जैसे की आपको पता ही है की FAUG गेम अब लॉंच हो चूका है. लेकिन बहुत से लोगों को पता नहीं की FAUG गेम कैसे खेले ? और उसे डाउनलोड कैसे करे. तो आज हम इसी के बारे में जानेंगे.
FAUG गेम क्या है? और उसे बनाने के पीछे क्या उद्देश्य है इसके बारे में हमने पहले से एक अलग लेख लिखा हुआ है. अगर आप चाहे तो उसे विस्तार से पढ़ सकते है.
लेकिन में आपको बता दू की फौजी एक भारतीय गेम है जिसे nCore इस गेमिंग कंपनी ने बनाया है. यह गेम अभी तो स्टोरी मोड में उपलब्ध है. लेकिन कंपनी का कहना है की वह जल्द ही FAUG गेम का बैटल रॉयल वर्शन भी लॉंच करने वाले है जो की बिलकुल PUBG जैसे होगा.
यह गेम अभी-अभी नया ही लॉंच हुआ है इसी कारन लोगों को इसके बारे में अधिक जानकारी नहीं है. तो आज हम इसी की जानकारी लेने वाले है की इस गेम में क्या-क्या है और इसे कैसे खेले.
FAU-G गेम डाउनलोड कैसे करे ?
भारत में FAUG गेम की प्रतीक्षा कही दिनों से की जा रही थी. जब यह गेम लॉंच भी नहीं हुआ था तब भी लोग सर्च करते थे की फौजी गेम को डाउनलोड कैसे करे. लेकिन अब आप FAUG गेम को गूगल प्ले स्टोर से आसानी से डाउनलोड कर सकते है. निचे दिए गए बटन पर क्लिक करे जो सीधे आपको गूगल प्ले स्टोर पर ले जायेगा जहा से आप FAUG गेम डाउनलोड कर सकते हो.
अब आप आसानी से गेम डाउनलोड कर सकते है, और इसे खेल भी सकते है. लेकिन यह गेम नया होने के कारन आपको इसे खेलने में दिक्कत हो रही होगी. इसीलिए हम FAUG का पूरा गाइड आपको हिंदी में दे रहे है. जिसे पढ़ने के बाद आप FAUG गेम आसानी खेल सकते है.
FAU-G गेम कैसे खेले – फुल गाइड इन हिंदी
अब हम FAUG गेम का पूरा गाइड हिंदी में देखते है. जिसमे हम देखेंगे की कैसे हम फौजी गेम को खेल सकते है. और उसमे कोनसे ऑप्शन से क्या होता है इसकी भी जानकारी लेंगे. जिसमे हम इमेज की भी मदत लेने वाले है जिससे की आपको समझने में आसानी हो की FAUG गेम को कैसे खेला जाता है.
FAUG गेम इनस्टॉल कैसे करे ?
सबसे पहले आपको गेम को डाउनलोड करके उसे इनस्टॉल कर लेना है. लेकिन यह गेम कुछ मोबाइल में इनस्टॉल नहीं होगा क्योंकि यह गेम केवल एंड्राइड वर्शन 8.0 या इससे ऊपर के मोबाइल के लिए ही उपलब्ध है.
FAUGगेम कैसे स्टार्ट करे ?
आप आपके मोबाइल में गेम इनस्टॉल हो चूका है. अब उसे स्टार्ट करे जैसे ही आप स्टार्ट करते हो आपको कुछ परमिशन को ACCEPT करना है. इसके बाद अगला स्टेप आएगा.
अपना नाम डाले – अब आपको अपना नाम डाल देना है. ध्यान रहे की आपको यूनिक नाम डालना होगा जो पहले किसी ने इस्तेमाल न किया हो.
Main Menu – अब आपके सामने कुछ ऐसा मैं मेनू दिखने लगेगा जिसमे लेफ्ट साइड को “STORE” और राइट साइड को “PLAY” का बटन दिखेगा.
अब Main मेनू में आपको सामने कुछ ऑप्शन दिखेंगे जिसके बारे में भी हम जानते है –
STORE – स्टोर के ऑप्शन पर क्लिक करते ही आपको कुछ ऐसा मेनू दिखने वाला है जिसमे आप गेम के लिए लगने वाले कुछ हत्यार और अलग-अलग सामग्री गेम के ही पॉइंट से या रियल कॅश से ले सकते है. यहाँ से आप अलग-अलग कपडे और टोकंस भी ले सकते है.
यहाँ से फिरसे main मेनू पर आने के लिए आपको BASE बटन पर क्लिक लरना है. आप अपने नाम पर क्लिक करके अपना स्टेटस देख सकते है की आप की प्रोग्रेस कहा तक हुई है. STORE का ऑप्शन आप राइट साइड को दिए गए प्लस के निशान पर क्लिक करके भी पहुँच सकते हो.
PLAY – आप PLAY के बटन पर क्लिक कर के गेम को शुरू कर सकते है. जैसे ही आप प्ले बटन पर क्लिक करते है तो आपके सामने कुछ ऐसी स्क्रीन दिखने लगेगी.
यहाँ पर आप देख सकते है की अभीतक केवल ACTION मोड ही उपलब्ध है जो की भारतीय सेना के गलवान वैली के ऑपरेशन पर आधारित है. लेकिन कंपनी का कहना है की वह कुछ ही दिनों में TEAM DEATHMATCH और FREE FOR ALL मोड लाने वाले है, जो की बैटल रॉयल मोड हो सकता है. यह यूजर को PUBG गेम जैसा अनुभव कराएगा.
लेकिन अभी तो केवल CAMPAIGN मोड उपलब्ध है इसीलिए आपको वही सेलेक्ट कर केना है. जो की एक्शन मोड है जिसमे आपके सामने मिशन दिए जायेंगे जो की गलवान घाटी की कड़ाखे की ठण्ड में पुरे करने है. अब START पर क्लिक कर दे जिससे की गेम शुरू हो जायेगा.
गेम शुरू होने के बाद आपको गेम की पूरी स्टोरी एनीमेशन के साथ हिंदी में सुनाई जाएगी. लेकिन अगर आप इसे नहीं सुनना चाहते तो इसे SKIP भी कर सकते हो. अगर आप इसे स्किप नहीं करते तो स्टोरी ख़तम होने के बाद गेम अपने-आप ही शुरू हो जायेगा.
अब आपके सामने गेम शुरू हो जायेगा. अब बरी आती है की गेम को कंट्रोल कैसे करे ? तो इसकी भी जानकारी हम लेने वाले है. हम FAUG गेम के एक-एक कंट्रोल को विस्तार में समज़ने वाले है.
FAUG गेम कंट्रोल –
निचे दिए गए इमेज से हम समझेंगे की FAUG गेम को खेलने के लिए कंट्रोल कैसे हम इस्तेमाल कर सकते है.
आपको फौजी को आगे ले जाना है. जैसे ही आप आगे ले जायेंगे तो कुछ सर्किल आपको नजर आएंगे जो की आपको गेम के कंट्रोल के बारे में जानकारी देते है.
और थोड़ा ही आगे जाने के बाद कुछ चीनी सैनिक आप पर हमला करने आएंगे. तो आपको तुरंत फौजी को मारने के लिए जो बटन दिया है उसे बार-बार क्लिक करना है जिससे की आप चीनी सैनिकों को मार सके.
अब आपको FAUG गेम को कैसे चलाना है यह सब पता चल गया होगा. अब आपको गलवान घाटी की रक्षा करनी होगी. जिसके लिए आपको आगेतक जाकर पूरी घाटी घुमनी है.
जैसे ही आप गेम में आगे जायेंगे आपको नए-नए हत्यार भी मिलेंगे. जैसे की निचे वाले इमेज दिखाया गया है की आप को हत्यार कैसे उठाने है.
आपको हत्यार ऐसेही पड़े मिलेंगे या कुछ हत्यार आप चीनी सैनिकों को मारकर भी उनसे छीन सकते हो. हत्यार उठाने की प्रोसेस समान ही रहने वाली है.
हत्यार को अगर आपको बदलना है तो आप निचे दिए गए किसी भी हत्यार पर क्लिक कर सकते हो अपने आप ही वह हत्यार FAUG के पास आ जायेगा. FAUG गेम में हत्यार जो होता है उसकी उपयोग की एक सिमा होती है जैसे की निचे इमेज में दिखाया गया है की आप केवल वह लाइन समाप्त होने तक ही हत्यार इस्तेमाल कर सकते हो.
FAUG गेम में लाइफ कैसे बढ़ाये ?
आपको अपनी लाइफ पर भी ध्यान देना है. अगर आपकी लाइफ कम हो रही है तो जैसे की निचे लाइफ बढ़ने का तरीका बताया है वैसा करना है. आपको बस आग के पास जो पत्थर पड़ा है वह पर जाकर खड़े रहना है. और जैसे की इमेज में बताया है उस ऑप्शन पर क्लिक कर देना है. और जैसे की इमेज में दिखाया है ठीक वैसे ही हरी पट्टी पूरी भरने तक विश्राम करना है.
FAUG गेम मिशन –
मिशन पूरा करने के बाद आपको नया मिशन दिया जाता है. गेम अभी तो ज्यादा मिशन नहीं है लेकिन आशा है की कंपनी आगे चलकर और मिशन इसमें ऐड करेगी. मिशन कितने भी हो लेकिन गेम का खेलने का तरीका बिलकुल समान ही होगा जैसे की ऊपर बताया है. गेम के कंट्रोल में भी कोई बदलाव नहीं होने वाले.
तो दोस्तों FAUG गेम अभी नया ही लॉंच हुआ है. जिसमे अभी तो ज्यादा फीचर्स नहीं है लेकिन भविष्य में जैसे इसमें कुछ अपडेट होता हैमई तुरंत ही इस लेख को भी अपडेट कर दूंगा.
दोस्तों यह सब जानने के बाद आपके मन में भी इच्छा हुई होगी की खुद का गेम बनाया जाये. लेकिन आपको पता नहीं की गेम कैसे बनाते है तो आप हमारा यह लेख पढ़ सकते है. और गेम से जुडी अन्य जानकारी भी आप ले सकते हो.
अंतिम शब्द
हमने आपको FAUG गेम कैसे खेले इसकी जानकारी हिंदी में दी है. जिसमे हमने FAUG गेम गाइड हिंदी में आपको दिया है. यह सब जानने के बाद आप आसानी से FAUG गेम को डाउनलोड करके खेल सकते हो.
आशा करता हु की आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो। अगर आपको FAUG गेम से लेकर मन में कोई भी सवाल हो या फिर आपको FAUG गेम से लेकर कोई भी दिक्कत आ रही हो तो आप निचे कमेंट जरूर करे। आपकी समस्या का समाधान हम आवश्य देंगे। धन्यवाद !
अगर आप सॉफ्टवेयर फील्ड से जुड़े हुए हो तो आप हमेशा ही full stack developer यह शब्द सुनते होंगे। लेकिन आपने कभी यह जानने की कोशिश की है की आखिर full stack developer क्या होता है ? तो आज हम यही जानेंगे की full stack developer किसे कहा जाता है .
वैसे तो सॉफ्टवेयर कंपनी में बहुत से डेवलपर काम करते है तो क्या वह सब फुल स्टैक डेवलपर होते है ? लेकिन यह गलत है डेवलपर के भी प्रकार होते है. जिनसे Backend Developer, Frontend Developer, Full stack Developer इत्यादि प्रकार प्रमुखता से होते है. मै खुद भी एक Full Stack Developer हु तो मुझे यह आपको समझाने में आसानी होगी.
Full Stack Developer किसे कहा जाता है ?
Full Stack Developer उस व्यक्ति या डेवलपर को कहा जाता है जो Backend, Frontend और अलग-अलग लेयर पर काम कर सकता है. जिसे की अच्छे से नॉलेज होती हैऔर वह सॉफ्टवेयर डेवलोपमेंट में माहिर होता है.
Frontend Developer + Backend Developer = Full Stack Developer
फुल स्टैक डेवलपर की मांग दिनों-दिन तेजी से बढ़ रही है जिसका मुख्य कारन है सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में आने वाला परिवर्तन और सॉफ्टवेयर इंजीनियर की बढ़ती संख्या. मार्किट में बहुत सारे सॉफ्टवेयर इंजीनियर हो गए है जिसके कारन सॉफ्टवेयर कंपनी उनमे से सबसे अच्छे सॉफ्टवेयर इंजीनियर को ढूंढती है और काम देती है.
तो ज्यादातर सॉफ्टवेयर कंपनी Full Stack Developer को ही ज्यादा महत्व देती है. क्योंकि Full Stack Developer एक ऐसा व्यक्ति होता है जो Frontend Developer, Backend Developer के काम अकेला ही कर सकता है.
हमने यह तो जान लिया की Full Stack Developer किसे कहा जाता है. जिसमे हमने देखा की Full Stack Developer Frontend Developer और Backend developer दोनों का काम कर सकता है. जिसमे हमने Frontend Developer और Backend Developer देखा अब हम विस्तार से जानते है.
Frontend Developer क्या है ?
जो डेवलपर Frontend टेक्नोलॉजीस पर काम करता है उसे Frontend Developer कहा जाया है. Frontend Developer HTML, CSS और JavaScript जैसी Frontend टेक्नोलॉजीस पर काम करता है. फ्रॉंटेंड डेवलपर जो भी डिज़ाइन बनता है उससे सीधे यूजर का interaction होता है. Frontend Developer को क्लाइंट साइड डेवलपर भी कहा जाता है. क्योंकि वह क्लाइंट साइड टेक्नोलॉजी पर काम करता है.
Backend Developer क्या है ?
जो डेवलपर Backend टेक्नोलॉजीस पर काम करता है उसे Backend Developer कहा जाया है. Backend Developer PHP, .Net, Python, Java जैसी Backend टेक्नोलॉजीस पर काम करता है. बैकेंड डेवलपर जो भी कोड करता है उससे सीधे यूजर का interaction नहीं होता. यह कोड Frontend को डेटाबेस से कनेक्ट करता है। Backend Developer को सर्वर साइड डेवलपर भी कहा जाता है. क्योंकि वह सर्वर साइड टेक्नोलॉजी पर काम करता है.
Full Stack Developer क्या है ?
Frontend Developer और Backend Developer को मिला दे तो बन जाता है Full Stack Developer. जो Backend और Frontend दोने Developer’s के काम अकेला ही कर सकता है. जिसमे वह क्लाइंट साइड की HTML, CSS और JavaScript और सर्वर साइड की PHP, .Net, Python, Java Technologies पर अकेला ही काम करता है.
Full Stack Developer क्या काम करता है ?
हमने यह तो जान लिया की Full Stack Developer क्या होता है. लेकिन क्या आपको पता है की Full Stack Developer क्या काम करता है? अगर आपको नहीं पता तो अब हम जानते है की फुल स्टैक डेवलपर क्या काम करता है.
निचे दिए गए सभी काम Full Stack Developer को करने होते है. जिसमे उसे अनुभव की भी आवश्यकता होती है.
Frontend Work
किसी भी वेबसाइट या सॉफ्टवेयर की डिज़ाइन करना Full Stack Developer का सबसे पहला काम होता है. जिसमे वह क्लाइंट के लिए Frontend एप्लीकेशन बनता है. जिसमे वह HTML, CSS और JavaScript जैसी क्लाइंट साइड टेक्नोलॉजी का उपयोग करता है और कोड लिखता है.
किसी भी वेबसाइट या सॉफ्टवेयर की Frontend डिज़ाइन को उसका आयना कहा जाता है. क्योंकि Frontend से सीधा यूजर का संबंध आता है ,जिसमे वह सॉफ्टवेयर को इनपुट देता है और आउटपुट भी देखता है.
Frontend/Client Side Technologies –
HTML
CSS
JavaScript
Angular
Backend Work
जैसे की आपने देखा की Full Stack Developer को backend पर भी काम करना होता है. backend का काम ज्यादा आसान नहीं होता ,क्योंकि इसमें Frontend को डेटाबेस से कनेक्ट करना होता है. backend की कोडिंग करने के लिए सर्वर साइड टेक्नोलॉजीस का उपयोग किया जाता है.
बैकेंड साइड की कोडिंग से ही हमे डेटाबेस की कनेक्टिविटी की कोडिंग भी करनी होती है. backend डेवलपर का काम Frontend डेवलपर की तुलना में काफी मुश्किल भरा होता है.
Full Stack Developer को डेटाबेस की थोड़ी बहुत नॉलेज की आवश्यकता होती है. क्योंकि Full Stack Developer Backend पर भी खुद काम करता है ,जिस कारन उसे Frontend को Backend / server साइड की कोडिंग की मदत से डेटाबेस से कनेक्ट करना होता है. इसी कारन उसका डेटाबेस से भी संबंध आता है.
इसी कारन Full Stack Developer को डेटाबेस के भी बेसिक नॉलेज की आवश्यकता होती है. कहिबार फुल स्टैक डेवलपर ही प्रोजेक्ट के लिए डेटाबेस भी बनता है. अगर प्रोजेक्ट छोटा हो तो वह डेटाबेस भी खुद से ही बनता है. इसी कारन फुल स्टैक डेवलपर को SQL और अन्य डेटाबेस जैसे की NoSql की भी थोड़ी बहुत नॉलेज होनी चाहिए।
Databases –
My SQL
Oracle
MsSQL
MongoDB (No SQL)
MariaDB
Full Stack Developer कैसे बने ?
जैसे की हमने पहले देखा की Full Stack Developer किसे कहा जाता है और वह क्या काम करता है ? यह सब जानने के बाद आपके भी मन में Full Stack Developer बनाने की इच्छा जरूर हुयी होगी. तो चलिए जानते है की आखिर Full Stack Developer कैसे बन सकते है.
आपका प्रोग्रामिंग स्किल अच्छा होना आवश्यक है.
आपको Frontend Technologies अच्छे से पता करनी चाहिए. जिसमे आपको HTML, CSS और JavaScript जैसी बेसिक Frontend टेक्नोलॉजी सीखनी होगी.
Full Stack Developer Backend Technologies पर भी काम करता है. तो आपको Frontend के बाद Backend Technologies भी अच्छे से सीखनी होगी. जिसमे आप PHP, Java, C# / .Net, Ruby, C / C++, Python या अन्य सर्वर साइड language में से कोई भी एक सर्वर साइड प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सिख सकते हो.
जैसे की Full Stack Developer को डेटाबेस से कनेक्टिविटी भी करनी होती है. इसी कारन आपको अलग-अलग डेटाबेस का बेसिक नॉलेज भी लेगा होगा. जिसमे आप प्रमुखता My SQL, Oracle, MsSQL, MongoDB (No SQL), MariaDB इन डेटाबेस की ओर ध्यान दे सकते है.
कही बार Full Stack Developer को अलग-अलग लेयर पर काम करना होता है. जिसमे कहिबार उसे सिक्योरिटी लेयर पर भी काम करना पड़ सकता है. इसीलिए आपको इसकी भी थोड़ी बहुत जानकारी होनी चाहिए.
अगर आप भी यह सब कर लेते हो तो आप भी फुल स्टैक डेवलपर बन सकते हो. जिसके लिए आपको कड़ी मेहनत ओर प्रैक्टिस भी करनी है. ओर आगे चलकर Full Stack Developer की ही डिमांड ज्यादा रहने वाली है. ओर साधारण डेवलपर की तुलना में Full Stack Developer को जॉब भी आसानी से मिल जाता है.
Full Stack Developer Salary In India
नौकरी मिलने की बात हो या सैलरी की बात हो Full Stack Developer हमेशा से ही साधारण डेवलपर की तुलना में आगे रहा है. क्योंकि Full Stack Developer का काम भी अन्य डेवलपर से थोड़ा मुश्किल होता है. ओर उसे सॉफ्टवेयर डेवलोपमेंट का भी अच्छा अनुभव होता है.
लेकिन Full Stack Developer की सैलरी भी उसके अनुभव, काम ओर कंपनी से अलग-अलग होती है. इसीलिए हम एक्यूरेट सैलरी किसी भी जॉब की नहीं बता सकते है. लेकिन जो एवरेज सैलरी होती है उसे हम देखते है.
अनुभव
सैलरी (वार्षिक पैकेज)
सैलरी (मासिक)
Fresher
3,00,000 to 5,00,000
25,000 to 41,000
1 to 4 year Experience
5,00,000 to 12,00,000
41,000 to 1,00,000
5 to 9
12,00,000 to 14,00,000
1,00,000 to 1,16,000
9 to Above
14,00,000 to 38,00,000
1,16,000 to 3,16,000
इस बात से आप अंदाजा लगा ही सकते है की Full Stack Developer कितने पैसे कमाते है. इसमें मैंने जो बताई है वह तो केवल एवरेज सैलरी है कही कंपनी तो इससे भी ज्यादा सैलरी देती है. या यह आकड़े किसी-किसी कंपनी के लिए कम भी हो सकते है. लेकिन एवरेज की अगर बात करे तो सच्चाई यही है.
अंतिम शब्द
यह था Full Stack Developer का meaning हिंदी में. जिसमे मैंने आपको मीनिंग के साथ-साथ Full Stack Developer से जुडी हुई काफी बाटे भी बताई. जिसमे हमने देखा की Full Stack Developer किसे कहा जाता है ? , Full Stack Developer क्या काम करता है ? , Full Stack Developer कैसे बने ? ओर Full Stack Developer की Salary भारत में कितनी होती है ? यह मै आपको काफी आसानी से ओर सरल भाषा में बता पाया। क्योंकि में खुद ही एक Full Stack Developer हु.
फिर भी आपके मन में कुछ भी सवाल हो तो आप मुझे कमेंट में पूछ सकते हो. अगर सॉफ्टवेयर फील्ड से सम्बंधित कुछ भी प्रॉब्लम हो तो आप कमेंट करे. धन्यवाद !
अगर आप नोटपैड से सॉफ्टवेयर बनाना चाहते हो तो यह पोस्ट ध्यान से पढ़े. इसमें हम देखने वाले है की नोटपैड से सॉफ्टवेयर कैसे बनाये. आप भी नोटपैड से खुद का सॉफ्टवेयर बना सकते है ,अगर आप नोटपैड से सॉफ्टवेयर बनाने के स्टेप ठीक से फॉलो करो तो. इसमें हम नोटपैड से सॉफ्टवेयर नानने का तरीका स्टेप से देखने वाले है.
नोटपैड तो एक साधारण एडिटर है इसीलिए नोटपैड का उपयोग अधिकतर टेक्स्ट एडिट करने या फिर टेक्स्ट को लिखने के लिये किया जाता है. नोटपैड से कुछ ज्यादा बड़े काम नहीं किये जाते ,लेकिन फिर भी आज हम नोटपैड की मदत से एक बेसिक सॉफ्टवेयर बनाएंगे, जो की वेब बेस होने वाला है. जिसमे हम HTML, CSS,JavaScript का उपयोग करेंगे.
अगर आप नोटपैड से सॉफ्टवेयर बनाना चाहते है तो निचे दिए गए स्टेप ध्यान से फॉलो करे. हम आपको नोटपैड से सॉफ्टवेयर बनाने की प्रोसेस स्टेप में देने वाले है.
वैसे तो सॉफ्टवेयर बनाने के लिए Coding की आवश्यकता होती है. लेकिन एक दिन में Coding सीखना असंभव है. इसीलिए जो स्टेप बताये गए है उन्हें ध्यान से पढ़े और वैसी ही कृति करते जाये.
अगर आप आगे सॉफ्टवेयर क्षेत्र में कुछ भविष्य बनाना चाहते है तो आप निचे दिए गए हमारे लेख पढ़कर Coding के बारे में जान सकते है. जो की हमने अधिक आसान भाषा शैली में समझाए है.
नोटपैड से सॉफ्टवेयर बनाये – स्टेप्स
अब हम वह स्टेप देखते है जिनसे की हम एक वेब बेस सॉफ्टवेयर बनाने वाले है जो पूरी तरह से नोटपैड में बनाया है. जिसके लिए आपको केवल एक नोटपैड कीआवश्यकता है.
Step 1: अपने कंप्यूटर या फिर लैपटोप में नोटपैड ओपन करे.
Step 2: निचे दिया गया सॉफ्टवेयर का कोड कॉपी करे और अपने नोटपैड में पेस्ट करे. ध्यान रहे की कोई भी लाइन है शब्द छूटना नहीं चाहिए.
<html>
<head>
<title>Billing software in javascript</title>
<meta charset="UTF-8">
<meta name="viewport" content="width=device-width, initial-scale=1.0">
<link rel="stylesheet" href="https://maxcdn.bootstrapcdn.com/bootstrap/3.4.1/css/bootstrap.min.css">
<script src="https://ajax.googleapis.com/ajax/libs/jquery/3.5.1/jquery.min.js"></script>
<script src="https://maxcdn.bootstrapcdn.com/bootstrap/3.4.1/js/bootstrap.min.js"></script>
</head>
<body>
<div class="container-fluid">
<div class="row">
<div class="col-md-3"></div>
<div class="col-md-6" style=" box-shadow: 0 5px 5px 6px grey;margin-top: 30px;">
<marquee style="margin-top: 15px;"><strong>नोटपैड से बनाया गया लोन कैलकुलेटर सॉफ्टवेयर</strong>
</marquee>
<hr>
<strong>लोन की राशि (Rs) :</strong>
<input id="amount" onchange="calculate();" class="form-control">
<br><strong>वार्षिक ब्याज (%):</strong>
<input id="apr" onchange="calculate();" class="form-control">
<br><strong>चुकौती अवधि (वर्ष):</strong>
<input id="years" onchange="calculate();" class="form-control">
<br><button onclick="calculate();" class="btn btn-success">Calculate</button>
<br>
<hr><strong>भुगतान:</strong><br><br>
मासिक भुगतान:
Rs.<span class="output" id="payment" style="color: red;"></span><br>
कुल भुगतान:
Rs.<span class="output" id="total" style="color: red;"></span><br>
कुल ब्याज:
Rs.<span class="output" id="totalinterest" style="color: red;"></span><br><br>
</div>
<div class="col-md-3"></div>
</div>
</div>
<script>
function calculate() {
var amount = document.getElementById("amount");
var apr = document.getElementById("apr");
var years = document.getElementById("years");
var zipcode = document.getElementById("zipcode");
var payment = document.getElementById("payment");
var total = document.getElementById("total");
var totalinterest = document.getElementById("totalinterest");
var principal = parseFloat(amount.value);
var interest = parseFloat(apr.value) / 100 / 12;
var payments = parseFloat(years.value) * 12;
var x = Math.pow(1 + interest, payments);
var monthly = (principal * x * interest) / (x - 1);
if (isFinite(monthly)) {
payment.innerHTML = monthly.toFixed(2);
total.innerHTML = (monthly * payments).toFixed(2);
totalinterest.innerHTML = ((monthly * payments) - principal).toFixed(2);
save(amount.value, apr.value, years.value, zipcode.value);
try {
getLenders(amount.value, apr.value, years.value, zipcode.value);
}
catch (e) { }
}
else {
payment.innerHTML = "";
total.innerHTML = ""
totalinterest.innerHTML = "";
}
}
function save(amount, apr, years, zipcode) {
if (window.localStorage) {
localStorage.loan_amount = amount;
localStorage.loan_apr = apr;
localStorage.loan_years = years;
localStorage.loan_zipcode = zipcode;
}
}
window.onload = function () {
if (window.localStorage && localStorage.loan_amount) {
document.getElementById("amount").value = localStorage.loan_amount;
document.getElementById("apr").value = localStorage.loan_apr;
document.getElementById("years").value = localStorage.loan_years;
document.getElementById("zipcode").value = localStorage.loan_zipcode;
}
};
function getLenders(amount, apr, years, zipcode) {
if (!window.XMLHttpRequest) return;
var ad = document.getElementById("lenders");
if (!ad) return;
var url = "getLenders.php" +
"?amt=" + encodeURIComponent(amount) +
"&apr=" + encodeURIComponent(apr) +
"&yrs=" + encodeURIComponent(years) +
"&zip=" + encodeURIComponent(zipcode);
var req = new XMLHttpRequest();
req.open("GET", url);
req.send(null);
req.onreadystatechange = function () {
if (req.readyState == 4 && req.status == 200) {
var response = req.responseText;
var lenders = JSON.parse(response);
var list = "";
for (var i = 0; i < lenders.length; i++) {
list += "<li><a href='" + lenders[i].url + "'>" +
lenders[i].name + "</a>";
}
ad.innerHTML = "<ul>" + list + "</ul>";
}
}
}
</script>
</body>
</html>
Step 3: अब आपने जो भी कोड नोटपैड में पेस्ट किया था उसे सेव करे. ध्यान रहे की आप जब भी सेव करेंगे तब फाइल का एक्सटेंशन .html रखे. अगर आप फाइल का एक्सटेंशन गलत रखते है तो आपका कोड रन नहीं होगा.
Step 4: अब आपका सॉफ्टवेयर बनकर तैयार हो गया है. अब उसे रन करने के लिए वही फाइल लोकेशन पर जाये जहा पर उसे सेव किया था. अब सीधा उस फाइल पर डबल क्लिक करे. फाइल HTML में होने के कारन अपने आप ही ब्राउज़र में खुल जाएगी.
रन करने के बाद आपका सॉफ्टवेयर ब्राउज़र में कुछ ऐसा दिखने वाला है –
नोट –
अगर डबल क्लिक करने पर आपका सॉफ्टवेयर रन होने की जगह वापस नोटपैड में ही ओपन हुआ होगा तो उस .html से सेव की गयी फाइल पर राइट क्लिक करे और ओपन विथ कोई भी एक ब्राउज़र करे जिससे की आपका सॉफ्टवेयर किसी एक ब्राउज़र में रन हो जायेगा.
नोटपैड से बनाये गए सॉफ्टवेयर के बारे में
दोस्तों हमने यहाँ पर नोटपैड से बिलिंग का एक सॉफ्टवेयर बनाया है. जिसमे आप अगर घर के लिए होम लोन लेना चाहते हो तो आप उसपर लगने वाला ब्याज कैलकुलेट कर सकते हो. जिसके लिए आपको लोन की राशि, वार्षिक ब्याज कितना होगा और चुकौती अवधि कितने साल की होगी यह डाल देना है.
यह नोटपैड से बनाया गया सॉफ्टवेयर आपको बताएगा की आपको मासिक भुगतान, कुल भुगतान और कुल ब्याज कितना देना पड़ेगा। इस साधारण से सॉफ्टवेयर को बनाने के लिए हमने यहाँ पर निचे दी गयी कोडिंग लैंग्वेज और तकनीक का उपयोग किया है –
दोस्तों अगर आपको कोडिंग नहीं आती और फिर भी आप नोटपैड से गेम और खुद की वेबसाइट बनाना चाहते हो तो यह लेख जरूर देखे. जिसमे हमने बताया है की आप किस प्रकार स्टेप्स को फॉलो करके नोटपैड से गेम और वेबसाइट बना सकते हो.
लेकिन जो प्रोफेशनल सॉफ्टवेयर होता है वह कोडिंग से ही बनाया जाता है. जिसे सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनाते है या फिर वह लोक जो कोडिंग करना जानते है. अगर आपको सॉफ्टवेयर के बारे में और भी जानने की इच्छा है तो आप हमारे यह आर्टिकल्स आवश्य ही पढ़े आपको इनका लाभ होगा.
अंतिम शब्द
दोस्तों आशा करता हु की आपको पता चल गया होगा की नोटपैड से सॉफ्टवेयर कैसे बनाये और किस प्रकार हम कोडिंग से सॉफ्टवेयर बना सकते है. यह सॉफ्टवेयर ज्यादा एडवांस नहीं था क्योंकि एडवांस सॉफ्टवेयर बनाने के लिए आपको कुछ अलग एडिटिंग सॉफ्टवेयर(IDE) की आवश्यकता होती है जो की नोटपैड से ज्यादा एडवांस होते है. और सबसे बड़ी बात की आपको कोडिंग के बारे में पता होना चाहिए. धन्यवाद !
आज हम देखने वाले है की नोटपैड से हम वेबसाइट कैसे बना सकते है – आप लोग नोटपैड को केवल साधारण एडिटर ही समझते आये है. लेकिन नोटपैड से भी हम Coding से वेबसाइट बना सकते है यह आपने कभी सोचा नहीं होगा.
आज हम बिलकुल स्टेप में देखने वाले है की किस प्रकार आप नोटपैड से भी एक वेबसाइट बना सकते है जिसमे हम HTML और CSS का उपयोग करने वाले है.
अब हम सीधे शुरू करते है की किस प्रकार हम एक साधारण टेक्स्ट एडिटर नोटपैड से एक अच्छी सी वेबसाइट बना सकते है. जिसके लिए आपको निचे दिए गए स्टेप को काफी अच्छे से फॉलो करना है-
Notepad Se Website Kaise Banaye (Steps)
नोटपैड से वेबसाइट बनाने के लिए निचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करे –
जैसे की आपको पता ही है की नोटपैड एक साधारण टेक्स्ट एडिटर है जो की सबके कंप्यूटर में पहले से ही उपलब्ध होता है. और आपको यह भी पता होगा की वेबसाइट बनाने के लिए Coding की भी आवश्यकता होती है. लेकिन अब हम अगर coding के बारे में जानने की कोशिश करे तो यह एक दिन में संभव नहीं है. फिर भी आपको निराश होने की आवश्यकता नहीं है हमने जो भी स्टेप्स बताये है उन्हें अच्छे से फॉलो करना है आपकी वेबसाइट बन जाएगी.
अगर आप Coding सिखने में रूचि रखते है तो आप हमारे coding से सम्बंधित निचे दिए गए आर्टिकल पढ़ सकते है –
तो अब हम शुरू करते है की नोटपैड से एक अच्छी सी और खुद की वेबसाइट कैसे बनायीं जाती है –
Step 1: सबसे पहले नोटपैड ओपन करे.
Step 2: अब आपको निचे दिया गया कोड कॉपी करके आपके नोटपैड में डाल देना है.
Step 3: अब आपको फाइल को सेव करना है. ध्यान रहे की फाइल को सेव करते समय उसे .html एक्सटेंशन से ही सेव करना है. क्योंकि आप HTML में वेबसाइट बनाने जा रहे हो.
Step 4: आपकी वेबसाइट अब बनकर तैयार हो गयी है अब उसे रन करने के लिए आपको उस लोकेशन पर जाना होगा जहा पर फाइल सेव ही गयी है. आपको अब बस उस फाइल पर डबल क्लिक करना है. फाइल HTML में होने के कारन वह अपने आप ही ब्राउज़र में ओपन हो जाएगी और आपकी वेबसाइट भी दिखने लगेगी.
Notes:-
1) ध्यान रहे की वेबसाइट रन करते समय आपका इंटरनेट कनेक्शन ON होना चाहिए क्योंकि इसमें हम एक्सटर्नल Bootstrap CSS का उपयोग कर रहे है. अगर आप इंटरनेट बंद रखते है तो डिज़ाइन बिगड़ जाएगी.
2) अगर आप फाइल के लोकेशन पर जाते हो और डबल क्लिक करने पर आपकी फाइल रन होने की जगह नोटपैड में ही ओपन हो रही है तो आपको उस फाइल पर केवल राइट क्लिक करना है. और ओपन विथ कोई भी एक ब्राउज़र करना है आपका कोड रन हो जायेगा.
Step 5: अब आपकी वेबसाइट रन होने के बाद कुछ ऐसी दिखने लगेगी. और ध्यान रहे की इसमें जो डाटा है वह मैंने मेरा खुद का डाटा लिया है. आपको इसे एडिट कर लेना है और आपका डाटा डालना है.
Step 6: अब आपको अपना खुद का डाटा डालना है जिसे आप निचे दिए गए कोड में बदलाव से कर सकते है-
Image – फोटो की जगह अपना फोटो डालने के लिए बस आपकोकी Path जगह अपने फोटो का path डाल देना है. ऐसा करने से आपकी फोटो वहां पर दिखने लगेगी.
Name – आपको जिस जगह पर शैलेन्द्र राजपूत नाम दिख रहा है वह पर आप अपना नाम डाल सकते हो आपको बस इस कोड की लाइन में बदलाव करना है. Shailendra Rajput की जगह आपका नाम डालना है.
Designation – आप क्या करते है इसके बारे में आपको दिखाना है तो बस Auditor/Cofounder की जगह अपनी खुद की पोजीशन डाल देनी है। जैसे Engineer, Student, Teacher इत्यादि
Education – आप अगर एजुकेशन या फिर दूसरी कोई भी फील्ड डालना चाहते है तो तो आपको बस टेक्स्ट एडिट करना है.
Experience – आपको यहाँ पर भी वैसे ही करना है की आप जो भी फील्ड डालना चाहते है या फिर यही एडिट करना चाहते है तो आपको बस टेक्स्ट एडिट करना है.
Menu – मेनू में मैंने कुछ एडिट नहीं किया है अगर आप और भी ज्यादा पगेस पर काम करने वाले है तो आप मेनू में उन्हें भी ऐड कर सकते हो.
अंतिम शब्द
तो दोस्तों आशा करता हु की आपको अब पता चल गया होगा की नोटपैड से वेबसाइट कैसे बनाये या फिर किस प्रकार हम html की वेबसाइट नोटपैड में बना सकते है. इसमें हमने HTML, CSS, JavaScript(Bootstrap) का उपयोग किया है.
अगर आपको नोटपैड से वेबसाइट बनाने में कोई भी समस्या आती है तो मुझे निचे कमेंट जरूर करे में आपको जल्द ही समाधान दे दूंगा. इसके आलावा अगर आप Coding से सम्बंधित कोई भी समस्या पूछना चाहते है तो कमेंट करे. धन्यवाद !
जानिए CDN Kya Hai – वर्तमान समय में इंटरनेट पर लगबघ 1 अरब से ज्यादा Websites और Blogs मौजूद है और दुनियाभर में ब्लॉग्गिंग websites पर रोजाना 5,760,000 से भी अधिक आर्टिकल्स पब्लिश किये जाते है इन नंबर्स से आप कल्पना कर सकते है की कॉम्पीटीशन कितना ज्यादा है और इस कॉम्पीटीशन में आगे रहने के लिए Bloggers और websites ओनर्स अपनी वेबसाइट को सबसे आगे रखने के लिए अलग अलग अपनाते है CDN भी उन्ही में से एक है इसीलिए CDN क्या है और कैसे काम करता है यह जानना एक ब्लॉगर के लिए बहुत जरुरी है !
आज के समय में हर कोई इंटरनेट से ऑनलाइन पैसे कमाने की चाहत रखता है और Blogging ऑनलाइन पैसे कमाने का एक काफी प्रसिद्ध तरीका है लेकिन इस क्षेत्र में कॉम्पिटिशन बहुत ज्यादा है इसलिए जो बिगिनर्स इस क्षेत्र में आते है उनको डोमेन , वेब होस्टिंग जैसी चीजों के साथ साथ CDN क्या होता है और वेबसाइट के लिए CDN क्यों जरुरी होता है इसके बारे में जानकारी होना बहुत जरुरी है .
अगर आप भी CDN के बारे में पूरी जानकारी हिंदी में जानना चाहते है तो हमारी यह पोस्ट आपको अंत तक ध्यान से पढ़नी होगी क्योंकि यहाँ पर हम CDN से जुड़े सभी सवाल और concepts के बारे में सरल और आसान भाषा में जानने वाले है .
CDN (Content delivery network) क्या है?
CDN एक कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क होता है जिसका काम वेब ब्राउज़र में वेबसाइट का स्पीड बढ़ाना होता है यह नेटवर्क भौगोलिक दृष्टि से विभाजित किया होता है जिस कारण वेबसाइट पर आने वाले users की रिक्वेस्ट्स को आसानी से हैंडल किया जाता है और यूजर कम समय में वेबसाइट एक्सेस कर पाता है क्योंकि CDN से वेबसाइट का लोडिंग स्पीड काफी हद तक बढ़ जाता है जिससे कम समय में लोड होती है .
जब आप अपनी वेबसाइट पर CDN यूज़ करते है तब आपकी वेबसाइट का डाटा अलग अलग लोकेशन पर डिस्ट्रीब्यूट कर दिया जाता है जिस कारण अगर कोई यूजर आपकी वेबसाइट से कोई डाटा एक्सेस करने आता है तो उस यूजर को उसके लोकेशन के सबसे Nearest(करीबी) डाटा सेंटर से आपकी वेबसाइट का डाटा serve किया जाता है जिससे आपकी वेबसाइट यूजर के डिवाइस में काफी फ़ास्ट लोड होती है और यूजर को भी डाटा एक्सेस करने में आसानी होती है .
अगर यूजर किसी डाटा की तलाश में आपके वेबसाइट पर आता है और आपकी वेबसाइट जल्दी लोड नहीं होती तो यूजर बैक जाकर किसी दूसरी वेबसाइट पर चला जाता है जिसकारण आपकी वेबसाइट की गूगल की नजर में एक खराब छवि बन जाती है और गूगल आपकी वेबसाइट को सर्च आउट-रैंक कर देता है या आपके web pages की रैंकिंग घटा देता है इसी समस्या से बचने के लिए Bloggers CDN (Content delivery network) का इस्तेमाल करते है जिससे website जल्दी लोड होती है .
यूजर जब भी कोई डाटा आपकी वेबसाइट से एक्सेस करना चाहता तब उसे जिस सर्वर पर आपने अपनी वेबसाइट होस्ट की है उस Server पर Redirect कर दिया जाता है लेकिन अगर एक साथ अगर ज्यादा यूजर आपकी वेबसाइट पर आते है तो वेबसाइट की लोडिंग स्पीड कम हो जाएगी और ऐसी स्थिति में आपका सर्वर क्रैश भी हो सकता है लेकिन अगर आप अपनी वेबसाइट पर CDN Technology का इस्तेमाल करते है तो आप इस समस्या से बच सकते है CDN ज्यादा users की रिक्वेस्ट भी आसानी से हैंडल कर लेता है क्योंकि इसमें आपका सर्वर अलग अलग लोकेशन पर डिस्ट्रीब्यूट होता है .
वेबसाइट/ब्लॉग के लिए CDN इस्तेमाल करना क्यों जरुरी होता है ?
अभी तक हमने देखा की CDN क्या होता है लेकिन आपको यह जानना भी जरुरी है की CDN के क्या फायदे है और blog /website के लिए CDN क्यों जरुरी है . CDN सिर्फ आपके Website की loading speed नहीं बढ़ता बल्कि CDN से आपको कई तरह के फायदे होते है . अब हम CDN के फायदों के बारे में जिससे आपको आईडिया हो जायेगा की क्यों आपको अपने वेबसाइट के लिए CDN का इस्तेमाल करना चाहिए .
Loading Speed
CDN यूज़ करने का सबसे पहला और सबसे बड़ा फायदा होता है Loading Speed . जब आप CDN (Content delivery network) का इस्तेमाल अपनी वेबसाइट/ब्लॉग के लिए करते है तो आपकी वेबसाइट की स्पीड काफी बढ़ जाती है . लोडिंग स्पीड बढ़ने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है की सर्च इंजन से आने वाला कोई भी यूजर आपकी वेबसाइट जल्दी से एक्सेस कर पाता है जिससे यूजर को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ता है क्योंकि CDN की वजह से वेबसाइट ब्राउज़र में काफी तेजी से लोड हो जाती है .
Search Engine Ranking
अगर आप CDN यूज़ करते है तो आपकी वेबसाइट/ब्लॉग सर्च इंजन में तेजी से रैंक होती है , जैसा की आपको पाता होगी की गूगल जैसे बड़े बड़े सर्च इंजिन्स किसी भी वेबसाइट के Loading Speed के ऊपर उस वेबसाइट की रैंक सर्च इंजन में तय (decide) करते है इसलिए अगर आपके वेबसाइट की Speed अच्छी होगी तो सर्च इंजन में आपके वेबसाइट की रैंकिंग बढ़ती है .
Good User Experience
Content delivery network (CDN) के इस्तेमाल से आपके वेबसाइट पर आने वाले users का एक्सपीरियंस काफी अच्छा होता है क्योंकि CDN की वजह से आपकी वेबसाइट users को एक्सेस करने में आसानी होती है और वेबसाइट की लोडिंग स्पीड अच्छी होने के कारण यूजर को Pages Load होने में ज्यादा समस्याएं नहीं आती और इससे यूजर का काफी समय भी बच जाता है .
Traffic Handling
यदि आपकी वेबसाइट/ब्लॉग प्रसिद्द है या आपके वेबसाइट का कोई पोस्ट या पेज वायरल हो जाता है तो आपके वेबसाइट पर एक साथ बहुत ज्यादा ट्रैफिक आ सकता है ऐसी कंडीशन में आपके सर्वर पर लोड आता है और कई बार सर्वर क्रैश हो जाता है लेकिन आपने CDN लगा रखा है तो ऐसी स्थिति में आपका सर्वर क्रैश नहीं होगा क्योंकि CDN आपके वेब सर्वर्स को multiple geographical locations के अलग अलग सर्वर्स पर डिवाइड कर देता है जिससे आपके ब्लॉग पर आने वाली ट्रैफिक आसानी से हैंडल हो जाती है .
इनके अलावा भी CDN के आपकी वेबसाइट को अप्रत्यक्ष काफी फायदे होते है इसलिए बेहतर परफॉरमेंस और इस इंटरनेट की कॉम्पिटिशन में टिके रहने के लिए CDN (Content delivery network) का उपयोग जरूर करना चाहिए .
दोस्तों उम्मीद है आपको CDN क्या है और CDN से रिलेटेड हमारी यह जानकारी अच्छी लगी होगी आपकी CDN को लेकर क्या राय है क्या आप भी अपनी वेबसाइट पर CDN का इस्तेमाल करते है ? हमे कमेंट करके जरूर बताये !
नोटपैड कंप्यूटर/लैपटॉप में दिया हुआ एक फ्री text editor सॉफ्टवेयर होता है और लोग अक्सर इसका इस्तेमाल काफी बेसिक टेक्स्ट एडिटिंग जैसी चीजों के लिए करते है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है की नोटपैड से हम गेम भी बना सकते है और उसे खेल सकते है . जी हाँ दोस्तों नोटपैड सिर्फ एक सामान्य text editor नहीं है इसमें आप कोडिंग भी कर सकते है इसीलिए आज के इस आर्टिकल में हम देखने वाले है “notepad se game kaise banaye” की पूरी जानकारी हिंदी में .
दोस्तों गेम खेलना जितना आसान होता उतना आसान गेम बनाना बिलकुल भी नहीं होता है , यहाँ पर हम कोई ऐसे ऑनलाइन गेम बनाने वाले सॉफ्टवेयर या एप्लीकेशन की बात नहीं कर रहे है जो बिना coding के ५ मिनट में गेम बनाकर देते है यहाँ पर हम नोटपैड में कोडिंग से गेम बनाना सिखने वाले है !
ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से तो आजकल छोटा बच्चा भी गेम बना लेता है लेकिन असली मजा कोडिंग से गेम बनाने में होता है इस पोस्ट में हम आपको कोडिंग नहीं सिखाने वाले है क्योंकि एक आर्टिकल में कोडिंग सीखना पॉसिबल नहीं है लेकिन अगर आप शुरुआत से अंत तक फ्री हिंदी में कोडिंग सीखना चाहते है तो हमे निचे कमेंट करके जरूर बताये .
Notepad Se Game Kaise Banaye
नोटपैड से गेम बनाना बिलकुल मुमकिन है लेकिन notepad पर सिर्फ कुछ बेसिक प्रकार के गेम्स बनाये जा सकते है , नोटपैड में ज्यादा एडवांस और 3D गेम्स बनाना एक बहुत मुश्किल काम है क्योंकि आधिकारिक तौर पर नोटपैड गेम बनाने के लिए डिज़ाइन ही नहीं किया गया है प्रोफेशनल गेम्स बनाने के लिए विशेष प्रकार के softwares का इस्तेमाल किया जाता है .
Notepad एक सामान्य टेक्स्ट एडिटर होने के कारन यहाँ पर हमे एक प्रोफेशनल गेम डेवलपमेंट सॉफ्टवेयर के मुकाबले काफी सिमित फीचर्स मिलते है .
इस पोस्ट में हम नोटपैड से २ ऐसे प्रसिद्द गेम बनाना सिखने वाले है जो हमेशा से काफी लोकप्रिय गेम्स रहे है और यह दोनों गेम हम कोडिंग से बनाने वाले है .
#1 Snake Game
स्नेक गेम एक काफी प्रसिद्ध गेम्स में से एक है जिसे आज हम नोटपैड से बनाना सीखेंगे , नोटपैड से स्नेक गेम बनाने के लिए निचे बताई हुयी स्टेप्स ध्यान से फॉलो करें .
Notepad Se Snake Game Kaise Banaye –
Step 1 : सबसे पहले अपने कंप्यूटर/लैपटॉप में नोटपैड ओपन कर लें .
Step 2 : नोटपैड ओपन करने के निचे हमने दिया हुआ Snake Game Code कॉपी करें और उसे नोटपैड में पेस्ट कर दें .
<!documentTYPE html>
<html lang="en">
<head>
<meta charset="utf-8"/>
<meta content="width=device-width, initial-scale=1, minimum-scale=1, maximum-scale=1" name="viewport">
<title>नोटपैड से गेम कैसे बनाये</title>
<style type="text/css">
body {text-align:center;}
canvas { border:5px solid #ccc; }
h1 { padding-bottom: 25px;font-size:50px; text-align: center; margin: 0;}
</style>
<script type="text/javascript">
function play_game()
{
var lvl = 160;
var rectwidth = 45;
var rectangleh = 30;
var iscore = 50;
var sap_color = "red";
var ct;
var t = [];
var xdirection = [-1, 0, 1, 0];
var ydirection = [0, -1, 0, 1];
var line = [];
var khanapina = 1;
var naksha = [];
var mathrand = Math.random;
var X = 5 + (mathrand() * (rectwidth - 10))|0;
var Y = 5 + (mathrand() * (rectangleh - 10))|0;
var disha = mathrand() * 3 | 0;
var interval = 0;
var score = 0;
var summision = 0, easy = 0;
var i, dihsanirdesh;
var ccc = document.getElementById('khelkamaidan');
ct = ccc.getContext('2d');
for (i = 0; i < rectwidth; i++)
{
naksha[i] = [];
}
function rand_frog()
{
var x, y;
do
{
x = mathrand() * rectwidth|0;
y = mathrand() * rectangleh|0;
}
while (naksha[x][y]);
naksha[x][y] = 1;
ct.fillStyle = sap_color;
ct.strokeRect(x * 10+1, y * 10+1, 8, 8);
}
rand_frog();
function set_game_speed()
{
if (easy)
{
X = (X+rectwidth)%rectwidth;
Y = (Y+rectangleh)%rectangleh;
}
--iscore;
if (t.length)
{
dihsanirdesh = t.pop();
if ((dihsanirdesh % 2) !== (disha % 2))
{
disha = dihsanirdesh;
}
}
if ((easy || (0 <= X && 0 <= Y && X < rectwidth && Y < rectangleh)) && 2 !== naksha[X][Y])
{
if (1 === naksha[X][Y])
{
score+= Math.max(5, iscore);
iscore = 50;
rand_frog();
khanapina++;
}
ct.fillRect(X * 10, Y * 10, 9, 9);
naksha[X][Y] = 2;
line.unshift([X, Y]);
X+= xdirection[disha];
Y+= ydirection[disha];
if (khanapina < line.length)
{
dihsanirdesh = line.pop()
naksha[dihsanirdesh[0]][dihsanirdesh[1]] = 0;
ct.clearRect(dihsanirdesh[0] * 10, dihsanirdesh[1] * 10, 10, 10);
}
}
else if (!t.length)
{
var msg_score = document.getElementById("msg");
msg_score.innerHTML = "गेम को खेलकर आपको अच्छा लगा होगा .<br /> आपका स्कोर : <b>"+score+"</b><br>www.techyatri.com<br /><br /><input type='button' value='फिरसे खेले ' onclick='window.location.reload();' style='background-color:forestgreen;color:white'/>";
document.getElementById("khelkamaidan").style.display = 'none';
window.clearInterval(interval);
}
}
interval = window.setInterval(set_game_speed, lvl);
document.onkeydown = function(e) {
var code = e.keyCode - 37;
if (0 <= code && code < 4 && code !== t[0])
{
t.unshift(code);
}
else if (-5 == code)
{
if (interval)
{
window.clearInterval(interval);
interval = 0;
}
else
{
interval = window.setInterval(set_game_speed, 60);
}
}
else
{
dihsanirdesh = summision + code;
if (dihsanirdesh == 44||dihsanirdesh==94||dihsanirdesh==126||dihsanirdesh==171) {
summision+= code
} else if (dihsanirdesh === 218) easy = 1;
}
}
}
</script>
</head>
<body onload="play_game()">
<h1>नोटपैड से गेम बनाये !</h1>
<div id="msg"></div>
<canvas id="khelkamaidan" width="450" height="300">आपका वेब ब्राउज़र HTML5 को सपोर्ट नहीं करता </canvas>
</body>
</html>
Step 3 : Snake Game Code नोटपैड में पेस्ट करने के बाद उसे Save कर ले ध्यान रहे फाइल सेव करते वक़्त उसका एक्सटेंशन आपको .html डालना है जैसे Snakegame.html
Step 4 : फाइल सेव करने के बाद आपको उस फाइल को ओपन करना है , फाइल .html में सेव होने के कारण यह फाइल आपके वेब ब्राउज़र में ओपन होगी और ओपन होने के बाद आपके सामने snake game शुरू हो जायेगा जिसे आप खेल सकते है .
#2 Flappy Square
यह भी एक काफी प्रसिद्द गेम्स में से एक है Flappy Square बिलकुल Flappy Bird जैसा ही एक मजेदार गेम है जिसे हम आज नोटपैड से बनाएंगे .
यह गेम बनाने के लिए भी आपको वही same स्टेप्स को फॉलो करना है जो हमने Snake Game में बताई है बस यहाँ पर गेम का कोड अलग होगा .
Notepad Se Flappy Square Kaise Game Banaye –
Step 1 : सबसे पहले अपने कंप्यूटर/लैपटॉप में नोटपैड ओपन कर लें .
Step 2 : नोटपैड ओपन करने के निचे हमने दिया हुआ Flappy Square Game Code कॉपी करें और उसे नोटपैड में पेस्ट कर दें .
<html>
<head>
<meta name="viewport" content="width=device-width, initial-scale=1.0"/>
<style>
canvas {
background-color: lightblue;
border:1px solid black;
}
</style>
</head>
<body onload="startGame()">
<script>
var gamekepart;
var adchane = [];
var score;
function startGame() {
gamekepart = new component(30, 30, "#ff6781", 10, 120);
gamekepart.gravity = 0.05;
score = new component("30px", "Consolas", "black", 280, 40, "text");
myGameArea.start();
}
var myGameArea = {
canvas : document.createElement("canvas"),
start : function() {
this.canvas.width = 480;
this.canvas.height = 270;
this.context = this.canvas.getContext("2d");
document.body.insertBefore(this.canvas, document.body.childNodes[0]);
this.frameNo = 0;
this.interval = setInterval(updateGameArea, 20);
},
clear : function() {
this.context.clearRect(0, 0, this.canvas.width, this.canvas.height);
}
}
function component(width, height, color, x, y, type) {
this.type = type;
this.score = 0;
this.width = width;
this.height = height;
this.speedX = 0;
this.speedY = 0;
this.x = x;
this.y = y;
this.gravity = 0;
this.gravitySpeed = 0;
this.update = function() {
ctx = myGameArea.context;
if (this.type == "text") {
ctx.font = this.width + " " + this.height;
ctx.fillStyle = color;
ctx.fillText(this.text, this.x, this.y);
} else {
ctx.fillStyle = color;
ctx.fillRect(this.x, this.y, this.width, this.height);
}
}
this.newPos = function() {
this.gravitySpeed += this.gravity;
this.x += this.speedX;
this.y += this.speedY + this.gravitySpeed;
this.hitBottom();
}
this.hitBottom = function() {
var rockbottom = myGameArea.canvas.height - this.height;
if (this.y > rockbottom) {
this.y = rockbottom;
this.gravitySpeed = 0;
}
}
this.crashWith = function(otherobj) {
var myleft = this.x;
var myright = this.x + (this.width);
var mytop = this.y;
var mybottom = this.y + (this.height);
var otherleft = otherobj.x;
var otherright = otherobj.x + (otherobj.width);
var othertop = otherobj.y;
var otherbottom = otherobj.y + (otherobj.height);
var crash = true;
if ((mybottom < othertop) || (mytop > otherbottom) || (myright < otherleft) || (myleft > otherright)) {
crash = false;
}
return crash;
}
}
function updateGameArea() {
var x, height, gap, minHeight, maxHeight, minGap, maxGap;
for (i = 0; i < adchane.length; i += 1) {
if (gamekepart.crashWith(adchane[i])) {
return;
}
}
myGameArea.clear();
myGameArea.frameNo += 1;
if (myGameArea.frameNo == 1 || everyinterval(150)) {
x = myGameArea.canvas.width;
minHeight = 20;
maxHeight = 200;
height = Math.floor(Math.random()*(maxHeight-minHeight+1)+minHeight);
minGap = 50;
maxGap = 200;
gap = Math.floor(Math.random()*(maxGap-minGap+1)+minGap);
adchane.push(new component(10, height, "green", x, 0));
adchane.push(new component(10, x - height - gap, "green", x, height + gap));
}
for (i = 0; i < adchane.length; i += 1) {
adchane[i].x += -1;
adchane[i].update();
}
score.text="स्कोर : " + myGameArea.frameNo;
score.update();
gamekepart.newPos();
gamekepart.update();
}
function everyinterval(n) {
if ((myGameArea.frameNo / n) % 1 == 0) {return true;}
return false;
}
function accelerate(n) {
gamekepart.gravity = n;
}
</script>
<br>
<button onmousedown="accelerate(-0.2)" onmouseup="accelerate(0.05)">उछाल</button>
<p>बॉक्स को हवा में उछालने के लिए 'उछाल' बटन पर क्लिक करे </p>
<p>देखते है आप कितने देर तक जिन्दा बचते है गेम में </p>
</body>
</html>
Step 3 : Flappy Square Game Code नोटपैड में पेस्ट करने के बाद उसे Save कर ले ध्यान रहे फाइल सेव करते वक़्त उसका एक्सटेंशन आपको .html डालना है जैसे FlappySquare.html
Step 4 : फाइल सेव करने के बाद आपको उस फाइल को ओपन करना है , फाइल .html में सेव होने के कारण यह फाइल आपके वेब ब्राउज़र में ओपन होगी और ओपन होने के बाद आपके सामने Flappy Square Game शुरू हो जायेगा जिसे आप खेल सकते है .
दोस्तों उम्मीद है आपको Notepad Se Game Kaise Banaye यह जानकारी अच्छी लगी होगी , अगर आपने ऊपर बताई स्टेप्स को ठीक से फॉलो किया है तो आपके Snake Game और Flappy Square Game आसानी से स्टार्ट हो जाएंगे और अगर आपको इन स्टेप्स में कोई समस्या आ रही है या आप नोटपैड से गेम नहीं बना पा रहे है तो हमे कमेंट करके जरूर बताए .
FAU-G Game क्या है – भारत में लोकप्रिय गेम PUBG Mobile बैन होने के बाद एक भारतीय गेम सुर्ख़ियों आ गया है जिसका नाम है FAU-G (Fearless and United Guards) . इस गेम को बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार बैंगलोर की एक गेम डेवलपमेंट कंपनी nCore Games के साथ मिलकर बना रहे है , कुछ दिनों पहले ही अक्षय ने FAU-G का ऑफिसियल पोस्टर अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था .
जब से FAU-G Game सुर्ख़ियों में आया है तब से लोगों के मन में इस गेम के बारे में काफी सवाल आ रहे है आज हम FAU-G Game के बारे में इन्ही सभी सवालों के बारे में बात करने वाले है .
जब इस गेम की घोषणा की गयी थी उस वक़्त FAUG को PUBG का अल्टरनेटिव गेम माना गया था लेकिन जानकारों की माने तो FAUG गेम PUBG का प्रतिस्पर्धी नहीं है क्योंकि यह गेम PUBG से अलग है .
FAUG गेम की फाफी सारी ऐसी बातें है जिन्हे आपको जरूर जानना चाहिए इसीलिए इस आर्टिकल को आप अंत तक जरूर पढ़ें .
FAU-G गेम क्या है (What Is FAUG In Hindi)
FAU-G एक भारतीय एक्शन गेम है जिसका पूरा मतलब Fearless and United Guards होता है . इस गेम को बैंगलोर की एक गेम डेवलपमेंट कंपनी nCore Games ने बनाया है और FAU-G गेम के क्रिएटर्स ने बताया है की यह गेम भारत के बहादुर सैनिकों के सच्ची मुटभेड़ों पर आधारित है .फौजी एक हिंदी शब्द है जिसका अर्थ सैनिक भी होता है , यह गेम हमारे बहादुर सैनिको पर बनाया गया है इसीलिए इस गेम का नाम FAUG है .
फौजी गेम पर मई २०२० से काम चल रहा है और गेम के क्रिएटर्स ने बताया है की इस गेम में भारतीय सैनिको के साथ हुए सच्ची मुटभेड़ों के आधार पर गेम में अलग अलग एपिसोड्स बनाये गए है , इस गेम का पहला एपिसोड गलवान घाटी में हुए भारत और चीनी सैनिकों के मुठभेड़ पर आधारित होगा .
आपको बता दें की 15th June, 2020 को भारत और चीनी सैनिकों के बिच में टकराव हुआ था इसी घटना के आधार पर हमारे बहादुर सैनिकों के ऊपर यह गेम बनाया गया है और FAUG गेम से होने वाली कमाई का २०% हिस्सा भारत के वीर ट्रस्ट को दिया जाने वाला है .
FAU-G GAME के बारे में कुछ बेसिक बातें –
गेम का नाम
FAU-G (Fearless and United Guards)
कंपनी का नाम
nCore Games
गेम केटेगरी
Action
देश
India
गेम साइज
–
लांच दिनांक
26 january 2021
FAU-G (फौजी) गेम कब लांच होगी
फौजी गेम की लॉचिंग को लेकर काफी अफवाएं २०२० से ही चल रही है और खुद nCore Games ने कहा था की यह गेम अक्टूबर २०२० में लांच होगी लेकिन कुछ कारणों की वजह से यह गेम अक्टूबर को रिलीज़ नहीं हो पायी थी .
हाल ही में बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार ने इस गेम की ऑफिसियल लॉचिंग डेट को ट्वीट करके जानकारी दी की FAU-G (फौजी) गेम इस गणतंत्र दिवस के अवसर पर २६ जनवरी २०२० के दिन लांच कि जाएगी इस ट्वीट में अक्षय कुमार ने गेम की लॉन्चिंग डेट के साथ गेम का एक शानदार FAU-G Anthem पोस्ट किया है .
अक्षय कुमार में ट्वीट करते हुए लिखा है – “चाहे देश में दिक्कत हो या बॉर्डर पर…भारत के वीर हमेशा ऊपर खड़े रहते हैं. ये बहुत निडर हैं और यूनाइटेड गार्ड हैं. हमारे फौ-जी..”
इस ट्वीट के साथ अक्षय ने यह FAU-G की लॉन्चिंग डेट को भी मेंशन किया जिसमे Launch 🎮 26/1 लिखा हुआ है इसका मतलब यह गेम कुछ ही दिनों में लांच होने वाली है .
FAU-G गेम डाउनलोड कैसे करें ?
जैसा की हमने बताया की यह गेम २६ जनवरी २०२१ गणतंत्र दिवस पर रिलीज़ होने वाली है इसीलिए हमे इस गेम के लिए फ़िलहाल कुछ दिनों का इंतजार करना होगा लेकिन अक्षय ने अपने ट्वीट में release date के साथ इस गेम की Pre Registration लिंक भी दी है जहा से आप फौजी गेम के लिए pre-registration कर सकते है हालाँकि FAUG Game का प्री-रजिस्ट्रेशन 29 दिसंबर से ही शुरू हो गया था .
इस गेम के लिए आप गूगल प्लेस्टोर पर जाकर फ्री में प्री-रजिस्ट्रेशन कर सकते है या निचे वाले बटन पर क्लिक करके डायरेक्ट भी Pre-Registration कर सकते है .
फौजी गेम Single Player और Multiplayer दोनों Modes में खेला जा सकता है और उम्मीद है की यह भारतीय गेम PUBG गेम की कमियों को काफी हद तक कम करेगा .
FAU-G FAQ In Hindi
अब हम FAUG गेम के बारे में लोगों के कुछ ऐसे सवालों के के बारे में जानेंगे जो अक्सर पूछे जाते है !
#1 फौजी गेम कब लांच होगी ?
FAU-G (Fearless and United Guards) Game २६ जनवरी २०२१ को लांच होगी .
#2 फौजी गेम किस देश का है ?
FAU-G एक भारतीय गेम है जिसे बैंगलोर की एक कंपनी ने बनाया है .
#3 nCore Games कंपनी कौन है ?
nCore बैंगलोर में स्थित एक भारतीय Game Development Company है जिसकी शुरुआत २०१८ में हुयी थी .
#4 फौजी गेम कितने MB का होगा ?
इस गेम के क्रिएटर्स द्वारा FAUG के साइज के बारे में कोई भी जानकारी अभी तक सामने नहीं आयी है .
#5 फौजी गेम प्ले स्टोर पर कब आएगा ?
FAUG GAME गूगल प्लेस्टोर पर आ चूका है लेकिन इसे फ़िलहाल डाउनलोड नहीं किया जा सकता है यह गेम अभी के लिए सिर्फ Pre Registration के लिए उपलब्ध है २६ से यह गेम प्लेस्टोर डाउनलोड किया जा सकता है .
#6 FAUG का FULL FORM क्या है ?
FAUG का फुल फॉर्म Fearless and United Guards है .
दोस्तों उम्मीद है आपको FAUG गेम के बारे में यह जानकारी अच्छी लगी होगी अगर FAU-G GAME से रिलेटेड कोई भी सवाल हो तो आप अपने सवाल हमे कमेंट करके पूछ सकते है .
“Signal App क्या है “ Signal App इन दिनों इंटरनेट पर काफी ट्रेंडिंग में चल रहा है क्योंकि हाल ही में whatsapp की नयी अपडेटेड प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर लोगों के बिच में काफी नाराजगी है ऐसे में Signal को लोग whatsapp के Alternative App के रूप में देख रहे है इसीलिए यह देखना जरुरी होगा की क्या Signal App सच में Whatsapp की जगह ले सकता है या नहीं .
Telegram , IMO जैसे Whatsapp को टक्कर देने लायक मेस्सेंजिंग ऍप्स पहले से ही मार्किट में मौजूद है लेकिन यह सभी Apps भी Whatsapp के आगे कुछ खास न कर सके और इनकी लोकप्रियता भी सिमित ही रह गयी लेकिन Signal App को whatsapp के टक्कर का App माना जा रहा है .
आज के इस आर्टिकल में हम Signal App को लेकर आपके सभी सवालों के जवाब देने वाले है जैसे Signal App Kya Hai ? , क्या Signal App सेफ है और क्या Signal App आपको डाउनलोड करना चाहिए या नहीं आपके सभी सवालों के जवाब मिलेंगे इसीलिए इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें .
Signal App Kya Hai ?
Signal एक encrypted मेस्सेंजिंग App है जो आपको इंटरनेट के माध्यम से मैसेज भेजने की और वीडियो/ऑडियो कॉल करने की अनुमति देता है यह App ग्रुप चैट और वीडियो ग्रुप चैट को भी सपोर्ट करता है , Signal App अपनी सिक्योरिटी पर सबसे ज्यादा फोकस कर रहा है , आपको बता दें की सिग्नल ऍप एक Open Source App है जिस कारण इस App की सिक्योरिटी और प्राइवेसी स्वतंत्र विशेषज्ञों द्वारा नियमित तौर पर चेक की जाती है .
यह App बिलकुल whatsapp जैसा है इसीलिए आपको इसमें whatsapp के चैटिंग , वीडियो कॉल , ऑडियो कॉल जैसे फीचर्स देखने को मिलेंगे. Signal App ने अपनी सिक्योरिटी को लेकर दावा किया है की वह यूजर का कोई भी डेटा अपने सर्वर्स पर स्टोर नहीं करता और Signal App यूजर के डेटा का इस्तेमाल किसी भी प्रकार से नहीं करता है , इस एप्लीकेशन में यूजर का डेटा यूजर के फ़ोन में ही स्टोर होता है .
Signal App Kisne Banaya Hai ?
Signal App को सबसे पहले Moxie Marlinspike द्वारा बनाया गया था जो एक अमेरिकी Cryptographer और वर्तमान में सिग्नल मैसेंजर App के CEO है और जो सिग्नल App आज हम देख रहे है उसे सिग्नल फाउंडेशन द्वारा विकसित किया गया है , signal foundation की शुरुआत १० जनवरी २०१८ को की गयी थी .
Signal App के Co-founder Brian Acton है , आपको बता दें Brian Acton व्हट्सऍप के पूर्व Co-founder है जिन्होंने व्हट्सऍप की नई प्राइवेसी पॉलिसी आने के बाद Signal foundation में 350 करोड़ रुपये की इनिशियल फंडिंग की है .
Signal App Kis Desh Ka Hai ?
Signal Messenger App को Moxie Marlinespike और Brian Acton ने २०१८ में कैलिफ़ोर्निया,अमेरिका में बनाया था , इसलिए अगर हम बात करे की सिग्नल किस देश का App है तो आपको बता दें की Signal App एक अमेरिकन एप्लीकेशन है .
Kya Signal App Safe Hai ?
दोस्तों जितने भी फ्री मेस्सेंजिंग ऍप्स हम यूज़ करते है असल में वे फ्री नहीं होते है यह Apps के पास हमारी पूरी पर्सनल डिटेल्स होती है जिस डिटेल्स को एडवरटाइजिंग कंपनियों को बेचा जाता है और व्हाट्सप्प भी यही करता है लेकिन Signal App एक non-profit एप्लीकेशन है जिससे यह कंपनी कोई भी पैसा नहीं कमा रही है क्योंकि signal foundation का मुख उद्देश्य ही यूजर की प्राइवेसी को सिक्योर बनाना है , यह यूजर की इनफार्मेशन को किसी भी प्रकार से कॉपी नहीं करता है इसलिए Signal App को अभी के समय में सबसे सिक्योर और सेफ मेस्सेंजिंग ऍप माना जा सकता है .
Signal App Features In Hindi
सिग्नल एप्लीकेशन एक इंस्टेंट मेस्सेंजिंग App है इसलिए इसमें वे सभी फीचर्स देखने को मिल जाते है जो एक मेस्सेंजिंग एप्लीकेशन में होने चाहिए जैसे Chatting , voice call , video call , group etc. लेकिन signal app में कुछ फीचर्स ऐसे है जो बाकि के मेस्सेंजिंग app में आपको देखने को नहीं मिलेंगे यहाँ पर हम सीग्नल एप्लीकेशन के कुछ ऐसे ही फीचर्स के बारे में जानने वाले है जो बाकि के मेस्सेंजिंग apps से अलग है .
View Message Details
सिग्नल एप्लीकेशन में हम मैसेज की डिटेल्स देख सकते है जैसे मैसेज डिलीवर हुआ या नहीं , मैसेज रीड हुआ या नहीं मैसेज और का टाइम जैसे मैसेज के बारे सभी डिटेल्स सिग्नल ऍप में हम देख सकते है .
Delete For Everyone
कुछ दिनों पहले whatsapp ने यह फीचर लांच किया था जिसमे हम सेंड किया हुआ मैसेज दोनों तरफ से डिलीट कर सकते है मतलब सेंड करने वाले के साइड से भी और जिसने मैसेज रिसीव किया है उसके डिवाइस से भी मैसेज डिलीट किया जा सकता है इस फीचर को “delete for everyone” कहा जाता है यही फीचर आपको अब signal app में भी देखने को मिलेगा .
Mention In Group Chat
अगर आप ग्रुप में चैटिंग करते समय ग्रुप के किसी व्यक्ति को चैटिंग में मेंशन करना चाहते है तो signal app में आप यह कर सकते है क्योंकि इस एप्लीकेशन में Mention In Group Chat फीचर मौजूद है जिसमे आप सिर्फ @ symbol यूज़ करके किसी भी ग्रुप मेंबर को ग्रुप में mention कर सकते है .
Theme Options
signal app में आपको theme चेंज करने का ऑप्शन मिलता है जिसमे आप अपने एप्लीकेशन की थीम चेंज कर सकते है इस App में आपको २ थीम्स मिलती है पहली Light theme जो की डिफ़ॉल्ट थीम होती है और दूसरी Dark Theme . थीम चेंज करने के लिए Settings में जाना है और सेटिंग्स में Appearance वाले ऑप्शन को ओपन करना है अपीयरेंस ऑप्शन में आपको Theme change करने का ऑप्शन मिलता है .
Language Options
अगर आप signal app की लैंग्वेज चेंज करना चाहते है तो आप इस एप्लीकेशन में यह कर सकते है क्योंकि signal app अभी के समय में English , Hindi जैसी दुनिया की कुल 70 भाषाएँ सपोर्ट करता है , जिन लोगों को इंग्लिश में App चलने में होती है उनके लिए यह फीचर काफी यूज़फूल है .Language Change करने के लिए आपको signal app में सेटिंग्स में जाकर Appearance ऑप्शन में जाना होगा अपीयरेंस में जाने के बाद आपको वहां पर Language का एक ऑप्शन मिलेगा जिससे लैंग्वेज बदल सकते है .
Group QR-code/Link
Signal App में बनाये हुए ग्रुप में बाहरी मेंबर्स को invite करने के लिए आप ग्रुप का लिंक उनके साथ शेयर कर सकते है अन्यथा Signal App के QR code वाले फीचर से किसी बाहरी सदस्य को ग्रुप में ऐड कर सकते है , इस फीचर के साथ कोई भी बाहरी Signal App यूजर सिर्फ QR code स्कैन करके आपके से जुड़ सकता है .
Signal PIN
Signal App में यह नया फीचर फीचर देखने को मिलता है जो अन्य मेस्सेंजिंग ऍप्स में आपको शायद देखने को नहीं मिलेगा यह एक काफी कमाल का फीचर है Signal PIN से आप अपनी प्रोफाइल , सेटिंग्स , कांटेक्ट जैसी चीजे रिकवर कर सकते है Signal PIN का ऑप्शन आपको इस ऍप में अकाउंट बनाते समय ही देखने को मिल जायेगा .
Font Size Options
सीग्नल में आपको फॉण्ट साइज चेंज करने का भी ऑप्शन मिलता है जिससे आप अपने signal app में अपने हिसाब से फॉण्ट की साइज कम और ज्यादा कर सकते है .
Typing Indicators
जब सामने वाला व्यक्ति कुछ टाइप कर रहा होता तब हमे टाइपिंग इंडिकेटर से पता चलता चलता है की वह व्यक्ति कुछ टाइप कर रहा है whatsapp में typing… ऐसा टाइपिंग इंडिकेटर दिया हुआ है लेकिन Signal App में भी एक खूबसूरत टाइपिंग इंडिकेटर दिया गया है जिसे हम Enable और Disable भी कर सकते है .
Signal App Download Kaise Kare ?
Signal messaging App सभी Apps Stores पर Free में उपलब्ध है जिसे आप फ्री में अपने स्मार्टफोन में इनस्टॉल कर सकते है अगर एंड्राइड डिवाइस इस्तेमाल करते है तो आप प्लेस्टोर से इसे डाउनलोड कर सकते है और यदि आप IOS डिवाइस इस्तेमाल करते है तो अपने फ़ोन के ऍपस्टोर से Signal App को डाउनलोड कर सकते है .
Signal App को डाउनलोड करने के लिए आपको अपने playstore में सर्च करना है “Signal App” और उसे इनस्टॉल करना है , आप निचे दिए गए बटन की सहायता से भी signal App को डाउनलोड कर सकते है .
1 . सबसे पहले प्लेस्टोर से Signal App को डाउनलोड करें
2 . signal app डाउनलोड करने के बाद जब आप उसे ओपन करेंगे तब आपके सामने एक CONTINUE का बटन आएगा उसपर आपको क्लिक करना है उसके बाद सिग्नल ऍप आपसे कुछ Permissions मांगेगा उसे accept करके continue करें .
3 . Continue पर क्लिक करने के बाद आपके सामने एक स्क्रीन आएगी वहा पर आपको अपना मोबाइल नंबर डालना है और NEXT पर क्लिक कर देना है .
4 . मोबाइल नंबर डालने के बाद आपके मोबाइल नंबर पर एक OTP कोड आएगा उसे आपको वेरीफाई करना है .
5 . मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन करने के बाद आपको अपनी प्रोफाइल सेटअप करनी है यहाँ पर आप अपना नाम और DP (प्रोफाइल पिक्चर) लगा सकते है Profile Setup करने के बाद NEXT पर क्लिक करें .
6 . Profile Setup करने के बाद आपके सामने नया स्क्रीन ओपन हो जायेगा जिसपर आपकी सिक्योरिटी के लिए आपको एक PIN क्रिएट करने के लिए बोला जायेगा यहाँ पर आपको कोई भी 4 डिजिट का PIN एंटर करना है .
PIN create क्रिएट करने के बाद आपको NEXT पर क्लिक करना जैसे ही NEXT पर क्लिक करोगे आपका Signal App में अकाउंट बन जायेगा .
Signal App Kaise Use Kare ?
Signal App इस्तेमाल करना काफी सिंपल है Signal डाउनलोड करके अकाउंट सेटअप करने के बाद आप इसमें अपने कांटेक्ट ऐड करके अपने दोस्तों से बिलकुल व्हाट्सएप्प की तरह ही चैटिंग , वीडियो कॉल ऑडियो कॉल और ग्रुप बना सकते है .
अगर आप signal app यूज़ करना चाहते है तो जरुरी है की आपके कांटेक्ट के मेंबर्स डिवाइस में भी या App इनस्टॉल हो . अगर आप अपने कांटेक्ट के किसी व्यक्ति से signal app से जुड़ना चाहते है तो आपको उसे signal app पर invite करना होगा .
Signal App Se Encrypted Message Kaise Bheje ?
अगर आप Signal App से व्हाट्सऍप की तरह Encrypted Message Chatting करना चाहते है तो सबसे पहले आपको निचे वाले पेंसिल वाले आइकॉन पर क्लिक करना होगा उसके बाद आपके कांटेक्ट में से जितने भी लोगो के डिवाइस में Signal App इनस्टॉल है उन सभी कांटेक्ट की लिस्ट यहाँ पर आ जाएगी . कांटेक्ट लिस्ट में से आप किसी को भी सेलेक्ट करके उसे Encrypted Messages भेज सकते है .
Signal App में आप उस नंबर पर भी मैसेज भेज सकते है जो आपके कांटेक्ट लिस्ट में सेव नहीं है , Signal App से आप अगर ऐसे व्यक्ति को मैसेज भेजेंगे जिसके फ़ोन में Signal App इनस्टॉल नहीं है तो आपका मैसेज उसके नार्मल message inbox में जायेगा इसीलिए यह मैसेज encrypted नहीं होगा .
जब आप किसी Non Signal App यूजर को मैसेज send करेंगे तब ध्यान रहे की आपका मैसेज end to end encrypted नहीं रहेगा और Signal App में भी आपका मैसेज “Unsecured SMS” दिखेगा .
Signal App Se Encrypted Voice Call Kaise Kare
सिग्नल App से वॉइसकॉल करने के लिए आपको टॉप राइट साइड में कॉल वाले आइकॉन पर क्लिक करना है , कॉल आइकॉन पर क्लिक करने के बाद signal app आपसे माइक्रोफोन की परमिशन मांगेगा आपको Continue पर क्लिक करना है इसके बाद आपके सामने एक popup आएगा जो आपसे पूछेगा “Start voice call” यहाँ पर आपको CALL पर क्लिक करना है जैसे ही आप कॉल पर क्लिक करेंगे आपका वॉइस कॉल शुरू हो जायेगा !
Signal App Se Encrypted Video Call Kaise Kare
सिग्नल App से वीडियो कॉल करने के लिए आपको टॉप राइट साइड वाले वीडियो कैमरा के आइकॉन पर क्लिक करना होगा इसके बाद signal app आपसे माइक्रोफोन और कैमरा की परमिशन मांगेगा यहाँ पर आपको Continue पर क्लिक कर देना है camera और microphone की पेर्मिशन्स को जैसे ही आप ALLOW करेंगे आपका वीडियो कॉल शुरू हो जायेगा
Signal App Me Group Kaise Banaye
सिग्नल एप्लीकेशन में whatsapp की तरह ही हम ग्रुप बना सकते है जिसकी लिमिट १५० तक है मतलब हम Signal App के एक ग्रुप में ज्यादा से ज्यादा १५० मेंबर्स को ऐड कर सकते है .
signal app group बनाने के लिए निम्नलिखित स्टेप्स फॉलो करें –
1 . सबसे पहले आपको अपना सीग्नल एप्लीकेशन ओपन कर लेना है उसके बाद निचे वाले पेंसिल के आइकॉन पर क्लिक करना है
2 . Pencil Icon पर क्लिक करने के बाद आपको अपने कांटेक्ट ऐड करने है जिन लोगों को आप ग्रुप में ऐड करना चाहते है उनको सेलेक्ट करके नेक्स्ट वाले आइकॉन पर क्लिक करना है .
3 . जैसे ही आप कॉन्टेक्ट्स से मेंबर ऐड करके नेक्स्ट वाले आइकॉन पर क्लिक करेंगे आपका signal app में group बन जायेगा इस ग्रुप से आप चैटिंग के साथ साथ ग्रुप मेंबर के साथ वॉइस कॉल और ग्रुप वीडियो कॉल भी कर सकते है .
Computer/Laptop Me Signal App Kaise Use Kare ?
अगर आप कंप्यूटर या लैपटॉप यूज़ करना ज्यादा पसंद करते है और आप भी सोच रहे है की क्या हम Signal App को डेस्कटॉप पर इनस्टॉल करके यूज़ कर सकते है ? तो दोस्तों आप Signal App को कंप्यूटर या लैपटॉप इनस्टॉल करके बिलकुल इनस्टॉल कर सकते है और यूज़ कर सकते है .
Signal App आधिकारिक तौर पर निम्नलिखित डेस्कटॉप प्लेटफॉर्म्स को सपोर्ट करता है –
Windows
Mac
Linux
सिग्नल ऍप को डेस्कटॉप के लिए डाउनलोड करना बहुत आसान है इसके लिए आप सिग्नल की ऑफिसियल वेबसाइट signal.org पर जा सकते है अन्यथा निचे वाले डाउनलोड बटन पर क्लिक करके डायरेक्ट डाउनलोड भी कर सकते है
Linux ऑपरेटिंग सिस्टम पर Signal App इनस्टॉल करना थोड़ा मुश्किल है इसलिए अगर आप Linux यूजर है तो आपको कमांड लाइन से कमांड लिखकर Signal Desktop को इनस्टॉल करना होगा .
ध्यान दें – डेस्कटॉप पर Signal App इस्तेमाल करने के लिए आपके फ़ोन में भी Signal App इनस्टॉल होना जरुरी है !
Signal App डेस्कटॉप पर इनस्टॉल करने के बाद आपके सामने एक QR को आएगा उसे आपको अपने मोबाइल फ़ोन के signal App से स्कैन करना होगा !
अगर आपने Signal App को Desktop पर इनस्टॉल कर लिया है तो आप देख सकते है की इनस्टॉल करने के बाद सबसे पहले एक QR कोड आता है जिसे आपको स्कैन करना है अब सवाल आता है की स्कैन कहा से करें ? तो दोस्तों यह कोड आपको अपने मोबाइल में जो सिग्नल ऍप इनस्टॉल किया है उसमे से स्कैन करना है इसका प्रोसेस बहुत आसान है आप इसे ध्यान से फॉलो करें .
Android Device में Signal Desktop QR कोड कैसे स्कैन करें
1. सबसे पहले अपने एंड्राइड डिवाइस में Signal App ओपन कर लें
2 . Signal App ओपन करने के बाद ‘Signal Settings’ में जाएँ
3 . Signal App सेटिंग्स में जाने के बाद आपको वहां पर Linked Devices का ऑप्शन मिलेगा उसपर क्लिक करें .
4 . Linked Devices में जाने के बाद आपको ‘+’ Button पर क्लिक करना है
5 . + वाले बटन पर क्लिक करते ही आपके फ़ोन का बैक कैमरा ओपन हो जायेगा जिससे आप डेस्कटॉप QR कोड स्कैन कर सकते है , जैसे ही आप QR कोड स्कैन करेंगे Signal App आपके डेस्कटॉप में ओपन हो जायेगा .
IOS Device में Signal Desktop QR कोड कैसे स्कैन करें
1 . सबसे पहले अपने IOS डिवाइस में Signal App ओपन कर लें
2 . Signal App ओपन करने के बाद ‘Signal Settings’ में जाएँ
3 . Signal App सेटिंग्स में जाने के बाद Linked Devices पर क्लिक करें
4 . Linked Devices में जाने के बाद New Linked Devices पर क्लिक करें
5 . New Linked Devices वाले ऑप्शन पर क्लिक करते ही आपके फ़ोन का बैक कैमरा ओपन हो जायेगा जिससे आप डेस्कटॉप QR कोड स्कैन कर सकते है , जैसे ही आप QR कोड स्कैन करेंगे Signal App आपके डेस्कटॉप में ओपन हो जायेगा .
Signal App VS WhatsApp कौन है बेहतर ?
जैसा की आपको पता होगा की whatsapp की नयी प्राइवेसी पालिसी से whatsapp users काफी नाराज है इसलिए वे अन्य Messenger Apps का रुख कर रहे है और Signal App इसमें सबसे आगे है . जिस दिन whatsapp पर प्राइवेसी का पॉपअप आया था उसमे साफ साफ लिखा था की हमारी प्राइवेसी accept कर लो नहीं तो whatsapp अकाउंट बंद कर दो यह प्राइवेसी का पॉपअप देखकर तो उस दिन काफी सारे लोगों ने गुस्से में whatsapp uninstall करके Signal App को डाउनलोड कर लिया था लेकिन क्या आपको लगता है की सिग्नल ऍप WhatsApp से बेहतर App है ?
दोस्तों Signal App और WhatsApp की अपनी अपनी खासियत है अगर फीचर्स की बात करें तो Whatsapp सिग्नल ऍप से बेहतर है और अगर प्राइवेसी की बात करें तो Signal ऍप Whatsapp से बेहतर है . फीचर्स में तो सिग्नल ऍप अभी भी Whatsapp का मुकाबला नहीं कर पाया है हालाँकि प्राइवेसी के मामले में Whatsapp सिग्नल ऍप से काफी पीछे है लेकिन WhatsApp का UI(यूजर इंटरफ़ेस) सिग्नल ऍप के मुकाबले काफी शानदार और यूजर-फ्रेंडली है ऐसे में अगर Signal Foundation प्राइवेसी साथ साथ अपने ऍप के फीचर्स और यूजर इंटरफ़ेस पर भी काम करते है तो Signal App Whatsapp को आसानी से पीछे छोड़ सकता है .
Signal App के फायदे और नुकसान
सिग्नल App एक फ्री और सिक्योर ओपन सोर्स मैसेंजिंग एप्लीकेशन है ऐसे में अगर आप सिग्नल के नए यूजर है या Signal App को इनस्टॉल करके यूज़ करने की सोच रहे है तो आपको Signal App के Pros और Cons (फायदे और नुकसान) के बारे में जरूर जान लेना चाहिए .
Signal App के फायदे
यह एक ओपन सोर्स एप्लीकेशन है
सिग्नल ऍप आपके फ़ोन के डिफ़ॉल्ट SMS ऍप को रिप्लेस कर सकता है
यूजर का डाटा किसी भी थर्ड पार्टी कम्पनीज को नहीं बेचा जाता है
सिग्नल ऍप End-to-end (E2E) encryption पर काम करता है
Signal App के नुकसान
सिग्नल ऍप में Signup करने के लिए मोबाइल नंबर की जरुरत होती है .
Signal App में WhatsApp के सभी फीचर्स उपलब्ध नहीं है .
Signal App FAQ’s In Hindi
Signal App क्या है ?
Signal एक encrypted मेस्सेंजिंग App है जो आपको इंटरनेट के माध्यम से मैसेज भेजने की और वीडियो/ऑडियो कॉल करने की अनुमति देता है .
Signal App कब लांच हुआ ?
Signal App 29 July 2014 को लांच हुआ था .
Signal App किस देश का है ?
Signal App एक अमेरिकन एप्लीकेशन है .
Signal App का मालिक कौन है ?
व्हाट्सएप के पूर्व सह-संस्थापक Brian Acton और Moxie Marlinspike सिग्नल App के मालिक है .
क्या Signal App सुरक्षित है ?
सिग्नल एप यूजर की इनफार्मेशन को किसी भी प्रकार से कॉपी नहीं करता है इसलिए Signal App को अभी के समय में सबसे सिक्योर और सेफ मेस्सेंजिंग ऍप माना जा सकता है .
क्या Signal App व्हाट्सएप्प का Alternative है ?
जी हाँ , सिग्नल एप में आपको लगबघ वे सभी फीचर्स मिलते है जो आपको व्हाट्सप्प में भी मिलते है इसलिए सिग्नल एप व्हाट्सप्प का Alternative App है .
दोस्तों उम्मीद है आपको Signal App क्या है और Signal App के बारे में यह जानकारी अच्छी लगी होगी अगर आपको Signal App से रिलेटेड कोई भी अतिरिक्त जानकारी चाहिए या आपका इस ऍप से रिलेटेड कोई सवाल है तो हमे कमेंट करके जरूर बताये .
अगर आप भी english ko hindi mein karne wala app ढूंढ रहे है तो आज आपकी तलाश खत्म हो जाएगी. क्योकि आज हम आपको ५ ऐसे एप्लिकेशन बताने वाले है जिनकी मदत से आप आसानी से किसी भी इंग्लिश text को हिंदी में कन्वर्ट कर सकते है. आज हम आपको जो एप्लिकेशन बताने वाले है उनका इस्तेमाल करना काफी आसान है !
कई सारे लोग ऐसे होते है जिनको इंग्लिश बोलने या समझने में कठिनाइया होती है इसी लिए यह एप्लीकेशंस उन व्यक्तियों के लिए काफी मदतगार साबित होंगे जो इंग्लिश की समस्या से परेशान है अगर आप चाहे तो text कन्वर्ट करने के साथ ही उन शब्दों का अर्थ समझकर आप इंग्लिश भाषा सिख भी सकते है !
english ko hindi mein karne wala app
आज के इस आर्टिकल में हम आपको जितने भी english to hindi app बताने वाले है उन apps को आप आसानी से google play store डाऊनलोड कर सकते है. आपको सारे एप्लिकेशन के बारे निचे विस्तार से जानकारी दी गयी है. आप किसी भी एक app को डाऊनलोड कर अपने टेक्स्ट को कन्वर्ट कर सकते है !
Google Translate गूगल के द्वारा लॉन्च किया गया एक एप्लिकेशन है. जिसकी मदत से आप आसानी से इंग्लिश text को हिंदी में कन्वर्ट कर सकते है. हिंदी भाषा के साथ-साथ आपको अन्य भाषा कन्वर्ट करने का ऑप्शन भी आपको इस एप्लिकेशन में दिया गया है. English to hindi के साथ ही दूसरे भाषाओ को कन्वर्ट करने का पर्याय भी इस एप्लिकेशन में मौजूद है. इसके साथ ही Google Translate app में आपको voice टाइपिंग का भी पर्याय दिया गया है जिसकी मदत से आप बोल कर भी अपने टेक्स्ट को कन्वर्ट कर सकते है !
इस एप्लिकेशन में आपको वौइस् टाइपिंग का ऑप्शन भी दिया गया है. अगर आपको टाइपिंग करने में समस्या होती है तो आप इस वौइस् टाइपिंग की मदत ले सकते है. Google Translate एप्लिकेशन के प्ले-स्टोर पर ५०० मिलियन से भी अधिक डाऊनलोड है इसी से आप इस एप्लिकेशन की लोकप्रियता का अंदाजा लगा सकते है. Google Translate एप्लिकेशन को डाऊनलोड करने के लिए निचे दिए गए बटन पर क्लिक करे !
Hindi English Translator एक लोप्रिय एप्लिकेशन है जिसके प्ले-स्टोर पर एक लाख से भी अधिक डाऊनलोड है. इस एप्लिकेशन की मदत से आप English to hindi और hindi to English दोनों तरीके से टेक्स्ट को कन्वर्ट कर सकते है. यह एप्लिकेशन सभी तरह के एंड्रॉइड डिवाइज के लिए उपलब्ध है !
यह Techpeg की तरफ से बनाया गया English to hindi Translator app है. Hindi English Translator में voice टाइपिंग का पर्याय भी दिया गया है. इसी के साथ आप अन्य जगह से कॉपी किये गए पैरेग्राफ को भी आसानी से ट्रांसलेट कर सकते है !
दोस्तों Hi Dictionary एक ऐसा एप्लिकेशन है जो १०० से अधिक भाषाओ को सपोर्ट करता है. यानि की आप english to hindi के साथ-साथ अन्य भाषाओ का भी ट्रांसलेशन कर सकते है. इस लिए अगर आप भी मल्टीपल भाषाओ का ट्रांसलेशन करने के लिए एप्लिकेशन ढूंढ रहे है तो आप इस एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर सकते है !
आप जिस किसी टेक्स्ट को हिंदी में कन्वर्ट करना चाहते है उस टेक्स्ट को आपको copy करना है और इस एप्लिकेशन को ओपन कर ट्रांसलेट वाले ऑप्शन में जा कर past कर देना है. आपका टेक्स्ट हिंदी में कन्वर्ट हो जायेगा Hi Dictionary एक लोकप्रिय एप्लिकेशन है जिसे Fun And Hi Tool द्वारा लॉन्च किया गया है !
यह Dictionary And Translator की और से बनाया गया एक English to hindi Translator app है जिसकी मदत से आप आसानी से किसी भी इंग्लिश टेक्स्ट को हिंदी में बदल सकते है. Translator के साथ-साथ यह अंग्रेजी शब्दों की Dictionary भी जो आपको हर अंग्रेजी शब्द का अर्थ हिंदी में बताता है !
आप Dictionary And Translator app का इस्तेमाल इंग्लिश सिखने के लिए भी कर सकते है. क्योकि इस एप्लिकेशन में आपको हर अंग्रेजी शब्द के अर्थ हिंदी में मिलते है. यह app २०२० में ही लॉन्च हुवा है और आज इस एप्लिकेशन के १० लाख से भी अधिक डाउनलोड्स है. इसी से आप इस एप्लिकेशन की लोकप्रियता का अंदाजा लगा सकते है !
जैसा की आप इस एप्लिकेशन के नाम से ही समझ सकते की यह सारी भाषाओ को ट्रांसलेट करता है. यह Mobile Translator Apps की तरफ से बनाया गया All Languages Translator App है इस app को २९ मार्च २०१९ को लॉन्च किया गया था. आज के समय में इस एप्लिकेशन के प्ले-स्टोर पर १० मिलियन से भी अधिक डाऊनलोड है !
इस एप्लिकेशन में आप अपने मोबाइल से इंग्लिश टेक्स्ट के फोटो खींच कर भी हिंदी में ट्रांसलेट कर सकते है. जो की एक बहुत बड़ी बात है इसी के साथ इस एप्लिकेशन में आपको डिक्शनरी भी देखने मिलेगी जो आपकी इंग्लिश भाषा सुधरने में मदत करेगी. आप निचे दिए गए बटन पर क्लिक करके इस एप्लिकेशन को डाऊनलोड कर सकते है !
दोस्तों आज हमने देखा english ko hindi mein karne wala app आप इन एप्लिकेशन में से किसी भी एक एप्लिकेशन का इस्तेमाल करके आसानी से english टेक्स्ट को हिंदी में कन्वर्ट कर सकते है आशा करते है आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा !
अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे. और साथ ही वेबसाइट के नोटिफिकेशन बेल को भी ऑन कर दे ताकि आने वाले समय में आप कोई भी आर्टिकल मिस ना करे. क्योकि हम ऐसे ही हेल्पफुल आर्टिकल आपके लिए रोजाना लाते रहते है. अगर आपको इस आर्टिकल से जुडी कोई भी समस्या हो तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते है धन्यवाद !
तो दोस्तों आज हम देखने वाले है Best mobile recharge karne wala app Konsa Hai ? जैसा की हम सब जानते है की google प्लेस्टोरे पर mobile recharge करने के लिए कही सारे एप्लिकेशन मजूद है. जिनकी मदत से आप recharge कर सकते है. लेकिन कई फेक एप्लिकेशन भी प्लेस्टोरे पर मौजूद है जिसकी पहचान करना आपके लिए बहुत जरुरी है ताकि आप फ्रॉड का शिकार होने से बच सके !
इसी लिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे एप्लिकेशन बताने वाले है जो की एकदम secure है और काफी लोकप्रिय भी है. साथ ही हम आपको उन एप्लिकेशन के कुछ ऐसी ट्रिक्स भी बताएँगे जिनके मदत से आप free mobile recharge जित सकते है. तो अगर आप भी एक अच्छे mobile recharge app की तलाश में है तो इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़े !
जैसा की हमने आपको पहले भी बताया की google playstore पर recharge करने के लिए कही सारे एप्लिकेशन है लेकिन हम आपको ५ ऐसे mobile recharge करने वाले app बताने वाले है जो की भरोसेमंद और लोकप्रिय है आपको सारे apps की जानकारी निचे विस्तार से बताई गयी है !
1. Paytm
Version
8.16.1
Downloads
100M+
Download Size
30.82MB
Released On
30 Apr 2012
पेटीएम ऑनलाइन रिचार्ज और बिल भुगतान के लिए सबसे लोकप्रिय और विश्वसनीय ऐप है Paytm App अपने प्लेटफॉर्म पर भुगतान, धन हस्तांतरण, खरीदारी, रिचार्ज सुविधाओं, बिल भुगतान, मूवी, बस और हवाई टिकट सहित अन्य सेवाओं के अवसर प्रदान करता है !
Paytm एप्लिकेशन के google प्ले-स्टोर पर १०० मिलियन से भी अधिक डाऊनलोड है इसी चीज से आप Paytm एप्लिकेशन की लोकप्रियता का अंदाजा लगा सकते है कई बार paytm से mobile recharge करने पर cashback भी दिया जाता है जो की आपके recharge के रक्कम से ज्यादा भी हो सकता है !
Paytm एप्लिकेशन की विशेषताएं
UPI और वॉलेट दोनों विकल्प
बिल भुगतान की सेवाएं उपलब्ध
तेज और विश्वसनीय
2. PhonePe
Version
4.1.04
Downloads
100M+
Download Size
34.15MB
Released On
29 Aug 2016
PhonePe मोबाइल रिचार्ज और बिल भुगतान के लिए सबसे आसान और समाधानकारक एप्लिकेशन है. Phonepe यह एक UPI- सक्षम ऐप है जो लेनदेन के लिए सीधे आपके बैंक खाते से लिंक कर सकता है. PhonePe ऐप यूटिलिटी बिल, मोबाइल रिचार्ज, दोस्तों और परिवार के लिए फंड ट्रांसफर, पैसे का अनुरोध आदि चीजों का समर्थन करता है !
इसके अलावा Phonpe मोबाइल-वॉलेट सेवा कई भुगतान मोड भी प्रदान करता है. phonepe एप्लिकेशन से recharge करने पर आपको अक्सर कैशबैक मिलता है. यह कैशबैक आपके recharge रक्कम से कम या ज्यादा भी हो सकता है. recharge के साथ ही अन्य ट्रांजेक्शन पर भी आपको भारी कैशबैक मिलता है !
PhonePe एप्लिकेशन की विशेषताएं
refer and earn program मौजूद
UPI- सक्षम
Cashback
3. Amazon Pay
Version
20.18.0.350
Downloads
100M+
Download Size
2.43MB
Released On
12 Dec 2014
Amazon Pay भी एक लोकप्रिय और विश्वसनीय एप्लिकेशन है यह आपके अमेज़न खाते में एकीकृत सुविधा है जैसा की हम सब जानते है Amazon एक online shopping वेबसाइट है जहा से हम कोई भी सामान ऑनलाइन खरीद सकते है ऑनलाइन शॉपिंग करने पर आप भुगतान करने के लिए Amazon Pay का इस्तेमाल कर सकते है !
Amazon अपने e-payment को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सेवाओं के साथ भी साझेदारी करता है उसी में से एक mobile recharge अगर आप Amazon Pay से अपना mobile recharge करते है तो आपको अलग-अलग ऑफर्स के साथ बहुत अच्छा कैशबैक भी मिलता है इसी लिए mobile recharge करने के लिए Amazon Pay एक बेहतरीन विकल्प है !
Amazon Pay एप्लिकेशन की विशेषताएं
E-wallet
cashback
Amazon Pay इको-सिस्टम के लिए एक सुविधाजनक भुगतान विकल्प
4. PayZapp
Version
4.07.00.07
Downloads
10M+
Download Size
15.67MB
Released On
29 Apr 2015
PayZapp सभी के लिए एचडीएफसी मोबाइल प्लेटफॉर्म ई-रिचार्ज ऐप है PayZapp से आप अपने मोबाइल पर पार्टनर एप्स पर खरीदारी कर सकते हैं, मूवी टिकट खरीद सकते हैं, किराने का सामान खरीद सकते हैं , फ्लाइट की टिकट बुक कर सकते है और होटल बुक कर सकते हैं !
इसी के साथ आप अपना मोबाइल रिचार्ज कर सकते है और उसपर भारी कैशबैक ले सकते है इस एप्लिकेशन की मदत से आप रिचार्ज के साथ-साथ अपने दोस्तों या परिवार वालो को ऑनलाइन पैसे ट्रांसपर कर सकते है साथ बिजली के बिल का ऑनलाइन भुगतान भी कर सकते है !
PayZapp एप्लिकेशन की विशेषताएं
अपने सभी लंबित बिलों का भुगतान कर सकते है
वीजा और मास्टर कार्ड का समर्थन करता है
5. ICICI Pockets
Version
8.4.7
Downloads
5M+
Download Size
24.89MB
Released On
27 Jun 2014
ICICI पॉकेट्स एक ई-वॉलेट ऐप है जिसका उपयोग कोई भी बैंक का ग्राहक मोबाइल रिचार्ज करने, पैसे भेजने, कहीं भी खरीदारी करने, बिलों का भुगतान करने और बहुत कुछ करने के लिए कर सकता है. इस एप्लिकेशन का इस्तेमाल करने के लिए आपको सबसे पहले इस एप्लिकेशन को गूगल प्लेस्टोर से डाऊनलोड कर अकाउंट बनाना होगा !
आप इस एप्लिकेशन के अंदर अपने मोबाइल नंबर के जरिये अपना अकाउंट बना सकते है. अकाउंट बनाने के बाद आपको अपने बैंक अकॉउंट को ICICI Pockets के साथ जोड़ना होगा. उसके बाद आप आसानी से इस एप्लिकेशन का इस्तेमाल करके अपना मोबाइल रिचार्ज कर सकते है !
ICICI Pockets एप्लिकेशन की विशेषताएं
e-wallet + UPI app
Visa-powered
Recharge Kaise Kiya Jata Hai
दोस्तों हमने आपको ऊपर ५ सबसे अच्छे मोबाइल से रिचार्ज करने वाले app के बारे में जानकारी दी. अब आपके मन में यह सवाल आया होगा की इन app के जरिये रिचार्ज कैसे किया जाता है. तो आपको बता दे की इन एप्लीकेशंस से रिचार्ज करने के लिए आपको सबसे पहले इन एप्लिकेशन में अपना अकाउंट बनाना होता है. और अपने बैंक के खाते को उन अकाउंट के साथ जोड़ना होता है !
बैंक खाता जोड़ने के बाद आपको सभी एप्लिकेशन में होम पेज पर ही mobile recharge का ऑप्शन मिल जाता है. जिसपर क्लिक करके आप आसानी से अपने नंबर को रिचार्ज कर सकते है. अगर आप चाहे तो अपने दोस्तों या परिवार वालो के मोबाइल फ़ोन का भी रिचार्ज इन एप्लिकेशन के मदत से कर सकते है !
Free Mobile Recharge Karne Wala App
दोस्तों आपको बता दे की फ्री मोबाइल रिचार्ज करने के लिए प्ले-स्टोर पर कोई भी एप्लिकेशन मौजूद नहीं है. लेकिन ऐसे ट्रिक जरूर है जिसकी मदत से आप फ्री मोबाइल रिचार्ज कर सकते है. इसके लिए आपको PhonePe एप्लिकेशन की मदत लेनी है. जैसा की हमने आपको ऊपर भी बताया की PhonePe एप्लिकेशन में refer and earn program मौजूद है !
इस प्रोग्राम का इस्तेमाल करके आप पैसे कमा सकते है और अपने मोबाइल का फ्री रिचार्ज कर सकते है. इसके लिए आपको अपना phonepe अकाउंट बनाना है. और अपने अकाउंट से share वाले ऑप्शन में जा कर इस एप्लिकेशन को share करना है. अगर कोई व्यक्ति आपके द्वारा भेजे गए लिंक से इस एप्लिकेशन को डाऊनलोड करता है तो हर एक डाऊनलोड पर आपको ६० रुपये तक दिए जाते है. उन पैसे से आप free mobile recharge कर सकते है !
Conclusion
आज आपने जाना की सबसे अच्छा mobilerecharge karne wala app कौनसा है. इस आर्टिकल में हमने आपको ५ ऐसे एप्लिकेशन बताये जो सुरक्षित और लोकप्रिय है. आशा करते है की आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा. अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे और साथ ही वेबसाइट के नोटिफिकेशन बेल को भी ऑन कर दे !
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