्योंकि अभी भी कई ऐसे लोग है जिनके लिए 4G फ़ोन अफॉर्डेबल नहीं है .

अंबानी ने JioPhone Next की घोषणा करते वक़्त यह भी कहा की वे Google के CEO सुंदर पिचाई के साथ मिल कर अगली पीढ़ी का 4G फोन बनाने वाले है जो सस्ता भी होगा और फीचर्स से लैस भी . एक ऐसा 4G स्मार्टफोन जिसे आम आदमी भी खरीद सकता है .

JioPhone Next के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स के बारे में कंपनी ने अभी खुलासा नहीं किया है लेकिन इतना तो साफ है की यह फ़ोन आने वाली गणेश चतुर्थी यानि 10 सितंबर को लॉन्च किया जायेगा

इस वाले Jio phone और पहले वाले Jio फ़ोन में सबसे बड़ा Difference यही रहेगा की पहले वाला JioPhone एक कीपैड वाला फ़ोन था और JioPhone Next एक 4G Android smartphone रहेगा .

इस फ़ोन में आप Playstore से Apps डाउनलोड करके चला सकते है जबकि पहले वाले Jio phone में आपको यह देखने को नहीं मिलता था साथ में Jio Phone Next में आपको एक बड़ा Touch Screen Display भी मिलेगा .

Jio Phone Next Specification

रिलायंस की ४४ वीं एनुअल जनरल मीटिंग में में इस फ़ोन की घोषणा के वक़्त इसके फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स के बारे में ज्यादा खुलासा नहीं हुआ है लेकिन इतना पता लगा है की JioPhone Next एक बजट 4G स्मार्टफोन है और Android ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलेगा , इसमें आपको वॉयस असिस्टेंट, स्क्रीन टेक्स्ट को ऑटोमैटिक रीड-अलाउड, लैंग्वेज ट्रांसलेशन, ऑगमेंटेड रियलिटी फिल्टर के साथ स्मार्ट कैमरा जैसे कई फीचर देखने को मिलेंगे .

Jio Phone Next price in India and launch date

Jio Phone Next देश भर में 10 सितंबर को लॉन्च होने वाला है हालाँकि, कंपनी ने अभी तक भारत में JioPhone नेक्स्ट की कीमत की घोषणा नहीं की है और न ही अभी तक इसके पूर्ण विनिर्देशों का खुलासा किया है .

यह एक बजट स्मार्टफोन होने के कारण इसकी कीमत भी कम रहेगी , ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है की Jio Phone Next स्मार्टफोन 5000 रुपये के प्राइस रेंज में रहेगा लेकिन इसकी प्राइस 3000 रुपये तक भी रह सकती है खैर यह सब तो फ़ोन लांच होने पर पता चलेगा ही

अंतिम शब्द

जो लोग अभी भी 2G या 3G फ़ोन यूज़ कर रहे है और 4G फ़ोन खरीदने की सोच रहे है तो उनके लिए Jio का Jio Phone Next स्मार्टफोन एक बेहतर विकल्प हो सकता है क्योंकि यह एक बजट स्मार्टफोन होने के साथ साथ एक एडवांस फीचर वाला स्मार्टफोन है इसमें आपको लगबघ वो सभी फीचर्स देखने को मिल जायेंगे जो एक 4G Android SmartPhone में होते है .

दोस्तों उम्मीद है आपको Jio Phone Next के बारे में यह जानकारी अच्छी लगी होगी अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करे और अगर आपके मन में Jio Phone Next से सम्बंधित कोई भी सवाल है तो आप हमे कमेंट करके पूछ सकते है .

फिशिंग अटैक क्या है और इससे कैसे बचे | Phishing Attack in Hindi

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phishing attack in hindi

Phishing Attack in Hindi: टेक्नोलॉजी की इस दुनिया में साइबर अटैक्स के मामले बढ़ते ही चले जा रहे है , कितनी भी Strong security क्यों न हो साइबर अपराधी अटैक करने की कुछ न कुछ नयी तकनीकें ढूंढ ही लेते है एक ऐसी ही साइबर अटैक्स की तकनीक के बारे में आज हम बात करने वाले है जिसका नाम है फिशिंग अटैक (phishing attack) . फिशिंग अटैक (Fishing Attack) जैसे की इसके नाम से ही पता चलता है की यहाँ पर मछली पकड़ने की बात हो रही है जी हाँ दोस्तों फिशिंग अटैक का Concept भी अंग्रेजी शब्द “Fishing” से लिया गया है. इस लेख में हम आपको विस्तार से बताएँगे की फिशिंग अटैक क्या है , फिशिंग अटैक के प्रकार क्या है और फिशिंग अटैक से कैसे बचे इसलिए इसे अंत तक जरूर पढ़े .

नोट: किसी भी प्रकार की हैकिंग और फिशिंग अटैक एक गंभीर अपराध है! Techyatri.com और Techyatri.com टीम हैकिंग और फिशिंग अटैक का समर्थन बिलकुल नहीं करती है. यह आर्टिकल सिर्फ शिक्षा के उद्देश्य के लिए लिखा गया है जिससे लोगों को फिशिंग अटैक और साइबर सिक्योरिटी के बारे में जानकारी मिले.

फिशिंग अटैक क्या है (Phishing Attack in Hindi)

फ़िशिंग एक प्रकार की सोशल इंजीनियरिंग है जिसका उपयोग यूजर का डेटा चुराने के लिए किया जाता है , फिशिंग अटैक में हमलावर यूजर को एक धोखाधड़ी वाला संदेश भेजता है और यूजर की लॉगिन क्रेडेंशियल और क्रेडिट कार्ड नंबर जैसी संवेदनशील जानकारी चुरा लेता है . साइबर अपराधियों का फिशिंग अटैक करने के पीछे का मुख्य उद्देश्य होता है यूजर की गुप्त (confidential) जानकारी चुराना .

phishing attack

फिशिंग अटैक बिलकुल उसी प्रकार किया जाता है जिस प्रकार हम मछली पकड़ते है , इस साइबर अटैक में साइबर अपराधी यूजर को एक धोखाधड़ी सन्देश भेजता है जो बिल्कुक असली सन्देश की तरह नजर अत है लेकिन वह सन्देश असल में एक धोखाधड़ी वाला नकली सन्देश होता है .

साइबर अपराधियों द्वारा भेजे गए इस सन्देश को अक्सर यूजर असली सन्देश समझ लेता है और अपनी निजी जानकारियां दे देता है यह बिलकुल मछली पकड़ने जैसा है जिसप्रकार मछली भोजन के चक्कर में मछवारे के हुक में फंस जाती है ठीक उसी प्रकार फिशिंग अटैक को अंजाम दिया जाता है बस फर्क इतना है यहाँ पर मछली की जगह एक यूजर फंस जाता है .

Phishing Attack Meaning in Hindi

Phishing Attack का सीधा हिंदी अर्थ फ़िशिंग हमला होता है , यहाँ पर Fishing यह एक अंग्रेजी शब्द है जिससे F हटाकर Ph जोड़ा गया है और ‘Phishing Attack’ शब्द बनाया गया है जिसका हिंदी में मतलब होता है ‘ऑनलाइन जालसाजी’ , सरल हिंदी भाषा में फिशिंग अटैक का अर्थ होता है एक फ़िशिंग हमला जिसमे धोखाधड़ी वाला सन्देश भेजकर यूजर की निजी जानकारियों को चुरा लिया जाता है .

फिशिंग अटैक के प्रकार (Types of Phishing Attack in Hindi )

फिशिंग अटैक के वैसे तो बहुत प्रकार होते है लेकिन यहाँ पर हम कुछ मुख्य प्रकारों के बारे में आपको बताने जा रहे है .

ईमेल फिशिंग (Email Phishing)

फिशिंग अटैक करने के लिए ‘ईमेल‘ हमेशा से ही साइबर अपराधियों के लिए एक महत्वपूर्ण तरीका रहा है , जब व्हाट्सप्प और बाकि मेसेजिंग के माध्यम नहीं थे उस वक़्त से ईमेल फिशिंग सबसे अधिक होने वाला अटैक था और यह सबसे पुराना और कारगर तरीका माना जाता है जो आज भी साइबर अपराधियों द्वारा फिशिंग अटैक के लिए सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है .

ईमेल फिशिंग में साइबर अपराधी एक साथ हजारों लोगों को फर्जी ईमेल भेजते है जो बिलकुल असली ईमेल जैसे दिखाई पड़ते है और इन इमेल्स में यूजर को किसी ऑफर का लालच दिया जाता है .

इस प्रकार के Phishing attack में साइबर अपराधी बड़ी बड़ी कंपनियों के मिलते-जुलते वेब डोमेन खरीदकर ओरिजिनल वेबसाइट जैसी फर्जी वेबसाइट बनाता है जैसे paypal.com की जगह paipaal.com और ऐसी फर्जी वेबसाइट से यूजर का पर्सनल डाटा चुराने के लिए एक फर्जी login page बनाया जाता है और यूजर लालच में अपनी निजी जानकारिया फर्जी वेबपेज पर दे देता है.

स्पीयर फिशिंग (Spear Phishing)

इस प्रकार के फिशिंग अटैक में किसी टार्गेटड यूजर को व्यक्तिगत निशाना बनाया जाता है , Spear Phishing में malicious मेल को किसी एक organization या टार्गेटेड यूजर को malicious message को ईमेल या फिर किसे अन्य रूप से भेजा जाता है जिससे यूजर उसपर क्लीक करे .

स्पीयर फिशिंग बाकि फिशिंग प्रकारों से ज्यादा शक्तिशाली होती है क्योंकि इसमें सिर्फ एक व्यक्ति को टारगेट किया जाता है इस फिशिंग तकनीक में टारगेट यूजर को ललचाने के लिए विशेष रूप से मैसेज भेजा जाता है.

व्हेलिंग फिशिंग (Whaling Phishing)

यह भी Spear Phishing की तरह ही फिशिंग का एक प्रकार है लेकिन फर्क सिर्फ इतना है की Spear Phishing में सिर्फ Lower Profile वाले व्यक्ति और organization को टारगेट किया जाता है और Whaling Phishing में Higher Profile वाले व्यक्ति या organization को टारगेट किया जाता है जैसे किसी कंपनी का CEO , मैनेजर आदि .

स्मिशिंग (Smishing)

इसमें लोगों को मोबाइल फ़ोन पर SMG भेजकर शिकार बनाया जाता है , इन फेक SMS द्वारा Users से निजी जानकारियां मांगी जाती है और उसे चोरी किया जाता है . साइबर अपराधियों द्वारा Smishing में भेजे गए SMS को सही बता दिया जाता है और यूजर को ललचाकर SMS में मौजूद लिंक पर क्लिक करने के लिए बोला जाता है .

अगर कोई यूजर ऐसे SMS के ऊपर क्लिक करता है तो वह आटोमेटिक फर्जी वेबसाइट या फर्जी एप पर पोहोच जाता है कई बार तो यूजर के अनुमति बिना उसके फ़ोन में फर्जी एप इनस्टॉल करवा दिया जाता है जिससे उसकी निजी जानकारिया चोरी होने का काफी ज्यादा खतरा होता है .

विशिंग (Vishing)

इसमें यूजर को फ़ोन कॉल के माध्यम से शिकार बनाया जाता है , फिशिंग अटैक का यह प्रकार आजकल काफी सामान्य है और कई लोगोंको रोजाना ऐसे फर्जी कॉल आते भी है , कई ऐसे लोग है जो रोजाना ऐसे फर्जी कॉल के चक्कर में आकर इनके चंगुल में फंस जाते है .

Vishing तकनीक में साइबर अपराधी यूजर को कॉल करके पहले तो खुद को एक असली व्यक्ति बताने की कोशिश करते है जैसे की हम बैंक से बोल रहे है , इन्शुरन्स कंपनी से बोल रहे है फिर ऐसा करके धीरे धीरे यूजर की निजी जानकारिया पूछने लगते है .

किस प्रकार फिशिंग अटैक को अंजाम दिया जाता है?

नोट: किसी भी प्रकार की हैकिंग और फिशिंग अटैक एक गंभीर अपराध है! Techyatri.com और Techyatri.com टीम हैकिंग और फिशिंग अटैक का समर्थन बिलकुल नहीं करती है. यह आर्टिकल सिर्फ शिक्षा के उद्देश्य के लिए लिखा गया है जिससे लोगों को फिशिंग अटैक और साइबर सिक्योरिटी के बारे में जानकारी मिले.

फिशिंग अटैक वास्तव में एक काफी खतरनाक अटैक होता है जो आपकी रातों की नींद उड़ा सकता है क्योंकि इस अटैक से साइबर अपराधी आपकी सभी प्रकार की निजी जानकारियां और आपका संवेदनशील डाटा चुरा सकते है , जरा सोचिये की आपका फेसबुक या इंस्टाग्राम का पासवर्ड किसी अनजान व्यक्ति के हात लग जाता है तो आपकी क्या हालत होगी ?

फिशिंग अटैक इतनी चतुराई और सफाई से किया जाता है की आपको पता भी नहीं चलता की आप एक मछली की तरह जाल में फंस चुके है !

अब यहाँ पर मैं आपको फिशिंग अटैक का एक उदाहरण देता हूँ जिससे आप अच्छी तरह से इस concept को समझ सकते है और इससे बच सकते है .

मान लीजिये आप 12 वीं के एक छात्र है और आपके एग्जाम ख़त्म हो चुके है और आप अपने रिजल्ट आने की प्रतीक्षा कर रहे है ऐसे वक़्त पर अगर आपको कोई 12 वीं के रिजल्ट की ऑनलाइन लिंक दे देता है तो आप उसे बिना सोचे समझे ओपन कर लोगे और ऐसा अक्सर होता भी है .

साइबर अपराधी सबसे पहले तो आपको यह मैसेज भेजेगा की 12 वीं बोर्ड के रिजल्ट लग चुके है और उसके साथ 12 वीं बोर्ड ऑनलाइन रिजल्ट लिंक का एक मैसेज आपको भेजगा . जब आप वह मैसेज पढोगे तब उसमे मौजूद लिंक पर जरूर क्लिक करोगे क्योंकि आपको रिजल्ट देखना है .

लिंक ओपन करने के बाद आपके सामने बिलकुल वही इंटरफ़ेस दिखाई देगा जो आपको 12 वीं बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर देखने को मिलता है यहाँ पर आपका विश्वास और भी मजबूत हो जाता है और आप जाल में लगबघ फंस जाते है .

अब आप रिजल्ट देखने के लिए अपना Seat Number और बाकि जानकारिया डालोगे और सबमिट करोगे लेकिन आपको रिजल्ट नहीं दिखाई देगा ! असली खेल तो यही शुरू होता है , अब आपको बोला जायेगा आपको रिजल्ट देखने के लिए फेसबुक या इंस्टाग्राम को लॉगिन करना पड़ेगा .

आपको पता भी नहीं चलेगा आप क्या करने जा रहे है और आप अपनी फेसबुक या इंस्टाग्राम का username और password यहाँ पर डाल दोगे लेकिन यह एक फेक लॉगिन पेज होता है जो बिलकुल फेसबुक और इंस्टाग्राम के लॉगिन पेज की तरह दिखाई देता है . इसप्रकार साइबर अपराधी आपका username और password बड़े ही आसानी से चुरा लेते है .

फिशिंग अटैक से कैसे बचे (How to Prevent Phishing Attack in Hindi)

Phishing attack सच मे एक बहुत ही खतरनाक अटैक है इसलिए इससे बचना बहुत जरुरी है , साइबर अपराधियों के लिए हैकिंग करने का यह एक सबसे आसान तरीकों में से एक है इसलिए जितनी भी हैकिंग्स इस दुनिया में होती है उनमे सबसे ज्यादा फिशिंग अटैक द्वारा की जाती है .

कई बार फिशिंग अटैक Non technical लोग भी कर लेते है , ऐसे लोग जिनको कंप्यूटर के बारे में ज्यादा जानकारी भी नहीं होती है वो लोग भी कई बार साइबर सिक्योरिटी का उल्लंघन करके फिशिंग अटैक को अंजाम दे देते है .

फिशिंग अटैक से खुद को कैसे बचाना है या फिशिंग अटैक से बचने के लिए किन किन चीजों का ख्याल रखना चाहिए इसके बारे में हम बताने जा रहे है इसलिए इसे ध्यान से पढ़े –

  • सबसे पहले आपको फर्जी SMS , email और calls को पहचानना सीखना होगा , अगर आपको कोई अनजान सन्देश प्राप्त होता है तो उसपर आँख बंद करके बिलकुल भी विश्वास न करे .
  • कोई आपको इंटरनेट पर या कॉल पर बैंक की डिटेल्स या कोई भी निजी जानकारी मांग रहा है तो उसे अपनी निजी जानकारीयां बिलकुल भी न दें
  • अगर आपको ईमेल द्वारा कोई फर्जी सन्देश प्राप्त होता है तो सबसे पहले सुनिश्चित कर लें की उसमे दी गयी वेबसाइट आधिकारिक है या नहीं यदि आधिकारिक वेबसाइट है तभी उसे ओपन करे
  • कोई भी ऐसा सन्देश जिसमे Offer दी जा रही है या आपको ललचाया जा रहा है उसपर विश्वास नहीं रखे
  • अपने devices जैसे कंप्यूटर , लैपटॉप , मोबाइल में हमेशा एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का प्रयोग करे , एंटीवायरस सॉफ्टवेयर फर्जी ईमेल , SMS को ब्लॉक कर देता है
  • यदि आप फेसबुक , इंस्टाग्राम आदि . को कही लॉगिन कर रहे है तब लॉगिन से पहले उस वेबपेज का URL जरूर चेक करे , URL में अगर गड़बड़ी नजर आये तो बिलकुल भी लॉगिन नहीं करे
  • जितने भी सॉफ्टवेयर आप यूज़ कर रहे है उन्हें टाइम पर अपडेट करते रहे और हमेशा लाइसेंस वाले softwares का इस्तेमाल करे
  • कंप्यूटर की Window और मोबाइल के OS को भी हमेशा अपडेट करते रहे क्योंकि सॉफ्टवेयर कम्पनीज समय समय पर सिक्योरिटी पैचेज रिलीज़ करती है

अंतिम शब्द

दोस्तों उम्मीद है आपको फिशिंग अटैक (Fishing attack) के बारे में यह जानकारी अच्छी लगी होगी अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे और अगर आपकर मन में फिशिंग अटैक या साइबर सिक्योरिटी से सम्बंधित कोई भी सवाल है तो आप हमे कमेंट करके जरूर बता सकते है हम आपके कमेंट का जवाब देने का जरूर प्रयास करेंगे .

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Twitch से पैसे कैसे कमाए ? 8 आसान तरीके

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Twitch In Hindi

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम देखने वाले है Twitch से पैसे कैसे कमाए? hobby से पैसे कमाने के कई तरीके हैं ब्लॉगिंग, व्लॉगिंग या ऑनलाइन क्लास लेना यह उन तरीको में से एक है लेकिन क्या आपने ट्विच के बारे में सुना है? यदि नहीं, तो आज के इस आर्टिकल में हम आपको इसी विषय के बारे में जानकारी देने वाले है क्योंकि सभी के लिए Twitch पर पैसे कमाने के शानदार अवसर हैं.

कौन जाने? हो सकता है कि किसी दिन आप अमीर और प्रसिद्ध भी हों और सबसे शीर्ष ट्विच चैनलों में से एक के मालिक हों आइए यह खोजकर शुरू करें कि ट्विच क्या है और यह क्या प्रदान करता है क्योंकि इस लेख में, मैं चर्चा करूँगा कि ट्विच पर पैसे कैसे कमाए.

Twitch क्या है (What is Twitch In Hindi)

ट्विच एक लाइव स्ट्रीमिंग ऐप है जो लाइव गेमर्स के बीच पसंदीदा है 2008 में, वीडियो गेमर जस्टिन कन्न ने Justin.tv नाम से एक ऑनलाइन स्ट्रीमिंग चैनल लॉन्च किया इस चैनल की सफल सफलता के कारण, उन्होंने एक ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ट्विच लॉन्च किया, जहां सभी प्रकार के शौक़ीन संगीत, खाना पकाने, इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र और गेमिंग से कुछ भी स्ट्रीम देख सकते थे आखिरकार, जस्टिन कन्न ने ट्विच इंटरएक्टिव नाम से ट्विच के लिए एक कंपनी की स्थापना की.

2014 में, Google के साथ एक सौदा टूटने के बाद अमेज़न ने ट्विच इंटरएक्टिव को $ 970 मिलियन में खरीदा 2020 तक, ट्विच दुनिया के सबसे शीर्ष स्ट्रीमिंग ऐप में शामिल हो गया यह दुनिया भर के लोगों को अपने शौक को पंख देने की अनुमति देता है – मुख्य रूप से गेमिंग – विभिन्न तरीकों से पैसा कमाते हुए रिकॉर्ड और लाइव स्ट्रीम के माध्यम से पैसे कमाना.

ट्विच से पैसे कमाने की Basics बातें

मोटे तौर पर, ट्विच से पैसे कमाने के कई तरीके हैं एक शुरुआत के लिए, वे बहुत मुश्किल साबित हो सकते हैं उनमें से कोई भी उतना सरल नहीं है जितना आप सोच रहे है हालाँकि, कुछ अभ्यास और ज्ञान के साथ, आप कुछ पैसे कमाने में सक्षम बन सकते है.

Step-1: Build an Audience

ट्विच पर अधिकांश स्ट्रीमर इस बात की गवाही देते हैं कि पैसा कमाना एक धीमी प्रक्रिया है इसलिए निराश होने की जरूरत नहीं है इसके बजाय, अतिरिक्त प्रयास निश्चित रूप से समय के साथ भुगतान करेंगे.

इसलिए, आपको कुछ महीनों में audience का निर्माण करना होगा ऐसा इसलिए है क्योंकि ट्विच से पैसा कमाना लगभग पूरी तरह से audience और viewers की संख्या पर निर्भर करता है जो आप अपने वीडियो और लाइव स्ट्रीम के लिए इकट्ठा करते हैं.

Step-2: Play to Win

जैसा कि मैंने पहले उल्लेख किया है, ट्विच के लिए followers और audience की सबसे अधिक संख्या गेम देखने वालों या गेम दर्शकों से है इसलिए, लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान जीतने के लिए खेलें.

और अगर आप संगीत या खाना पकाने या DIY में हैं, तो इसे सरल रखें अपने दर्शकों से प्रश्न पूछें, दर्शकों को आकर्षित करने के लिए चुटकुले और समझदारी से काम लें बिंदु से थोड़ा हटकर, लेकिन स्वीडन के YouTube स्टार PewDiePie ने अपने Minecraft गेमिंग वीडियो को एक अनूठी शैली में प्रस्तुत किया आप कुछ इसी तरह की कोशिश कर सकते हैं.

Twitch से पैसे कैसे कमाए?

ट्विच पर एक शुरुआत के रूप में पैसा कमाना शुरू करने में कुछ समय लग सकता है और यह निश्चित रूप से बहुत प्रयास करता है यहां तीन तरीके हैं जिनसे ट्विच पर शुरुवाती समय में आप पैसे कमा सकते है.

1. Ask for Donations on Twitch

ट्विच पर बड़े नाम और दर्शक हमेशा नए लोगों का समर्थन करने के लिए तैयार रहते हैं, जब तक कि आपकी धाराएँ उन्हें पर्याप्त रूप से आकर्षित करती हैं आप नौसिखिए के रूप में अपने ट्विच खाते में ‘Donate’ बटन जोड़ सकते हैं पैसे प्राप्त करने के लिए अपने Paypal खाते को लिंक करें आम तौर पर, ट्विच पर शीर्ष Stars के साथ-साथ दर्शक जो आपके प्रयासों को प्रोत्साहित करना चाहते हैं, वे कुछ योगदान देंगे यह donations आप कुछ समय के लिए चालू रख सकते हैं यह नए लोगो के लिए सबसे अच्छा तरीका है ट्विच से पैसे कमाने का.

2. Partnering with Brands

जब आप कुछ समर्पित following और दर्शक प्राप्त करते हैं, तो आपकी शैली के लिए उपयुक्त विभिन्न ब्रांड वाली कंपनियां आपको अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए भुगतान कर सकती है ऐसा इसलिए है क्योंकि आप उनके micro-influencer बन जाएंगे Market को प्रभावित करना यानि की अच्छा पैसा कमाने का एक रास्ता है आम तौर पर ब्रांड बिगटाइम ट्विच पर्सनैलिटी चाहते हैं लेकिन अक्सर वे नौसिखियों को भी लेते हैं, अगर वे देखते हैं कि आप एक अच्छे इन्फ्लुएंसर है.

3. Sell Own Merchandise

ट्विच पर पैसा कमाने का तीसरा तरीका है खुद का माल बेचकर ये कैप, वैयक्तिकृत टी-शर्ट और मग, पोस्टर और अन्य सामान हो सकते हैं जो आपके चैनल ब्रांड को प्रदर्शित करते हैं हालाँकि आपको शुरुआत के रूप में थोड़ा मुश्किल हो सकता है, खुद का माल बेचने से आपको चलते रहने के लिए शुरुआती कुछ महीनों में कुछ पैसे कमाने में मदद मिल सकती है इसी लिए अगर आप एक नया ट्विच अकाउंट ओपन करते है तो आप शुरुवाती समय में इस तरीके का इस्तेमाल कर सकते है.

4. Become a Twitch Affiliate

ट्विच केवल सभी को अपने सहयोगी के रूप में onboard पर नहीं लेता है मतलब, आपको कुछ आवश्यकताओं को पूरा करना होगा ऐसा इसलिए है क्योंकि Twitch Affiliate Program केवल एक आमंत्रण के आधार पर काम करता है कोई भी Twitch Affiliate नहीं बन सकता है.

Twitch Affiliate के रूप में आमंत्रण प्राप्त करने के लिए, आपको निम्नलिखित आवश्यकताओं को पूरा करना होगा.

  • आपको ३० दिनों की अवधि में कम से कम ५०० मिनट के लिए प्रसारण (broadcast) करना होगा.
  • 30-दिन की अवधि के दौरान कम से कम सात अद्वितीय प्रसारण दिन हों.
  • आपके चैनल में कम से कम तीन या अधिक समवर्ती दर्शकों के साथ कम से कम 50 अनुयायी (viewers) होने चाहिए.

यदि आप इन मानकों को पूरा करते हैं, तो आप बहुत सारा पैसा कमा सकते हैं फिर, यह प्रसारण की गुणवत्ता और जुड़ाव पर निर्भर करता है.

5. Viewer Subscriptions

यदि आपका चैनल शानदार मनोरंजन या गेमिंग प्रदान करता है, तो बहुत सारे ग्राहक प्राप्त करना संभव है और ये पेड subscribers हैं मैंने ट्विच के लिए सदस्यता दरों के ऊपर दिखाया है। एक Twitch Affiliate के रूप में, आपको इन सब्सक्रिप्शन से कुछ कमीशन मिलेंगे.

6. Virtual Bits

Viewers कुछ ऐसा देते हैं जिसे वर्चुअल बिट्स कहा जाता है ये वर्चुअल बिट्स अलग-अलग रंगों में आते हैं और 100 के सेट के लिए $ 1.40 का खर्च आता है कोई भी दर्शक उन्हें ट्विच चैट विंडो से ऑनलाइन खरीद सकता है जब Viewers आपके वीडियो को पसंद करते हैं, तो वे आपको इन वर्चुअल बिट्स से पुरस्कृत कर सकते हैं, जो कुछ पैसे के लायक है.

7. Selling Games & Products

Twitch Affiliate के रूप में, आपको कंपनियों के गेम और उत्पाद बेचने को मिलते हैं और उन्हें आप सीधे अपने चैनल के माध्यम से बेचने के लिए भुगतान कमीशन प्राप्त कर सकते है Twitch Affiliate के रूप में, यदि आप Twitch पर पैसा बनाने के बारे में गंभीर हैं, तो विभिन्न कंपनियों और उनके उत्पादों के लिए कम से कम कुछ बिक्री प्राप्त करना महत्वपूर्ण है.

8. Twitch Partner

ट्विच पार्टनर प्रोग्राम तब तक हर ट्विच डेवलपर के लिए खुला है, जब तक आपके पास पर्याप्त फॉलोअर्स और पर्याप्त बड़ी प्लेलिस्ट है यदि आपके पास ये हैं, तो ट्विच पार्टनर प्रोग्राम के लिए आवेदन करना संभव है आप अपने चैनल और शैली से संबंधित गेम या उत्पाद बेचकर पैसा कमा सकते हैं इसके अतिरिक्त, आपको अपने चैनल पर प्रदर्शित होने वाले विज्ञापनों के लिए भी कमीशन मिलता है.

तो दोस्तों ट्विच से सीधे पैसे कमाने के ये मुख्य तरीके हैं जाहिर है, वे एक शुरुआत के लिए थोड़ा मुश्किल लग सकता है इसलिए, इसके बारे में धीरे-धीरे जाएं ट्विच के बहुत सारे नियम और शर्तें हैं इसलिए, ट्विच पर नौसिखिए या शुरुआती के रूप में शुरुआत करना और पैसा कमाना शुरू करना भी काफी मुश्किल साबित हो सकता है.

Watch Top Twitch Streamers

यदि आप वास्तव में ट्विच से पैसा कमाने के बारे में गंभीर हैं, तो शुरुआत करने का सबसे अच्छा तरीका शीर्ष 10 स्ट्रीमर्स में से कुछ को देखना है मैं 2020 के लिए ट्विच पर शीर्ष 10 स्ट्रीमर की सूची प्रदान कर रहा हूं.

  • Tfue
  • Nickmercs
  • Tyler1
  • Clix
  • Clix
  • Bugha

इन शीर्ष स्ट्रीमरों ने इसे तुरंत अमीर नहीं बनाया इसके बजाय, वे चैनल प्रसिद्ध हैं क्योंकि वे अपने वीडियो बनाने में अतिरिक्त प्रयास करते हैं ट्विच पर स्ट्रीमिंग शुरू करने से पहले उन्हें देखने से अभ्यास और अपनी शैली को परिभाषित करने में मदद मिल सकती है

अंतिम शब्द

तो दोस्तों यह था Twitch से पैसे कैसे कमाए? उम्मीद है आपको आर्टिकल पसंद आया होगा औसतन, एक ट्विच उपयोगकर्ता 95 मिनट देखने का समय बिताता है। और ट्विच पर उच्चतम दर्शकों की संख्या या प्राइम टाइम दर्शकों की संख्या अगले दिन १५:०० घंटे ग्रीनविच मीन टाइम (जीएमटी) से ०२:०० घंटे जीएमटी के बीच है.

आमतौर पर इन घंटों के दौरान आप दुनिया भर से उच्चतम संभव दर्शकों को प्राप्त करने के लिए लाइव स्ट्रीम कर सकते हैं ट्विच पर वीडियो-ऑन-डिमांड या वीओडी की पेशकश करना भी संभव है, जो दर्शकों और अनुयायियों की संख्या में इजाफा करता है witch पर लाइव स्ट्रीम करने के लिए तकनीकी आवश्यकताओं के बारे में जानें, Twitch पर पैसे कमाने के लिए खुद को बेहतर तरीके से तैयार करने के लिए.

कंप्यूटर में बोल कर हिंदी टाइपिंग कैसे करे | Voice Typing Kaise kare

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computer me bol kar hindi typing kaise kare

दोस्तों कंप्यूटर में इंग्लिश टाइपिंग के मुकाबले हिंदी में टाइपिंग करना मुश्किल होता है ऐसे में आपके मन में एक सवाल जरूर आता होगा की हम कंप्यूटर में अगर हिंदी बोल के टाइपिंग कर पाते तो कितना अच्छा होता और कंप्यूटर में बोल कर हिंदी टाइपिंग कैसे करे ? इसीलिए आज मैं आपको एक ऐसा तरीका बताने जा रहा हूँ जिससे आप कंप्यूटर में बोल कर टाइपिंग कर सकते है जी हाँ दोस्तों में बात कर रहा हूँ Voice Typing के बारे में वॉइस टाइपिंग से आप केवल इंग्लिश ही नहीं हिंदी में भी टाइपिंग कर सकते है .

कंप्यूटर का जो कीबोर्ड होता है उसपर साधारणतः इंग्लिश लेटर्स लिखे होते है लेकिन उस कीबोर्ड पर English to Hindi Typing Tools की सहायता से भी हम हिंदी टाइपिंग कर सकते है लेकिन उससे अच्छा वॉइस टाइपिंग का विकल्प होता है क्योंकि इससे कठिन से कठिन शब्द भी हम बोल कर टाइप कर सकते है .

आज मैं जो ट्रिक बताने वाला हूँ उससे आप कंप्यूटर/लैपटॉप के साथ साथ मोबाइल में भी में बोल कर हिंदी टाइपिंग कर सकते हैं तो चलिए शुरू करते है कंप्यूटर में बोल कर हिंदी टाइपिंग कैसे करे ?

कंप्यूटर में बोल कर हिंदी टाइपिंग कैसे करे ?

दोस्तों मोबाइल में वॉइस टाइपिंग का ऑप्शन बहुत जल्द मिल जाता है क्योंकि मोबाइल के कीबोर्ड में ही यह ऑप्शन डिफ़ॉल्ट रूप से दिया होता है लेकिन कंप्यूटर में वॉइस टाइपिंग के लिए ऐसा ऑप्शन हमे देखने को नहीं मिलता है लेकिन टेंशन वाली कोई बात नहीं है यहाँ पर मैं आपको इसी प्रॉब्लम का सलूशन बताने जा रहा हूँ .

वॉइस टाइपिंग के लिए इंटरनेट पर वैसे तो बहुत सारी Websites उपलब्ध है लेकिन इन सब में बेस्ट है Google Docs , यह गूगल का ही एक प्रोडक्ट है और कंप्यूटर में वॉइस टाइपिंग के लिए सबसे बेस्ट है इसलिए यहाँ पर में आपको Google Docs में बोलकर हिंदी टाइपिंग कैसे करते है इसके बारे में बताने वाला हूँ ..

Step 1 : सबसे पहले Google Docs की वेबसाइट docs.google.com/document ओपन करे

Step 2 : Google Docs ओपन होने के बाद अगर आपने गूगल अकाउंट लॉगिन नहीं किया है तो ईमेल से log in करे

Step 3 : अब ‘Blank document’ सेलेक्ट करे

Step 4 : Blank document में जाने के बाद ‘tools’ में जाए

tools in google docs

Step 5 : Tools में जाने के बाद ‘Voice typing’ वाले ऑप्शन पारर क्लिक करे

voice typing in google docs

Step 6 : Voice typing पर क्लिक करने के बाद लेफ्ट साइड में आपको एक माइक (mic) का चिन्ह दिखाई देगा .

voice typing mic

Step 7 : अब माइक (mic) के चिन्ह के ऊपर आपको भाषा चुन लेनी है यह आपको डिफ़ॉल्ट में English भाषा दिखाई देगी तो आपको वहां पर हिंदी भाषा सेलेक्ट कर लेनी है .

hindi voice typing

हिंदी भाषा चुनने के बाद आपको उस माइक वाले चिन्ह पर क्लिक कर देना है इसके बाद आप हिंदी में जो टाइप करना चाहते है उसे बोल सकते है , आप जो बोलेंगे वो Text फॉर्मेट में टाइप होते जायेगा .

वॉइस टाइपिंग करते वक्त रखे इन बातों का ख्याल !

Voice typing आपके लिए एक ख़राब एक्सपीरियंस वाला काम हो सकता है अगर आप कुछ चीजों का ख्याल नहीं रखेंगे इसलिए वॉइस टाइपिंग करते वक़्त इन बातों का ख्याल जरूर रखना चाहिए –

  • वॉइस टाइपिंग करते वक़्त शांत जगह पर बैठे जहा पर बाहर की ज्यादा आवाज न आये
  • हो सकते तो वॉइस टाइपिंग के लिए external mic या हेडफोन्स का उपयोग करें
  • वॉइस टाइपिंग में बोलते वक़्त शब्दों का स्पष्ट उच्चार करे और शब्दों को थोड़ा धीरे धीरे बोलने का प्रयास करे
  • Voice typing शुरू करने से पहले इंटरनेट कनेक्शन जरूर चेक कर लें

Voice typing करने के फायदे

  • यह हिंदी टाइपिंग के लिए एक सुविधाजनक उपाय है
  • हिंदी टाइपिंग से तेजी से टाइप होता है
  • वॉइस टाइपिंग से अशिक्षित व्यक्ति भी बोल कर टाइपिंग कर सकता है
  • Voice typing tool सभी भाषाओँ में उपलब्ध है

अंतिम शब्द

दोस्तों उम्मीद है आपको हमारा आजका लेख अच्छा लगा होगा जिसमे हमने आपको बताया कंप्यूटर में बोल कर हिंदी टाइपिंग कैसे करे (Voice Typing Kaise kare) आपको अगर यह जानकारी अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे और अगर आपके कोई सवाल यह सुझाव है तो आप हमे कमेंट करके जरूर बता सकते है हम आपके कमैंट्स का जवाब जरूर देंगे .

(hitechwork.com)

मोबाइल में पेनड्राइव कैसे चलाये ? Mobile me USB kaise connect kare ?

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mobile me pendrive kaise chalaye

आप ने कभी न कभी यह जरूर सोचा होगा की ‘काश कंप्यूटर की तरह ही मोबाइल से भी Pendrive कनेक्ट हो पाता तो कितना अच्छा होता 🤩’ लेकिन आपको बता दूँ की यह बिलकुल संभव है आप पेनड्राइव को अपने स्मार्टफोन्स से आसानी से कनेक्ट कर सकते है और बिलकुल कंप्यूटर की तरह ही पेनड्राइव को मोबाइल में उपयोग कर सकते है .

आजकल ज्यादातर लोगों के पास Pendrive होता है क्योंकि यह बहुत छोटा होता है इसलिए इसे लोग साथ रखते है , दरअसल यह बहुत काम की चीज होती है क्योंकि इसमें आप 1GB से लेकर 1TB तक का डाटा स्टोर करके इसे अपने साथ लेकर कही पर भी ले जा सकते है .

कई बार स्मार्टफोन का स्टोरेज फुल हो जाता है ऐसे समय में पेनड्राइव बड़े काम आता है . बहुत सारे ऐसे लोग है जो अपना स्मार्टफोन का एक्स्ट्रा डाटा Pendrive में ट्रांसफर कर के रखते है .

अगर आप भी अपने स्मार्टफोन से Pendrive को कनेक्ट करने की सोच रहे है लेकिन आपको नहीं पाता की Smartphone से Pendrive कैसे किया जाता है तो आपको टेंशन लेने की बिलकुल भी जरुरत नहीं है क्योंकि इस लेख में हम इसी के बारे में बात करने वाले है .

मोबाइल में पेनड्राइव कैसे चलाये ?

जब भी Pendrive को स्मार्टफोन से कनेक्ट करने की बात आती है तब लोगों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता हैं की Pendrive को फ़ोन में लगाने के लिए हमारे फ़ोन में तो इतना बड़ा USB पोर्ट है ही नहीं ! तो फिर मोबाइल से Pendrive आखिर Connect कैसे करते है ?

दोस्तों आपको बता दूँ की हम पेनड्राइव को डायरेक्ट अपने स्मार्टफोन से कनेक्ट नहीं कर सकते है इसके लिए हमे जरुरत पड़ती है एक “OTG Cable” की .

वास्तव में OTG केबल एक कनेक्टर पिन होती है जो आपके स्मार्टफोन के साथ USB devices को कनेक्ट करने अनुमति देती है , हम अपने फ़ोन में डायरेक्ट USB devices को कनेक्ट नहीं कर सकते है इसलिए OTG Cable को बनाया गया है जिसके एक छोर में आपके मोबाइल में कनेक्ट होने वाली एक पिन होती है और दूसरे छोर पर USB Devices कनेक्ट करने के लिए एक USB port होता है .

OTG Cable

OTG Cable में माध्यम से आप केवल Pendrive ही नहीं बल्कि कई सारी USB Devices अपने स्मार्टफोन से कनेक्ट वकार सकते है जैसे USB flash drives, डिजिटल कैमरा , माउस और कीबोर्ड आदि .

OTG Cable क्या है ? (OTG in Hindi)

USB On-The-Go (USB OTG or just OTG) यह एक विनिर्देश है जिसे पहली बार 2001 के अंत में इस्तेमाल किया गया था जो यूएसबी डिवाइस, जैसे टैबलेट या स्मार्टफोन को होस्ट के रूप में कार्य करने की अनुमति देता है, अन्य यूएसबी डिवाइस जैसे यूएसबी फ्लैश ड्राइव, डिजिटल कैमरा, माउस या कीबोर्ड को भी यह कार्य करने की अनुमति देता है.

मोबाइल से पेनड्राइव कैसे कनेक्ट करे ?

मोबाइल में पेनड्राइव चलने के लिए आपको सबसे पहले जरुरत पड़ेगी पेनड्राइव को मोबाइल से कनेक्ट करने की यह बहुत आसान प्रोसेस होता है लेकिन फिर भी आप यह ध्यान से फॉलो करे .

  1. सबसे पहले मोबाइल की Settings में जाएँ
  2. Additional Settings में जाये
  3. OTG Connection को Enable करे
  4. अब Pendrive को OTG Cable के USB स्लॉट से कनेक्ट करे
  5. OTG cable की दूसरी तरफ की चार्जिंग PIN अपने फ़ोन में लगाए
  6. आपका Pendrive फ़ोन से कनेक्ट हो जायेगा .

मोबाइल से पेन ड्राइव में फाइल्स कैसे डालें ?

मोबाइल से पेनड्राइव कनेक्ट करने के बाद सबसे जरुरी काम है Files को ट्रांसफर करना क्योंकि इसीलिए ही तो हम पेनड्राइव को मोबाइल से कनेक्ट करते है .

पेनड्राइव को मोबाइल से कनेक्ट करने के बाद आप Songs , Videos , Photos आदि जैसी सभी चीजे पेनड्राइव से मोबाइल में या फिर मोबाइल से पेनड्राइव में ट्रांसफर कर सकते है .

मोबाइल से पेन ड्राइव में फाइल्स ट्रांसफर कैसे करते है इसके लिए आप निचे बताई गयी स्टेप्स को फॉलो कर सकते है –

  1. सबसे पहले Mobile के साथ Pendrive को कनेक्ट करे
  2. अब मोबाइल फ़ोन के File Manager में जाएँ
  3. अब आपको यहाँ पर 2 ऑप्शंस दिखाई देंगे Phone Storage और OTG आपको Phone Storage पर क्लिक करना है
  4. अब आपको अपने मोबाइल के सभी फ़ोल्डर्स और डाटा दिखाई देगा , जिस फाइल्स को आप Pendrive में ट्रांसफर करना चाहते है उन्हे Copy कर लें
  5. फाइल्स कॉपी करने के बाद आपको फिर से वह 2 ऑप्शंस दिखाई देंगे Phone Storage और OTG अब आपको OTG वाला ऑप्शन सेलेक्ट करना है’अब आपने मोबाइल से Copy किये हुए फाइल्स को Pendrive में किस जगह पर Paste करना है उस लोकेशन को सेलेक्ट करे और फाइल्स को Paste कर दें .

इस प्रकार आप बड़े ही आसानी से OTG Cable की सहायता से फाइल्स और डाटा को मोबाइल से पेनड्राइव में ट्रांसफर कर सकते है .

अंतिम शब्द

दोस्तों उम्मीद है आपको मोबाइल में पेनड्राइव कैसे चलाये ? यह जानकारी अच्छी लगी होगी अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी तो इसे अपने दांतों के साथ जरूर शेयर करे और अगर आपके मन में इस लेख से सम्बंधित कोई भी सवाल है तो हमे कमेंट करके जरूर बताये हम आपके कमैंट्स का रिप्लाई जरूर करेंगे .

गूगल से Copyright Free Images कैसे डाउनलोड करे ?

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google se Copyright Free Images kaise download kare

क्या आप जानते है गूगल से Copyright Free Images डाउनलोड करके आप उन्हें अपने कंटेंट (वेबसाइट, ब्लॉग, एप, वीडियो आदि.) में इस्तेमाल कर सकते है . लेकिन गूगल से Copyright Free Images डाउनलोड करने का तरीका क्या है ? कैसे गूगल से कॉपीराइट फ्री इमेजेज को डाउनलोड किया जाता है ? इसके बारे बारे में हम इस लेख में आपको बताने जा रहे है .

अगर आप एक वेबसाइट या ब्लॉग चलाते है तो आपको तो पता ही होगा की हम अपने वेबसाइट में कॉपीराइट इमेजेज का इस्तेमाल नहीं कर सकते है , लेकिन एक Quality Content बनाने के लिए वेबसाइट में इमेजेज का इस्तेमाल करना जरुरी होता है और इससे Users को भी कंटेंट समझने में आसानी होती है .

कोई भी यूजर जब वेबसाइट में आता है तब Texts से पहले उसकी नजर वेबसाइट की इमेजेज पर पड़ती है इसलिए हमे वेबसाइट में Images का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए .

SEO के लिहाज से भी वेबसाइट में Images का होना बहुत जरुरी होता है अगर वेबसाइट में इमेजेज की संख्या ज्यादा हो तो वह वेबसाइट सर्च इंजन में जल्दी रैंक होती है .

जो नए ब्लोग्गर्स होते है उनको इस बात का पता नहीं होता है की ब्लॉग में किसीभी प्रकार की Copyrighted Images का प्रयोग नहीं करना चाहिए इसलिए वो सीधे Google से Copyrighted Images को डाउनलोड करके वेबसाइट में डाल देते है इससे ना तो उनकी वेबसाइट रैंक होती है और ना ही वेबसाइट से पैसे कमा पाते है .

दरअसल यहाँ पर में आपको यही बताने की कोशिश कर रहा हूँ की वेबसाइट में Copyrighted Images इस्तेमाल करने से काफी नुकसान होता है इसलिए हमेशा Copyright Free Images का ही उपयोग करना चाहिए .

गूगल से Copyright Free Images कैसे डाउनलोड करे ?

इंटरनेट पर काफी सारी ऐसी websites है जिनपर आपको Copyright Free Images मिलती है लेकिन कई बार हमे इन साइट्स पर भी वो images नहीं मिलती है जो हमे चाहिए होती है ऐसे में वह images आपको सिर्फ गूगल पर ही मिलती है .

जब हम गूगल में किसी इमेज के लिए normally सर्च करते है तब हमारे सामने जो इमेजेज आती है वो सभी Copyrighted images होती है इसलिए हम उन्हें डाउनलोड करके अपनी वेबसाइट में नहीं लगा सकते लेकिन गूगल में सभी images कॉपीराइटेड नहीं होती है यहाँ पर कुछ Copyright Free Images भी होती है जिनका उपयोग हम अपनी वेबसाइट में कर सकते है .

अब हम आपको बताने जा रहे है की गूगल में Copyrighted Images में से Copyright Free Images को कैसे ढूंढे और उनको download कैसे करे इसलिए इन स्टेप्स को ध्यान से फॉलो करे –

Step 1 : सबसे पहले अपना Chrome Browser ओपन करे

Step 2 : क्रोम ब्राउज़र ओपन करने के बाद Google Images में उस Image को सर्च कीजिये जिसको आप डाउनलोड करना चाहते है

Step 3 : अब क्रोम ब्राउज़र के Right Top कॉर्नर पे आपको “Tools” का ऑप्शन मिलेगा उसपर क्लिक करे .

Tools Chrome

Step 4 : Tools पर क्लिक करने के बाद आपको कुछ नए options देखने को मिलेंगे यहाँ पर आपको “Usage Rights” को सेलेक्ट करना है .

Usage Rights Chrome

Step 5 : Usage Rights में जाने के बाद अब “Creative Commons licenses” को सेलेक्ट करे

Creative Commons licenses chrome

Step 6 : आपका काम हो गया !! Creative Commons licenses ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद जितनी भी Images दिखाई देगी वो सब Copyright Free Images होगी जिन्हे आप डाउनलोड करके अपनी वेबसाइट में इस्तेमाल कर सकते है और इन इमेजेज को आप एडिट भी कर सकते है .

अंतिम शब्द

दोस्तों उम्मीद है आपको हमारा गूगल से Copyright Free Images कैसे डाउनलोड करे ? यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा जिसमे हमने आपको गूगल से Copyright Free Images कैसे करते है इसके बारे में बताया . अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे और अगर आपको गूगल से Copyright Free Images को डाउनलोड करने में कोई भी समस्या आ रही है तो हमे कमेंट करके जरूर बताएं .

RAM क्या होती है : अर्थ,प्रकार,कार्य | RAM In Hindi

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RAM in Hindi

Random access memory (RAM) यह कंप्यूटर की एक short-term मेमोरी होती है . RAM के बिना कंप्यूटर में कोई भी प्रोग्राम्स , फाइल्स काम नहीं करती है . लेकिन वास्तव में RAM क्या होती है (what is RAM in Hindi) इस आर्टिकल में हम समझेंगे कंप्यूटर के संदर्भ में RAM का मतलब क्या होता है (RAM Meaning in Hindi) और यह क्यों जरुरी होती है .

जब भी बात आती है नया मोबाइल या लैपटॉप/कंप्यूटर खरीदने की तब उनकी RAM जरूर देखी जाती है लेकिन ऐसा क्यों ? क्या RAM इतनी जरुरी चीज होती है ? तो आपको बता दूँ जी हाँ RAM बहुत जरुरी चीज होती है , आपके डिवाइस का परफॉरमेंस RAM पर ही निर्भर होता है .

अगर आपके डिवाइस का RAM कम है तो आपका डिवाइस बहुत जल्द हैंग होने लगता है वही दूसरी ओर अगर आपका RAM ज्यादा साइज का है तो आपका डिवाइस हैंग नहीं होता है . इसलिए मोबाइल , कंप्यूटर खरीदते वक़्त RAM का भी ख्याल आपको जरूर रखना चाहिए .

जब भी आप कोई नया मोबाइल लेते है तब आपने लोगों से जरूर सुना होगा की इसकी RAM कितनी है आदि . लोग मोबाइल के बारे में तो पूछते है लेकिन वे RAM के बारे में भी अवश्य पूछते है क्योंकि किसी भी स्मार्टफोन या कंप्यूटर में RAM की एक काफी अहम और महत्वपूर्ण भूमिका होती है , RAM पर ही किसी डिवाइस का स्पीड निर्भर होता है .

इस आर्टिकल में हम आपको RAM के बारे में A-Z पूरी जानकारी देने वाले है जैसे RAM क्या होती है , RAM के प्रकार कितने होते है , कोई भी डिवाइस खरीदते वक़्त आपको RAM कैसे चेक करनी है और RAM के बारे में सम्पूर्ण जानकारी , इसलिए इस लेख को अंत तक जरूर पढ़े यह आपके लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है .

RAM क्या है (RAM in Hindi)

RAM का पूरा नाम होता है रैंडम-एक्सेस मेमोरी , इसे प्राइमरी (मुख्य,प्राथमिक) मेमोरी भी कहा जाता है . यह कंप्यूटर मेमोरी का एक रूप है जिसे किसी भी क्रम में पढ़ा और बदला जा सकता है, आमतौर पर काम करने वाले डेटा और मशीन कोड को स्टोर करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है .

जब आप अपने फ़ोन या कंप्यूटर में कुछ डाउनलोड करते है तब वो आपके सेकेंडरी मेमोरी (hard drive, CD, etc) में स्टोर होता है लेकिन आप वास्तविक काल (Real time) में जो भी कार्य (Tasks) अपने मोबाइल या कंप्यूटर में करते है उसके लिए भी एक मेमोरी की जरुरत होती है और वो मेमोरी होती होती है RAM (Random Access Memory) .

अगर आपके डिवाइस की RAM अच्छी और ज्यादा साइज की है तो आप रियल टाइम में ज्यादा फ़ास्ट काम कर पाओगे आप एक साथ कई एप्स को RUN कर पाओगे और आपका डिवाइस भी हैंग नहीं होगा , लेकिन अगर आपके डिवाइस का RAM अच्छा नहीं है और उसका साइज कम है तब आपका डिवाइस हैंग होने लगता है और आप डिवाइस में मल्टीटास्किंग नहीं कर पाता है .

RAM कुछ Row और Columns के Cells से मिलकर बनी होती है , वास्तव में यह मेमोरी Cells के एक समूह से मिलकर बनायीं जाती है जिसमे प्रत्येक Cell एक विशेष Row और Columns के कॉम्बिनेशन से बनता है इसलिए RAM में मौजूद हर एक Cell का एक यूनिक एड्रेस होता है जिसे Cell Path भी कहा जाता है .

Cells में मौजूद डाटा को CPU अनियमित रूप से रिसीव कर सकता है, मतलब RAM में मौजूद डाटा को CPU रैंडम्ली एक्सेस करता है इसलिए RAM को Random Access Memory के रूप में भी जाना जाता है .

RAM के बारे में एक और बात आपको पाता होनी चाहिए की यह एक Volatile Memory होती है , इसका मतलब होता है परिवर्तनशील मेमोरी . मतलब RAM में हमेशा के लिए डाटा Stored नहीं होता है, जबतक डिवाइस में पावर सप्लाई रहेगा तबतक ही RAM में डाटा stored रहता है वो भी Temporary रूप से इसीलिए इसे temporary memory भी कहा जाता है .

RAM की विशेषताएं (RAM Characteristics in Hindi)

  • यह CPU का एक भाग होती है
  • RAM कम्प्यूटर की प्राथमिक मेमोरी होती है
  • डाटा को Randomly Access कर सकते है
  • RAM एक महंगी (Expensive) मेमोरी होती है
  • RAM अस्थाई मगर तेज होती हैं
  • इसके बिना कंप्यूटर काम नहीं कर सकता
  • यह एक Volatile Memory है
  • रैम कंप्यूटर को एप्लिकेशन चलाने के लिए डेटा को जल्दी से पढ़ने की अनुमति देता है
  • पावर सप्लाई बंद करने पर इसमें मौजूद डाटा डिलीट हो जाता है
  • डिवाइस के सभी प्रोग्राम , एप्लीकेशन , इंस्ट्रक्शन RAM में ही चलते है
  • रैम में स्टोर की गई जानकारी को आसानी से एक्सेस किया जा सकता है
  • सेकेंडरी मेमोरी की तुलना में इसकी क्षमता (capacity) काम होती है
  • RAM में सूचना को प्रवाहित और संरक्षित करने के लिए बिजली की आवश्यकता होती है
  • RAM का उपयोग अस्थायी सूचनाओं को संग्रहीत करने के लिए किया जाता है
  • RAM को कंप्यूटर की Working मेमोरी भी बोला जाता है
  • रैम की एक्सेस स्पीड तेज होती है
  • RAM चिप का भौतिक आकार ROM चिप से बड़ा होता है

RAM का इतिहास (History of RAM)

RAM का प्रकारआविष्कार का वर्ष
FPM-(Fast page mode RAM)-1990
EDO RAM (Extended data operations read-only memory)1994
SDRAM (Single dynamic RAM)1996
RDRAM (Rambus RAM)1998
DDR (Double Data Rate)2000
DDR22003
DDR32007
DDR42012

RAM के प्रकार (Types of RAM in Hindi)

RAM के मुख्य रूप से 2 प्रकार होते है –

  1. SRAM
  2. DRAM

1. SRAM (Static RAM)

Static Random Access Memory

SRAM का मतलब Static Random Access Memory होता है और इसे संक्षेप में Static RAM भी बोला जाता है . यह एक स्थिर मेमोरी होती है क्योंकि इस RAM में डाटा स्थिर रहता है और उसे बार बार Refresh करने की भी जरुरत नहीं होती है .

यह एक Volatile memory है , क्योंकि जबतक SRAM में पॉवर सप्लाई ON रहता है तबतक इसमें डाटा मौजूद रहता है और पावर OFF होने पर SRAM में से डाटा अपने आप डिलीट हो जाता है . SRAM को Cache Memory के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है .

SRAM की विशेषताएं (SRAM Characteristics in Hindi)
  • SRAM DRAM से तेज है
  • DRAMs की तुलना में बहुत अधिक जगह लेता है
  • यह बहुत दिनों तक चलती है
  • SRAM काफी तेज है
  • DRAMs की तुलना में अधिक बिजली लगती है
  • इसकी size ज्यादा होती है
  • उपयोग:level 1 या level 2 cache
  • इसे अक्सर केवल memory cache के रूप में उपयोग किया जाता है
  • DRAMs की तुलना में कई गुना अधिक महंगा
SRAM के फायदे (Advantages of SRAM in Hindi)
  • स्पीड के मामले में SRAM की परफॉर्मेंस DRAM से बेहतर है इसका मतलब है कि यह ऑपरेशन में तेज है
  • इसमें medium बिजली की खपत होती है
  • SRAM स्पीड-सेंसिटिव कैश बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है
SRAM के नुकसान (Disadvantage of SRAM in Hindi)
  • बिजली बंद होने पर डाटा डिलीट हो जाता है
  • यह DRAM की तुलना में अपेक्षाकृत धीमा है, इसलिए डेटा या सूचना तक पहुंचने में अधिक समय लगता है
  • इसमें SRAM की तुलना में अधिक बिजली की खपत होती है

2. DRAM (Dynamic RAM)

DRAM

DRAM का मतलब होता है और इसे संक्षेप में Dynamic RAM भी बोला जाता है , यहाँ पर डायनामिक शब्द का अर्थ होता है परिवर्तित होते रहना . DRAM में Data को स्टोर करने के लिए उसे गतिशील रखना होता है मतलब DRAM में डाटा स्टोर करने के लिए इसे लगातार Refresh करना पड़ता है .

DRAM से डाटा को Randomly Access किया जा सकता है इसलिए CPU में इसका इस्तेमाल मुख्य मेमोरी के तौर पर किया जाता है , इसकी एक और खास बात यह है की इसमें डाटा अपने आप स्टोर होता रहता है जिसकारण CPU की कार्य क्षमता तेज बनी रहती है .

DRAM की विशेषताएं (DRAM Characteristics in Hindi)
  • इसको बार बार Refresh करने की जरुरत पड़ती है
  • SRAM की तुलना में धीमा
  • DRAM की कीमत SRAM से कम होती है
  • इसका जीवनकाल छोटा होता है
  • कम बिजली की खपत
DRAM के फायदे (Advantages of DRAM in Hindi)
  • SRAM की तुलना में सस्ता
  • इसकी स्टोरेज कैपेसिटी अधिक होती है इसलिए इसका उपयोग एक बड़ा RAM स्पेस सिस्टम बनाने के लिए किया जाता है
  • इसे Memory Contents को रीफ्रेश करने की आवश्यकता नहीं है
  • इसका Access time तेज है
DRAM के नुकसान (Disadvantage of DRAM in Hindi)
  • यह SRAM की तुलना में अपेक्षाकृत धीमा है, इसलिए डेटा या सूचना तक पहुंचने में अधिक समय लगता है
  • बिजली बंद होने पर डाटा डिलीट हो जाता है
  • इसमें SRAM की तुलना में अधिक बिजली की खपत होती है।

RAM FAQs in Hindi

RAM क्या है ?

रैंडम-एक्सेस मेमोरी कंप्यूटर मेमोरी का एक रूप है जिसे किसी भी क्रम में पढ़ा और बदला जा सकता है, आमतौर पर काम करने वाले डेटा और मशीन कोड को स्टोर करने के लिए उपयोग किया जाता है .

RAM के कितने प्रकार हैं ?

आमतौर पर RAM के 2 मुख्य प्रकार है : SRAM (Static Random Access Memory) और DRAM ( Dynamic Random Access Memory) .

मोबाइल में रैम का क्या मतलब होता है ?

RAM के बिना मोबाइल काम नहीं कर सकता है , अगर Real time में कोई भी App चलना है तो हमे मोबाइल में RAM की आवश्यकता होती है .

RAM का फुल फॉर्म क्या है ?

RAM का फुल फॉर्म Random Access Memory है .

कंप्यूटर में रैम कितने प्रकार के होते हैं ?

कंप्यूटर में RAM मुख्यता 2 प्रकार के होते हैं.
Static RAM (SRAM)
Dynamic RAM (DRAM)

2GB रैम का क्या मतलब होता है ?

2GB रैम का मतलब होता है ऐसा RAM जिसका आकर(size) 2 GigaByte है .

आपने क्या सीखा ?

दोस्तों इस लेख में हमने सीखा RAM क्या होती है (RAM in Hindi) और RAM के प्रकार अगर आपको Computer RAM के बारे में यह जानकारी अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे और यह लेख आपको कैसा लगा हमे कमेंट करके जरूर बताये , अगर आपके मन में RAM से सम्बंधित कोई भी सवाल है तो भी आप हमे कमेंट करके पूछ सकते है हम आपके कमेंट्स का रिप्लाई जरूर करेंगे .

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CCTV Full Form In Hindi

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम देखने वाले है CCTV Full Form In Hindi शैयद ही ऐसा कोई व्यक्ति होगा जिसने CCTV नाम न सुना हो जैसा की हम सब जानते है की आज के ज़माने बढ़ते जुर्म को देखते हुए CCTV जैसे हमारी जुरूरत बन चूका है CCTV के कारन कई सारे अपराध होने से बचते है और कई सारे अपराधियों को भी पकड़ा जाता है लेकिन क्या आप जानते है की CCTV का फुल फॉर्म क्या होता है?

अगर आपको नहीं पता की CCTV का फुल फॉर्म क्या होता है तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़े क्योकि आज के इस आर्टिकल में हम आपको CCTV का फुल फॉर्म क्या होता है इसके संदर्भ में जानकारी देने वाले है साथ ही CCTV से जुड़े अन्य सवालो के जवाब भी हम आपको देने वाले है इसी लिए आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़े.

CCTV Full Form In Hindi

CCTV Full Form : Closed Circuit Television

CCTV Full Form In Hindi – क्लोज्ड सर्किट टेलीविजन (सीसीटीवी) को वीडियो निगरानी के रूप में भी जाना जाता है यह एक ऐसी प्रणाली है जहां वीडियो कैमरा, डिस्प्ले मॉनिटर, रिकॉर्डिंग डिवाइस जैसे सभी तत्व सीधे जुड़े हुए हैं इसका उपयोग संवेदनशील क्षेत्र की निगरानी के लिए किया जाता है (एक विशेष क्षेत्र जिसे निरंतर अवलोकन की आवश्यकता होती है और जहां हर समय देखने वाला कोई नहीं होता है) यह अपराध को रोकने में बहुत मददगार है क्योंकि यह सभी गतिविधियों पर नज़र रखता है और उन्हें रिकॉर्ड करता है इसका उपयोग भीड़भाड़ और नोटिस दुर्घटनाओं का पता लगाकर यातायात निगरानी के लिए भी किया जाता है.

CCTV का अर्थ (CCTV Meaning In Hindi)

CCTV एक कैमरा होता है जो उसके सामने घटने वाली सभी घटनाये एक स्टोरेज में वीडियो फॉर्म में रिकॉर्ड कर लेता है सीसीटीवी मॉनिटर या रिकॉर्डिंग डिवाइस पर सिग्नल भेजने या प्रसारित करने के लिए वायर्ड या वायरलेस ट्रांसमिशन का उपयोग करता है यह वीडियो, ऑडियो या दोनों को प्रसारित कर सकता है उन्नत सीसीटीवी कैमरों में कम रोशनी की छवियों को रिकॉर्ड करने के लिए रात्रि दृष्टि क्षमता भी होती है सीसीटीवी सिग्नल सार्वजनिक रूप से वितरित नहीं किए जाते हैं, लेकिन सुरक्षा उद्देश्यों के लिए उनकी निगरानी की जाती है.

सीसीटीवी के बेसिक Components

  • Security Cameras (Analog or Digital)
  • Cables (RJ45 or RJ59 Cables)
  • Display Unit (optional, usually a monitor)
  • Video Recorders (DVR or NVR)
  • Storage Unit (usually a Hard Disk)

CCTV किन स्थानों पर लगाए जाते है?

  • Building और Residential अपार्टमेंट
  • कॉर्पोरेट Houses
  • सरकारी कार्यालय और भवन
  • हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशन
  • शहर की सड़कें और राजमार्ग
  • कैसीनो (Casinos)
  • दुकानें और मल्टीप्लेक्स
  • बैंक्स

पहला सीसीटीवी जर्मनी के पीनमुंडे में टेस्ट स्टैंड VII में लगाया गया था यह सीमेंस एजी (Siemens AG) द्वारा स्थापित किया गया था इस प्रणाली के तकनीकी डिजाइन और स्थापना का श्रेय एक जर्मन इंजीनियर वाल्टर ब्रुच (Walter Bruch) को जाता है.

सीसीटीवी के लाभ (Benefits of CCTV)

  • सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को अपराधों की जांच में अहम मदद मिलती है.
  • यह दुकान चोरों के लिए जोखिम भी बढ़ाता है.
  • इसे गृह सुरक्षा के लिए एक बेहतरीन विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है.
  • यह व्यावसायिक दक्षता को बढ़ाता है और लाभप्रदता में सुधार करता है.
  • यह अपराध के डर को कम करता है.
  • यह दूरस्थ निगरानी की सुविधा प्रदान करता है.
  • सीसीटीवी सिस्टम चोरों के लिए बहुत बड़ी बाधा है एक बार जब चोर को पता चलता है कि वह सीसीटीवी की निगरानी में है, तो वह कहीं और जाना पसंद करेगा.

CCTV के प्रकार (Types of CCTV Cameras)

बाजार में कई तरह के सीसीटीवी कैमरों के साथ, अब हर उद्योग के लिए कई तरह के समाधान मौजूद हैं इस विशाल रेंज के परिणामस्वरूप, यह चुनना मुश्किल हो सकता है कि आपके व्यवसाय के लिए कौन सा सीसीटीवी कैमरा सही है.

उपलब्ध 9 सबसे लोकप्रिय प्रकार के सीसीटीवी कैमरे हैं:

  • Dome CCTV Cameras
  • High Definition (HD) CCTV Cameras
  • Wireless CCTV Cameras
  • Network/IP CCTV Cameras
  • Infrared/night vision CCTV Cameras
  • Day/Night CCTV Cameras
  • PTZ Pan Tilt & Zoom Cameras
  • C-Mount CCTV Cameras
  • Bullet CCTV Cameras

अंतिम शब्द

तो दोस्तों यह था CCTV Full Form In Hindi में आशा करता हु की आपको CCTV का फुल फॉर्म समझ आ गया होगा और उम्मीद करता हु की आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे और साथ ही वेबसाइट के नोटिफिकेशन बेल को भी ऑन कर दे ताकि आने वाले समय में आप कोई भी आर्टिकल मिस ना करे क्योकि हम ऐसे ही हेल्पफुल आर्टिकल आपके लिए रोजाना लाते रहते है अगर आपको इस आर्टिकल से जुडी कोई भी समस्या हो तो आप हमें कमेंन्ट करके पूछ सकते है धन्यवाद.

LED Full Form & Meaning In Hindi

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LED Full Form in Hindi

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम देखने वाले है LED Full Form & Meaning In Hindi बहुत से लोगो को LED के बारे में जानकारी नहीं होती लोगो के मन में तरह तरह के सवाल LED को लेकर आते रहते है जिसमे से आज हम आपके एक सवाल जा जवाब देने वाले है और वह है LED Full Form & Meaning In Hindi बहुत से लोगो को LED का Full Form और LED का अर्थ मालूम नहीं होता तो आज के इस आर्टिकल में हम आपको इसी संदर्भ में जानकारी देने वाले है.

दोस्तों अगर हम बात करे LED की तो दुनिया शायद ही कोई ऐसा घर, ऐसा दुकान या ऐसी जगह होगी जहा पर LED का इस्तेमाल न किया जाता हो लगभग सभी घरो में लोग LED का इस्तेमाल करते है लेकिन बहुत से लोगो को फिर भी LED Full Form & Meaning पता नहीं होती तो इस आर्टिकल में हम आपको यही बताने वाले है इसी लिए आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़े.

LED Full Form & Meaning In Hindi

LED Full Form – Light Emitting Diode

LED का मतलब Light Emitting Diode (लाइट एमिटिंग डायोड) है यह दो-प्रमुख अर्धचालक प्रकाश स्रोत है। यह एक पीएन-जंक्शन डायोड है जो सक्रिय होने पर प्रकाश का उत्सर्जन करता है यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है क्योंकि इसका उपयोग आजकल बहुत सारे इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में किया जाता है इसका उपयोग ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक परीक्षण उपकरणों, टीवी, कैलकुलेटर, घड़ियों, रेडियो आदि में किया जाता है.

एलईडी कैसे काम करता है?

जब बिजली का एक उपयुक्त वोल्टेज लीड पर लगाया जाता है, तो इलेक्ट्रॉन इलेक्ट्रॉन छिद्रों के साथ पुनर्संयोजन करते हैं और फोटॉन (photons) के रूप में ऊर्जा छोड़ते हैं इस प्रभाव को इलेक्ट्रोल्यूमिनेसिसेंस कहा जाता है एलईडी की रोशनी का रंग सेमीकंडक्टर के एनर्जी बैंड गैप से निर्धारित होता है.

एलईडी प्रकाश स्रोत के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी उत्पाद साबित हुआ है। इसके लैंप बहुत ऊर्जा कुशल, किफायती और लंबे समय तक चलने वाले हैं। पारंपरिक प्रकाश बल्बों और फ्लोरोसेंट प्रकाश स्रोतों की तुलना में, यह लगभग 80% ऊर्जा कुशल है.

एलईडी के लाभ (Benefits of LED)

1) Environment Friendly

एलईडी लाइटें नॉन-टॉक्सिक होती हैं इसमें पारा, सीसा या कैडमियम नहीं होता है। एलईडी लाइटों के बेहतर उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आ सकती है.

2) Energy efficient

एलईडी को बहुत कम बिजली की आवश्यकता होती है उदाहरण के लिए, एलईडी टीवी सीआरटी और एलसीडी टीवी की तुलना में अधिक ऊर्जा कुशल हैं. एलईडी गर्मी पैदा नहीं करती है, इसलिए यह कूलिंग लोड को भी कम करती है. एलईडी भिनभिनाहट और झिलमिलाहट आदि का उत्पादन नहीं करता है.

3) Maintenance and Safety

एलईडी को बहुत कम रखरखाव लागत की आवश्यकता होती है इसके लिए बहुत कम रीसाइक्लिंग चार्ज की भी आवश्यकता होती है.

4) Long Life

उचित स्थापना के साथ, एलईडी को बहुत कम रखरखाव लागत के साथ लंबे समय तक काम किया जा सकता है.

5) Better Picture Quality

एलईडी एलसीडी की तुलना में बेहतर छवि गुणवत्ता प्रदान करता है एलईडी ने नए टेक्स्ट, वीडियो डिस्प्ले और सेंसर विकसित करने की अनुमति दी है उनकी उच्च स्विचिंग दरों के कारण, यह उन्नत संचार प्रौद्योगिकी में भी उपयोगी हो सकता है.

LED के प्रकार (Types of LED)

1) Organic LED

Organic LED को प्रकाश उत्सर्जक डायोड के मूल विचार के साथ तैनात किया गया है मूल प्रकाश उत्सर्जक डायोड विभिन्न स्तरों के डोपेंट के साथ मूल अकार्बनिक अर्धचालकों का उपयोग करता है और समर्पित पीएन जंक्शनों से प्रकाश उत्सर्जित करता है जो प्रकाश का फोकस हैं Organic LED डिस्प्ले पतली चादरों में निर्मित होता है और एक विसरित प्रकाश क्षेत्र का उत्पादन करता है.

2) Graphene LED

लोकप्रिय चैनल बीबीसी ने प्रकाश के विकास का आरोप लगाया जिसमें एलईडी फिलामेंट के आकार का ग्राफीन शामिल है और 2015 के अंत में सबसे अधिक उपलब्ध के रूप में चिह्नित किया गया है यह मानक बल्बों से सस्ता है और ऊर्जा बिलों में लगभग 10% की कमी का दावा करता है ग्राफीन के उपयोग का आविष्कार एक रूसी वैज्ञानिक ने किया था जो मैनचेस्टर विश्वविद्यालय में काम कर रहा था। लड़ाई अब लाइव है और टिकाऊ सामग्री के नवीन उपयोग को खोजने में मदद करती है.

3) COB LED

COB का अर्थ चिप ऑन बोर्ड है जो एक अन्य LED पीढ़ी है और SMD की तुलना में अधिक मात्रा में प्रकाश प्रदान करता है और इसमें एक सुलभ विकल्प है क्योंकि उपयोगकर्ता को प्रकाश को नियंत्रित करने का एक बीम माना जाता है। यह लुमेन को बेहतर वाट राशन प्रदान करता है जो दर्शाता है कि इसकी उच्च उत्पादकता है.

4) SMD LED

इसे सरफेस-माउंटेड डिवाइस के रूप में विस्तारित किया गया है और यह एलईडी लाइटिंग में लोकप्रिय है। बल्ब में लगे एसएमडी चिप्स में अतिरिक्त चमक होती है जो कार्यालय और घर में विश्वसनीय होती है.

5) LED Tubes for Lighting

इसे फ्लोरोसेंट ट्यूबों को स्थानापन्न करने के लिए लागू किया गया है और कुछ मामलों में, यह सिंगल हैंगिंग रिप्लेसमेंट हो सकता है अन्य डिजाइनों में नए गिट्टी और रीवायरिंग की आवश्यकता होती है यह ट्यूब की लंबाई के साथ एलईडी लघुचित्रों की एक श्रृंखला की पेशकश करके संचालित होता है और सभी आकारों में सुलभ है जो अपेक्षित रूप से फिट बैठता है.

6) Color LED

रंगीन एलईडी हर व्यक्ति को आकर्षित करती है और तीन किस्मों में उपलब्ध है जैसे शांत सफेद एलईडी, गर्म सफेद एलईडी, डेलाइट एलईडी अधिकांश घर हलोजन बल्ब का उपयोग करते हैं जो गर्म सफेद होते हैं। दिन के उजाले एलईडी में रंग जिसमें सफेद और संकेत नीला होता है जो मुख्य रूप से वास्तविक रंग को उजागर करने के लिए उपयोग किया जाता है.

7) Dimmer Switches

एलईडी अन्य बल्बों के समान डिमर स्विच के साथ उपलब्ध है एलईडी बल्ब वाले डिमर स्विच की तुलना में सामान्य तापदीप्त बल्बों में डिमर स्विच अच्छी तरह से काम नहीं करता है इसलिए मानक बल्बों को एलईडी बल्बों से बदलने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह अन्य मानक बल्बों की तुलना में न्यूनतम वाट क्षमता के साथ संचालित होता है.

अंतिम शब्द

तो दोस्तों यह था LED Full Form & Meaning In Hindi हम आशा करते है की आपको LED Full Form & Meaning के बारे ने सम्पूर्ण जानकारी मिल गयी होगी और उम्मीद है की आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे और साथ ही वेबसाइट के नोटिफिकेश बेल को भी ऑन कर दे ताकि आने वाले समय में आप कोई भी आर्टिकल मिस ना करे क्योकि हम ऐसे ही हेल्पफुल आर्टिकल आपके लिए रोजाना लाते रहते है अगर आपको इस आर्टिकल से जुडी कोई भी समस्या हो तो आप हमें कमेंन्ट करके पूछ सकते है धन्यवाद.

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